सड़क किनारे गैस से चाय बनाने पर पुलिस की कार्रवाई, सिलेंडर और केतली जब्त सिराथू (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश के सिराथू क्षेत्र में सड़क किनारे गैस सिलेंडर से चाय बना रहे युवकों पर पुलिस ने कार्रवाई की है। बताया जा रहा है कि पुलिस ने मौके पर पहुंचकर गैस सिलेंडर और चाय बनाने की केतली जब्त कर ली तथा संबंधित युवकों को थाने ले गई। इस पूरी कार्रवाई का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद स्थानीय लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। वायरल वीडियो में पुलिसकर्मी सड़क किनारे लगे अस्थायी चाय स्टॉल से सिलेंडर और सामान उठाते हुए दिखाई दे रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने सड़क किनारे बिना अनुमति और सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर गैस सिलेंडर के इस्तेमाल को लेकर यह कार्रवाई की। पुलिस का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह गैस सिलेंडर का उपयोग हादसे का कारण बन सकता है, इसलिए एहतियातन कार्रवाई की गई। हालांकि, इस कार्रवाई को लेकर सोशल मीडिया पर बहस भी छिड़ गई है। कुछ लोग इसे सुरक्षा के लिहाज से सही ठहरा रहे हैं, जबकि कुछ लोग पुलिस की कार्रवाई को जरूरत से ज्यादा सख्त बता रहे हैं। फिलहाल, पुलिस की ओर से मामले में आगे की जांच की जा रही है। वायरल वीडियो के बाद इलाके में चर्चा, पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल।
सड़क किनारे गैस से चाय बनाने पर पुलिस की कार्रवाई, सिलेंडर और केतली जब्त सिराथू (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश के सिराथू क्षेत्र में सड़क किनारे गैस सिलेंडर से चाय बना रहे युवकों पर पुलिस ने कार्रवाई की है। बताया जा रहा है कि पुलिस ने मौके पर पहुंचकर गैस सिलेंडर और चाय बनाने की केतली जब्त कर ली तथा संबंधित युवकों को थाने ले गई। इस पूरी कार्रवाई का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद स्थानीय लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। वायरल वीडियो में पुलिसकर्मी सड़क किनारे लगे अस्थायी चाय स्टॉल से सिलेंडर और सामान उठाते हुए दिखाई दे रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने सड़क किनारे बिना अनुमति और सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर गैस सिलेंडर के इस्तेमाल को लेकर यह कार्रवाई की। पुलिस का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह गैस सिलेंडर का उपयोग हादसे का कारण बन सकता है, इसलिए एहतियातन कार्रवाई की गई। हालांकि, इस कार्रवाई को लेकर सोशल मीडिया पर बहस भी छिड़ गई है। कुछ लोग इसे सुरक्षा के लिहाज से सही ठहरा रहे हैं, जबकि कुछ लोग पुलिस की कार्रवाई को जरूरत से ज्यादा सख्त बता रहे हैं। फिलहाल, पुलिस की ओर से मामले में आगे की जांच की जा रही है। वायरल वीडियो के बाद इलाके में चर्चा, पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल।
- * *लखनऊ।* थाना जानकीपुरम क्षेत्र के सेक्टर-7 में वरिष्ठ बीजेपी नेता व अधिवक्ता रज्जन पाण्डेय की फॉर्च्यूनर गाड़ी को कथित हिस्ट्रीशीटर सोनू सिंह बाल्मीकि द्वारा आग के हवाले किए जाने का मामला सामने आया है। घटना को लगभग 10 दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस द्वारा कोई ठोस कार्रवाई न किए जाने से पीड़ित पक्ष में नाराजगी देखी जा रही है। पीड़ित रज्जन पाण्डेय के अनुसार करीब 10 दिन पहले देर रात उनकी फॉर्च्यूनर गाड़ी को आग लगाकर जला दिया गया था, जिसमें गाड़ी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। आरोप है कि इस घटना के पीछे क्षेत्र का हिस्ट्रीशीटर सोनू सिंह बाल्मीकि है। रज्जन पाण्डेय का कहना है कि घटना के बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी और शिकायत भी दी, लेकिन इतने दिन बीत जाने के बाद भी आरोपित के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि इस घटना के बाद से उन्हें अपनी जान का खतरा बना हुआ है और परिवार भी दहशत में है। पीड़ित ने पुलिस प्रशासन से जल्द से जल्द आरोपित के खिलाफ कार्रवाई कर सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की है। वहीं इस मामले को लेकर क्षेत्र में भी चर्चा का माहौल बना हुआ है और लोग पुलिस की कार्यवाही पर सवाल उठा रहे हैं।1
- सरकार का यह फैसला है दोस्तों🙏 यही अगर हम आप करें तो गलत होता है लेकिन करें तो करें क्या ड्राइवर भाई1
- लखनऊ राजधानी लखनऊ से एक बेहद खूबसूरत और समाज को सकारात्मक संदेश देने वाली तस्वीर सामने आई है। जहां एक परिवार ने बेटी के जन्म को खास अंदाज़ में मनाकर मिसाल पेश की। जानकारी के मुताबिक, परिवार ने अस्पताल से नवजात बेटी को घर ले जाते समय गाड़ियों का लंबा काफिला निकाला। इस दौरान पूरे रास्ते ढोल-नगाड़ों की गूंज, खुशियों का माहौल और जश्न का नजारा देखने को मिला। परिवार के सदस्य, रिश्तेदार और शुभचिंतक इस खुशी में झूमते नजर आए। सड़क से गुजर रहे लोग भी इस अनोखे जश्न को देखकर ठहर गए और परिवार को बेटी के जन्म की बधाई दी। कई लोगों ने इसे बेटियों के सम्मान और समाज में सकारात्मक सोच का शानदार संदेश बताया। परिवार का कहना है कि “बेटी घर की लक्ष्मी होती है”, इसलिए उन्होंने नवजात बेटी के जन्म को किसी त्योहार से कम नहीं माना। परिवार ने कहा कि जिस तरह बेटे के जन्म पर लोग खुशियां मनाते हैं, उसी तरह बेटी के जन्म पर भी पूरे गर्व और सम्मान के साथ जश्न मनाया जाना चाहिए। इस अनोखे अंदाज़ में मनाई गई खुशी ने न सिर्फ आसपास के लोगों का ध्यान खींचा, बल्कि समाज को यह संदेश भी दिया कि बेटियां बोझ नहीं, बल्कि घर-परिवार की शान और खुशियों की असली पहचान हैं। समाज के लिए बड़ा संदेश आज के दौर में, जब कई जगहों पर अब भी बेटियों को लेकर संकीर्ण सोच देखने को मिलती है, ऐसे में लखनऊ के इस परिवार ने बेटी के जन्म पर जश्न मनाकर एक नई सोच और प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया है।1
- मुजफ्फरपुर के शादी समारोह में भोजपुरी सिंगर धनंजय शर्मा ने महिला डांसर को मंच से उठाकर फेंक दिया। वीडियो वायरल होने के बाद धनंजय शर्मा का कहना है कि उसने बदसलूकी की थी।1
- सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें चलती कार के अंदर बैठे कुछ लोग आपत्तिजनक हरकत करते दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि कार के पीछे “सांवरिया सेठ” लिखा हुआ है, जिससे वीडियो को लेकर अलग-अलग तरह की चर्चाएं हो रही हैं। सड़क पर इस तरह खुलेआम की गई हरकत को लेकर लोगों में नाराजगी है। कई यूजर्स इसे सामाजिक मर्यादाओं के खिलाफ बताते हुए संबंधित लोगों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। फिलहाल मामले की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।1
- *जानकीपुरम में वरिष्ठ बीजेपी नेता की फॉर्च्यूनर जलाई, 10 दिन बाद भी पुलिस कार्रवाई नहीं* *लखनऊ।* थाना जानकीपुरम क्षेत्र के सेक्टर-7 में वरिष्ठ बीजेपी नेता व अधिवक्ता रज्जन पाण्डेय की फॉर्च्यूनर गाड़ी को कथित हिस्ट्रीशीटर सोनू सिंह बाल्मीकि द्वारा आग के हवाले किए जाने का मामला सामने आया है। घटना को लगभग 10 दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस द्वारा कोई ठोस कार्रवाई न किए जाने से पीड़ित पक्ष में नाराजगी देखी जा रही है। पीड़ित रज्जन पाण्डेय के अनुसार करीब 10 दिन पहले देर रात उनकी फॉर्च्यूनर गाड़ी को आग लगाकर जला दिया गया था, जिसमें गाड़ी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। आरोप है कि इस घटना के पीछे क्षेत्र का हिस्ट्रीशीटर सोनू सिंह बाल्मीकि है। रज्जन पाण्डेय का कहना है कि घटना के बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी और शिकायत भी दी, लेकिन इतने दिन बीत जाने के बाद भी आरोपित के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि इस घटना के बाद से उन्हें अपनी जान का खतरा बना हुआ है और परिवार भी दहशत में है। पीड़ित ने पुलिस प्रशासन से जल्द से जल्द आरोपित के खिलाफ कार्रवाई कर सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की है। वहीं इस मामले को लेकर क्षेत्र में भी चर्चा का माहौल बना हुआ है और लोग पुलिस की कार्यवाही पर सवाल उठा रहे हैं।1
- 10 वर्ष शादी के उपरांत पत्नी घर से चुपके से चली गई पति हुआ परेशान1
- 🚨लखनऊ। राजधानी लखनऊ के थाना गुडंबा क्षेत्र अंतर्गत शिवानी बिहार पुलिस चौकी इलाके में देर रात 12 बजे के बाद अवैध रूप से लगने वाले चाय, मसाला और सिगरेट के ठेले व दुकानें स्थानीय लोगों के लिए बड़ी परेशानी और खतरे का कारण बनती जा रही हैं। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि शिवानी बिहार पुलिस चौकी की छत्रछाया में रात गहराते ही अवैध ठेलों और दुकानों का पूरा बाजार सज जाता है। इन ठेलों पर देर रात तक असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे इलाके में शोर-शराबा, गाली-गलौज, विवाद, मारपीट और बवाल जैसी घटनाएं आम होती जा रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब पूरा इलाका रात में शांत होना चाहिए, उस समय यहां खुलेआम अवैध दुकानों का संचालन हो रहा है। इससे न सिर्फ कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं, बल्कि क्षेत्र की शांति और सुरक्षा भी खतरे में पड़ गई है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब रात 12 बजे के बाद इस तरह खुलेआम अवैध ठेले और दुकानें संचालित हो रही हैं, तो आखिर पुलिस क्या कर रही है? अगर इन दुकानों के कारण किसी दिन कोई बड़ी वारदात, गंभीर मारपीट या आपराधिक घटना हो जाती है, तो उसका जिम्मेदार कौन होगा? स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया है कि यदि पुलिस सख्ती दिखाए तो रात में लगने वाले इन अवैध ठेलों और दुकानों पर तुरंत रोक लग सकती है, लेकिन कार्रवाई न होना कई सवाल खड़े कर रहा है। ऐसे में शिवानी बिहार पुलिस चौकी प्रभारी की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। जनता पूछ रही है जवाब — 🔴 रात 12 बजे के बाद अवैध चाय, मसाला और सिगरेट की दुकानें किसके संरक्षण में चल रही हैं? 🔴 शिवानी बिहार पुलिस चौकी इन अवैध गतिविधियों पर कार्रवाई क्यों नहीं कर रही? 🔴 देर रात असामाजिक तत्वों के जमावड़े से होने वाले विवाद और मारपीट का जिम्मेदार कौन? 🔴 यदि क्षेत्र में कोई बड़ी वारदात होती है तो जवाबदेही किसकी तय होगी? 🔴 क्या शिवानी बिहार पुलिस चौकी की मेहरबानी से ही यह अवैध कारोबार फल-फूल रहा है? क्षेत्रवासियों की मांग स्थानीय लोगों ने पुलिस के उच्च अधिकारियों और प्रशासन से मांग की है कि मामले का तत्काल संज्ञान लेकर रात में लगने वाले इन अवैध ठेलों और दुकानों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनी रहे और किसी भी बड़ी अप्रिय घटना को रोका जा सके। 1. गुडंबा में आधी रात बाद सजता अवैध ठेलों का बाजार, शिवानी बिहार पुलिस चौकी पर उठे गंभीर सवाल 2. शिवानी बिहार पुलिस चौकी की छत्रछाया में रात 12 बजे बाद अवैध चाय-सिगरेट बाजार, जनता में आक्रोश 3. लखनऊ के गुडंबा क्षेत्र में अवैध ठेलों का आतंक, बवाल-मारपीट से दहशत में लोग, पुलिस पर संरक्षण के आरोप 4. रात 12 बजे बाद गुडंबा में खुलेआम अवैध दुकानें, शिवानी बिहार चौकी की कार्यशैली पर उठे सवाल अगर आप चाहें तो मैं अभी इसी खबर का “बहुत तगड़ा मीडिया वाला संस्करण” भी बना दूं, जिसमें ये लाइनें हों: ✅ “किसके संरक्षण में चल रहा अवैध कारोबार?” ✅ “अगर घटना हुई तो जिम्मेदार कौन?” ✅ “चौकी प्रभारी पर क्षेत्रवासियों के गंभीर आरोप” ✅ “जनता में भारी रोष”1