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जनता के पानी के सीमित उपयोग और सरकार द्वारा इथेनॉल उत्पादन में भारी मात्रा में पानी के इस्तेमाल को लेकर एक तीखा कटाक्ष किया गया है। इसमें कहा गया है कि जहाँ जनता को नहाने के लिए मात्र 1 लीटर पानी से काम चलाना पड़ता है, वहीं सरकार 10,000 लीटर पानी का उपयोग करके इथेनॉल बनाती है, जिस पर व्यंग्यात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की गई है।
Abhishek ranjan C E O
जनता के पानी के सीमित उपयोग और सरकार द्वारा इथेनॉल उत्पादन में भारी मात्रा में पानी के इस्तेमाल को लेकर एक तीखा कटाक्ष किया गया है। इसमें कहा गया है कि जहाँ जनता को नहाने के लिए मात्र 1 लीटर पानी से काम चलाना पड़ता है, वहीं सरकार 10,000 लीटर पानी का उपयोग करके इथेनॉल बनाती है, जिस पर व्यंग्यात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की गई है।
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- पुणे में इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) के राष्ट्रव्यापी "हल्ला बोल" आंदोलन में छात्रों की भारी भीड़ उमड़ी। यह जमावड़ा किसी राजनीतिक कार्यक्रम का हिस्सा नहीं, बल्कि छात्रों के गहरे गुस्से की सशक्त आवाज़ है, जो देश की चरमराती शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ़ प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों का आरोप है कि NEET, CBSE, SSC-GD से लेकर CUET तक विभिन्न परीक्षाओं में हुए पेपर लीक और टेंडर घोटालों ने भारत की शिक्षा प्रणाली को पूरी तरह से तबाह कर दिया है। प्रदर्शनकारियों ने सीधे तौर पर कहा है कि "लीक प्रधान" ने शिक्षा व्यवस्था को चौपट कर दिया है और उनकी मुख्य मांग है कि धर्मेंद्र प्रधान को उनके पद से तत्काल बर्खास्त किया जाए। छात्रों ने चेतावनी दी है कि जब तक यह मांग पूरी नहीं होती, वे सड़कों को सूनी नहीं होने देंगे और अपना आंदोलन जारी रखेंगे।1
- मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भागलपुर का दौरा किया, जहाँ उन्होंने कुल 203 करोड़ रुपये लागत की 84 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।1
- दो बच्चों की मां ने अपने प्रेमी के लिए अपना सब कुछ छोड़ दिया है। इस कदम के बाद अब उनके सामने एक नई और अप्रत्याशित मुश्किल खड़ी हो गई है।1
- भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने संकेत दिए हैं कि अब भारत में भी प्लास्टिक के नोटों का पदार्पण हो सकता है। यह एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है, जिससे देश की मुद्रा प्रणाली में बदलाव आने की संभावना है।1
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- मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने भागलपुर दौरे के दौरान विक्रमशिला सेतु, श्रावणी मेला और क्षेत्र की कई बड़ी विकास योजनाओं को लेकर महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने समीक्षा बैठक में स्पष्ट निर्देश दिया कि विक्रमशिला सेतु पर आवागमन पूरी तरह सुचारु होने तक निजी दोपहिया और चारपहिया वाहनों से किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्से का पुनर्स्थापन कार्य तेजी से चल रहा है और इसे समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। अधिकारियों को 30 नवंबर 2026 से पहले सेतु के पुनर्स्थापन कार्य को पूरा कर उद्घाटन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है, जबकि 30 जून तक सेतु पर वाहनों का परिचालन शुरू कराने का प्रयास किया जा रहा है। इसी क्रम में, मुख्यमंत्री ने श्रावणी मेला-2026 की तैयारियों का विस्तृत जायजा लिया। उन्होंने देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया और कांवरिया पथ पर बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य, सुरक्षा, साफ-सफाई, यातायात तथा आपदा प्रबंधन की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने भागलपुर गंगा पथ और मुंगेर गंगा पथ परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए लंबित समस्याओं का त्वरित समाधान करने को भी कहा। इसके अतिरिक्त, उन्होंने विक्रमशिला विश्वविद्यालय की पुनर्स्थापना को एक ऐतिहासिक आवश्यकता बताते हुए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में तेजी लाने और केंद्र सरकार को जल्द प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए। अपने दौरे से पूर्व, मुख्यमंत्री ने भागलपुर जिले में 203 करोड़ रुपये की लागत वाली 84 विकास योजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया, जिनमें 69 योजनाओं का उद्घाटन और 15 योजनाओं का शिलान्यास शामिल था। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने संदेश में कहा कि विक्रमशिला सेतु चालू होने तक जनता पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा और ऐतिहासिक विक्रमशिला की पहचान को फिर से स्थापित किया जाएगा।3
- गोड्डा जिले के सनौर गाँव के समीप गेरूवा नदी में कल एक विशालकाय मगरमच्छ देखा गया था। हालांकि, यह मगरमच्छ अब कहाँ चला गया है, इसकी जानकारी अभी तक नहीं मिल पाई है। इस विशालकाय मगरमच्छ की एक झलक पाने की उम्मीद में दूर-दूर से लोग गेरूवा नदी के किनारे पहुँच रहे हैं। मगरमच्छ के दिखाई न देने के कारण लोगों को केवल नदी का पानी देखकर ही मायूस होकर वापस लौटना पड़ रहा है।1
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