गाजीपुर जिले के दिलदारनगर में बकरीद से पहले लगने वाली ऐतिहासिक बकरा मंडी इस बार पूरी रौनक पर नजर आई, जहाँ एक 40 हजार रुपये से अधिक कीमत का बकरा सबसे बड़ा आकर्षण का केंद्र बना। मेले के तीसरे दिन मंगलवार को कुर्बानी के लिए बकरों की खरीदारी करने वालों की भारी भीड़ उमड़ी। यह पारंपरिक मंडी वर्षों से बकरीद के पहले सजती आ रही है और पूर्वांचल के बड़े पशु बाजारों में इसकी खास पहचान मानी जाती है। इस बार केवल गाजीपुर से ही नहीं, बल्कि बिहार के आरा, बक्सर, मोहनिया और भभुआ समेत कई जिलों से भी बड़ी संख्या में खरीदार यहाँ पहुँचे। बकरीद 28 मई को मनाई जाएगी, जिसके मद्देनजर इस बार पारंपरिक रविवार के अलावा सोमवार और मंगलवार को भी मंडी लगाई गई थी। मंडी में 10 हजार रुपये से लेकर 40 हजार रुपये तक के विभिन्न नस्लों के बकरे बिक्री के लिए उपलब्ध थे। बढ़ती कीमतों के बावजूद भी लोगों में खरीदारी को लेकर खासा उत्साह दिखाई दिया। सुबह से देर शाम तक चली खरीदारी के दौरान बाजार में जबरदस्त चहल-पहल रही, जिससे अच्छी बिक्री के कारण व्यापारियों के चेहरे भी खिले हुए नजर आए।
गाजीपुर जिले के दिलदारनगर में बकरीद से पहले लगने वाली ऐतिहासिक बकरा मंडी इस बार पूरी रौनक पर नजर आई, जहाँ एक 40 हजार रुपये से अधिक कीमत का बकरा सबसे बड़ा आकर्षण का केंद्र बना। मेले के तीसरे दिन मंगलवार को कुर्बानी के लिए बकरों की खरीदारी करने वालों की भारी भीड़ उमड़ी। यह पारंपरिक मंडी वर्षों से बकरीद के पहले सजती आ रही है और पूर्वांचल के बड़े पशु बाजारों में इसकी खास पहचान मानी जाती है। इस बार केवल गाजीपुर से ही नहीं, बल्कि बिहार के आरा, बक्सर, मोहनिया और भभुआ समेत कई जिलों से भी बड़ी संख्या में खरीदार यहाँ पहुँचे। बकरीद 28 मई को मनाई जाएगी, जिसके मद्देनजर इस बार पारंपरिक रविवार के अलावा सोमवार और मंगलवार को भी मंडी लगाई गई थी। मंडी में 10 हजार रुपये से लेकर 40 हजार रुपये तक के विभिन्न नस्लों के बकरे बिक्री के लिए उपलब्ध थे। बढ़ती कीमतों के बावजूद भी लोगों में खरीदारी को लेकर खासा उत्साह दिखाई दिया। सुबह से देर शाम तक चली खरीदारी के दौरान बाजार में जबरदस्त चहल-पहल रही, जिससे अच्छी बिक्री के कारण व्यापारियों के चेहरे भी खिले हुए नजर आए।
- गाजीपुर जिले के दिलदारनगर में बकरीद से पहले लगने वाली ऐतिहासिक बकरा मंडी इस बार पूरी रौनक पर नजर आई, जहाँ एक 40 हजार रुपये से अधिक कीमत का बकरा सबसे बड़ा आकर्षण का केंद्र बना। मेले के तीसरे दिन मंगलवार को कुर्बानी के लिए बकरों की खरीदारी करने वालों की भारी भीड़ उमड़ी। यह पारंपरिक मंडी वर्षों से बकरीद के पहले सजती आ रही है और पूर्वांचल के बड़े पशु बाजारों में इसकी खास पहचान मानी जाती है। इस बार केवल गाजीपुर से ही नहीं, बल्कि बिहार के आरा, बक्सर, मोहनिया और भभुआ समेत कई जिलों से भी बड़ी संख्या में खरीदार यहाँ पहुँचे। बकरीद 28 मई को मनाई जाएगी, जिसके मद्देनजर इस बार पारंपरिक रविवार के अलावा सोमवार और मंगलवार को भी मंडी लगाई गई थी। मंडी में 10 हजार रुपये से लेकर 40 हजार रुपये तक के विभिन्न नस्लों के बकरे बिक्री के लिए उपलब्ध थे। बढ़ती कीमतों के बावजूद भी लोगों में खरीदारी को लेकर खासा उत्साह दिखाई दिया। सुबह से देर शाम तक चली खरीदारी के दौरान बाजार में जबरदस्त चहल-पहल रही, जिससे अच्छी बिक्री के कारण व्यापारियों के चेहरे भी खिले हुए नजर आए।1
- सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसने यात्रियों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। इस वीडियो में एक समोसा विक्रेता समोसों के बिल्कुल पास पैर रखकर बैठा हुआ दिखाई दे रहा है। दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो भारतीय रेलवे की सुमित्रा एक्सप्रेस का है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।1
- चंदौली के सकलडीहा स्थित जमुनीपुर सभा के नरौजा गांव में ग्रामीणों ने सफाईकर्मियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले चार सालों से गांव में कोई सफाईकर्मी नहीं आया है। उन्होंने यह भी बताया कि आज तक उन्होंने किसी भी सफाईकर्मी को अपने गांव में कभी देखा ही नहीं है।1
- गंगा दशहरा और बड़े मंगलवार के पावन अवसर पर रसड़ा में पूर्व चेयरमैन वशिष्ठ नारायण सोनी ने श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरित किया।1
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- जनपद मऊ में आगामी बकरीद त्यौहार के दृष्टिगत शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए मंगलवार को जिलाधिकारी आनंद वर्धन और पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर ने मुहम्मदाबाद क्षेत्र में पैदल गश्त किया। इस दौरान उनके साथ उपजिलाधिकारी मुहम्मदाबाद, प्रभारी निरीक्षक मुहम्मदाबाद तथा भारी संख्या में पुलिस बल भी मौजूद रहा। यह पैदल गश्त मुहम्मदाबाद क्षेत्रान्तर्गत रोडवेज से रामघाट बंधा तक की गई। गश्त के दौरान, अधिकारियों ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था का बारीकी से जायजा लिया और आमजन से सीधा संवाद स्थापित किया। उन्होंने लोगों से त्योहार को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने की अपील की। इसके अतिरिक्त, संवेदनशील स्थलों का भी निरीक्षण किया गया, जहाँ संबंधित अधिकारियों एवं पुलिस कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। पैदल गश्त के माध्यम से क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने एवं किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने हेतु लोगों को जागरूक किया गया, ताकि बकरीद का त्यौहार शांतिपूर्वक संपन्न हो सके।4
- पंजाब में सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे डिजिटल संगठन 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के नाम पर अब साइबर ठगी की वारदातें शुरू हो गई हैं। ठग CJP का नाम इस्तेमाल कर लोगों को धोखाधड़ी वाले लिंक भेज रहे हैं, जिससे उन्हें ठगी का शिकार बनाया जा रहा है। इस नए फ्रॉड से आम जनता को बचाने और जागरूक करने के लिए लुधियाना पुलिस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया पेज पर एक वीडियो भी जारी किया है। 42 सेकेंड के इस वीडियो में पुलिस अधिकारी अमरिंदर सिंह ने विस्तार से बताया है कि कैसे एक छोटी सी गलती लोगों को कंगाल बना सकती है। पुलिस के अनुसार, साइबर ठग वॉट्सऐप पर ऐसे संदेश भेजते हैं जो युवाओं को आकर्षित करते हैं, जैसे 'देश की पुकार सिस्टम बदलने का समय आ गया है' और 'युवाओं के लिए बड़ी अपॉर्चुनिटी'। इन संदेशों के साथ 'कॉकरोच जनता पार्टी जॉइन करने की अपील की जाती है और नीचे एक लिंक दिया होता है। अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि यह लिंक दरअसल एक फिशिंग लिंक है। जैसे ही कोई व्यक्ति भावनाओं में बहकर या उत्सुकतावश इस लिंक पर क्लिक करता है, उसका मोबाइल फोन तुरंत हैक हो जाता है। फोन हैक होते ही पीड़ित के फोन में मौजूद सारी बैंकिंग डिटेल्स, पासवर्ड और निजी डेटा सीधा स्कैमर्स (ठगों) के पास पहुंच जाता है। इस डेटा का इस्तेमाल करके ठग न सिर्फ बैंक खाते से सारे पैसे ट्रांसफर कर लेते हैं, बल्कि पीड़ित के नाम पर लाखों रुपये का लोन भी ले सकते हैं। आपको बता दें कि 'कॉकरोच जनता पार्टी' सोशल मीडिया पर वायरल एक व्यंग्यात्मक अभियान है, जिसे युवाओं की बेरोज़गारी और सिस्टम से नाराज़गी का प्रतीक माना जा रहा है। यह कोई आधिकारिक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि एक डिजिटल प्रोटेस्ट मूवमेंट की तरह उभरा है, जिसके वायरल पोस्ट और मैनिफेस्टो ने लोगों का ध्यान खींचा है और कई यूजर्स इसे आम जनता की आवाज़ और संघर्ष का प्रतीक बताकर समर्थन दे रहे हैं।1
- गाजीपुर जिले के सुहवल थाना क्षेत्र के गरूआ-मकसूदपुर गंगा तट पर मंगलवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब गंगा स्नान के दौरान 18 वर्षीय इंटरमीडिएट छात्र परमेश्वर गौतम गहरे पानी में डूबकर लापता हो गया। यह घटना उस वक्त हुई जब परमेश्वर अपनी मां गीता देवी और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ धार्मिक पूजा में शामिल होने गंगा तट पर पहुंचा था। पूजा के बाद जैसे ही वह स्नान के लिए नदी में उतरा, अचानक गहरे पानी की तरफ चला गया और देखते ही देखते लहरों में समा गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मौके पर मौजूद लोग उसे बचाने के लिए दौड़े, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही गांव में मातम फैल गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण गंगा तट पर जुट गए। पुलिस, राजस्व विभाग की टीम और स्थानीय मछुआरे नाव व जाल की मदद से लगातार सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। हालांकि, कई घंटे बीतने के बाद भी युवक का कोई सुराग नहीं मिल सका है। परमेश्वर छह भाइयों में पांचवें नंबर पर था और उसका परिवार मजदूरी व निजी नौकरी कर जीवनयापन करता है।1