औरैया में,विश्व होम्योपैथिक दिवस: 10 अप्रैल को मनाया गया, होम्योपैथी के जनक सैमुअल हैहनिमैन की जयंती पर जागरूकता अभियान औरैया में,नई दिल्ली, 10 अप्रैल 2026 हर वर्ष 10 अप्रैल को विश्व होम्योपैथिक दिवस (World Homeopathy Day) मनाया जाता है। यह दिन होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति के जनक जर्मन चिकित्सक डॉ. सैमुअल हैहनिमैन की जयंती के रूप में मनाया जाता है। इस वर्ष भी देशभर में विभिन्न कार्यक्रमों, सेमिनार और जागरूकता अभियानों के माध्यम से इस दिन को मनाया गया। मुख्य उद्देश्य लोगों में होम्योपैथिक इलाज और दवाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा इस चिकित्सा पद्धति के बारे में सही जानकारी पहुंचाना है। डॉक्टर ओमवीर सिंह ने बताया, हम पहले भी चर्चा कर चुके हैं कि भारत में होम्योपैथी की लोकप्रियता काफी अधिक है। पूनानी और आयुर्वेद की तरह होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति भी भारत सरकार द्वारा पूरी तरह मान्यता प्राप्त है। आयुष मंत्रालय के अंतर्गत इसे लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। भारत दुनिया के सबसे बड़े होम्योपैथिक दवाओं के उपयोगकर्ताओं में से एक है। देश के हर कोने में हजारों सरकारी और निजी होम्योपैथिक क्लीनिक तथा अस्पताल संचालित हो रहे हैं। होम्योपैथी कैसे काम करती है। होम्योपैथी “सिमिलिया सिमिलिबस क्यूरेंटुर” (Like cures like) के सिद्धांत पर काम करती है। इसमें अत्यंत सूक्ष्म मात्रा में दवाएं दी जाती हैं, जो बीमारी के लक्षणों को उत्तेजित करके शरीर की प्राकृतिक प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करती हैं। सही तरीके से उपयोग करने पर यह कई पुरानी और पुरानी बीमारियों जैसे एलर्जी, अस्थमा, त्वचा रोग, जोड़ों का दर्द, माइग्रेन, थायरॉइड, बाल झड़ना और बच्चों की बीमारियों में प्रभावी मानी जाती है। सरकारी प्रयास आयुष मंत्रालय होम्योपैथी को मुख्यधारा की चिकित्सा से जोड़ने के लिए लगातार काम कर रहा है। देशभर में होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज, अनुसंधान संस्थान और मोबाइल क्लीनिक चलाए जा रहे हैं। सरकार का मानना है कि होम्योपैथी सस्ती, सुरक्षित और साइड इफेक्ट्स से लगभग मुक्त होने के कारण आम जनता के लिए बेहद उपयोगी है। विश्व होम्योपैथिक दिवस के अवसर पर विशेषज्ञों ने अपील की है कि लोग योग्य और पंजीकृत होम्योपैथिक चिकित्सकों से ही इलाज करवाएं और दवाओं का स्वयं सेवन न करें। सही तरीके से उपयोग करने पर होम्योपैथी न सिर्फ बीमारी का इलाज आसान बनाती है बल्कि समग्र स्वास्थ्य सुधारने में भी मदद करती है। इस दिन देशभर में होम्योपैथी शिविर, फ्री कंसल्टेशन और जागरूकता वेबिनार आयोजित किए गए, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
औरैया में,विश्व होम्योपैथिक दिवस: 10 अप्रैल को मनाया गया, होम्योपैथी के जनक सैमुअल हैहनिमैन की जयंती पर जागरूकता अभियान औरैया में,नई दिल्ली, 10 अप्रैल 2026 हर वर्ष 10 अप्रैल को विश्व होम्योपैथिक दिवस (World Homeopathy Day) मनाया जाता है। यह दिन होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति के जनक जर्मन चिकित्सक डॉ. सैमुअल हैहनिमैन की जयंती के रूप में मनाया जाता है। इस वर्ष भी देशभर में विभिन्न कार्यक्रमों, सेमिनार और जागरूकता अभियानों के माध्यम से इस दिन को मनाया गया। मुख्य उद्देश्य लोगों में होम्योपैथिक इलाज और दवाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा इस चिकित्सा पद्धति के बारे में सही जानकारी पहुंचाना है। डॉक्टर ओमवीर सिंह ने बताया, हम पहले भी चर्चा कर चुके हैं कि भारत में होम्योपैथी की लोकप्रियता काफी अधिक है। पूनानी और आयुर्वेद की तरह होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति भी भारत सरकार द्वारा पूरी तरह मान्यता प्राप्त है। आयुष मंत्रालय के अंतर्गत इसे लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। भारत दुनिया के सबसे बड़े होम्योपैथिक दवाओं के उपयोगकर्ताओं में से एक है। देश के हर कोने में हजारों सरकारी और निजी होम्योपैथिक क्लीनिक तथा अस्पताल संचालित हो रहे हैं। होम्योपैथी कैसे काम करती है। होम्योपैथी “सिमिलिया सिमिलिबस क्यूरेंटुर” (Like cures like) के सिद्धांत पर काम करती है। इसमें अत्यंत सूक्ष्म मात्रा में दवाएं दी जाती हैं, जो बीमारी के लक्षणों को उत्तेजित करके शरीर की प्राकृतिक प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करती हैं। सही तरीके से उपयोग करने पर यह कई पुरानी और पुरानी बीमारियों जैसे एलर्जी, अस्थमा, त्वचा रोग, जोड़ों का दर्द, माइग्रेन, थायरॉइड, बाल झड़ना और बच्चों की बीमारियों में प्रभावी मानी जाती है। सरकारी प्रयास आयुष मंत्रालय होम्योपैथी को मुख्यधारा की चिकित्सा से जोड़ने के लिए लगातार काम कर रहा है। देशभर में होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज, अनुसंधान संस्थान और मोबाइल क्लीनिक चलाए जा रहे हैं। सरकार का मानना है कि होम्योपैथी सस्ती, सुरक्षित और साइड इफेक्ट्स से लगभग मुक्त होने के कारण आम जनता के लिए बेहद उपयोगी है। विश्व होम्योपैथिक दिवस के अवसर पर विशेषज्ञों ने अपील की है कि लोग योग्य और पंजीकृत होम्योपैथिक चिकित्सकों से ही इलाज करवाएं और दवाओं का स्वयं सेवन न करें। सही तरीके से उपयोग करने पर होम्योपैथी न सिर्फ बीमारी का इलाज आसान बनाती है बल्कि समग्र स्वास्थ्य सुधारने में भी मदद करती है। इस दिन देशभर में होम्योपैथी शिविर, फ्री कंसल्टेशन और जागरूकता वेबिनार आयोजित किए गए, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
- औरैया में,नई दिल्ली, 10 अप्रैल 2026 हर वर्ष 10 अप्रैल को विश्व होम्योपैथिक दिवस (World Homeopathy Day) मनाया जाता है। यह दिन होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति के जनक जर्मन चिकित्सक डॉ. सैमुअल हैहनिमैन की जयंती के रूप में मनाया जाता है। इस वर्ष भी देशभर में विभिन्न कार्यक्रमों, सेमिनार और जागरूकता अभियानों के माध्यम से इस दिन को मनाया गया। मुख्य उद्देश्य लोगों में होम्योपैथिक इलाज और दवाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा इस चिकित्सा पद्धति के बारे में सही जानकारी पहुंचाना है। डॉक्टर ओमवीर सिंह ने बताया, हम पहले भी चर्चा कर चुके हैं कि भारत में होम्योपैथी की लोकप्रियता काफी अधिक है। पूनानी और आयुर्वेद की तरह होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति भी भारत सरकार द्वारा पूरी तरह मान्यता प्राप्त है। आयुष मंत्रालय के अंतर्गत इसे लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। भारत दुनिया के सबसे बड़े होम्योपैथिक दवाओं के उपयोगकर्ताओं में से एक है। देश के हर कोने में हजारों सरकारी और निजी होम्योपैथिक क्लीनिक तथा अस्पताल संचालित हो रहे हैं। होम्योपैथी कैसे काम करती है। होम्योपैथी “सिमिलिया सिमिलिबस क्यूरेंटुर” (Like cures like) के सिद्धांत पर काम करती है। इसमें अत्यंत सूक्ष्म मात्रा में दवाएं दी जाती हैं, जो बीमारी के लक्षणों को उत्तेजित करके शरीर की प्राकृतिक प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करती हैं। सही तरीके से उपयोग करने पर यह कई पुरानी और पुरानी बीमारियों जैसे एलर्जी, अस्थमा, त्वचा रोग, जोड़ों का दर्द, माइग्रेन, थायरॉइड, बाल झड़ना और बच्चों की बीमारियों में प्रभावी मानी जाती है। सरकारी प्रयास आयुष मंत्रालय होम्योपैथी को मुख्यधारा की चिकित्सा से जोड़ने के लिए लगातार काम कर रहा है। देशभर में होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज, अनुसंधान संस्थान और मोबाइल क्लीनिक चलाए जा रहे हैं। सरकार का मानना है कि होम्योपैथी सस्ती, सुरक्षित और साइड इफेक्ट्स से लगभग मुक्त होने के कारण आम जनता के लिए बेहद उपयोगी है। विश्व होम्योपैथिक दिवस के अवसर पर विशेषज्ञों ने अपील की है कि लोग योग्य और पंजीकृत होम्योपैथिक चिकित्सकों से ही इलाज करवाएं और दवाओं का स्वयं सेवन न करें। सही तरीके से उपयोग करने पर होम्योपैथी न सिर्फ बीमारी का इलाज आसान बनाती है बल्कि समग्र स्वास्थ्य सुधारने में भी मदद करती है। इस दिन देशभर में होम्योपैथी शिविर, फ्री कंसल्टेशन और जागरूकता वेबिनार आयोजित किए गए, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।1
- बहराइच: किशोर की इलाज के दौरान मौत, झोलाछाप डॉक्टर पर गलत इंजेक्शन का आरोप1
- औरैया के दिबियापुर में फिर गरजेगा 'बाहुबली' बुलडोजर! 48 मकानों और दुकानों पर लगे लाल निशान, 16 अप्रैल को होगी बड़ी कार्रवाई!1
- *ब्रेकिंग न्यूज़ औरैया -* औरैया में आज अलंकार अग्निहोत्री ने अपने संगठन R.A.M (राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा) के तहत कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। बैठक में क्षेत्र के कई स्थानीय लोगों और पदाधिकारियों की मौजूदगी रही। अलंकार अग्निहोत्री ने सिस्टम सुधार और जनता के अधिकारों को लेकर अपनी प्राथमिकताएं रखीं। उन्होंने संगठन को मजबूत करने के लिए जिम्मेदारियां और तरीके भी कार्यकर्ताओं में बांटे। युवाओं की भागीदारी बढ़ाने और जमीनी स्तर पर काम करने पर विशेष जोर दिया गया। बैठक में संगठन विस्तार और आगामी रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई। “राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा” को लेकर जिले में राजनीतिक हलचल तेज होती दिख रही है।3
- औरैया से ब्यूरो रिपोर्ट *राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष का किया गया जोरदार स्वागत* *औरैया --शहर के जालौन चौराहे पर राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अलंकार अग्निहोत्री का भव्य स्वागत किया गया* *इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे, जिन्होंने फूल-मालाओं से उनका अभिनंदन किया और गर्मजोशी से स्वागत किया* *कार्यक्रम की अध्यक्षता राजेश शुक्ला एवं राजमणि तिवारी ने संयुक्त रूप से की* *दोनों ने अपने संबोधन में संगठन की नीतियों और उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा समाज के सभी वर्गों के अधिकारों की रक्षा के लिए लगातार कार्य कर रहा है* *उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन को मजबूत बनाने और जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता देने की अपील की* *प्रदेश अध्यक्ष अलंकार अग्निहोत्री ने अपने संबोधन में कहा कि संगठन का उद्देश्य आम जनता की आवाज को बुलंद करना है* *उन्होंने कहा कि आज के समय में जरूरत है कि समाज के सभी लोग एकजुट होकर अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाएं* *उन्होंने कार्यकर्ताओं को संगठन की विचारधारा को गांव-गांव तक पहुंचाने का आह्वान किया* *कार्यक्रम के दौरान कई प्रमुख स्थानीय लोग भी उपस्थित रहे, जिन्होंने संगठन के कार्यों की सराहना की* *पूरे आयोजन का माहौल उत्साहपूर्ण रहा और कार्यकर्ताओं में जोश देखने को मिला* *अंत में सभी ने संगठन को मजबूत बनाने और समाजहित में कार्य करने का संकल्प लिया*4
- *औरैया ब्रेकिंग: अलंकार अग्निहोत्री ने R.A.M कार्यकर्ताओं के साथ की बैठकऔरैया। शुक्रवार को अलंकार अग्निहोत्री ने अपने संगठन R.A.M (राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा) के कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। बैठक में क्षेत्र के कई स्थानीय लोग और संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे। अलंकार अग्निहोत्री ने सिस्टम सुधार और जनता के अधिकारों को अपनी प्राथमिकता बताया। उन्होंने संगठन को मजबूत करने के लिए कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंपी और कार्य के तरीके बताए। युवाओं की भागीदारी बढ़ाने और जमीनी स्तर पर काम करने पर विशेष जोर दिया गया। बैठक में संगठन विस्तार और आगामी रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई। राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा को लेकर जिले में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।2
- भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टालरेंसः-ACOUPPolice के कानपुर थाना/इकाई द्वारा जनपद औरेया में विद्युत विभाग के जे0ई0 व लाइनमैन को ₹11,000/- की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। हेल्पलाइन-9454402484 @4
- कतर्निया घाट क्षेत्र के मोतीपुर इलाके में तेंदुआ और बाघ के हमलों से थर्राए लोग अलग अलग स्थानों पर तीन महिलाओं समेत पांच घायल सभी घायलों को किया गया गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज रेफर *खेतों में खड़ी फसल/घर में दुबकने को मजबूर किसान.......* *जंगली जानवरों के हमले, आफत में जान*1