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महोबा के ग्राम डढ़हतमाफ में ग्रामीणों को वर्षों से बदहाल और उबड़-खाबड़ रास्ते की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। गांव का यह कच्चा मार्ग पूरी तरह से जर्जर हो चुका है, जिससे लोगों का पैदल चलना भी बेहद मुश्किल हो गया है। विशेषकर बरसात के दिनों में यह रास्ता कीचड़ से पूरी तरह भर जाता है, जिसके कारण स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को आवागमन में भारी परेशानी उठानी पड़ती है। इस बदहाल स्थिति को लेकर ग्रामीण हेमराज, मालिक, करना, भगत, मुन्नीलाल, कुंजविहारी, कृपाल, विहारी और शिवप्रसाद का कहना है कि उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कई बार इस सड़क के निर्माण की मांग की है। हालांकि, बार-बार गुहार लगाने के बावजूद अब तक प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
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महोबा के ग्राम डढ़हतमाफ में ग्रामीणों को वर्षों से बदहाल और उबड़-खाबड़ रास्ते की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। गांव का यह कच्चा मार्ग पूरी तरह से जर्जर हो चुका है, जिससे लोगों का पैदल चलना भी बेहद मुश्किल हो गया है। विशेषकर बरसात के दिनों में यह रास्ता कीचड़ से पूरी तरह भर जाता है, जिसके कारण स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को आवागमन में भारी परेशानी उठानी पड़ती है। इस बदहाल स्थिति को लेकर ग्रामीण हेमराज, मालिक, करना, भगत, मुन्नीलाल, कुंजविहारी, कृपाल, विहारी और शिवप्रसाद का कहना है कि उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कई बार इस सड़क के निर्माण की मांग की है। हालांकि, बार-बार गुहार लगाने के बावजूद अब तक प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
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- महोबा के ग्राम डढ़हतमाफ में ग्रामीणों को वर्षों से बदहाल और उबड़-खाबड़ रास्ते की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। गांव का यह कच्चा मार्ग पूरी तरह से जर्जर हो चुका है, जिससे लोगों का पैदल चलना भी बेहद मुश्किल हो गया है। विशेषकर बरसात के दिनों में यह रास्ता कीचड़ से पूरी तरह भर जाता है, जिसके कारण स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को आवागमन में भारी परेशानी उठानी पड़ती है। इस बदहाल स्थिति को लेकर ग्रामीण हेमराज, मालिक, करना, भगत, मुन्नीलाल, कुंजविहारी, कृपाल, विहारी और शिवप्रसाद का कहना है कि उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कई बार इस सड़क के निर्माण की मांग की है। हालांकि, बार-बार गुहार लगाने के बावजूद अब तक प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।1
- महोबा शहर के शुक्रवारी बाजार स्थित एक देशी शराब के ठेके से वर्दी पहने एक पुलिसकर्मी द्वारा शराब खरीदकर ले जाने का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद से लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि यदि पुलिसकर्मी ड्यूटी पर था, तो क्या वह ड्यूटी के दौरान ही शराब सेवन की तैयारी कर रहा था? हालांकि, वीडियो से यह स्पष्ट नहीं होता कि पुलिसकर्मी उस समय ड्यूटी पर था या नहीं, और न ही खरीदी गई शराब के सेवन की परिस्थिति की पुष्टि हुई है। फिलहाल इस वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस विभाग की ओर से भी अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। इस मामले ने पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं और अब सबकी निगाहें इस बात पर हैं कि संबंधित अधिकारी जांच कर क्या कार्रवाई करते हैं।1
- महोबा जिले के पनवाड़ी विकासखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत नैपुरा में संचालित गौशाला के स्थानांतरण को लेकर स्थानीय ग्रामीणों और ग्राम प्रधान में भारी असंतोष है। ग्राम प्रधान दिनेश पाठक और ग्रामीणों ने विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) जितेंद्र सिंह सेंगर को एक ज्ञापन सौंपकर इस गौशाला को पुनः पूर्व स्थान पर संचालित कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि नैपुरा ग्राम पंचायत में पिछले लगभग 9 वर्ष से यह गौशाला सुचारु रूप से चल रही थी, जहां करीब 80 से 130 निराश्रित गोवंशों की देखभाल की जा रही थी। अब इस गौशाला को लोलारा ग्राम पंचायत के ग्राम निसवारा में स्थानांतरित कर दिया गया है, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि गौशाला के स्थानांतरण से क्षेत्र में छुट्टा गोवंश की समस्या बढ़ जाएगी, जिससे किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचेगा और घायल व निराश्रित पशुओं की देखभाल भी प्रभावित होगी। जनहित और पशु संरक्षण को देखते हुए ग्रामीणों ने इसे वापस नैपुरा में शुरू करने की मांग की है। इस ज्ञापन पर ग्राम प्रधान दिनेश पाठक, अर्चना, पुष्पेंद्र, जयप्रकाश नायक, सुरेंद्र पाठक, राजकुमार, दीपू सिंह, मानसिंह, रामरतन, लाखन सिंह, अरविंद और अशोक यादव सहित अन्य ग्रामीणों के हस्ताक्षर मौजूद हैं। सभी ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से इस मांग पर जल्द से जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की उम्मीद जताई है।1
- हमीरपुर जिले के राठ तहसील के ग्राम टोला रावत में श्मशान घाट में गौमाता को बंद किए जाने का मामला सामने आया है। यहाँ श्मशान घाट के भीतर गायों को बंद करके रखा जाता है। इस पूरे मामले का संबंध समसुआ गौशाला से बताया गया है।1
- समाजवादी पार्टी के चेयरमैन के कार्यकाल में चरखारी की पेयजल व्यवस्था बदहाल हो चुकी है। एक ग्राउंड रिपोर्ट में सामने आया है कि क्षेत्र में कई स्थानों पर वॉटर कूलर खराब पड़े हैं और पानी के फिल्टर पूरी तरह निष्क्रिय हो चुके हैं। हालात इतने खराब हैं कि कई जगह लोगों को सीधे पानी की टंकी की लाइन से ही सप्लाई का पानी मिल रहा है। जनता के पैसों से शुद्ध पेयजल की व्यवस्था किए जाने के बावजूद लोगों को साफ पानी नहीं मिल पा रहा है। इस घोर लापरवाही को लेकर सीधे नगर पालिका परिषद के चेयरमैन और जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए गए हैं कि क्या वे जनता को इस बदहाली का जवाब देंगे?1
- छतरपुर जिले के नौगांव अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लुगासी में डॉक्टरों की बड़ी लापरवाही सामने आ रही है। ग्रामीणों का गंभीर आरोप है कि इस केंद्र पर तैनात एमबीबीएस डॉक्टर अपनी ऑन-ड्यूटी के दौरान कभी भी अस्पताल में नहीं मिलते हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि रिकॉर्ड के अनुसार डॉक्टरों की ड्यूटी रजिस्टर में 'ऑन' दिखाई देती है, लेकिन धरातल पर उनकी कार्यशैली बिल्कुल इसके विपरीत बनी हुई है। ग्रामीणों के मुताबिक, लुगासी का यह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र वैसे तो तमाम आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है, लेकिन डॉक्टरों की अनुपस्थिति के कारण स्थानीय लोग इन सुविधाओं का लाभ उठाने से पूरी तरह वंचित हैं। इस अव्यवस्था को लेकर ग्रामीणों ने तीखा सवाल खड़ा किया है कि आखिर इस बदहाली का जिम्मेदार कौन है? उनका सीधा आरोप है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लुगासी में खुलेआम कलेक्टर महोदय के दिशा-निर्देशों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।3
- झांसी जिले के थाना लेचुरा के अंतर्गत आने वाले ग्राम चकारा से एक मामला सामने आया है। इस पूरे मामले को शराब से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है।1
- मऊरानीपुर के मेला ग्राउंड से जुड़ी एक चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। सोशल मीडिया पर इन दिनों इससे संबंधित एक वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहा है।1