आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर ताले, CHO की हड़ताल से ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित इको गार्डन में हजारों CHO का धरना जारी, तीन प्रमुख मांगों पर लिखित आदेश की मांग लखनऊ, 05 अक्टूबर। प्रदेश के विभिन्न जनपदों में संचालित आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में तैनात कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स (CHO) अपनी लंबित सेवा संबंधी मांगों को लेकर 28 सितंबर से हड़ताल पर हैं। एसोसिएशन ऑफ कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स उत्तर प्रदेश (ACHOUP) के अनुसार, हड़ताल के चलते ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर पहुंचने वाले मरीजों को उपचार एवं आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। CHO संगठन के बैनर तले प्रदेशभर के CHO राजधानी लखनऊ के इको गार्डन में धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। संगठन का दावा है कि प्रदेश के विभिन्न जनपदों से हजारों की संख्या में CHO धरने में शामिल होकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज उठा रहे हैं। संगठन का कहना है कि आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में CHO की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके बावजूद लंबे समय से उनकी सेवा संबंधी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं किया गया है। संगठन के मुताबिक, हड़ताल के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ रहा है और मरीजों को उपचार के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। तीन प्रमुख मांगों को लेकर आंदोलन कैडर निर्माण एवं नियमितीकरण का लिखित आदेश: CHO के लिए पृथक कैडर का निर्माण करते हुए नियमितीकरण के संबंध में स्पष्ट नीति लागू करने का लिखित आदेश जारी करने की मांग की गई है। PBI को मानदेय में मर्ज करने की मांग: संगठन ने PBI (Performance Based Incentive) को CHO के मासिक मानदेय में मर्ज करने तथा AB-HWC Operational Guideline के अनुरूप समान वेतन सुनिश्चित करने के संबंध में तत्काल लिखित आदेश जारी करने की मांग की है। ₹4,800 ग्रेड पे एवं सेवा लाभ: CHO को हरियाणा की तर्ज पर ₹4,800 ग्रेड पे के अनुरूप वेतनमान तथा अन्य सभी सेवा लाभ प्रदान किए जाने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई गई है। ACHOUP पदाधिकारियों का कहना है कि CHO लगातार ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। संगठन के अनुसार, वेतन, सेवा सुरक्षा और भविष्य को लेकर स्पष्ट नीति नहीं होने के कारण CHO में असंतोष है। संगठन ने शासन एवं संबंधित उच्चाधिकारियों से तीनों प्रमुख मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेते हुए लिखित शासनादेश अथवा आदेश जारी करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि स्पष्ट सेवा व्यवस्था होने से CHO की समस्याओं का समाधान होगा और प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का संचालन भी सुचारु रूप से सुनिश्चित किया जा सकेगा। यदि इसे आपके नाम से बाराबंकी/लखनऊ संस्करण
आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर ताले, CHO की हड़ताल से ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित इको गार्डन में हजारों CHO का धरना जारी, तीन प्रमुख मांगों पर लिखित आदेश की मांग लखनऊ, 05 अक्टूबर। प्रदेश के विभिन्न जनपदों में संचालित आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में तैनात कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स (CHO) अपनी लंबित सेवा संबंधी मांगों को लेकर 28 सितंबर से हड़ताल पर हैं। एसोसिएशन ऑफ कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स उत्तर प्रदेश (ACHOUP) के अनुसार, हड़ताल के चलते ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर पहुंचने वाले मरीजों को उपचार एवं आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। CHO संगठन के बैनर तले प्रदेशभर के CHO राजधानी लखनऊ के इको गार्डन में धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। संगठन का दावा है कि प्रदेश के विभिन्न जनपदों से हजारों की संख्या में CHO धरने में शामिल होकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज उठा रहे हैं। संगठन का कहना है कि आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में CHO की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके बावजूद लंबे समय से उनकी सेवा संबंधी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं किया गया है। संगठन के मुताबिक, हड़ताल के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ रहा है और मरीजों को उपचार के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। तीन प्रमुख मांगों को लेकर आंदोलन कैडर निर्माण एवं नियमितीकरण का लिखित आदेश: CHO के लिए पृथक कैडर का निर्माण करते हुए नियमितीकरण के संबंध में स्पष्ट नीति लागू करने का लिखित आदेश जारी करने की मांग की गई है। PBI को मानदेय में मर्ज करने की मांग: संगठन ने PBI (Performance Based Incentive) को CHO के मासिक मानदेय में मर्ज करने तथा AB-HWC Operational Guideline के अनुरूप समान वेतन सुनिश्चित करने के संबंध में तत्काल लिखित आदेश जारी करने की मांग की है। ₹4,800 ग्रेड पे एवं सेवा लाभ: CHO को हरियाणा की तर्ज पर ₹4,800 ग्रेड पे के अनुरूप वेतनमान तथा अन्य सभी सेवा लाभ प्रदान किए जाने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई गई है। ACHOUP पदाधिकारियों का कहना है कि CHO लगातार ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। संगठन के अनुसार, वेतन, सेवा सुरक्षा और भविष्य को लेकर स्पष्ट नीति नहीं होने के कारण CHO में असंतोष है। संगठन ने शासन एवं संबंधित उच्चाधिकारियों से तीनों प्रमुख मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेते हुए लिखित शासनादेश अथवा आदेश जारी करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि स्पष्ट सेवा व्यवस्था होने से CHO की समस्याओं का समाधान होगा और प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का संचालन भी सुचारु रूप से सुनिश्चित किया जा सकेगा। यदि इसे आपके नाम से बाराबंकी/लखनऊ संस्करण
- आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर ताले, CHO की हड़ताल से ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित इको गार्डन में हजारों CHO का धरना जारी, तीन प्रमुख मांगों पर लिखित आदेश की मांग लखनऊ, 05 अक्टूबर। प्रदेश के विभिन्न जनपदों में संचालित आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में तैनात कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स (CHO) अपनी लंबित सेवा संबंधी मांगों को लेकर 28 सितंबर से हड़ताल पर हैं। एसोसिएशन ऑफ कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स उत्तर प्रदेश (ACHOUP) के अनुसार, हड़ताल के चलते ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर पहुंचने वाले मरीजों को उपचार एवं आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। CHO संगठन के बैनर तले प्रदेशभर के CHO राजधानी लखनऊ के इको गार्डन में धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। संगठन का दावा है कि प्रदेश के विभिन्न जनपदों से हजारों की संख्या में CHO धरने में शामिल होकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज उठा रहे हैं। संगठन का कहना है कि आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में CHO की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके बावजूद लंबे समय से उनकी सेवा संबंधी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं किया गया है। संगठन के मुताबिक, हड़ताल के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ रहा है और मरीजों को उपचार के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। तीन प्रमुख मांगों को लेकर आंदोलन कैडर निर्माण एवं नियमितीकरण का लिखित आदेश: CHO के लिए पृथक कैडर का निर्माण करते हुए नियमितीकरण के संबंध में स्पष्ट नीति लागू करने का लिखित आदेश जारी करने की मांग की गई है। PBI को मानदेय में मर्ज करने की मांग: संगठन ने PBI (Performance Based Incentive) को CHO के मासिक मानदेय में मर्ज करने तथा AB-HWC Operational Guideline के अनुरूप समान वेतन सुनिश्चित करने के संबंध में तत्काल लिखित आदेश जारी करने की मांग की है। ₹4,800 ग्रेड पे एवं सेवा लाभ: CHO को हरियाणा की तर्ज पर ₹4,800 ग्रेड पे के अनुरूप वेतनमान तथा अन्य सभी सेवा लाभ प्रदान किए जाने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई गई है। ACHOUP पदाधिकारियों का कहना है कि CHO लगातार ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। संगठन के अनुसार, वेतन, सेवा सुरक्षा और भविष्य को लेकर स्पष्ट नीति नहीं होने के कारण CHO में असंतोष है। संगठन ने शासन एवं संबंधित उच्चाधिकारियों से तीनों प्रमुख मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेते हुए लिखित शासनादेश अथवा आदेश जारी करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि स्पष्ट सेवा व्यवस्था होने से CHO की समस्याओं का समाधान होगा और प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का संचालन भी सुचारु रूप से सुनिश्चित किया जा सकेगा। यदि इसे आपके नाम से बाराबंकी/लखनऊ संस्करण1
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- 'जब सरकार के जाने का वक्त...' SIR और BJP Government पर Akhilesh Yadav ने साधा निशाना1
- ग्राम खमोली पोस्ट रायबरेली थाना टिकाई नगर जिला बाराबंकी गुड मॉर्निंग जय श्री राम1
- करनैलगंज में सेवा संकल्प अभियान के तहत 'आंगन उत्सव' का आयोजन* *करनैलगंज में सेवा संकल्प अभियान के तहत 'आंगन उत्सव' का आयोजन* *गोंडा, ।* करनैलगंज में सेवा संकल्प अभियान के तहत ‘आंगन उत्सव’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे विधायक अजय सिंह ने महिलाओं को साड़ियां वितरित कीं और गर्भवती महिलाओं की गोद भराई की रस्म पूरी की। इस दौरान नवजात शिशुओं का अन्नप्राशन संस्कार किया गया, साथ ही स्वस्थ बच्चों को प्रमाणपत्र और पात्र लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड का वितरण किया गया। कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में राज्यसभा चुनाव पर विधायक अजय सिंह ने कहा कि एनडीए के सभी प्रत्याशियों की जीत होगी।1
- आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर ताले, CHO की हड़ताल से ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित इको गार्डन में हजारों CHO का धरना जारी, तीन प्रमुख मांगों पर लिखित आदेश की मांग लखनऊ, 05 अक्टूबर। प्रदेश के विभिन्न जनपदों में संचालित आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में तैनात कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स (CHO) अपनी लंबित सेवा संबंधी मांगों को लेकर 28 सितंबर से हड़ताल पर हैं। एसोसिएशन ऑफ कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स उत्तर प्रदेश (ACHOUP) के अनुसार, हड़ताल के चलते ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर पहुंचने वाले मरीजों को उपचार एवं आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। CHO संगठन के बैनर तले प्रदेशभर के CHO राजधानी लखनऊ के इको गार्डन में धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। संगठन का दावा है कि प्रदेश के विभिन्न जनपदों से हजारों की संख्या में CHO धरने में शामिल होकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज उठा रहे हैं। संगठन का कहना है कि आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में CHO की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके बावजूद लंबे समय से उनकी सेवा संबंधी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं किया गया है। संगठन के मुताबिक, हड़ताल के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ रहा है और मरीजों को उपचार के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। तीन प्रमुख मांगों को लेकर आंदोलन कैडर निर्माण एवं नियमितीकरण का लिखित आदेश: CHO के लिए पृथक कैडर का निर्माण करते हुए नियमितीकरण के संबंध में स्पष्ट नीति लागू करने का लिखित आदेश जारी करने की मांग की गई है। PBI को मानदेय में मर्ज करने की मांग: संगठन ने PBI (Performance Based Incentive) को CHO के मासिक मानदेय में मर्ज करने तथा AB-HWC Operational Guideline के अनुरूप समान वेतन सुनिश्चित करने के संबंध में तत्काल लिखित आदेश जारी करने की मांग की है। ₹4,800 ग्रेड पे एवं सेवा लाभ: CHO को हरियाणा की तर्ज पर ₹4,800 ग्रेड पे के अनुरूप वेतनमान तथा अन्य सभी सेवा लाभ प्रदान किए जाने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई गई है। ACHOUP पदाधिकारियों का कहना है कि CHO लगातार ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। संगठन के अनुसार, वेतन, सेवा सुरक्षा और भविष्य को लेकर स्पष्ट नीति नहीं होने के कारण CHO में असंतोष है। संगठन ने शासन एवं संबंधित उच्चाधिकारियों से तीनों प्रमुख मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेते हुए लिखित शासनादेश अथवा आदेश जारी करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि स्पष्ट सेवा व्यवस्था होने से CHO की समस्याओं का समाधान होगा और प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का संचालन भी सुचारु रूप से सुनिश्चित किया जा सकेगा। यदि इसे आपके नाम से बाराबंकी/लखनऊ संस्करण1
- किसान मसीहा चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत के जन्म दिवस की पूर्व संध्या पर बाराबंकी जनपद के किसानों ने अपने खेत की मेड़ पर एक दिया किसान मसीहा के नाम अभियान बाराबंकी भारतीय किसान यूनियन के संस्थापक किसान मसीहा चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत का कल 6 अक्टूबर को जन्मदिन है जन्मदिन की पूर्ण संध्या पर भारतीय किसान यूनियन के मंडल अध्यक्ष निसार मेहंदी ने किसानों से आवाहन किया था की जन्मदिन की पूर्व संध्या पर एक दिया किसान मसीहा के नाम अभियान चलाएं जिसके क्रम में बाराबंकी जनपद के जिला अध्यक्ष हौसला प्रसाद वर्मा के निर्देश पर बाराबंकी जनपद के गांव गांव किसानों ने अपने खेतों की मेल पर दिया जलाकर अपने किसान मसीहा को श्रद्धांजलि दी3
- नाली और दीवाल के विवाद में धारदार हथियार से प्रहार 4 घायल जिला बाराबंकी के ग्राम आगनपुर गांव में जमीनी विवाद को लेकर हुआ हुआ लफड़ा जिसमें रोशन लाल की पत्नी नाम फूलमती रोशन लाल की पुत्री नाम लीलावती और घर के पांच सदस्य हुए गंभीर रूप से घायल लीलावती के सर पर धारदार बंके से प्रहार किया गया और घर के सदस्यों को डंडे और लाठियां से पीटा गया जिसमें अपराधी बेचन लाल और उनके साथी उनका दामाद गोविंद जो की रहने वाला चक्मरपुर जिला बाराबंकी का है जिसने लीलावती के सर पर धारदार हथियार से वार किया और गंभीर रूप से घायल किया और महिलाओं को पीट कर मारकर धार-धार हथियार से घायल करके बेचैन गोविंद और उनके अन्य साथी घर से भाग गए और और जब पीड़ित घायल रूप में थाना टिकैतनगर पहुंचे तो Fir दर्ज की गई और पीड़ित की आगे कोई सुनवाई नहीं हुई मौके पर मौजूद परिजनों ने घायलों को अस्पताल में ले जाकर इलाज करवाया फिर टिकैतनगर सरकारी अस्पताल से रेफर करके जिला अस्पताल भेज दिया गया क्योंकि रोशन लाल की पत्नी फूलमती और रोशन लाल की पुत्री लीलावती के सर पर गंभीर चोट लगी हुई थी होश नहीं था जिला अस्पताल पहुंचने के बाद घायलों का इलाज जारी रखा गया पीड़ित का मांग यह है कि अपराधी को सख्त से सख्त सजा मिले और कार्यवाही की जाए1