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ब्रेकिंग न्यूज़ मानसिकता देवी पाटन मंडल जनपद बलरामपुर। इस लड़की ने पुलिस थाने में लाइसेंसी बंदूक लेकर पहुंच गई। बंदूक देखते ही सब पुलिसकर्मी इधर-उधर भागने लगे। तभी एक दरोगा जी ने हिम्मत दिखाई और लड़की के पास गए। और लड़की से बंदूक लिए। दरअसल लड़की के पापा ओर चाचा में 3 फुट जमीन के लिए रोज झगड़ा होता था। लड़की के पापा कई बार लाइसेंसी बंदूक लेकर चाचा पर टूट पड़ते थे। बेटी को डर था कि किसी दिन चाचा को पापा गोली न मार दे। लड़की ने कहा — सर ये बंदूक थाने में रख लीजिए। नहीं तो पापा चाचा को मार देंगे। पुलिस ने परिवार के बीच चल रहे विवाद की जांच शुरू कर दी। कभी-कभी परिवार को बचाने के लिए बड़ा फैसला लेना पड़ता है… इस बेटी ने भी शायद वही किया। 📍महाराजगंज, UP
Kamlesh giri
ब्रेकिंग न्यूज़ मानसिकता देवी पाटन मंडल जनपद बलरामपुर। इस लड़की ने पुलिस थाने में लाइसेंसी बंदूक लेकर पहुंच गई। बंदूक देखते ही सब पुलिसकर्मी इधर-उधर भागने लगे। तभी एक दरोगा जी ने हिम्मत दिखाई और लड़की के पास गए। और लड़की से बंदूक लिए। दरअसल लड़की के पापा ओर चाचा में 3 फुट जमीन के लिए रोज झगड़ा होता था। लड़की के पापा कई बार लाइसेंसी बंदूक लेकर चाचा पर टूट पड़ते थे। बेटी को डर था कि किसी दिन चाचा को पापा गोली न मार दे। लड़की ने कहा — सर ये बंदूक थाने में रख लीजिए। नहीं तो पापा चाचा को मार देंगे। पुलिस ने परिवार के बीच चल रहे विवाद की जांच शुरू कर दी। कभी-कभी परिवार को बचाने के लिए बड़ा फैसला लेना पड़ता है… इस बेटी ने भी शायद वही किया। 📍महाराजगंज, UP
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- ब्रेकिंग न्यूज़ जनपद गोंडा देवीपाटन मंडल उत्तर प्रदेश मानसिकता न्यूज़ गोण्डा - लेखपाल पर गलत रिपोर्ट लगाने का आरोप। मौत से पहले पीड़ित ने वीडियो बनाकर किया वायरल।1
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- बलरामपुर: रोड की कीमती जमीन दिखाकर चक मार्ग की भूमि बेची, ₹7.75 लाख की धोखाधड़ी का आरोप बलरामपुर: रोड की कीमती जमीन दिखाकर चक मार्ग की भूमि बेची, ₹7.75 लाख की धोखाधड़ी का आरोप लखनऊ सुपरफास्ट ख़बरे ब्यूरो चीफ़ सौरभ कौशल बलरामपुर, कौवापुर महाराजगंज तराई थाना क्षेत्र के कौवापुर नेवादापुर निवासी सन्तोष कुमार गुप्ता (पुत्र हनुमान) ने प्यारेगांव गुलरिहा निवासी प्रमोद कुमार यादव (पुत्र राज कुमार) पर जमीन के नाम पर लाखों रुपये की ठगी और धोखाधड़ी का गंभीर आरोप लगाया है। इस संबंध में पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक बलरामपुर को प्रार्थना पत्र सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है। कीमती जमीन दिखाकर दी सस्ती भूमि पीड़ित सन्तोष कुमार के अनुसार, आरोपी प्रमोद यादव ने उन्हें ग्राम भगवानपुर में कन्दैला मुख्य मार्ग (रोड) पर स्थित घाटा संख्या 172 की जमीन दिखाकर बैनामा का सौदा तय किया था। इसके लिए पीड़ित ने अपनी पत्नी के जेवर बेचकर और कर्ज लेकर ₹4,20,000 की रकम दी। हालांकि, रजिस्ट्री के दौरान चालाकी करते हुए मुख्य मार्ग की जमीन के बजाय रोड से 200 मीटर दूर स्थित सस्ती और चक मार्ग पर स्थित घाटा संख्या 155 का बैनामा कर दिया गया। कमर्शियल/आवासीय दर पर ₹86,000 का लगा जुर्माना पीड़ित ने बताया कि चौहद्दी में आसपास बने मकान और मुख्य मार्ग का उल्लेख किया गया था, लेकिन जांच के दौरान स्थल पर आवासीय/कमर्शियल दर लागू होने के कारण पीड़ित पर कोर्ट द्वारा ₹86,000 का जुर्माना (स्टाम्प पेनल्टी) लगा दिया गया। पीड़ित का कहना है कि जब तक वास्तविक स्थिति स्पष्ट नहीं होगी, वे जुर्माना जमा नहीं करेंगे। इकरारनामा और ₹4.90 लाख का अन्य गबन इसके अलावा, आरोपी ने एक अन्य घाटा संख्या 571 (8 बीघा) का बैनामा कराने के लिए इकरारनामा किया और इकरारनामा राशि, निर्माण सामग्री, एवं अन्य खर्चों के नाम पर कुल मिलाकर ₹4,90,000 ऐंठ लिए। इस प्रकार पीड़ित से कुल ₹7,75,000 की धोखाधड़ी की गई है। रुपये मांगने पर जान से मारने की धमकी पूर्व में थाने पर हुए समझौते के अनुसार, आरोपी ने 1 महीने के भीतर रकम लौटाने या जमीन देने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब आरोपी बैनामा करने और पैसे वापस करने से साफ मुकर गया है। पीड़ित का आरोप है कि रुपये मांगने पर आरोपी गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दे रहा है। पुलिस से कार्रवाई की मांग पीड़ित सन्तोष कुमार गुप्ता ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि फर्जी शिकायतों का निस्तारण कर दोषी के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज की जाए तथा उनकी ठगी गई धनराशि ₹7,75,000 वापस दिलाई जाए।1
- डीएम ने ’’मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद’’ कार्यक्रम के तहत सुनीं महिलाओं की समस्याएं महिलाओं को त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण न्याय दिलाना ही हमारी प्राथमिकता-डीएम श्रावस्ती । आयुक्त देवीपाटन मण्डल, गोण्डा दुर्गा शक्ति नागपाल द्वारा की गई पहल के माध्यम से मण्डल के जनपदों में माह के प्रथम एवं तृतीय मंगलवार को ’’मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद’’ जन-सुनवाई कार्यक्रम आयोजित कर महिलाओं की समस्याओं का प्राथमिकता से निराकरण कराया जा रहा है। जिसके तहत आज जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग ने कलेक्ट्रेट स्थित अपने कार्यालय कक्ष में कई महिलाओं की समस्याएं सुनी। इस दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आयी महिला फरियादियों ने अपनी समस्याओं से जिलाधिकारी को अवगत कराया। जिसमें पारिवारिक विवाद, भूमि विवाद एवं सरकार की अन्य योजनाओं से सम्बन्धित लाभ दिलाने हेतु प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए। जिलाधिकारी ने एक-एक कर सभी की शिकायतों को गम्भीरता से सुना और उनके त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हेतु संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया।जिलाधिकारी ने कहा कि महिलाओं को त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण न्याय दिलाना ही हमारी प्राथमिकता है। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षित और संवेदनशील माहौल में अपनी बात रखने का अवसर देना तथा उनकी शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध समाधान कराना है। इससे दूर-दराज क्षेत्रों की महिलाओं को भी स्थानीय स्तर पर समस्याओं के समाधान की सुविधा मिलेगी।इसके अलावा जनता दर्शन में जिलाधिकारी को कुल 19 शिकायतें प्राप्त हुई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जन-सुनवाई में आने वाली शिकायतों का निस्तारण निर्धारित समय सीमा के अन्दर सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि आमजन की समस्याओं के निस्तारण में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि वे केवल कागजी खानापूर्ति न करें, बल्कि मौके पर जाकर शिकायतों का वास्तविक समाधान करें, ताकि शिकायतकर्ता को दोबारा उसी समस्या के लिए कार्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें।1
- Breking : बलरामपुर जनपद बलरामपुर सदर सपा के पूर्व विधायक जगराम पासवान के भाई साधू पासवान गिरफ्तारी के पहले क्या कुछ कहा "सुनिए" Breking : बलरामपुर जनपद बलरामपुर सदर सपा के पूर्व विधायक जगराम पासवान के भाई साधू पासवान गिरफ्तारी के पहले क्या कुछ कहा "सुनिए"1
- #Breking : बलरामपुर #जनपद #बलरामपुर सदर सपा के पूर्व विधायक जगराम पासवान के भाई साधू पासवान गिरफ्तारी के पहले क्या कुछ कहा "सुनिए" #DainikSamayViewsBalrampur #JantaKiAwaz647News #BalrampurBreakingNewsToday #UttarPradeshLatestNews #GulshadKhanNewsrs। #Breking : बलरामपुर #जनपद #बलरामपुर सदर सपा के पूर्व विधायक जगराम पासवान के भाई साधू पासवान गिरफ्तारी के पहले क्या कुछ कहा "सुनिए" #DainikSamayViewsBalrampur #JantaKiAwaz647News #BalrampurBreakingNewsToday #UttarPradeshLatestNews #GulshadKhanNewsrs।1
- ट्रक और वैगनआर में आमने-सामने भिड़ंत, बाल-बाल बचे कार सवार श्रावस्ती। जिले के तिलकपुर से लछमन नगर जाने वाले मार्ग पर मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब ट्रक और वैगनआर कार की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि आसपास के लोग घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे के बाद कुछ देर तक मौके पर लोगों की भीड़ जमा रही। दुर्घटना में वैगनआर सवार लोग बाल-बाल बच गए। गनीमत रही कि हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। घटना के बाद सड़क पर लोगों की भीड़ जुटने से कुछ समय के लिए आवागमन भी प्रभावित हुआ। स्थानीय लोगों ने मामले की जानकारी संबंधित पुलिस को दी। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि मार्ग पर वाहनों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है, ऐसे में वाहन चालकों को सावधानी से वाहन चलाने की जरूरत है। फिलहाल हादसे में किसी के घायल होने की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस द्वारा घटना के संबंध में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।1
- ब्रेकिंग न्यूज़ जनपद बलरामपुर देवी पाटन मंडल उत्तर प्रदेश मानसिकता न्यूज़ हरैया थाने पर रिश्वतखोरी का गंभीर आरोप, सात दिन बाद भी न्याय के लिए भटक रहा पीड़ित कार्रवाई के नाम पर रकम लेने का आरोप, न्याय न मिलने से परेशान पीड़ित ने आला अधिकारियों से लगाई गुहार विशेष संवाददाता | बस्ती | 16 सितंबर 2026 बस्ती (उत्तर प्रदेश)। जनपद के हरैया थाना क्षेत्र से पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। एक पीड़ित ने हरैया थाने के कुछ पुलिसकर्मियों पर मामले में कार्रवाई करने और उसे मजबूत करने के नाम पर कथित रूप से रिश्वत लेने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित का कहना है कि रकम देने के बावजूद सात दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक उसे अपेक्षित कार्रवाई या न्याय नहीं मिल सका है। पीड़ित के अनुसार, वह अपनी शिकायत लेकर करीब एक सप्ताह पहले हरैया थाने पहुंचा था। उसका आरोप है कि मामले में प्रभावी कार्रवाई कराने तथा आरोपियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने का भरोसा दिलाया गया। इसी दौरान उससे कथित तौर पर पैसों की मांग की गई। पीड़ित का दावा है कि न्याय मिलने की उम्मीद में उसने संबंधित पुलिसकर्मियों को रकम दे दी, लेकिन इसके बाद भी मामले में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई। शिकायत के बाद भी कार्रवाई का इंतजार पीड़ित का कहना है कि थाने में शिकायत देने के बाद उसे उम्मीद थी कि पुलिस मामले की जांच कर जल्द आवश्यक कार्रवाई करेगी। लेकिन सात दिन गुजर जाने के बाद भी स्थिति में कोई स्पष्ट बदलाव नहीं आया। पीड़ित के मुताबिक, वह लगातार थाने के चक्कर लगा रहा है और अपनी शिकायत पर हुई कार्रवाई की जानकारी मांग रहा है। आरोप है कि हर बार उसे अलग-अलग कारण बताकर वापस भेज दिया जाता है। पीड़ित का कहना है कि शुरुआत में कार्रवाई का भरोसा दिया गया, लेकिन बाद में मामले को लेकर टालमटोल की जाने लगी। इससे वह मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान है। रिश्वत देने के बाद भी न्याय नहीं मिलने का आरोप पीड़ित द्वारा लगाए गए आरोपों में सबसे गंभीर बात यह है कि कार्रवाई के नाम पर कथित रूप से रकम लिए जाने के बावजूद मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि अभी नहीं हुई है और यह स्पष्ट नहीं है कि कथित रकम किस पुलिसकर्मी द्वारा और किस परिस्थिति में ली गई। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच महत्वपूर्ण हो जाती है। यदि रिश्वत लेने का आरोप जांच में सही पाया जाता है, तो संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई का प्रश्न उठ सकता है। वहीं, यदि आरोपों की पुष्टि नहीं होती है तो वास्तविक स्थिति भी जांच के माध्यम से स्पष्ट हो सकेगी। सात दिनों से अधिकारियों के चक्कर काट रहा पीड़ित पीड़ित का कहना है कि थाना स्तर पर सुनवाई नहीं होने के बाद अब वह उच्च अधिकारियों से शिकायत करने की तैयारी में है। उसका कहना है कि उसे उम्मीद है कि पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए शिकायत की निष्पक्ष जांच कराएंगे और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। पीड़ित ने यह भी मांग की है कि उसकी मूल शिकायत पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए और उसे मामले की जांच की स्थिति के बारे में स्पष्ट जानकारी दी जाए। पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल इस घटना के सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर पुलिस की कार्यप्रणाली और शिकायतों के निस्तारण को लेकर सवाल उठ रहे हैं। आम नागरिक जब किसी विवाद, अपराध या उत्पीड़न की शिकायत लेकर पुलिस के पास पहुंचता है तो उससे निष्पक्ष जांच और कानून के मुताबिक कार्रवाई की अपेक्षा की जाती है। ऐसे में यदि किसी पुलिसकर्मी पर कार्रवाई के नाम पर रिश्वत मांगने या लेने का आरोप लगता है, तो मामले की निष्पक्ष जांच आवश्यक हो जाती है। पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के लिए भी यह महत्वपूर्ण है कि शिकायत की वास्तविकता सामने लाई जाए और यदि किसी स्तर पर अनियमितता पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उच्च अधिकारियों के संज्ञान का इंतजार फिलहाल मामले में पुलिस विभाग की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि पीड़ित की शिकायत पर विभागीय स्तर पर कोई जांच शुरू की गई है या नहीं। अब निगाहें इस बात पर हैं कि क्या पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी इस शिकायत का संज्ञान लेकर पूरे प्रकरण की जांच कराते हैं। साथ ही यह भी महत्वपूर्ण होगा कि कथित रिश्वतखोरी के आरोपों की सत्यता जांच में क्या सामने आती है और पीड़ित की मूल शिकायत पर नियमानुसार क्या कार्रवाई की जाती है।1