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झारखंड के गुमला जिले के पालकोट प्रखंड स्थित बंगारू में 'मोनू सुपर' नामक एक यात्री बस अनियंत्रित होकर पलट गई। इस दुर्घटना के परिणामस्वरूप, कई लोगों के जख्मी होने की खबर मिली है।
Niraj kumar Sahu
झारखंड के गुमला जिले के पालकोट प्रखंड स्थित बंगारू में 'मोनू सुपर' नामक एक यात्री बस अनियंत्रित होकर पलट गई। इस दुर्घटना के परिणामस्वरूप, कई लोगों के जख्मी होने की खबर मिली है।
More news from झारखंड and nearby areas
- झारखंड के गुमला जिले के पालकोट स्थित केराटोली निवासी 38 वर्षीय तीर्थनाथ सिंह को उनके छोटे भाई मनोहर सिंह ने शनिवार सुबह धान रोपने को लेकर हुए विवाद में हथौड़ी से मारकर घायल कर दिया। यह घटना सुबह करीब 8 बजे हुई। परिजनों ने तीर्थनाथ सिंह को इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया है, जहाँ जमीन विवाद में मारपीट के बाद वे ज़ख़्मी हालत में उपचाराधीन हैं।1
- सिमडेगा जिले की पाकरटांड थाना पुलिस ने साइबर ठगी से जुड़े एक मामले में कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इस संबंध में एसडीपीओ धर्मदेव पासवान ने एक प्रेस वार्ता में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पुलिस ने 'प्रतिबिंब ऐप' का इस्तेमाल कर संदिग्ध मोबाइल नंबरों का सत्यापन किया, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। जांच के दौरान यह खुलासा हुआ कि गिरफ्तार आरोपी लोगों से सिम कार्ड और एटीएम कार्ड इकट्ठा करके जामताड़ा भेजते थे। इसके बदले में संबंधित लोगों को हर महीने पैसे देने का लालच दिया जाता था। पुलिस पूछताछ में यह बात भी सामने आई कि आरोपी गांवों में जाकर लोगों से संपर्क साधते थे और उनके नाम पर लिए गए सिम व एटीएम कार्ड साइबर अपराधियों तक पहुंचाने का काम करते थे। इस कार्रवाई में पुलिस ने आरोपियों के पास से कई एटीएम कार्ड, विभिन्न कंपनियों के सिम कार्ड, मोबाइल फोन, बैंक से जुड़े दस्तावेज, कुरियर रिसीविंग दस्तावेज और एक मोटरसाइकिल बरामद की है। एसडीपीओ ने यह भी बताया कि मामले में आगे की जांच जारी है और साइबर ठगी के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों की तलाश की जा रही है।1
- झारखंड राज्य इस समय मौसम के एक अजीब और विपरीत मिजाज का अनुभव कर रहा है। जहाँ राज्य के एक हिस्से में तापमान 44.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुँचने से भीषण गर्मी पड़ रही है, वहीं दूसरी ओर कुछ क्षेत्रों में बारिश होने से लोगों को राहत मिली है।1
- देश में पेट्रोल और डीज़ल जैसे ईंधन उपलब्ध होने के बावजूद, नागरिकों को पेट्रोल न मिलने पर गंभीर चिंता और सवाल व्यक्त किए गए हैं। यह पूछा गया है कि जब हमारे देश में पेट्रोल और डीज़ल मौजूद है, तो आम लोगों को पेट्रोल क्यों उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। यह स्थिति ईंधन की आपूर्ति और वितरण व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगाती है, जिसके कारण जनता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1
- लोहरदगा जिले के सेन्हा प्रखंड मुख्यालय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सेन्हा से एक मामला सामने आया है, जहाँ एक चिकित्सक ने शक्ति का दुरुपयोग करते हुए सरकारी कार्य में हस्तक्षेप किया। यह घटना पुलिस हिरासत में आए एक आरोपी की उम्र और स्वास्थ्य सत्यापन को लेकर संबंधित चिकित्सक से हुई बहस से जुड़ी है। इस पूरे प्रकरण को लेकर यह सवाल उठाया जा रहा है कि यदि सरकारी कार्यों में ही चिकित्सक इस प्रकार शक्ति का दुरुपयोग करते हैं और हस्तक्षेप करते हैं, तो आम जनता के साथ उनका व्यवहार कैसा होगा और उन्हें कैसी सुविधाएँ मिलती होंगी। यह स्थिति जांच का विषय है।1
- पश्चिम सिंहभूम जिले के जराईकेला और उसके आसपास के मकरंडा क्षेत्रों में कई स्थानों पर पेड़ गिर गए हैं। इसके अतिरिक्त, एक बिजली का खंभा भी टूटकर गिर गया है।1
- दिल्ली में आदिवासी समाज ने एक प्रमुख मांग उठाई है कि यदि कोई व्यक्ति अपना धर्म बदलता है, तो उसका अनुसूचित जनजाति (ST) का दर्जा समाप्त कर दिया जाना चाहिए। बताया जा रहा है कि इस मांग को लेकर कथित तौर पर लगभग 10 लाख आदिवासी समाज के सदस्य दिल्ली में एकत्र हुए हैं। यह मांग मुख्य रूप से ईसाई और मुस्लिम धर्मों में होने वाले धर्मांतरण के संदर्भ में है।1
- झारखंड में पड़ रही भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते हीटवेव के प्रकोप को देखते हुए, राज्य सरकार आम लोगों को राहत पहुँचाने के लिए लगातार पहल कर रही है। इसी क्रम में, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर राज्यभर के सरकारी कार्यालयों, प्रमुख चौक-चौराहों, अस्पतालों, बस स्टैंडों और सार्वजनिक स्थलों पर राहगीरों और आम नागरिकों के लिए 'प्याऊ' (पेयजल व्यवस्था) की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि गर्मी के इस कठिन दौर में लोगों को स्वच्छ एवं ठंडा पेयजल उपलब्ध कराया जाए, साथ ही प्याऊ स्थलों पर सूचना बोर्ड भी लगाए जाएँ ताकि राहगीरों को इसकी जानकारी आसानी से मिल सके। इस पहल के तहत, चैनपुर में पुलिस ने भी आम लोगों के लिए प्याऊ लगाकर एक सराहनीय कदम उठाया है।1
- झारखंड के गुमला जिले के डुमरी प्रखंड में सरकार की महत्वाकांक्षी अबुआ आवास योजना, जिसका उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्की छत उपलब्ध कराना है, वृद्ध तेतरी देवी के लिए एक अधूरा सपना बनकर रह गई है। उन्हें इस योजना के तहत आवास स्वीकृत तो मिला, लेकिन निर्माण सामग्री खराब हो जाने के कारण उनका घर आज तक पूरा नहीं बन सका है। आवास निर्माण के लिए गिराई गई सीमेंट कुछ ही दिनों में खराब होकर पत्थर जैसी बन गई, जिसके बाद निर्माण कार्य पूरी तरह रुक गया। आर्थिक रूप से बेहद कमजोर तेतरी देवी दोबारा सामग्री खरीदने में असमर्थ हैं, जिस कारण उनका घर अधूरा पड़ा हुआ है। स्थिति यह है कि तेतरी देवी के पास रहने के लिए खुद का घर तक नहीं बचा है और वह दूसरों के घरों में रहकर किसी तरह अपना जीवन गुजार रही हैं। वृद्धावस्था में भी वह मजदूरी और छोटे-मोटे काम कर दो वक्त की रोटी का इंतजाम करती हैं, और बढ़ती उम्र के साथ उनकी परेशानियां तथा संघर्ष भी बढ़ते जा रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि तेतरी देवी बेहद गरीब परिवार से आती हैं और लंबे समय से कठिन परिस्थितियों में जीवन बिता रही हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ केवल कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि जरूरतमंद लोगों तक उसका पूरा फायदा पहुंचना चाहिए। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस मामले की जांच कर तेतरी देवी को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि जीवन के अंतिम पड़ाव में उन्हें भी एक सुरक्षित छत नसीब हो सके।1