यमुनानगर के रादौर में पक्का घाट स्थित श्री नागेश्वर धाम मंदिर के महंत दंडी स्वामी महेशाश्रम जी महाराज ने भगवान शिव की पवित्र कावड़ यात्रा के कार्यक्रम की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष पवित्र कावड़ यात्रा का शुभारंभ 30 जुलाई से होने जा रहा है, जो 11 अगस्त को सावन शिवरात्रि के पावन अवसर पर समाप्त होगी। इस यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु उत्तराखंड के हरिद्वार, गंगोत्री या गौमुख से पवित्र गंगाजल लेकर पैदल या वाहनों के माध्यम से अपने गृह क्षेत्रों में लौटते हैं और सावन शिवरात्रि पर भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं। महंत जी ने कावड़ यात्रा के कड़े नियमों की जानकारी देते हुए बताया कि कावड़ को हमेशा जमीन से ऊपर किसी साफ स्थान पर ही रखा जाना चाहिए। इसके साथ ही यात्रा के दौरान मांस, मदिरा और तंबाकू का सेवन पूरी तरह से वर्जित रहता है। उन्होंने पवित्र यात्रा की शुचिता बिगाड़ने वालों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि कुछ लोग इस अत्यंत पवित्र यात्रा को बदनाम करने के उद्देश्य से मांस, मदिरा व अन्य प्रकार के नशे करके हुड़दंग मचाने का काम करते हैं, जो कि बिल्कुल गलत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कावड़ यात्रा पूरी तरह श्रद्धा और भक्ति भाव की यात्रा है और इस दौरान किसी भी जीव की हत्या कर उसे अपना आहार बनाना सरासर गलत है।
यमुनानगर के रादौर में पक्का घाट स्थित श्री नागेश्वर धाम मंदिर के महंत दंडी स्वामी महेशाश्रम जी महाराज ने भगवान शिव की पवित्र कावड़ यात्रा के कार्यक्रम की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष पवित्र कावड़ यात्रा का शुभारंभ 30 जुलाई से होने जा रहा है, जो 11 अगस्त को सावन शिवरात्रि के पावन अवसर पर समाप्त होगी। इस यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु उत्तराखंड के हरिद्वार, गंगोत्री या गौमुख से पवित्र गंगाजल लेकर पैदल या वाहनों के माध्यम से अपने गृह क्षेत्रों में लौटते हैं और सावन शिवरात्रि पर भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं। महंत जी ने कावड़ यात्रा के कड़े नियमों की जानकारी देते हुए बताया कि कावड़ को हमेशा जमीन से ऊपर किसी साफ स्थान पर ही रखा जाना चाहिए। इसके साथ ही यात्रा के दौरान मांस, मदिरा और तंबाकू का सेवन पूरी तरह से वर्जित रहता है। उन्होंने पवित्र यात्रा की शुचिता बिगाड़ने वालों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि कुछ लोग इस अत्यंत पवित्र यात्रा को बदनाम करने के उद्देश्य से मांस, मदिरा व अन्य प्रकार के नशे करके हुड़दंग मचाने का काम करते हैं, जो कि बिल्कुल गलत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कावड़ यात्रा पूरी तरह श्रद्धा और भक्ति भाव की यात्रा है और इस दौरान किसी भी जीव की हत्या कर उसे अपना आहार बनाना सरासर गलत है।
- करनाल के इंद्री हल्के के गांव जोहड़माजरा स्थित अरावली क्रॉप साइंस लिमिटेड पेस्टीसाइड फैक्ट्री को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि फैक्ट्री संचालक आमजन की सुरक्षा को खतरे में डालकर इसका संचालन कर रहा है। बीती 10 जुलाई को दमकल विभाग ने फैक्ट्री को फायर सेफ्टी लाइसेंस न होने की एवज में नोटिस जारी कर 30 दिनों के भीतर फायर एनओसी अप्लाई करने का समय दिया है। निर्धारित अवधि पूरी होने पर फैक्ट्री को सील करने की चेतावनी दी गई है। वहीं, फैक्ट्री से निकलने वाले दूषित पानी को लेकर भी ग्रामीण बीते रविवार से प्रदर्शन कर रहे हैं। दमकल विभाग का नोटिस सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। ग्रामीण कर्मजीत सिंह और सर्वजीत सिंह ने एसडीएम रमन गुप्ता की जांच पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि एसडीएम ने जांच के बाद फैक्ट्री में फायर के सभी मानक पूरे होने की बात कही थी, जबकि फैक्ट्री पिछले 4 वर्षों से बिना फायर एनओसी के चल रही है। ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारियों ने जांच में केवल लीपापोती की है और अधिकारियों की मिलीभगत के कारण ही नियमानुसार कार्रवाई करने के बजाय फैक्ट्री संचालक को एक महीने का अतिरिक्त समय दिया गया है। ग्रामीण सतीश कुमार ने मेरठ रोड स्थित श्री राम फैक्ट्री में एक सप्ताह पहले हुई आगजनी का हवाला देते हुए बताया कि वह फैक्ट्री भी करीब 17 वर्षों से बिना फायर एनओसी के चल रही थी, जिससे विभाग की बड़ी लापरवाही उजागर होती है। इस मामले में अधिवक्ता राजेश का कहना है कि फायर एनओसी न होने पर संस्थान को सील करने, भारी जुर्माना लगाने और जनता की सुरक्षा खतरे में डालने पर एफआईआर तक दर्ज करने का प्रावधान है। दमकल विभाग के नोटिस में चेतावनी दी गई है कि यदि फैक्ट्री के पास एनओसी है तो उसे 15 दिनों में पेश करें, अन्यथा 30 दिनों में अप्लाई करें, नहीं तो कारावास और जुर्माना लगाया जाएगा। ग्रामीण सुखविंद्र सिंह, परमजीत सिंह, हरजिंद्र सिंह और मंदीप सिंह आदि का कहना है कि उन्होंने प्रदूषण की शिकायत एसडीएम को सौंपी थी, लेकिन कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि वे आगामी सप्ताह में डीसी करनाल और मुख्यमंत्री से मुलाकात कर फैक्ट्री को बंद करने की मांग करेंगे और इसके लिए आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।2
- सहारनपुर के गंगोह थाने पर भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने धरना दिया है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि पिछले 5 महीने पहले आबिद उर्फ बॉबी की एक सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी, लेकिन पुलिस अभी तक इस मामले में कोई भी पता नहीं लगा पाई है। भाकियू ने प्रशासन से निवेदन किया है कि बॉबी के केस को तुरंत व जल्द से जल्द खोला जाए और क्षेत्र में सक्रिय स्मैक तस्करों को भी जल्द से जल्द पकड़ा जाए। धरने के दौरान 'भारतीय किसान यूनियन जिंदाबाद' के नारे भी बुलंद किए गए।1
- Post by Ankur Saini1
- देश बचाओ मोर्चे के आह्वान पर भारतीय किसान यूनियन शहीद भगतसिंह द्वारा आगामी 15 जुलाई को मुलाना में एक विशाल मोटरसाइकिल मार्च निकाला जाएगा।1
- यमुनानगर में रोटेरियन अभिषेक दत्ता ने वर्ष 2026-27 के लिए रोटरी क्लब यमुनानगर के अध्यक्ष पद की शपथ ग्रहण की है। इस पदस्थापना समारोह में डीजीपी आलोक मित्तल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस समारोह में विशिष्ट अतिथियों के रूप में मोहित हांडा (आईपीएस, एसपी विजिलेंस), कमलदीप गोयल (एसपी, यमुनानगर), नवीन आहूजा (एडीसी), आदित्येंद्र सिंह (डीईटीसी), कपिल गुप्ता, रामनिवास गर्ग और डॉ. आई.के. पंडित उपस्थित रहे। इनके अलावा कार्यक्रम में कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं शहर के गणमान्य नागरिक भी मौजूद रहे।1
- सहारनपुर के गंगोह कस्बे में पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने के उद्देश्य से मोमिन वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा नगर के विभिन्न स्थानों पर वृक्षारोपण अभियान चलाया गया। संस्था के सदस्य फरहत ने बताया कि मोमिन वेलफेयर एसोसिएशन का लक्ष्य पूरे नगर में 100 पौधे लगाने का है। उन्होंने कहा कि बढ़ते प्रदूषण और घटते हरित क्षेत्र को देखते हुए वृक्षारोपण समय की आवश्यकता है। इस अभियान के दौरान मोहम्मद आसिफ, आजम जहीर, सूफियान, वासिल खान, संजय और मुस्तकीम चौधरी मौजूद रहे।4
- सहारनपुर के गंगोह में लगातार हो रही बारिश के कारण बुड्ढाखेड़ा से यमुना घाट जाने वाला मार्ग पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। सड़क टूटने के कारण आवागमन ठप हो गया है और वहां बनाया गया वैकल्पिक रास्ता भी बह गया है। इस वजह से सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद हो गई है, जिससे ग्रामीणों को मुख्य सड़क तक पहुंचने के लिए करीब चार किलोमीटर पैदल चलने पर मजबूर होना पड़ रहा है। सड़क मार्ग के इस हाल से किसानों, स्कूली बच्चों और मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस विकट स्थिति से परेशान ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) से जल्द से जल्द सड़क की मरम्मत कराकर आवागमन बहाल करने की मांग की है। इस संबंध में पीडब्ल्यूडी की जेई मीनाक्षी श्रीवास्तव ने कहा है कि जल्द ही क्षतिग्रस्त मार्ग का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।1