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स्थानीय निवासियों के अनुसार, एक शौचालय का निर्माण हुए पाँच साल बीत चुके हैं, लेकिन अब तक उसमें दरवाजा नहीं लगाया गया है। इस कारण यहाँ के स्थानीय लोगों ने शौचालय पर कब्जा कर लिया है और इसमें अपना-अपना सामान रखते हैं।
Chhota done
स्थानीय निवासियों के अनुसार, एक शौचालय का निर्माण हुए पाँच साल बीत चुके हैं, लेकिन अब तक उसमें दरवाजा नहीं लगाया गया है। इस कारण यहाँ के स्थानीय लोगों ने शौचालय पर कब्जा कर लिया है और इसमें अपना-अपना सामान रखते हैं।
- Chhota doneमधेपुरा, मधेपुरा, बिहार🥳6 days ago
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- Chhota doneमधेपुरा, मधेपुरा, बिहार😍6 days ago
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More news from बिहार and nearby areas
- बिहार के मधेपुरा में शिक्षकों का आक्रोश अब सड़कों पर दिखाई दे रहा है। बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ ने अपनी लंबित मांगों को लेकर जिला मुख्यालय स्थित कला भवन परिसर में एक जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। शिक्षकों की प्रमुख मांगों में प्रोन्नति, ऐच्छिक स्थानांतरण और पिछले चार महीनों से रुका हुआ वेतन भुगतान शामिल है। उन्होंने सरकार और शिक्षा विभाग पर वादाखिलाफी का गंभीर आरोप लगाते हुए चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे मानसून सत्र के दौरान विधानसभा का घेराव करेंगे। इस प्रदर्शन में जिले के विभिन्न प्रखंडों से बड़ी संख्या में शिक्षकों ने भीषण गर्मी के बावजूद भाग लिया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन का नेतृत्व बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष भुवन कुमार ने किया। संघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप कुमार पप्पू ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चों को शिक्षित करने वाले शिक्षक ही आज सबसे अधिक उपेक्षा का शिकार हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नियोजित शिक्षकों को वर्षों से प्रोन्नति और ऐच्छिक स्थानांतरण के अधिकार से वंचित रखा गया है, जबकि नियमावली में इसके लिए स्पष्ट प्रावधान मौजूद हैं। पप्पू ने यह भी कहा कि चार महीने तक वेतन न मिलना शिक्षकों के साथ घोर अन्याय है और यह सरकार के दावों की पोल खोलता है। शिक्षक नेताओं ने अपनी मांगों में नियोजित, विशिष्ट शिक्षक, विद्यालय अध्यापक, प्रधान शिक्षक और प्रधानाध्यापक को पूर्ण वेतनमान और पुरानी पेंशन योजना का लाभ देने की बात कही। इसके साथ ही, हर महीने की पहली तारीख को वेतन भुगतान सुनिश्चित करने, लंबित एरियर भुगतान, ईपीएफ लाभ, कैशलेस चिकित्सा सुविधा, अनुकंपा नियुक्ति और सेवानिवृत्ति आयु को 65 वर्ष करने की मांगें भी उठाई गईं। संघ का कहना है कि विभागीय उदासीनता के कारण शिक्षक आर्थिक, मानसिक और शारीरिक परेशानियों का सामना कर रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान, नेताओं ने शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार का आरोप भी लगाया और सभी शिक्षक संगठनों से एकजुट होकर आंदोलन को मजबूत करने की अपील की। संघ ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। शिक्षक अब अपने अधिकारों के लिए निर्णायक लड़ाई लड़ने को तैयार हैं। फिलहाल, शिक्षकों की इस चेतावनी के बाद सरकार और शिक्षा विभाग का क्या रुख रहता है, इस पर सबकी निगाहें टिकी हैं।4
- सौर बाजार प्रखंड क्षेत्र के सहूरिया पश्चिमी पंचायत के सरकार भवन में मंगलवार को एक सहयोग शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में सभी विभागों के स्टॉल लगाए गए थे, जहाँ क्षेत्र के लोगों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर आवेदन प्रस्तुत किए। शिविर में मौजूद प्रभारी ने जानकारी दी कि सबसे अधिक मामले जमीन संबंधी थे, जिनमें छोटे-मोटे विवादों का मौके पर ही समाधान कर दिया गया। वहीं, कुछ अन्य मामलों की जाँच कर आगे की कार्रवाई करने की बात कही गई, जबकि जो आवेदक निर्णय से संतुष्ट नहीं हुए, उन्हें न्यायालय जाने का निर्देश दिया गया। इस सहयोग शिविर में किसानों का मुद्दा भी छाया रहा। कई किसानों ने शिकायत की कि उन्हें पिछले दो महीनों से किसी भी प्रकार का खाद नहीं मिल रहा है, जिसके कारण खेती-बाड़ी करने में उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने आरोप लगाया कि खाद दुकानदार मनमानी कीमत देने वाले लोगों को ही खाद बेच रहे हैं। शिविर में आने वाले लोगों को किसी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए पीने के शुद्ध पानी की भी व्यवस्था की गई थी। इस आयोजन में मुख्य रूप से सौर बाजार प्रखंड विकास पदाधिकारी आशा कुमारी, राजस्व अधिकारी तोषण कुमार, प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी बिन्दु कुमारी के साथ-साथ सौर बाजार थाना के पुलिस पदाधिकारी और सभी विभागों के कई अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।1
- har har Mahadev jay shree mahakal 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏1
- पटना में एक बड़ा धमाका सामने आया है, जहाँ खान सर के खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) से जांच की मांग उठाई गई है। एक वकील ने सनसनीखेज दावा किया है कि नेपाल में हुई एक हत्या की साजिश पटना स्थित एक कोचिंग इंस्टीट्यूट में रची गई थी। इस मामले में सीबीआई और ईडी से गहन जांच की आवश्यकता बताई जा रही है।1
- सुपौल जिले के पिपरा बाजार यामाहा गांव में बिजली की लगातार कटौती से ग्रामीण काफी परेशान हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि गांव में अक्सर बिजली कटी रहती है और इस संबंध में कई बार शिकायतें दर्ज कराई जा चुकी हैं, लेकिन इन शिकायतों पर कोई प्रतिक्रिया या कार्रवाई नहीं हो रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द इस समस्या पर ध्यान देने और गांव में बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग की है।1
- ढेरों पट्टी ईदगाह मैदान में मुहर्रम मेले की तैयारियां जोरों पर हैं, जिसमें विभिन्न आकर्षणों के साथ-साथ राम झूले भी देखने को मिलेंगे। यदि आप इस मेले में शामिल होने आ रहे हैं, तो ढेरों पट्टी रेलवे हॉल्ट को सर्च करने पर ईदगाह मैदान की सही लोकेशन आसानी से मिल जाएगी। यह जानकारी विशेष रूप से भैरवपट्टी ईदगाह मैदान में आयोजित होने वाले मुहर्रम मेले के संबंध में दी गई है। साथ ही, लोगों से 'रहमत् बरकत' नामक पेज को लाइक करने का भी आग्रह किया गया है।1
- Post by Paplesh kumar yadav1
- बेस्ट ऑफ डेंजर न्यूज चैनल और स्पर्श न्यूज़ की एक रिपोर्ट के अनुसार, सहरसा जंक्शन के पार्किंग क्षेत्र में आज भी नाबालिगों के साथ बदतमीज लोगों द्वारा जोर-जबरदस्ती और बदसलूकी की जाती है। इस गंभीर स्थिति के लिए जीआरपी (GRP) प्रशासन पर सीधा आरोप लगाया गया है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सहरसा में लगातार सामाजिक हानियाँ हो रही हैं, और जीआरपी प्रशासन इस दौरान "रंगरलिया" में अपना समय बिता रहा है और बिना काम किए वेतन ले रहा है। यह आरोप लगाया गया है कि सहरसा जंक्शन की सुरक्षा और स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त एएसआई जीआरपी मौजूद होने के बावजूद, वे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन नहीं कर रहे हैं। सहरसा प्रशासन से इस समस्या का तत्काल और स्थायी समाधान निकालने का निवेदन किया गया है।2