आमला नगर पालिका क्षेत्र में चल रहे नाली निर्माण कार्य के दौरान नियमों और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शहर के व्यस्त मुख्य मार्ग पर ठेकेदार द्वारा निर्माण सामग्री और खुदाई से निकला मलबा सड़क पर ही फैला दिया गया है, जिससे सड़क की चौड़ाई काफी कम हो गई है। इसके परिणामस्वरूप, सड़क का लगभग आधा हिस्सा अवरुद्ध होने से दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है और वाहन चालकों को आवागमन में दिक्कतें हो रही हैं। निर्माण स्थल पर सुरक्षा के लिए न तो बैरिकेडिंग की गई है और न ही कोई चेतावनी संकेत लगाए गए हैं। ऐसे में स्कूली बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं और अन्य राहगीर तेज रफ्तार वाहनों के बीच से जान जोखिम में डालकर गुजरने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों ने चिंता जताई है कि यदि समय रहते सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई तो कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। रहवासियों का आरोप है कि निर्माण कार्य अत्यंत धीमी गति से किया जा रहा है और कई दिनों से सड़क पर पड़ा मलबा हटाने की कोई व्यवस्था नहीं है। इससे लगातार धूल उड़ रही है, जाम लग रहा है और दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। नागरिकों ने नगर पालिका प्रशासन से मांग की है कि सड़क पर फैले मलबे को तुरंत हटाया जाए, निर्माण स्थल पर बैरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं और निर्माण कार्य को तेजी से पूरा किया जाए, ताकि मुख्य मार्ग पर यातायात सुचारु हो सके और आमजन सुरक्षित आवागमन कर सकें।
आमला नगर पालिका क्षेत्र में चल रहे नाली निर्माण कार्य के दौरान नियमों और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शहर के व्यस्त मुख्य मार्ग पर ठेकेदार द्वारा निर्माण सामग्री और खुदाई से निकला मलबा सड़क पर ही फैला दिया गया है, जिससे सड़क की चौड़ाई काफी कम हो गई है। इसके परिणामस्वरूप, सड़क का लगभग आधा हिस्सा अवरुद्ध होने से दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है और वाहन चालकों को आवागमन में दिक्कतें हो रही हैं। निर्माण स्थल पर सुरक्षा के लिए न तो बैरिकेडिंग की गई है और न ही कोई चेतावनी संकेत लगाए गए हैं। ऐसे में स्कूली बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं और अन्य राहगीर तेज रफ्तार वाहनों के बीच से जान जोखिम
में डालकर गुजरने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों ने चिंता जताई है कि यदि समय रहते सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई तो कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। रहवासियों का आरोप है कि निर्माण कार्य अत्यंत धीमी गति से किया जा रहा है और कई दिनों से सड़क पर पड़ा मलबा हटाने की कोई व्यवस्था नहीं है। इससे लगातार धूल उड़ रही है, जाम लग रहा है और दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। नागरिकों ने नगर पालिका प्रशासन से मांग की है कि सड़क पर फैले मलबे को तुरंत हटाया जाए, निर्माण स्थल पर बैरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं और निर्माण कार्य को तेजी से पूरा किया जाए, ताकि मुख्य मार्ग पर यातायात सुचारु हो सके और आमजन सुरक्षित आवागमन कर सकें।
- आमला नगर पालिका क्षेत्र में चल रहे नाली निर्माण कार्य के दौरान नियमों और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शहर के व्यस्त मुख्य मार्ग पर ठेकेदार द्वारा निर्माण सामग्री और खुदाई से निकला मलबा सड़क पर ही फैला दिया गया है, जिससे सड़क की चौड़ाई काफी कम हो गई है। इसके परिणामस्वरूप, सड़क का लगभग आधा हिस्सा अवरुद्ध होने से दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है और वाहन चालकों को आवागमन में दिक्कतें हो रही हैं। निर्माण स्थल पर सुरक्षा के लिए न तो बैरिकेडिंग की गई है और न ही कोई चेतावनी संकेत लगाए गए हैं। ऐसे में स्कूली बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं और अन्य राहगीर तेज रफ्तार वाहनों के बीच से जान जोखिम में डालकर गुजरने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों ने चिंता जताई है कि यदि समय रहते सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई तो कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। रहवासियों का आरोप है कि निर्माण कार्य अत्यंत धीमी गति से किया जा रहा है और कई दिनों से सड़क पर पड़ा मलबा हटाने की कोई व्यवस्था नहीं है। इससे लगातार धूल उड़ रही है, जाम लग रहा है और दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। नागरिकों ने नगर पालिका प्रशासन से मांग की है कि सड़क पर फैले मलबे को तुरंत हटाया जाए, निर्माण स्थल पर बैरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं और निर्माण कार्य को तेजी से पूरा किया जाए, ताकि मुख्य मार्ग पर यातायात सुचारु हो सके और आमजन सुरक्षित आवागमन कर सकें।2
- ग्राम पंचायत बाकुड़।1
- मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में दक्षिण वन मंडल के जंगल में बने एक कुएं में गिरे चार वर्षीय नर तेंदुए को सफलतापूर्वक बाहर निकाल लिया गया है। नर्मदापुरम और मुलताई वन विभाग की टीमों ने मिलकर यह रेस्क्यू अभियान चलाया, जिसमें लगातार 30 घंटे तक मेहनत की गई। कुएं में पानी होने के कारण तेंदुए को ट्रेंकुलाइज नहीं किया गया, क्योंकि ऐसा करने पर उसके डूबने से मौत हो सकती थी। वन विभाग के विशेषज्ञों की सलाह पर और एक विशेष पिंजरे की मदद से तेंदुए को सुरक्षित बाहर निकाला गया। बचाव के बाद उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और उसे वापस जंगल में छोड़ दिया गया।2
- एक प्रेरणादायक विचार में यह बताया गया है कि मेहनत करने वाला व्यक्ति कभी असफल नहीं होता है। इस संदेश के अनुसार, परिश्रम करने वालों को एक दिन सफलता अवश्य मिलती है।4
- नगर पालिका परिषद आमला के वार्ड क्रमांक 17 में एक निर्माणाधीन सीसी सड़क अपने शुरुआती चरण में ही विवादों में घिर गई है। शासन से स्वीकृत 10 फीट चौड़ी यह सड़क अतिक्रमण के कारण अब मात्र लगभग 7 फीट चौड़ाई में बनाई जा रही है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस संकरी सड़क से दोपहिया वाहन तो किसी तरह निकल जाएँगे, लेकिन कार, एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसे बड़े वाहनों की आवाजाही में भविष्य में गंभीर दिक्कतें आ सकती हैं। मौके पर निरीक्षण से स्पष्ट होता है कि सड़क के दोनों ओर कई स्थानों पर लोगों ने दीवारें आगे बढ़ाकर सरकारी भूमि पर कब्जा कर रखा है, वहीं अवैध नालियों के निर्माण से भी सड़क की चौड़ाई कम हो गई है। हैरानी की बात यह है कि पहले अतिक्रमण हटाने की बजाय निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया, जिससे ठेकेदार को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नागरिकों की राय है कि यदि पहले सीमांकन कर अतिक्रमण हटाया जाता, तो सड़क का निर्माण स्वीकृत मानक के अनुसार पूरी चौड़ाई में हो पाता। निर्माण एजेंसी के ठेकेदार योगेंद्र पवार ने अपनी मजबूरी बताते हुए कहा कि लोगों द्वारा किए गए अतिक्रमण के कारण सड़क बनाने में समस्या आ रही है। इस मामले पर नगर पालिका परिषद आमला के अध्यक्ष नितिन गाडरे ने इंजीनियर को भेजकर जांच करवाने और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। अब देखना यह होगा कि नगर पालिका पहले अतिक्रमण हटाकर स्वीकृत चौड़ाई के अनुसार सड़क का निर्माण करवाती है या फिर संकरी सड़क बनाकर इस विकास कार्य को ही सवालों के घेरे में छोड़ देती है, जिससे भविष्य में यातायात और आपातकालीन सेवाओं के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं।4
- मुलताई से छिंदवाड़ा जाने वाली सड़क पर दुनावा के समीप एक अज्ञात वाहन ने बाइक सवार को जोरदार टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में बाइक सवार बुरी तरह से घायल हो गया। हादसे के बाद मौके पर मौजूद राहगीरों ने घायल व्यक्ति की सहायता की।1