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भोपाल में होगी मध्यप्रदेश में प्रस्तावित 6 न्यूक्लियर प्लांटों के प्रभावितों की सुनवाई *किसान संघर्ष समिति ने की जनसुनवाई* *चौसरा परमाणु परियोजना को रद्द करने की मांग* *सर्वोच्च न्यायालय द्वारा गठित 35 ग्रामों का तत्काल दौरा करे* *सरकार कार्पोरेट हितों को प्राथमिकता दे रही है* *- पूर्व न्यायाधीश कोलसे पाटिल* भोपाल में होगी मध्यप्रदेश में प्रस्तावित 6 न्यूक्लियर प्लांटों के प्रभावितों की सुनवाई छिंदवाड़ा जिले के चौसरा गांव में प्रस्तावित परमाणु ऊर्जा संयंत्र परियोजना और भूमि उपयोग को लेकर चल रही चर्चाओं ने स्थानीय स्तर पर व्यापक ध्यान आकर्षित किया है तथा राजनीतिक बहस को जन्म दिया है। लगभग 750 एकड़ भूमि का अधिग्रहण कई वर्ष पहले अडानी समूह (पेंच थर्मल एनर्जी) की प्रस्तावित ताप विद्युत परियोजना के लिए किया गया था। बाद में इस स्थल का उपयोग संभावित परमाणु ऊर्जा संयंत्र परियोजना के लिए किए जाने संबंधी चर्चाएं सामने आईं, जिसके चलते भूमि अधिग्रहण के लंबे समय से लंबित मुद्दों, स्थानीय विरोध-प्रदर्शनों तथा क्षेत्रीय राजनीतिक नेताओं के बयानों ने इस विषय को और अधिक चर्चा का केंद्र बना दिया है। इसी प्रस्तावित परमाणु परियोजना को लेकर 6 अगस्त, हिरोशिमा दिवस के अवसर पर किसान संघर्ष समिति के बैनर तले बारह बिरहारी (छिंदवाड़ा) में एक जनसुनवाई का आयोजन किया गया। इस जनसुनवाई में मुंबई हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति बी. जी. कोलसे पाटिल, पर्यावरणविद् सौम्य दत्ता, किसान संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक डॉ. सुनीलम एवं प्रदेश अध्यक्ष एड आराधना भार्गव, जन स्वास्थ्य अभियान (इंडिया) के अमुल्य निधि, बरगी बांध विस्थापित एवं प्रभावित संघ के राजकुमार सिन्हा सहित क्षेत्र के सैकड़ों महिला-पुरुषों ने भाग लिया। उपस्थित लोगों ने एक स्वर में प्रस्तावित परमाणु परियोजना का विरोध करते हुए इसे तत्काल निरस्त किए जाने की मांग की। राजकुमार सिन्हा ने मंडला जिले में प्रस्तावित चुटका परमाणु परियोजना के खिलाफ वर्ष 2009 से आदिवासियों द्वारा चलाए जा रहे संघर्ष, जनआंदोलन और कानूनी लड़ाई का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भोपाल गैस त्रासदी जैसी भयावह औद्योगिक दुर्घटना का दंश झेल चुके मध्यप्रदेश को इस प्रकार की खतरनाक परमाणु परियोजनाओं से दूर रहना चाहिए। विकास के नाम पर लोगों के जीवन, स्वास्थ्य और पर्यावरण को जोखिम में डालना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होना चाहिए। पर्यावरणविद् सौम्य दत्ता ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं को अपेक्षित प्रोत्साहन नहीं मिल रहा है, जबकि भारत में निजी कंपनियां इस क्षेत्र को बढ़ावा देने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने कहा कि बिजली उत्पादन के लिए सौर ऊर्जा सहित अन्य नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत अधिक सुरक्षित, पर्यावरण-अनुकूल और टिकाऊ विकल्प हैं। जन स्वास्थ्य अभियान (इंडिया) के अमुल्य निधि ने परमाणु विकिरण के कारण मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले संभावित दुष्प्रभावों की जानकारी देते हुए कहा कि ऐसी परियोजनाओं के दीर्घकालिक प्रभावों को गंभीरता से समझने और जनता के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने की आवश्यकता है। पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति बी. जी. कोलसे पाटिल ने लोगों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता की सहमति और अधिकार सर्वोपरि होने चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार कार्पोरेट हितों को प्राथमिकता देते हुए निर्णय ले रही है। डॉ. सुनीलम ने मध्यप्रदेश में प्रस्तावित सभी परमाणु परियोजनाओं को लेकर भोपाल में एक व्यापक राज्यस्तरीय जनसुनवाई आयोजित करने का सुझाव दिया, ताकि प्रभावित क्षेत्रों के लोगों की आवाज एक साझा मंच पर सामने आ सके और सरकार के समक्ष जनमत स्पष्ट रूप से रखा जा सके। एड आराधना भार्गव ने कहा कि माचागोरा बांध विस्थापितों की समस्याएं आज भी पूरी तरह हल नहीं हो सकी हैं। ऐसे में प्रस्तावित परमाणु परियोजना इस पूरे क्षेत्र के लिए एक नया और विनाशकारी संकट लेकर आएगी। इसलिए इस परियोजना के खिलाफ जनआंदोलन को और अधिक व्यापक तथा मजबूत बनाया जाएगा। जनसुनवाई में उपस्थित ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि 10 अगस्त को न्यूक्लियर पावर प्लांट निरस्त करने और सुप्रीम कोर्ट की कमेटी के 35 ग्रामों के दौरे की मांग को लेकर जेल भरो आंदोलन किया जायेगा। आगामी 15 अगस्त को क्षेत्र के दर्जनों गांवों की ग्राम सभाओं में प्रस्तावित परमाणु परियोजना के विरोध में प्रस्ताव पारित किए जाएंगे, तथा सरकार को स्पष्ट संदेश दिया जाएगा कि स्थानीय समुदाय अपनी जल, जंगल, जमीन और आजीविका पर किसी भी प्रकार का संकट स्वीकार नहीं करेगा। 17 अगस्त को विधायकों और सांसद को ज्ञापन सौंपे जाएंगे। कार्यक्रम में बलराम पटेल, सज्जे पटेल, प्रकाश साहू, सुरेश वर्मा, आत्माराम पटेल, छिंगा वर्मा, बाबु पटेल, जय ईवनाती, कमला बाई चंद्रवंशी, सुशीला उईके, सरिता यादव सहित किसान संघर्ष समिति के पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता, किसान, महिलाएं, युवा एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिक उपस्थित रहे।

15 hrs ago
user_M. Afsar khan
M. Afsar khan
Local News Reporter Multai, Betul•
15 hrs ago

भोपाल में होगी मध्यप्रदेश में प्रस्तावित 6 न्यूक्लियर प्लांटों के प्रभावितों की सुनवाई *किसान संघर्ष समिति ने की जनसुनवाई* *चौसरा परमाणु परियोजना को रद्द करने की मांग* *सर्वोच्च न्यायालय द्वारा गठित 35 ग्रामों का तत्काल दौरा करे* *सरकार कार्पोरेट हितों को प्राथमिकता दे रही है* *- पूर्व न्यायाधीश कोलसे पाटिल* भोपाल में होगी मध्यप्रदेश में प्रस्तावित 6 न्यूक्लियर प्लांटों के प्रभावितों की सुनवाई छिंदवाड़ा जिले के चौसरा गांव में प्रस्तावित परमाणु ऊर्जा संयंत्र परियोजना और भूमि उपयोग को लेकर चल रही चर्चाओं ने स्थानीय स्तर पर व्यापक ध्यान आकर्षित किया है तथा राजनीतिक बहस को जन्म दिया है। लगभग 750 एकड़ भूमि का अधिग्रहण कई वर्ष पहले अडानी समूह (पेंच थर्मल एनर्जी) की प्रस्तावित ताप विद्युत परियोजना के लिए किया गया था। बाद में इस स्थल का उपयोग संभावित परमाणु ऊर्जा संयंत्र परियोजना के लिए किए जाने संबंधी चर्चाएं सामने आईं, जिसके चलते भूमि अधिग्रहण के लंबे समय से लंबित मुद्दों, स्थानीय विरोध-प्रदर्शनों तथा क्षेत्रीय राजनीतिक नेताओं के बयानों ने इस विषय को और अधिक चर्चा का केंद्र बना दिया है। इसी प्रस्तावित परमाणु परियोजना को लेकर 6 अगस्त, हिरोशिमा दिवस के अवसर पर किसान संघर्ष समिति के बैनर तले बारह बिरहारी (छिंदवाड़ा) में एक जनसुनवाई का आयोजन किया गया। इस जनसुनवाई में मुंबई हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति बी. जी. कोलसे पाटिल, पर्यावरणविद् सौम्य दत्ता, किसान संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक डॉ. सुनीलम एवं प्रदेश अध्यक्ष एड आराधना भार्गव, जन स्वास्थ्य अभियान (इंडिया) के अमुल्य निधि, बरगी बांध विस्थापित एवं प्रभावित संघ के राजकुमार सिन्हा सहित

क्षेत्र के सैकड़ों महिला-पुरुषों ने भाग लिया। उपस्थित लोगों ने एक स्वर में प्रस्तावित परमाणु परियोजना का विरोध करते हुए इसे तत्काल निरस्त किए जाने की मांग की। राजकुमार सिन्हा ने मंडला जिले में प्रस्तावित चुटका परमाणु परियोजना के खिलाफ वर्ष 2009 से आदिवासियों द्वारा चलाए जा रहे संघर्ष, जनआंदोलन और कानूनी लड़ाई का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भोपाल गैस त्रासदी जैसी भयावह औद्योगिक दुर्घटना का दंश झेल चुके मध्यप्रदेश को इस प्रकार की खतरनाक परमाणु परियोजनाओं से दूर रहना चाहिए। विकास के नाम पर लोगों के जीवन, स्वास्थ्य और पर्यावरण को जोखिम में डालना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होना चाहिए। पर्यावरणविद् सौम्य दत्ता ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं को अपेक्षित प्रोत्साहन नहीं मिल रहा है, जबकि भारत में निजी कंपनियां इस क्षेत्र को बढ़ावा देने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने कहा कि बिजली उत्पादन के लिए सौर ऊर्जा सहित अन्य नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत अधिक सुरक्षित, पर्यावरण-अनुकूल और टिकाऊ विकल्प हैं। जन स्वास्थ्य अभियान (इंडिया) के अमुल्य निधि ने परमाणु विकिरण के कारण मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले संभावित दुष्प्रभावों की जानकारी देते हुए कहा कि ऐसी परियोजनाओं के दीर्घकालिक प्रभावों को गंभीरता से समझने और जनता के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने की आवश्यकता है। पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति बी. जी. कोलसे पाटिल ने लोगों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता की सहमति और अधिकार सर्वोपरि होने चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार कार्पोरेट हितों को

प्राथमिकता देते हुए निर्णय ले रही है। डॉ. सुनीलम ने मध्यप्रदेश में प्रस्तावित सभी परमाणु परियोजनाओं को लेकर भोपाल में एक व्यापक राज्यस्तरीय जनसुनवाई आयोजित करने का सुझाव दिया, ताकि प्रभावित क्षेत्रों के लोगों की आवाज एक साझा मंच पर सामने आ सके और सरकार के समक्ष जनमत स्पष्ट रूप से रखा जा सके। एड आराधना भार्गव ने कहा कि माचागोरा बांध विस्थापितों की समस्याएं आज भी पूरी तरह हल नहीं हो सकी हैं। ऐसे में प्रस्तावित परमाणु परियोजना इस पूरे क्षेत्र के लिए एक नया और विनाशकारी संकट लेकर आएगी। इसलिए इस परियोजना के खिलाफ जनआंदोलन को और अधिक व्यापक तथा मजबूत बनाया जाएगा। जनसुनवाई में उपस्थित ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि 10 अगस्त को न्यूक्लियर पावर प्लांट निरस्त करने और सुप्रीम कोर्ट की कमेटी के 35 ग्रामों के दौरे की मांग को लेकर जेल भरो आंदोलन किया जायेगा। आगामी 15 अगस्त को क्षेत्र के दर्जनों गांवों की ग्राम सभाओं में प्रस्तावित परमाणु परियोजना के विरोध में प्रस्ताव पारित किए जाएंगे, तथा सरकार को स्पष्ट संदेश दिया जाएगा कि स्थानीय समुदाय अपनी जल, जंगल, जमीन और आजीविका पर किसी भी प्रकार का संकट स्वीकार नहीं करेगा। 17 अगस्त को विधायकों और सांसद को ज्ञापन सौंपे जाएंगे। कार्यक्रम में बलराम पटेल, सज्जे पटेल, प्रकाश साहू, सुरेश वर्मा, आत्माराम पटेल, छिंगा वर्मा, बाबु पटेल, जय ईवनाती, कमला बाई चंद्रवंशी, सुशीला उईके, सरिता यादव सहित किसान संघर्ष समिति के पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता, किसान, महिलाएं, युवा एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिक उपस्थित रहे।

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  • दूनावा में मुख्य मंत्री जन विश्वास कार्यक्रम का हुआ आयोजन जनप्रतिनिधि सहित शामिल हुए कलेक्टर मौके पर निपटाए गए प्रकरण
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    दूनावा में मुख्य मंत्री जन विश्वास कार्यक्रम का हुआ आयोजन जनप्रतिनिधि सहित शामिल हुए कलेक्टर मौके पर निपटाए गए प्रकरण
    user_M. Afsar khan
    M. Afsar khan
    Local News Reporter Multai, Betul•
    2 hrs ago
  • *जिला शिक्षा अधिकारी पूनम वरकडे ने सांदीपनि विद्यालय का किया औचक निरीक्षण* *कक्षाओं में पहुंचकर परखी पढ़ाई और गृहकार्य, नवीन भवन निर्माण की देखी प्रगति; मर्ज विद्यालयों की कक्षाएं शीघ्र शुरू करने के दिए निर्देश* आमला। जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती पूनम वरकडे ने बुधवार 5 अगस्त को सांदीपनि विद्यालय आमला का औचक निरीक्षण कर विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्थाओं, खेल गतिविधियों और अधोसंरचना विकास कार्यों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न कक्षाओं में पहुंचकर विद्यार्थियों से संवाद किया तथा शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया और गृहकार्य की जांच की। *कक्षाओं में पहुंचकर जानी पढ़ाई की स्थिति* औचक निरीक्षण के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी ने विद्यालय की अलग-अलग कक्षाओं में पहुंचकर शिक्षण व्यवस्था का अवलोकन किया। उन्होंने विद्यार्थियों के गृहकार्य, शैक्षणिक गतिविधियों और पढ़ाई की प्रगति की जानकारी ली। साथ ही शिक्षकों को विद्यार्थियों की शैक्षणिक गुणवत्ता बेहतर बनाने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन दिया। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन को शैक्षणिक व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने तथा विद्यार्थियों की पढ़ाई और नियमित शैक्षणिक गतिविधियों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। *कबड्डी प्रतियोगिता का टॉस कर किया शुभारंभ* निरीक्षण के दौरान विद्यालय में संकुल स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता के तहत कबड्डी प्रतियोगिता आयोजित की जा रही थी। जिला शिक्षा अधिकारी पूनम वरकडे ने टॉस कराकर प्रतियोगिता का विधिवत शुभारंभ किया और खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के साथ खेल गतिविधियां भी विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं। खेलों से विद्यार्थियों में अनुशासन, टीम भावना, आत्मविश्वास और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता विकसित होती है। *नवीन भवन निर्माण की प्रगति का लिया जायजा* जिला शिक्षा अधिकारी ने सांदीपनि विद्यालय के नवीन भवन निर्माण कार्य का भी भौतिक निरीक्षण किया और निर्माण की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से निर्माण कार्य की स्थिति के संबंध में चर्चा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके साथ ही सर्किल के मर्ज विद्यालयों के विद्यार्थियों की कक्षाओं का सांदीपनि विद्यालय में शीघ्र संचालन सुनिश्चित करने के लिए संस्था प्राचार्य को आवश्यक निर्देश दिए गए। *बीआरसी और बीईओ कार्यालय की शिफ्टिंग को लेकर दिए निर्देश* निरीक्षण के दौरान विकासखंड स्रोत समन्वयक (बीआरसी) एवं विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) कार्यालय की शिफ्टिंग के संबंध में भी चर्चा की गई। जिला शिक्षा अधिकारी ने संबंधित कार्यालय प्रमुखों को इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिला शिक्षा अधिकारी पूनम वरकडे ने विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, विद्यार्थियों की प्रगति, खेल गतिविधियों और अधोसंरचना विकास की स्थिति का समग्र जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों एवं विद्यालय प्रबंधन को आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया।
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    *जिला शिक्षा अधिकारी पूनम वरकडे ने सांदीपनि विद्यालय का किया औचक निरीक्षण*
*कक्षाओं में पहुंचकर परखी पढ़ाई और गृहकार्य, नवीन भवन निर्माण की देखी प्रगति; मर्ज विद्यालयों की कक्षाएं शीघ्र शुरू करने के दिए निर्देश*

आमला। जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती पूनम वरकडे ने बुधवार 5 अगस्त को सांदीपनि विद्यालय आमला का औचक निरीक्षण कर विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्थाओं, खेल गतिविधियों और अधोसंरचना विकास कार्यों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न कक्षाओं में पहुंचकर विद्यार्थियों से संवाद किया तथा शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया और गृहकार्य की जांच की।
*कक्षाओं में पहुंचकर जानी पढ़ाई की स्थिति*
औचक निरीक्षण के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी ने विद्यालय की अलग-अलग कक्षाओं में पहुंचकर शिक्षण व्यवस्था का अवलोकन किया। उन्होंने विद्यार्थियों के गृहकार्य, शैक्षणिक गतिविधियों और पढ़ाई की प्रगति की जानकारी ली। साथ ही शिक्षकों को विद्यार्थियों की शैक्षणिक गुणवत्ता बेहतर बनाने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन दिया।
उन्होंने विद्यालय प्रबंधन को शैक्षणिक व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने तथा विद्यार्थियों की पढ़ाई और नियमित शैक्षणिक गतिविधियों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
*कबड्डी प्रतियोगिता का टॉस कर किया शुभारंभ*
निरीक्षण के दौरान विद्यालय में संकुल स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता के तहत कबड्डी प्रतियोगिता आयोजित की जा रही थी। जिला शिक्षा अधिकारी पूनम वरकडे ने टॉस कराकर प्रतियोगिता का विधिवत शुभारंभ किया और खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।
उन्होंने कहा कि पढ़ाई के साथ खेल गतिविधियां भी विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं। खेलों से विद्यार्थियों में अनुशासन, टीम भावना, आत्मविश्वास और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता विकसित होती है।
*नवीन भवन निर्माण की प्रगति का लिया जायजा*
जिला शिक्षा अधिकारी ने सांदीपनि विद्यालय के नवीन भवन निर्माण कार्य का भी भौतिक निरीक्षण किया और निर्माण की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से निर्माण कार्य की स्थिति के संबंध में चर्चा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
इसके साथ ही सर्किल के मर्ज विद्यालयों के विद्यार्थियों की कक्षाओं का सांदीपनि विद्यालय में शीघ्र संचालन सुनिश्चित करने के लिए संस्था प्राचार्य को आवश्यक निर्देश दिए गए।
*बीआरसी और बीईओ कार्यालय की शिफ्टिंग को लेकर दिए निर्देश*
निरीक्षण के दौरान विकासखंड स्रोत समन्वयक (बीआरसी) एवं विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) कार्यालय की शिफ्टिंग के संबंध में भी चर्चा की गई। जिला शिक्षा अधिकारी ने संबंधित कार्यालय प्रमुखों को इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
जिला शिक्षा अधिकारी पूनम वरकडे ने विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, विद्यार्थियों की प्रगति, खेल गतिविधियों और अधोसंरचना विकास की स्थिति का समग्र जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों एवं विद्यालय प्रबंधन को आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया।
    user_Dabang kesari amla mohd. asif
    Dabang kesari amla mohd. asif
    Local News Reporter आमला, बैतूल, मध्य प्रदेश•
    16 hrs ago
  • ग्राम देवखापा पांढुर्णा में 22 वर्षीय युवक संदिग्ध परिस्थितियों में लापता कुएं के पास मिला मोबाइल और चप्पल पांढुर्णा विकासखंड के ग्राम देवखापा से एक 22 वर्षीय युवक के संदिग्ध परिस्थितियों में लापता होने का मामला सामने आया है प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम देवखापा निवासी 22 वर्षीय रितिक उर्फ मानव पिता लेखराज आखरे कल शुक्रवार की रात 9 बजे से अपने घर नहीं लौटा था जिसके बाद परिजनों द्वारा उसकी तलाश शुरू की गई खोजबीन के दौरान गांव के समीप स्थित एक कुएं के पास युवक का मोबाइल पड़ा हुआ मिला और उसकी चप्पलें कुएं के अंदर दिखाई दी कुआं काफी गहरा होने के कारण युवक कुएं के अंदर है या नहीं यह बात अभी अज्ञात बनी हुई है युवक ने आत्महत्या की है या वह कहीं अन्यत्र चला गया है यह एक रहस्य बना हुआ है घटना की सूचना मिलते ही पांढुर्णा की डायल 112 पुलिस टीम मौके पर पहुंच चुकी है और पुलिस द्वारा मामले की गंभीरता से जांच तथा युवक की तलाश जारी है इस घटना के बाद से पूरे गांव में सनसनी फैल गई है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है स्थानीय ग्रामीणों और पुलिस बल की मदद से कुएं के आसपास के इलाके में सघन खोजबीन की जा रही है ताकि युवक के संबंध में कोई ठोस सुराग मिल सके और स्थिति स्पष्ट हो सके अटल प्रगति जिला ब्यूरो चीफ पांढुर्णा नीलेश कलस्कर
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    ग्राम देवखापा पांढुर्णा में 22 वर्षीय युवक संदिग्ध परिस्थितियों में लापता कुएं के पास मिला मोबाइल और चप्पल
पांढुर्णा विकासखंड के ग्राम देवखापा से एक 22 वर्षीय युवक के संदिग्ध परिस्थितियों में लापता होने का मामला सामने आया है प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम देवखापा निवासी 22 वर्षीय रितिक उर्फ मानव पिता लेखराज आखरे कल शुक्रवार की रात 9 बजे से अपने घर नहीं लौटा था जिसके बाद परिजनों द्वारा उसकी तलाश शुरू की गई खोजबीन के दौरान गांव के समीप स्थित एक कुएं के पास युवक का मोबाइल पड़ा हुआ मिला और उसकी चप्पलें कुएं के अंदर दिखाई दी
कुआं काफी गहरा होने के कारण युवक कुएं के अंदर है या नहीं यह बात अभी अज्ञात बनी हुई है युवक ने आत्महत्या की है या वह कहीं अन्यत्र चला गया है यह एक रहस्य बना हुआ है घटना की सूचना मिलते ही पांढुर्णा की डायल 112 पुलिस टीम मौके पर पहुंच चुकी है और पुलिस द्वारा मामले की गंभीरता से जांच तथा युवक की तलाश जारी है
इस घटना के बाद से पूरे गांव में सनसनी फैल गई है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है स्थानीय ग्रामीणों और पुलिस बल की मदद से कुएं के आसपास के इलाके में सघन खोजबीन की जा रही है ताकि युवक के संबंध में कोई ठोस सुराग मिल सके और स्थिति स्पष्ट हो सके
अटल प्रगति जिला ब्यूरो चीफ पांढुर्णा नीलेश कलस्कर
    user_NILESH KALASKAR
    NILESH KALASKAR
    Farmer Pandhurna, Chhindwara•
    2 hrs ago
  • भीमपुर जनपद पंचायत सदस्य ने कालेज और स्कूल मार्ग पर पक्की सड़क की मांग सौंपा ज्ञापन भीमपुर के शासकीय महाविद्यालय और हाईस्कूल मार्ग को लेकर जनपद पंचायत सदस्य पप्पू काकोडिया ने जनपद पंचायत सीईओ को जिला कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा जिसमें उन्होंने शासकीय महाविद्यालय और हाईस्कूल मार्ग पर पक्की सड़क की मांग की उन्होंने बताया कि वर्तमान में सड़क कच्ची होने से छात्रों को बारिश में दल-दल किचड़ भरें रास्ते से स्कूल और कालेज जाना पड़ता है उन्होंने जल्द समस्या निवारण की मांग की है
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    भीमपुर जनपद पंचायत सदस्य ने कालेज और स्कूल मार्ग पर पक्की सड़क की मांग सौंपा ज्ञापन
भीमपुर के शासकीय महाविद्यालय और हाईस्कूल मार्ग को लेकर जनपद पंचायत सदस्य पप्पू काकोडिया ने जनपद पंचायत सीईओ को जिला कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा जिसमें उन्होंने शासकीय महाविद्यालय और हाईस्कूल मार्ग पर पक्की सड़क की मांग की उन्होंने बताया कि वर्तमान में सड़क कच्ची होने से छात्रों को बारिश में दल-दल किचड़ भरें रास्ते से स्कूल और कालेज जाना पड़ता है उन्होंने जल्द समस्या निवारण की मांग की है
    user_आठनेर रिपोर्टर
    आठनेर रिपोर्टर
    पत्रकारिता आठनेर, बैतूल, मध्य प्रदेश•
    19 hrs ago
  • वेतन विसंगति दूर करने की मांग को लेकर ग्राम रोजगार सहायकों ने दी सामूहिक अवकाश की चेतावनी 07 अगस्त को सामूहिक अवकाश पर रहेंगे ग्राम रोजगार सहायक, जनपद पंचायत भैंसदेही में बैठक कर आंदोलन की रणनीति बनाएंगे भैंसदेही जनपद पंचायत भैंसदेही के ग्राम रोजगार सहायक एवं सहायक सचिव संगठन ने वेतन विसंगति दूर करने और लंबित मांगों के निराकरण को लेकर आंदोलन का ऐलान किया है। संगठन ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) जनपद पंचायत भैंसदेही को पत्र सौंपकर 7 अगस्त 2026 को सामूहिक अवकाश पर रहने की सूचना दी है। संगठन के अध्यक्ष के हस्ताक्षर से जारी पत्र में कहा गया है कि राज्य स्तर पर लंबे समय से ग्राम रोजगार सहायकों के वेतन संबंधी मुद्दे लंबित हैं। शासन द्वारा विभिन्न समय पर वेतन वृद्धि के आदेश जारी किए गए, लेकिन वर्तमान वेतनमान में अब भी असमानता बनी हुई है। संगठन का कहना है कि वेतन विसंगति के कारण ग्राम रोजगार सहायकों की आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है। पत्र के अनुसार, वर्ष 2025 और जनवरी 2026 में हुई वेतन वृद्धि के बावजूद विभिन्न श्रेणियों के कर्मचारियों के वेतन में अंतर बना हुआ है। संगठन ने इस विसंगति को दूर करने की मांग करते हुए 7 अगस्त को सामूहिक अवकाश लेकर जनपद पंचायत स्तर पर बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया है। संगठन का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आगामी दिनों में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जा सकता है। पत्र पर संगठन के पदाधिकारियों सहित अनेक ग्राम रोजगार सहायकों के हस्ताक्षर भी दर्ज हैं, जिससे आंदोलन को व्यापक समर्थन मिलने का दावा किया गया है। मुख्य बिंदु: वेतन विसंगति समाप्त करने की मांग। 7 अगस्त को सामूहिक अवकाश की घोषणा। जनपद पंचायत भैंसदेही में बैठक कर आगे की रणनीति पर होगा निर्णय। मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी।
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    वेतन विसंगति दूर करने की मांग को लेकर ग्राम रोजगार सहायकों ने दी सामूहिक अवकाश की चेतावनी
07 अगस्त को सामूहिक अवकाश पर रहेंगे ग्राम रोजगार सहायक, जनपद पंचायत भैंसदेही में बैठक कर आंदोलन की रणनीति बनाएंगे
भैंसदेही
जनपद पंचायत भैंसदेही के ग्राम रोजगार सहायक एवं सहायक सचिव संगठन ने वेतन विसंगति दूर करने और लंबित मांगों के निराकरण को लेकर आंदोलन का ऐलान किया है। संगठन ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) जनपद पंचायत भैंसदेही को पत्र सौंपकर 7 अगस्त 2026 को सामूहिक अवकाश पर रहने की सूचना दी है।
संगठन के अध्यक्ष के हस्ताक्षर से जारी पत्र में कहा गया है कि राज्य स्तर पर लंबे समय से ग्राम रोजगार सहायकों के वेतन संबंधी मुद्दे लंबित हैं। शासन द्वारा विभिन्न समय पर वेतन वृद्धि के आदेश जारी किए गए, लेकिन वर्तमान वेतनमान में अब भी असमानता बनी हुई है। संगठन का कहना है कि वेतन विसंगति के कारण ग्राम रोजगार सहायकों की आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है।
पत्र के अनुसार, वर्ष 2025 और जनवरी 2026 में हुई वेतन वृद्धि के बावजूद विभिन्न श्रेणियों के कर्मचारियों के वेतन में अंतर बना हुआ है। संगठन ने इस विसंगति को दूर करने की मांग करते हुए 7 अगस्त को सामूहिक अवकाश लेकर जनपद पंचायत स्तर पर बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया है।
संगठन का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आगामी दिनों में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जा सकता है। पत्र पर संगठन के पदाधिकारियों सहित अनेक ग्राम रोजगार सहायकों के हस्ताक्षर भी दर्ज हैं, जिससे आंदोलन को व्यापक समर्थन मिलने का दावा किया गया है।
मुख्य बिंदु:
वेतन विसंगति समाप्त करने की मांग।
7 अगस्त को सामूहिक अवकाश की घोषणा।
जनपद पंचायत भैंसदेही में बैठक कर आगे की रणनीति पर होगा निर्णय।
मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी।
    user_भैंसदेही संवाददाता
    भैंसदेही संवाददाता
    Local News Reporter भैंसदेही, बैतूल, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • शुक्रवार को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का छिंदवाड़ा दौरा कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ जन विश्वास अभियान कार्यक्रम का शुभारंभ करने आए प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का जोरदार स्वागत इमली खेड़ा हवाई पट्टी पर किया गया स्वागत एवं उनकी अगवाई करने जिके प्रभारी मंत्री राकेश सिंह सांसद विवेक बंटी साहू जिला भाजपा अध्यक्ष राव यादव एवं कई भाजपा के वरिष्ठ सदस्य एवं विधायक मौजूद रहे तय कार्यक्रम के रूपरेखा के अनुसार मुख्यमंत्री जी का कार्यक्रम इमली खेड़ा फुटवियर डिजाइनिंग इंस्टिट्यूट शासकीय आईटीआई छिंदवाड़ा नागपुर रोड द कारण सर्किट हाउस छिंदवाड़ा जिला भाजपा कार्यालय के वरिष्ठ सदस्य से बात का संवाद एवं होटल में इस कार्यक्रम के रूपरेखा एवं विस्तार से जानकारी दी गई बताते चले कि प्रत्येक शुक्रवार को जनकल्याण अभियान के तहत अधिकारी जमीनी स्तर पर काम करेंगे इसमें सहयोग करने के लिए शासकीय जन सेवक जनप्रतिन के लिए शासन के कल्याणकारी योजना का ना हो रही समस्याओं का निराकरण करेंगे ।। प्रदेश के मुख्यमंत्री ने इस अभियान की शुरुआत शुभारंभ छिंदवाड़ा से किया है तथा नागरिकों एवं कई लोगों से भेंट वार्ता की उनकी समस्याओं को सुना ।।।
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    शुक्रवार को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का छिंदवाड़ा दौरा कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ
जन  विश्वास अभियान कार्यक्रम का शुभारंभ करने आए प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का जोरदार स्वागत इमली खेड़ा हवाई पट्टी पर किया गया स्वागत एवं उनकी अगवाई करने जिके प्रभारी मंत्री राकेश सिंह सांसद विवेक बंटी साहू जिला भाजपा अध्यक्ष राव यादव एवं कई भाजपा के वरिष्ठ सदस्य एवं विधायक मौजूद रहे तय कार्यक्रम के रूपरेखा के अनुसार 
मुख्यमंत्री जी का कार्यक्रम इमली खेड़ा फुटवियर डिजाइनिंग इंस्टिट्यूट शासकीय आईटीआई छिंदवाड़ा नागपुर रोड  द कारण 
सर्किट हाउस छिंदवाड़ा जिला भाजपा कार्यालय के वरिष्ठ सदस्य से बात का संवाद एवं होटल में इस कार्यक्रम के रूपरेखा एवं विस्तार से जानकारी दी गई बताते चले कि प्रत्येक शुक्रवार को जनकल्याण अभियान के तहत अधिकारी जमीनी स्तर पर काम करेंगे इसमें सहयोग करने के लिए शासकीय जन सेवक जनप्रतिन के लिए शासन के कल्याणकारी योजना का ना हो रही समस्याओं का निराकरण करेंगे ।।
प्रदेश के मुख्यमंत्री ने इस अभियान की शुरुआत शुभारंभ छिंदवाड़ा से किया है तथा नागरिकों एवं कई लोगों से भेंट वार्ता की उनकी समस्याओं को सुना ।।।
    user_Ranjeet Dehariya
    Ranjeet Dehariya
    Voice of people छिंदवाड़ा नगर, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • समस्याओं के शीघ्र समाधान मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान का उद्देश्य है : CM छिंदवाड़ा मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान की शुरुआत छिंदवाड़ा से होना हमारे लिए महत्वपूर्ण अवसर है। इस अभियान के तहत प्रत्येक शुक्रवार को अधिकारी कार्यालयों में बैठने के बजाय क्षेत्र में जाकर आमजन से सीधे संवाद करेंगे, उनकी समस्याएं सुनेंगे और उनका त्वरित निराकरण सुनिश्चित करेंगे। मैं स्वयं भी इस अभियान का हिस्सा बन रहा हूं। सभी जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं के शीघ्र समाधान के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेंगे। यही मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान का उद्देश्य है : CM
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    समस्याओं के शीघ्र समाधान मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान का उद्देश्य है : CM
छिंदवाड़ा 
मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान की शुरुआत छिंदवाड़ा से होना हमारे लिए महत्वपूर्ण अवसर है। इस अभियान के तहत प्रत्येक शुक्रवार को अधिकारी कार्यालयों में बैठने के बजाय क्षेत्र में जाकर आमजन से सीधे संवाद करेंगे, उनकी समस्याएं सुनेंगे और उनका त्वरित निराकरण सुनिश्चित करेंगे।
मैं स्वयं भी इस अभियान का हिस्सा बन रहा हूं। सभी जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं के शीघ्र समाधान के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेंगे। यही मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान का उद्देश्य है : CM
    user_यश भारत
    यश भारत
    Local News Reporter छिंदवाड़ा नगर, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
    18 hrs ago
  • भोपाल में होगी मध्यप्रदेश में प्रस्तावित 6 न्यूक्लियर प्लांटों के प्रभावितों की सुनवाई *किसान संघर्ष समिति ने की जनसुनवाई* *चौसरा परमाणु परियोजना को रद्द करने की मांग* *सर्वोच्च न्यायालय द्वारा गठित 35 ग्रामों का तत्काल दौरा करे* *सरकार कार्पोरेट हितों को प्राथमिकता दे रही है* *- पूर्व न्यायाधीश कोलसे पाटिल* भोपाल में होगी मध्यप्रदेश में प्रस्तावित 6 न्यूक्लियर प्लांटों के प्रभावितों की सुनवाई छिंदवाड़ा जिले के चौसरा गांव में प्रस्तावित परमाणु ऊर्जा संयंत्र परियोजना और भूमि उपयोग को लेकर चल रही चर्चाओं ने स्थानीय स्तर पर व्यापक ध्यान आकर्षित किया है तथा राजनीतिक बहस को जन्म दिया है। लगभग 750 एकड़ भूमि का अधिग्रहण कई वर्ष पहले अडानी समूह (पेंच थर्मल एनर्जी) की प्रस्तावित ताप विद्युत परियोजना के लिए किया गया था। बाद में इस स्थल का उपयोग संभावित परमाणु ऊर्जा संयंत्र परियोजना के लिए किए जाने संबंधी चर्चाएं सामने आईं, जिसके चलते भूमि अधिग्रहण के लंबे समय से लंबित मुद्दों, स्थानीय विरोध-प्रदर्शनों तथा क्षेत्रीय राजनीतिक नेताओं के बयानों ने इस विषय को और अधिक चर्चा का केंद्र बना दिया है। इसी प्रस्तावित परमाणु परियोजना को लेकर 6 अगस्त, हिरोशिमा दिवस के अवसर पर किसान संघर्ष समिति के बैनर तले बारह बिरहारी (छिंदवाड़ा) में एक जनसुनवाई का आयोजन किया गया। इस जनसुनवाई में मुंबई हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति बी. जी. कोलसे पाटिल, पर्यावरणविद् सौम्य दत्ता, किसान संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक डॉ. सुनीलम एवं प्रदेश अध्यक्ष एड आराधना भार्गव, जन स्वास्थ्य अभियान (इंडिया) के अमुल्य निधि, बरगी बांध विस्थापित एवं प्रभावित संघ के राजकुमार सिन्हा सहित क्षेत्र के सैकड़ों महिला-पुरुषों ने भाग लिया। उपस्थित लोगों ने एक स्वर में प्रस्तावित परमाणु परियोजना का विरोध करते हुए इसे तत्काल निरस्त किए जाने की मांग की। राजकुमार सिन्हा ने मंडला जिले में प्रस्तावित चुटका परमाणु परियोजना के खिलाफ वर्ष 2009 से आदिवासियों द्वारा चलाए जा रहे संघर्ष, जनआंदोलन और कानूनी लड़ाई का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भोपाल गैस त्रासदी जैसी भयावह औद्योगिक दुर्घटना का दंश झेल चुके मध्यप्रदेश को इस प्रकार की खतरनाक परमाणु परियोजनाओं से दूर रहना चाहिए। विकास के नाम पर लोगों के जीवन, स्वास्थ्य और पर्यावरण को जोखिम में डालना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होना चाहिए। पर्यावरणविद् सौम्य दत्ता ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं को अपेक्षित प्रोत्साहन नहीं मिल रहा है, जबकि भारत में निजी कंपनियां इस क्षेत्र को बढ़ावा देने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने कहा कि बिजली उत्पादन के लिए सौर ऊर्जा सहित अन्य नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत अधिक सुरक्षित, पर्यावरण-अनुकूल और टिकाऊ विकल्प हैं। जन स्वास्थ्य अभियान (इंडिया) के अमुल्य निधि ने परमाणु विकिरण के कारण मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले संभावित दुष्प्रभावों की जानकारी देते हुए कहा कि ऐसी परियोजनाओं के दीर्घकालिक प्रभावों को गंभीरता से समझने और जनता के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने की आवश्यकता है। पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति बी. जी. कोलसे पाटिल ने लोगों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता की सहमति और अधिकार सर्वोपरि होने चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार कार्पोरेट हितों को प्राथमिकता देते हुए निर्णय ले रही है। डॉ. सुनीलम ने मध्यप्रदेश में प्रस्तावित सभी परमाणु परियोजनाओं को लेकर भोपाल में एक व्यापक राज्यस्तरीय जनसुनवाई आयोजित करने का सुझाव दिया, ताकि प्रभावित क्षेत्रों के लोगों की आवाज एक साझा मंच पर सामने आ सके और सरकार के समक्ष जनमत स्पष्ट रूप से रखा जा सके। एड आराधना भार्गव ने कहा कि माचागोरा बांध विस्थापितों की समस्याएं आज भी पूरी तरह हल नहीं हो सकी हैं। ऐसे में प्रस्तावित परमाणु परियोजना इस पूरे क्षेत्र के लिए एक नया और विनाशकारी संकट लेकर आएगी। इसलिए इस परियोजना के खिलाफ जनआंदोलन को और अधिक व्यापक तथा मजबूत बनाया जाएगा। जनसुनवाई में उपस्थित ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि 10 अगस्त को न्यूक्लियर पावर प्लांट निरस्त करने और सुप्रीम कोर्ट की कमेटी के 35 ग्रामों के दौरे की मांग को लेकर जेल भरो आंदोलन किया जायेगा। आगामी 15 अगस्त को क्षेत्र के दर्जनों गांवों की ग्राम सभाओं में प्रस्तावित परमाणु परियोजना के विरोध में प्रस्ताव पारित किए जाएंगे, तथा सरकार को स्पष्ट संदेश दिया जाएगा कि स्थानीय समुदाय अपनी जल, जंगल, जमीन और आजीविका पर किसी भी प्रकार का संकट स्वीकार नहीं करेगा। 17 अगस्त को विधायकों और सांसद को ज्ञापन सौंपे जाएंगे। कार्यक्रम में बलराम पटेल, सज्जे पटेल, प्रकाश साहू, सुरेश वर्मा, आत्माराम पटेल, छिंगा वर्मा, बाबु पटेल, जय ईवनाती, कमला बाई चंद्रवंशी, सुशीला उईके, सरिता यादव सहित किसान संघर्ष समिति के पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता, किसान, महिलाएं, युवा एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिक उपस्थित रहे।
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    भोपाल में होगी मध्यप्रदेश में प्रस्तावित 6 न्यूक्लियर प्लांटों के प्रभावितों की सुनवाई

*किसान संघर्ष समिति ने की जनसुनवाई*
*चौसरा परमाणु परियोजना को रद्द करने की मांग*
*सर्वोच्च न्यायालय द्वारा गठित 35 ग्रामों का तत्काल दौरा करे*
*सरकार कार्पोरेट हितों को प्राथमिकता दे रही है*
*- पूर्व न्यायाधीश कोलसे पाटिल*
भोपाल में होगी मध्यप्रदेश में प्रस्तावित 6 न्यूक्लियर प्लांटों के प्रभावितों की सुनवाई
छिंदवाड़ा जिले के चौसरा  गांव में प्रस्तावित परमाणु ऊर्जा संयंत्र परियोजना और भूमि उपयोग को लेकर चल रही चर्चाओं ने स्थानीय स्तर पर व्यापक ध्यान आकर्षित किया है तथा राजनीतिक बहस को जन्म दिया है। लगभग 750 एकड़ भूमि का अधिग्रहण कई वर्ष पहले अडानी समूह (पेंच थर्मल एनर्जी) की प्रस्तावित ताप विद्युत परियोजना के लिए किया गया था। बाद में इस स्थल का उपयोग संभावित परमाणु ऊर्जा संयंत्र परियोजना के लिए किए जाने संबंधी चर्चाएं सामने आईं, जिसके चलते भूमि अधिग्रहण के लंबे समय से लंबित मुद्दों, स्थानीय विरोध-प्रदर्शनों तथा क्षेत्रीय राजनीतिक नेताओं के बयानों ने इस विषय को और अधिक चर्चा का केंद्र बना दिया है।
इसी प्रस्तावित परमाणु परियोजना को लेकर 6 अगस्त, हिरोशिमा दिवस के अवसर पर किसान संघर्ष समिति के बैनर तले बारह बिरहारी (छिंदवाड़ा) में एक जनसुनवाई का आयोजन किया गया। इस जनसुनवाई में मुंबई हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति बी. जी. कोलसे पाटिल, पर्यावरणविद् सौम्य दत्ता, किसान संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक  डॉ. सुनीलम एवं प्रदेश अध्यक्ष एड आराधना भार्गव, जन स्वास्थ्य अभियान (इंडिया) के अमुल्य निधि, बरगी बांध विस्थापित एवं प्रभावित संघ के राजकुमार सिन्हा सहित क्षेत्र के सैकड़ों महिला-पुरुषों ने भाग लिया। उपस्थित लोगों ने एक स्वर में प्रस्तावित परमाणु परियोजना का विरोध करते हुए इसे तत्काल निरस्त किए जाने की मांग की।
राजकुमार सिन्हा ने मंडला जिले में प्रस्तावित चुटका परमाणु परियोजना के खिलाफ वर्ष 2009 से आदिवासियों द्वारा चलाए जा रहे संघर्ष, जनआंदोलन और कानूनी लड़ाई का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भोपाल गैस त्रासदी जैसी भयावह औद्योगिक दुर्घटना का दंश झेल चुके मध्यप्रदेश को इस प्रकार की खतरनाक परमाणु परियोजनाओं से दूर रहना चाहिए। विकास के नाम पर लोगों के जीवन, स्वास्थ्य और पर्यावरण को जोखिम में डालना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होना चाहिए।
पर्यावरणविद् सौम्य दत्ता ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं को अपेक्षित प्रोत्साहन नहीं मिल रहा है, जबकि भारत में निजी कंपनियां इस क्षेत्र को बढ़ावा देने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने कहा कि बिजली उत्पादन के लिए सौर ऊर्जा सहित अन्य नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत अधिक सुरक्षित, पर्यावरण-अनुकूल और टिकाऊ विकल्प हैं।
जन स्वास्थ्य अभियान (इंडिया) के अमुल्य निधि ने परमाणु विकिरण के कारण मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले संभावित दुष्प्रभावों की जानकारी देते हुए कहा कि ऐसी परियोजनाओं के दीर्घकालिक प्रभावों को गंभीरता से समझने और जनता के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने की आवश्यकता है।
पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति बी. जी. कोलसे पाटिल ने लोगों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता की सहमति और अधिकार सर्वोपरि होने चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार कार्पोरेट हितों को प्राथमिकता देते हुए निर्णय ले रही है।
डॉ. सुनीलम ने मध्यप्रदेश में प्रस्तावित सभी परमाणु परियोजनाओं को लेकर भोपाल में एक व्यापक राज्यस्तरीय जनसुनवाई आयोजित करने का सुझाव दिया, ताकि प्रभावित क्षेत्रों के लोगों की आवाज एक साझा मंच पर सामने आ सके और सरकार के समक्ष जनमत स्पष्ट रूप से रखा जा सके।
एड आराधना भार्गव ने कहा कि माचागोरा बांध विस्थापितों की समस्याएं आज भी पूरी तरह हल नहीं हो सकी हैं। ऐसे में प्रस्तावित परमाणु परियोजना इस पूरे क्षेत्र के लिए एक नया और विनाशकारी संकट लेकर आएगी। इसलिए इस परियोजना के खिलाफ जनआंदोलन को और अधिक व्यापक तथा मजबूत बनाया जाएगा।
जनसुनवाई में उपस्थित ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि 10 अगस्त को न्यूक्लियर पावर प्लांट निरस्त करने  और सुप्रीम कोर्ट की कमेटी के 35 ग्रामों के दौरे की मांग को लेकर जेल भरो आंदोलन किया जायेगा।
आगामी 15 अगस्त को क्षेत्र के दर्जनों गांवों की ग्राम सभाओं में प्रस्तावित परमाणु परियोजना के विरोध में प्रस्ताव पारित किए जाएंगे,  तथा सरकार को स्पष्ट संदेश दिया जाएगा कि स्थानीय समुदाय अपनी जल, जंगल, जमीन और आजीविका पर किसी भी प्रकार का संकट स्वीकार नहीं करेगा।
17 अगस्त को विधायकों और   सांसद को ज्ञापन सौंपे जाएंगे।
कार्यक्रम में बलराम पटेल, सज्जे पटेल, प्रकाश साहू, सुरेश वर्मा, आत्माराम पटेल, छिंगा वर्मा, बाबु पटेल, जय ईवनाती, कमला बाई चंद्रवंशी, सुशीला उईके, सरिता यादव  सहित किसान संघर्ष समिति के पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता, किसान, महिलाएं, युवा एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिक उपस्थित रहे।
    user_M. Afsar khan
    M. Afsar khan
    Local News Reporter Multai, Betul•
    15 hrs ago
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