जसवंतनगर के कैस्त गाँव में बुधवार को एक दुखद घटना सामने आई, जहाँ 70 वर्षीय जवाहरलाल, पुत्र सरमन लाल, की खेत में काम करते समय तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। वह अपने खेत में मूंग की फसल से फलियां तोड़ रहे थे, तभी उन्हें अत्यधिक गर्मी और सीने में जलन महसूस हुई, जिसके बाद उनकी हालत अचानक बिगड़ गई। परिजनों ने जवाहरलाल को तुरंत घर ले जाकर प्राथमिक उपचार देने की कोशिश की, लेकिन उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती गई। इसके बाद उन्हें आनन-फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जसवंतनगर ले जाया गया। अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में उनका निधन हो गया था और अधीक्षक डॉ. वीरेंद्र सिंह ने चिकित्सकीय परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉ. वीरेंद्र सिंह के अनुसार, प्रथम दृष्टया अधिक गर्मी लगने के कारण हार्ट अटैक आने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता, हालांकि मृत्यु के वास्तविक कारणों की पुष्टि विस्तृत चिकित्सकीय जांच के बाद ही हो सकेगी। मृतक के बड़े पुत्र निरंजन सिंह (45) ने बताया कि उनके पिता खेती-किसानी का काम करते थे। परिवार में उनकी पत्नी मुन्नी देवी और छोटे पुत्र हर प्रसाद (25) हैं, जो निजी क्षेत्र में कार्यरत हैं, साथ ही जवाहरलाल की चार विवाहित बहनें भी हैं। इस घटना के बाद से मुन्नी देवी सहित पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गाँव में शोक का माहौल है। बड़ी संख्या में ग्रामीण परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं। इस दुखद घटना को देखते हुए ग्रामीणों ने भीषण गर्मी में खेतों में काम करने वाले किसानों और मजदूरों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
जसवंतनगर के कैस्त गाँव में बुधवार को एक दुखद घटना सामने आई, जहाँ 70 वर्षीय जवाहरलाल, पुत्र सरमन लाल, की खेत में काम करते समय तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। वह अपने खेत में मूंग की फसल से फलियां तोड़ रहे थे, तभी उन्हें अत्यधिक गर्मी और सीने में जलन महसूस हुई, जिसके बाद उनकी हालत अचानक बिगड़ गई। परिजनों ने जवाहरलाल को तुरंत घर ले जाकर प्राथमिक उपचार देने की कोशिश की, लेकिन उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती गई। इसके बाद उन्हें आनन-फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जसवंतनगर ले जाया गया। अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में उनका निधन हो गया था और अधीक्षक डॉ. वीरेंद्र सिंह ने चिकित्सकीय परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉ. वीरेंद्र सिंह के अनुसार, प्रथम दृष्टया अधिक गर्मी लगने के कारण हार्ट अटैक आने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता, हालांकि मृत्यु के वास्तविक कारणों की पुष्टि विस्तृत चिकित्सकीय जांच के बाद ही हो सकेगी। मृतक के बड़े पुत्र निरंजन सिंह (45) ने बताया कि उनके पिता खेती-किसानी का काम करते थे। परिवार में उनकी पत्नी मुन्नी देवी और छोटे पुत्र हर प्रसाद (25) हैं, जो निजी क्षेत्र में कार्यरत हैं, साथ ही जवाहरलाल की चार विवाहित बहनें भी हैं। इस घटना के बाद से मुन्नी देवी सहित पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गाँव में शोक का माहौल है। बड़ी संख्या में ग्रामीण परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं। इस दुखद घटना को देखते हुए ग्रामीणों ने भीषण गर्मी में खेतों में काम करने वाले किसानों और मजदूरों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
- जसवंतनगर के कैस्त गाँव में बुधवार को एक दुखद घटना सामने आई, जहाँ 70 वर्षीय जवाहरलाल, पुत्र सरमन लाल, की खेत में काम करते समय तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। वह अपने खेत में मूंग की फसल से फलियां तोड़ रहे थे, तभी उन्हें अत्यधिक गर्मी और सीने में जलन महसूस हुई, जिसके बाद उनकी हालत अचानक बिगड़ गई। परिजनों ने जवाहरलाल को तुरंत घर ले जाकर प्राथमिक उपचार देने की कोशिश की, लेकिन उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती गई। इसके बाद उन्हें आनन-फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जसवंतनगर ले जाया गया। अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में उनका निधन हो गया था और अधीक्षक डॉ. वीरेंद्र सिंह ने चिकित्सकीय परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉ. वीरेंद्र सिंह के अनुसार, प्रथम दृष्टया अधिक गर्मी लगने के कारण हार्ट अटैक आने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता, हालांकि मृत्यु के वास्तविक कारणों की पुष्टि विस्तृत चिकित्सकीय जांच के बाद ही हो सकेगी। मृतक के बड़े पुत्र निरंजन सिंह (45) ने बताया कि उनके पिता खेती-किसानी का काम करते थे। परिवार में उनकी पत्नी मुन्नी देवी और छोटे पुत्र हर प्रसाद (25) हैं, जो निजी क्षेत्र में कार्यरत हैं, साथ ही जवाहरलाल की चार विवाहित बहनें भी हैं। इस घटना के बाद से मुन्नी देवी सहित पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गाँव में शोक का माहौल है। बड़ी संख्या में ग्रामीण परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं। इस दुखद घटना को देखते हुए ग्रामीणों ने भीषण गर्मी में खेतों में काम करने वाले किसानों और मजदूरों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।1
- इटावा के प्रेस क्लब सभागार में इलेक्ट्रॉनिक एंड प्रिंट मीडिया वेलफेयर एसोसिएशन (इंडिया) की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में संगठन के पदाधिकारियों और जिले के वरिष्ठ पत्रकारों ने हिस्सा लिया, जहाँ पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान, अधिकारों और संगठन की मजबूती जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुँचे संगठन के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुघर सिंह ने कहा कि मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और इसकी गरिमा बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने पत्रकारों से अपनी कलम न बेचने का आह्वान किया, यह कहते हुए कि ऐसी नौबत आने पर पत्रकारिता छोड़ दें, लेकिन इसे कलंकित न करें। सुघर सिंह ने पत्रकारिता को केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज सेवा का एक सशक्त माध्यम बताया, जिस हेतु पत्रकारों को निष्पक्षता, ईमानदारी और सत्यनिष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए। उन्होंने संगठन की एकजुटता पर बल देते हुए कहा कि संगठित रहने पर ही पत्रकारों की आवाज शासन और प्रशासन तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुँच पाती है। साथ ही, उन्होंने युवा पत्रकारों से पत्रकारिता के मूल्यों को आत्मसात करने और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने का आह्वान किया। सुघर सिंह ने आज के समय की एक गंभीर समस्या की ओर इशारा करते हुए कहा कि आजकल एक पत्रकार जब सच्ची खबर छापता है, तो दूसरा पत्रकार आरोपी से पैसे लेकर उसी खबर को दबाने और आरोपी के पक्ष में खबर चलाने का काम कर रहा है, जिससे पत्रकार ही पत्रकार का उत्पीड़न करवा रहे हैं। बैठक में वरिष्ठ पत्रकार खादिम अब्बास ने समाज और प्रशासन के बीच पत्रकारों की महत्वपूर्ण कड़ी की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता देने और निष्पक्ष पत्रकारिता के सिद्धांतों का पालन करने पर जोर दिया, तथा सत्य और तथ्य आधारित पत्रकारिता को पत्रकारों की सबसे बड़ी ताकत बताया। वरिष्ठ पत्रकार गणेश ज्ञानार्थी ने पत्रकारिता के उद्देश्य को समाचार देने के साथ-साथ समाज को जागरूक और शिक्षित करना बताते हुए सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर गंभीरता से कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने डिजिटल युग के अनुरूप पत्रकारों को तकनीकी बदलावों के साथ खुद को अपडेट रखने और प्रशिक्षण व क्षमता विकास पर बल दिया। वरिष्ठ पत्रकार अमित मिश्रा ने पत्रकारों को अपने अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों का भी निष्ठा से पालन करने की बात कही, और समस्याओं के समाधान तथा हितों, सम्मान व सामाजिक सुरक्षा के लिए संगठनों की निरंतर भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। जिला प्रभारी सर्वेन्द्र कुशवाहा और सैफ तैमूरी ने भी लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में पत्रकारों की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पत्रकार लगातार समाज की समस्याओं को शासन-प्रशासन तक पहुँचाने और जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने का कार्य कर रहे हैं, ऐसे में पत्रकारों के हितों की रक्षा, उनके सम्मान और सुरक्षा के लिए सभी को एकजुट होकर कार्य करना चाहिए। इस आवश्यक बैठक की अध्यक्षता मंडल उपाध्यक्ष राजीव यादव ने की, जिसमें प्रदेश महासचिव मसूद तैमूरी सहित मेघ सिंह वर्मा, ऋषि पाल सिंह, आमीन, मु० इदरीश, विनीता यादव, असित यादव, पंकज राठौर, करुणानिधि, दीपेश गौतम, संजय कुमार, इमरान, मनोज कुमार, आसिफ वारसी, शिवम, अनुज यादव, प्रदीप कुमार, रजनीश कुमार, धर्मेंद्र कुमार, हर्ष राठौर, विशाल रावत, अनिल यादव आदि कई पत्रकार मौजूद रहे।1
- इटावा में एक अज्ञात व्यक्ति ने लोगों से अपील की है कि वे उनका साथ दें जो जनता के लिए संघर्ष करते हैं। उनका कहना है कि अगर उन्हें जनता का सहयोग मिले, तो वे शहर की मौजूदा तस्वीर को पूरी तरह से बदल सकते हैं।1
- उत्तर प्रदेश के इटावा में स्वास्थ्य महकमे में उस वक्त हड़कंप मच गया जब कानपुर विजिलेंस टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अधिकारी को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इटावा के ACMO श्री निवास यादव, जिन्हें डिप्टी सीएमओ भी बताया गया है, उन्हें पैथोलॉजी रजिस्ट्रेशन के नाम पर ₹55,000 की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया।1
- मैनपुरी जिले के अंतर्गत आने वाले ग्राम सनोपुर सुनपुर में नालियों की सफाई को लेकर एक जानकारी सामने आई है। बताया गया है कि इस गाँव की नालियों में जमा गंदगी की सफाई साल में केवल दो बार ही की गई है।3
- इटावा में विजिलेंस की टीम ने डिप्टी सीएमओ श्रीनिवास यादव को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई सीएमओ कार्यालय में की गई, जहाँ डिप्टी सीएमओ श्रीनिवास यादव को एक प्राइवेट डायग्नोस्टिक सेंटर संचालक से रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। गिरफ्तारी के बाद, विजिलेंस टीम डिप्टी सीएमओ को लेकर थाना सिविल लाइन पहुंची।2
- जनपद इटावा में बुधवार को आई तेज़ आंधी-तूफान ने जमकर तबाही मचाई, खासकर फ्रेंड्स कॉलोनी क्षेत्र में स्थित दिव्यांशी हॉस्पिटल के बाहर हड़कंप मच गया। तेज़ हवाओं के कारण हॉस्पिटल का एक टीन शेड अचानक उखड़कर हवा में उड़ गया, जिससे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना के समय एक महिला वहीं से गुज़र रही थी और गनीमत रही कि उसने समय रहते सतर्कता दिखाई, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। उड़ता हुआ टीन शेड महिला के बेहद करीब से गिरा और वह बाल-बाल बच गई। लोगों का कहना है कि अगर कुछ सेकंड की देरी हो जाती तो महिला की जान जा सकती थी। तेज़ हवाओं के कारण इटावा के इस क्षेत्र में कई अन्य स्थानों पर भी पेड़, होर्डिंग और अन्य टीन शेड क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिली है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि सार्वजनिक स्थानों और अस्पतालों के बाहर लगे कमजोर टीन शेड और अस्थायी ढांचों की तुरंत जांच कराई जाए, ताकि भविष्य में इस तरह के किसी बड़े हादसे को रोका जा सके।1
- जसवंतनगर के ग्राम फतेहपुरा में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में मंगलवार को बदायूं के सांसद आदित्य यादव शामिल हुए। जिला पंचायत सदस्य एवं विधायक प्रतिनिधि विश्वनाथ प्रताप सिंह उर्फ सोनू यादव और ग्रामवासियों के सहयोग से आयोजित इस कथा में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु धर्म लाभ ले रहे हैं। सांसद आदित्य यादव के आगमन पर आयोजकों और ग्रामीणों ने उनका माल्यार्पण कर भव्य स्वागत किया। इसके उपरांत, उन्होंने कथा व्यास स्वराट चैतन्य जी महाराज को पटुका पहनाकर सम्मानित किया और उनसे आशीर्वाद प्राप्त किया। सांसद ने कुछ देर तक श्रद्धालुओं के बीच बैठकर कथा का श्रद्धापूर्वक श्रवण किया। कथा व्यास स्वराट चैतन्य जी महाराज ने अपने प्रवचनों में भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, धर्म, भक्ति, सेवा और मानव जीवन के आदर्शों का विस्तृत वर्णन किया। उन्होंने जोर दिया कि भागवत कथा मनुष्य को सदाचार, सत्य और परोपकार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है, जिसके दौरान पूरा पंडाल भगवान के जयकारों से गूंज उठा। इस अवसर पर सांसद आदित्य यादव ने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में संस्कार, सद्भाव और एकता को मजबूत करने का कार्य करते हैं। उन्होंने भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं को संरक्षित रखने में श्रीमद्भागवत कथा की महत्वपूर्ण भूमिका पर बल दिया, साथ ही बताया कि ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को अपने धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों को समझने का अहम अवसर मिलता है। कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता, महिलाएं, युवा और बुजुर्ग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे, जिन्होंने भजन-कीर्तन और कथा श्रवण के माध्यम से आध्यात्मिक आनंद प्राप्त किया। कथा स्थल पर श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। आयोजक विश्वनाथ प्रताप सिंह उर्फ सोनू यादव ने इस कथा का मुख्य उद्देश्य समाज में धार्मिक और नैतिक मूल्यों का प्रसार करना बताया। उन्होंने सभी उपस्थित श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए अधिक से अधिक संख्या में कथा में शामिल होकर धर्म लाभ लेने का आग्रह किया।1