बहल स्थित ब्रह्माकुमारीज आश्रम के प्रांगण में 21 जून 2026 को 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पूरे उत्साह के साथ मनाया गया। सुबह 5:30 बजे से 7:00 बजे तक चले इस कार्यक्रम में लगभग 100 भाई-बहनों ने योग का लाभ लिया। अल-सुबह से ही लोगों का आश्रम पहुंचना शुरू हो गया था। कार्यक्रम का संचालन डॉ. सुरेन्द्र सांगवान एवं हंसराज गुलाटी द्वारा किया गया, जिन्होंने उपस्थित साधकों को विभिन्न योग क्रियाएं, आसन और प्राणायाम का अभ्यास कराया। योग सत्र के उपरांत, बहल केंद्र संचालिका राजयोगिनी बी.के. शकुंतला दीदी जी ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए राजयोग मेडिटेशन का गहन महत्व समझाया। उन्होंने सभी उपस्थितजनों को सामूहिक राजयोग अभ्यास भी कराया, जिससे प्रांगण में शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ। यह भी उल्लेखनीय है कि बहल स्थित ब्रह्माकुमारीज आश्रम में पिछले ढाई माह से, विश्व स्वास्थ्य दिवस 7 अप्रैल 2026 से, डॉ. सुरेन्द्र सांगवान के कुशल मार्गदर्शन में नियमित योग, प्राणायाम एवं राजयोग कार्यक्रम चलाया जा रहा है, जिससे स्थानीय नागरिकों को शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य का लाभ मिल रहा है। इस अवसर पर आश्रम द्वारा योग को जीवनशैली का हिस्सा बनाने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम के अंत में, सुशील केडिया, चानन मल गोयल, आजाद सिंह गागढ़वास, मनोज गोकुलपुरा, रवि इशरवालिया, जगन्नाथ मास्टर, पंकज चेहड कला, अशोक साबू, सागरमल केडिया, सुरेश गर्ग पातवानिया, सुशीला नर्स, सुनीता सांगवान, बबीता गर्ग, सुदेश जांगड़ा, अनीता और प्रेम सहित कई लोग उपस्थित रहे। सभी ने 'एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग' थीम को आत्मसात कर तन-मन को स्वस्थ रखने का संकल्प लिया।
बहल स्थित ब्रह्माकुमारीज आश्रम के प्रांगण में 21 जून 2026 को 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पूरे उत्साह के साथ मनाया गया। सुबह 5:30 बजे से 7:00 बजे तक चले इस कार्यक्रम में लगभग 100 भाई-बहनों ने योग का लाभ लिया। अल-सुबह से ही लोगों का आश्रम पहुंचना शुरू हो गया था। कार्यक्रम का संचालन डॉ. सुरेन्द्र सांगवान एवं हंसराज गुलाटी द्वारा किया गया, जिन्होंने उपस्थित साधकों को विभिन्न योग क्रियाएं, आसन और प्राणायाम का अभ्यास कराया। योग सत्र के उपरांत, बहल केंद्र संचालिका राजयोगिनी बी.के. शकुंतला दीदी जी ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए राजयोग मेडिटेशन का गहन महत्व समझाया। उन्होंने सभी उपस्थितजनों को सामूहिक राजयोग अभ्यास भी कराया, जिससे प्रांगण में शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ। यह भी उल्लेखनीय है कि बहल स्थित ब्रह्माकुमारीज आश्रम में पिछले ढाई माह से, विश्व स्वास्थ्य दिवस 7 अप्रैल 2026 से, डॉ. सुरेन्द्र सांगवान के कुशल मार्गदर्शन में नियमित योग, प्राणायाम एवं राजयोग कार्यक्रम चलाया जा रहा है, जिससे स्थानीय नागरिकों को शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य का लाभ मिल रहा है। इस अवसर पर आश्रम द्वारा योग को जीवनशैली का हिस्सा बनाने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम के अंत में, सुशील केडिया, चानन मल गोयल, आजाद सिंह गागढ़वास, मनोज गोकुलपुरा, रवि इशरवालिया, जगन्नाथ मास्टर, पंकज चेहड कला, अशोक साबू, सागरमल केडिया, सुरेश गर्ग पातवानिया, सुशीला नर्स, सुनीता सांगवान, बबीता गर्ग, सुदेश जांगड़ा, अनीता और प्रेम सहित कई लोग उपस्थित रहे। सभी ने 'एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग' थीम को आत्मसात कर तन-मन को स्वस्थ रखने का संकल्प लिया।
- भिवानी जिले में नीट (NEET) परीक्षा का आयोजन किया गया है। यह जानकारी सोशल मीडिया पर सामने आई, जिसमें इस महत्वपूर्ण परीक्षा के भिवानी में संपन्न होने की पुष्टि की गई।1
- हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा भिवानी पहुँचे हैं।1
- हजारों विद्यार्थियों के डॉक्टर बनने के सपने को साकार करने की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण पड़ाव पार हो गया, जब भिवानी में NEET-UG 2026 परीक्षा शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई। इस परीक्षा ने अनगिनत अभ्यर्थियों को उनके सुनहरे भविष्य की ओर एक कदम और करीब ला दिया है। परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था, सख्त जांच-पड़ताल और प्रशासन की सतर्क निगरानी के बीच सभी आवश्यक व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। किसी भी केंद्र से कोई अप्रिय घटना सामने नहीं आई। अब, इस महत्वपूर्ण परीक्षा में शामिल हुए लाखों विद्यार्थियों की निगाहें उत्सुकता से परिणामों पर टिकी हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि इस बार NEET का कटऑफ कितना रह सकता है।1
- भिवानी जिले में 21 जून को देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई। इस दौरान जिले के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर सुबह से ही हजारों अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों की भारी भीड़ देखी गई। प्रशासन द्वारा किए गए व्यापक सुरक्षा प्रबंधों और सख्त निगरानी के बीच हजारों विद्यार्थियों ने डॉक्टर बनने के अपने सपने की ओर एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया। परीक्षा केंद्रों में प्रवेश से पहले सभी अभ्यर्थियों की गहन जांच की गई, जिसमें बायोमेट्रिक सत्यापन, पहचान पत्रों की जांच और सुरक्षा उपकरणों के माध्यम से प्रत्येक अभ्यर्थी की कड़ी स्क्रीनिंग शामिल थी। परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की नकल या अव्यवस्था को रोकने के लिए प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह मुस्तैद रहे। जिला प्रशासन के अधिकारियों ने स्वयं विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अभ्यर्थियों और अभिभावकों ने केंद्रों पर पेयजल, बैठने की व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों पर संतोष व्यक्त किया। परीक्षा समाप्त होने के बाद छात्रों के चेहरों पर उत्साह और उम्मीद साफ दिखाई दी। कई अभ्यर्थियों ने बताया कि प्रश्नपत्र का स्तर संतुलित था, हालांकि कुछ विषयों में प्रश्न अपेक्षाकृत चुनौतीपूर्ण थे। अब लाखों विद्यार्थियों की निगाहें परीक्षा परिणाम और संभावित कटऑफ पर टिकी हुई हैं। NEET परीक्षा को मेडिकल क्षेत्र में प्रवेश का सबसे बड़ा द्वार माना जाता है, जिसमें हर वर्ष लाखों विद्यार्थी भाग लेते हैं। भिवानी में भी परीक्षा शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न होने पर प्रशासन ने राहत की सांस ली है, और सबकी नजरें अब नतीजों पर हैं।1
- भिवानी के देवसर धाम से मैया रानी के दिव्य दर्शन हुए हैं। इस अवसर पर भक्तों ने 'जय माता दी' का जयघोष किया, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय हो गया।1
- HPSC के पीड़ित अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों को लेकर पंचकूला में मुख्यमंत्री की प्रतीकात्मक शव यात्रा निकाली और उनका पुतला फूंका। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री मुर्दाबाद के नारे भी लगाए। अभ्यर्थियों का यह आंदोलन HPSC की कथित "छात्र विरोधी नीतियों" के खिलाफ काफी समय से चल रहा है, जिसे उन्होंने अब और तेज कर दिया है।1
- यह नए भारत की पहचान है, जहाँ योग को केवल एक अभ्यास नहीं बल्कि जीवन जीने के एक तरीके के रूप में अपनाया गया है।1
- भिवानी में 65 साल पुराने किरायेदारों के समर्थन में जनता का जबरदस्त आक्रोश देखने को मिल रहा है, जहाँ अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया गया है। प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री से इस मामले में न्याय की मांग कर रहे हैं। यह पूरा मामला एक जमीन विवाद से जुड़ा है, जिसने अब एक राजनीतिक रंग ले लिया है। इस दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और विश्व हिंदू परिषद (VHP) पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं, वहीं प्रशासन की भूमिका पर भी कई सवाल खड़े किए गए हैं। शहर में इस जमीन विवाद को लेकर चर्चा तेज हो गई है।1