जनगणना 2027 के पहले चरण की तैयारियों को गति देने के उद्देश्य से पीलीभीत जनपद में निरीक्षण और मकानीकरण (हाउस लिस्टिंग) का व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह के निर्देशों पर, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व)/जिला जनगणना अधिकारी, सिटी मजिस्ट्रेट, सभी उप जिलाधिकारी, चार्ज अधिकारी और नोडल अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में हाउस लिस्टिंग ब्लॉक्स (HLB) का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान जनगणना संबंधी व्यवस्थाओं, अभिलेखों और प्रगति की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। अभियान के अंतर्गत, प्रगणकों और सुपरवाइजरों द्वारा मकानीकरण का कार्य भी निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार किया गया। अधिकारियों ने क्षेत्र भ्रमण कर मकानीकरण कार्य की गुणवत्ता, शुद्धता और समयबद्धता का सत्यापन किया, साथ ही संबंधित कार्मिकों को जनगणना कार्य को पूरी गंभीरता और उत्तरदायित्व के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जनगणना 2027 के प्रथम चरण की सभी गतिविधियाँ निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरी की जाएँ और प्रत्येक स्तर पर नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जनगणना एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है, जिसके सफल संपादन के लिए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को समन्वय के साथ काम करना चाहिए। जनपद प्रशासन जनगणना 2027 के कार्यों की लगातार समीक्षा कर रहा है, ताकि इस अभियान को प्रभावी और सफल बनाया जा सके।
जनगणना 2027 के पहले चरण की तैयारियों को गति देने के उद्देश्य से पीलीभीत जनपद में निरीक्षण और मकानीकरण (हाउस लिस्टिंग) का व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह के निर्देशों पर, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व)/जिला जनगणना अधिकारी, सिटी मजिस्ट्रेट, सभी उप जिलाधिकारी, चार्ज अधिकारी और नोडल अधिकारियों ने अपने-अपने
क्षेत्रों में हाउस लिस्टिंग ब्लॉक्स (HLB) का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान जनगणना संबंधी व्यवस्थाओं, अभिलेखों और प्रगति की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। अभियान के अंतर्गत, प्रगणकों और सुपरवाइजरों द्वारा मकानीकरण का कार्य भी निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार किया गया। अधिकारियों ने क्षेत्र भ्रमण कर मकानीकरण कार्य की गुणवत्ता, शुद्धता और
समयबद्धता का सत्यापन किया, साथ ही संबंधित कार्मिकों को जनगणना कार्य को पूरी गंभीरता और उत्तरदायित्व के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जनगणना 2027 के प्रथम चरण की सभी गतिविधियाँ निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरी की जाएँ और प्रत्येक स्तर पर नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जनगणना एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है, जिसके सफल संपादन के लिए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को समन्वय के साथ काम करना चाहिए। जनपद प्रशासन जनगणना 2027 के कार्यों की लगातार समीक्षा कर रहा है, ताकि इस अभियान को प्रभावी और सफल बनाया जा सके।
- पीलीभीत जिले के बीसलपुर तहसील क्षेत्र के ग्राम उगनपुर मरौरी में 31 मई, 2026 को एक गंभीर घटना सामने आई, जहाँ मानसिक रूप से विक्षुब्ध वागेश कुमार पुत्र कृष्णानंद ने अपनी माँ शशी बाला को बेरहमी पूर्वक डंडे से मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। बताया गया है कि वागेश मानसिक रूप से प्रताड़ित है और पहले भी मानसिक चिकित्सालय बरेली में भर्ती रह चुका है, जहाँ उनकी मानसिक स्थिति बिगड़ने की बात भी कही गई है। इस हमले के बाद, वागेश कुमार के छोटे भाई दुर्वेश कुमार ने तुरंत डायल 112 को सूचना दी और पुलिस को बुलाया। पुलिस के सहयोग से बीसलपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से 108 की दो एंबुलेंस बुलाई गईं, जिनके ज़रिए हमले में घायल हुई दुर्वेश की माँ शशी बाला और मानसिक रूप से विक्षुब्ध बड़े भाई वागेश कुमार को बीसलपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। हालांकि, बीसलपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मानसिक रोगी चिकित्सकों की कोई व्यवस्था न होने के कारण, वागेश कुमार को आगे के उपचार के लिए जिला अस्पताल पीलीभीत रेफर कर दिया गया। वहीं, हमले में गंभीर रूप से घायल हुई शशी बाला का उपचार उनके दामाद, बीरमपुर निवासी विजय कुमार द्वारा जिले के किसी चिकित्सालय में कराया जा रहा है, क्योंकि उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। पीलीभीत जिला अस्पताल पहुँचने पर, डॉक्टरों ने वागेश कुमार की स्थिति का आकलन करने के बाद दोपहर करीब 12 बजे उन्हें बरेली जिला स्थित मानसिक चिकित्सालय रेफर कर अपनी जिम्मेदारी निभाई।1
- बरेली जिले के फरीदपुर क्षेत्र के गजनेरा गांव में आयोजित राम कथा और भंडारे में संयुक्त जनादेश पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने भाग लिया। इस अवसर पर पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री राजेश कुमार (गुरुजी) और वार्ड संख्या 54 से जिला पंचायत सदस्य प्रत्याशी तथा वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष वीरेश कुमार गंगवार विशेष रूप से उपस्थित रहे। इनके साथ प्रदेश महासचिव नितिन पाठक, प्रदेश मीडिया प्रभारी पंकज यादव, मंडल महासचिव रामवीर, सवर्ण मोर्चा जिला अध्यक्ष हरी निवास पाठक, डॉ. धर्मपाल, अनूप गंगवार, ग्राम प्रधान सोमपाल गंगवार, नंदकिशोर गंगवार एवं अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भी कथा का श्रवण किया और धार्मिक आयोजन में अपनी सहभागिता निभाई। पदाधिकारियों ने राम कथा में शामिल होकर धर्म और संस्कृति के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। इस दौरान उन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं और क्षेत्रवासियों से संवाद स्थापित किया। जनसमस्याओं पर चर्चा करते हुए, पार्टी ने जनसेवा के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। कथा के समापन के बाद, सभी पदाधिकारियों ने भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया और सफल आयोजन के लिए आयोजन समिति को शुभकामनाएँ दीं। राष्ट्रीय महामंत्री राजेश कुमार (गुरुजी) ने इस अवसर पर कहा कि राम कथा जैसे आध्यात्मिक आयोजन समाज में सद्भाव, संस्कार और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देते हैं, तथा लोगों को एकता के सूत्र में पिरोने का कार्य करते हैं। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, ग्रामीण और पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- भारतीय हिन्दूराष्ट्र संविधान को लागू कर दिया गया है। इस घोषणा के साथ 'जयहिंद' का उद्घोष किया गया।1
- बीसलपुर तहसील क्षेत्र के ग्राम उगनपुर मरौरी में रविवार को एक मानसिक रूप से विक्षिप्त युवक ने अपनी सगी माँ पर डंडे से हमला कर दिया। इस हमले में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसके बाद आरोपी युवक को उपचार के लिए पहले पीलीभीत और फिर बरेली स्थित मानसिक चिकित्सालय रेफर किया गया। मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम उगनपुर मरौरी निवासी वागेश कुमार पुत्र कृष्णानंद ने अपनी माता शशिवाला पर अचानक डंडे से हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। इस घटना के बाद परिवार और आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। वागेश कुमार के छोटे भाई दुर्वेश कुमार ने डायल 112 पुलिस को मामले की सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने 108 एंबुलेंस सेवा की मदद से घायल शशिवाला और मानसिक रूप से विक्षिप्त वागेश कुमार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बीसलपुर पहुंचाया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बीसलपुर में मानसिक रोग विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध न होने के कारण वागेश कुमार को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल पीलीभीत रेफर कर दिया गया। वहीं, हमले में गंभीर रूप से घायल शशिवाला की स्थिति को देखते हुए उनके परिजनों ने उन्हें पीलीभीत के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया है, जहाँ उनका इलाज जारी है। जिला अस्पताल पीलीभीत में चिकित्सकों ने वागेश कुमार की स्थिति अधिक गंभीर पाई, जिसके बाद उन्हें बेहतर इलाज और विशेषज्ञ परामर्श के लिए बरेली स्थित मानसिक चिकित्सालय रेफर कर दिया गया। दोपहर करीब 12 बजे उसे एंबुलेंस के माध्यम से बरेली भेजा गया। इस घटना के बाद से गांव में चर्चा का माहौल है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, वागेश कुमार लंबे समय से मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहा था। पुलिस ने मामले की जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है, जबकि घायल महिला का उपचार चिकित्सकीय निगरानी में जारी है।1