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ललितपुर में दर्दनाक सड़क हादसा, ग्राम रजवारा तालाब के पास बस की टक्कर से पिसनारी निवासी मेडिकल कॉलेज के संविदा एंबुलेंस ड्राइवर भूपेंद्र परिहार की मौके पर मौत, पुलिस ने बस को कब्जे में लिया, परिवार में मचा कोहराम ललितपुर में मंगलवार दोपहर एक दर्दनाक सड़क हादसे में मेडिकल कॉलेज के संविदा एंबुलेंस ड्राइवर भूपेंद्र परिहार की मौत हो गई। पिसनारी निवासी भूपेंद्र परिहार बाइक से ग्राम राजवारा से ललितपुर लौट रहे थे। इसी दौरान राजवारा तालाब के पास ललितपुर से बानपुर जा रही स्लीपर कोच बस ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि भूपेंद्र ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे की सूचना मिलते ही सदर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस ने बस को भी कब्जे में ले लिया है। परिजनों के मुताबिक भूपेंद्र सोमवार रात मेडिकल कॉलेज में नाइट ड्यूटी पर थे। मंगलवार सुबह ड्यूटी खत्म होने के बाद वे किसी काम से राजवारा गए थे। हादसे में उनकी मौत की खबर से परिवार में मातम छा गया। पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।

1 hr ago
user_Akhilesh sahu
Akhilesh sahu
Court reporter महरौनी, ललितपुर, उत्तर प्रदेश•
1 hr ago

ललितपुर में दर्दनाक सड़क हादसा, ग्राम रजवारा तालाब के पास बस की टक्कर से पिसनारी निवासी मेडिकल कॉलेज के संविदा एंबुलेंस ड्राइवर भूपेंद्र परिहार की मौके पर मौत, पुलिस ने बस को कब्जे में लिया, परिवार में मचा कोहराम ललितपुर में मंगलवार दोपहर एक दर्दनाक सड़क हादसे में मेडिकल कॉलेज के संविदा एंबुलेंस ड्राइवर भूपेंद्र परिहार की मौत हो गई। पिसनारी निवासी भूपेंद्र परिहार बाइक से ग्राम राजवारा से ललितपुर लौट रहे थे। इसी दौरान राजवारा तालाब के पास ललितपुर से बानपुर जा रही स्लीपर कोच बस ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि भूपेंद्र ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे की सूचना मिलते ही सदर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस ने बस को भी कब्जे में ले लिया है। परिजनों के मुताबिक भूपेंद्र सोमवार रात मेडिकल कॉलेज में नाइट ड्यूटी पर थे। मंगलवार सुबह ड्यूटी खत्म होने के बाद वे किसी काम से राजवारा गए थे। हादसे में उनकी मौत की खबर से परिवार में मातम छा गया। पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।

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  • ललितपुर में दर्दनाक सड़क हादसा, ग्राम रजवारा तालाब के पास बस की टक्कर से पिसनारी निवासी मेडिकल कॉलेज के संविदा एंबुलेंस ड्राइवर भूपेंद्र परिहार की मौके पर मौत, पुलिस ने बस को कब्जे में लिया, परिवार में मचा कोहराम ललितपुर में मंगलवार दोपहर एक दर्दनाक सड़क हादसे में मेडिकल कॉलेज के संविदा एंबुलेंस ड्राइवर भूपेंद्र परिहार की मौत हो गई। पिसनारी निवासी भूपेंद्र परिहार बाइक से ग्राम राजवारा से ललितपुर लौट रहे थे। इसी दौरान राजवारा तालाब के पास ललितपुर से बानपुर जा रही स्लीपर कोच बस ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि भूपेंद्र ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे की सूचना मिलते ही सदर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस ने बस को भी कब्जे में ले लिया है। परिजनों के मुताबिक भूपेंद्र सोमवार रात मेडिकल कॉलेज में नाइट ड्यूटी पर थे। मंगलवार सुबह ड्यूटी खत्म होने के बाद वे किसी काम से राजवारा गए थे। हादसे में उनकी मौत की खबर से परिवार में मातम छा गया। पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।
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    ललितपुर में दर्दनाक सड़क हादसा, ग्राम रजवारा तालाब के पास बस की टक्कर से पिसनारी निवासी मेडिकल कॉलेज के संविदा एंबुलेंस ड्राइवर भूपेंद्र परिहार की मौके पर मौत, पुलिस ने बस को कब्जे में लिया, परिवार में मचा कोहराम


ललितपुर में मंगलवार दोपहर एक दर्दनाक सड़क हादसे में मेडिकल कॉलेज के संविदा एंबुलेंस ड्राइवर भूपेंद्र परिहार की मौत हो गई।
पिसनारी निवासी भूपेंद्र परिहार बाइक से ग्राम राजवारा से ललितपुर लौट रहे थे। इसी दौरान राजवारा तालाब के पास ललितपुर से बानपुर जा रही स्लीपर कोच बस ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी भीषण थी कि भूपेंद्र ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे की सूचना मिलते ही सदर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस ने बस को भी कब्जे में ले लिया है।
परिजनों के मुताबिक भूपेंद्र सोमवार रात मेडिकल कॉलेज में नाइट ड्यूटी पर थे। मंगलवार सुबह ड्यूटी खत्म होने के बाद वे किसी काम से राजवारा गए थे। हादसे में उनकी मौत की खबर से परिवार में मातम छा गया। पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।
    user_Akhilesh sahu
    Akhilesh sahu
    Court reporter महरौनी, ललितपुर, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • टीकमगढ़ चेयरमैन पप्पू मालिक को कोर्ट से मिली स्टे, बने रहेंगे नगर पालिका अध्यक्ष पड़ोसी राज्य के टीकमगढ़ नगर के पालिका अध्यक्ष अब्दुल सत्तार उर्फ पप्पू मालिक को न्यायालय द्वारा बड़ी राहत मिली है। पप्पू मालिक को नगर पालिका अध्यक्ष के पद से हटाए जाने के प्रयासों पर कोर्ट द्वारा स्थगनादेश जारी कर पानी फेर दिया। क्या था पूरा मामला,कोर्ट ने क्या दिया आदेश, देखिए पप्पू मलिक की जुबानी...।
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    टीकमगढ़ चेयरमैन पप्पू मालिक को कोर्ट से मिली स्टे, बने रहेंगे नगर पालिका अध्यक्ष
पड़ोसी राज्य के टीकमगढ़ नगर के पालिका अध्यक्ष अब्दुल सत्तार उर्फ पप्पू मालिक को न्यायालय द्वारा बड़ी राहत मिली है। पप्पू मालिक को नगर पालिका अध्यक्ष के पद से हटाए जाने के प्रयासों पर कोर्ट द्वारा स्थगनादेश जारी कर पानी फेर दिया। क्या था पूरा मामला,कोर्ट ने क्या दिया आदेश, देखिए पप्पू मलिक की जुबानी...।
    user_इमरान ख़ान, मड़ावरा
    इमरान ख़ान, मड़ावरा
    Media house मड़ावरा, ललितपुर, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • ब्रेकिंग न्यूज़ मध्य प्रदेश एक्सप्रेस न्यूज़ लाइव टीकमगढ़ कल मैंने कहा था कि सरकारें एक-दूसरे से आगे निकलने की कोशिश कर रही हैं कि कौन कमजोर वर्गों का कितना ज्यादा उत्पीड़न कर सकता है। लेकिन अब अधिकारी भी एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ में हैं कि कौन अपनी सरकार को कितना खुश कर सकता है। कोई सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन कर रहा है, कोई संविधान की मूल भावना का उल्लंघन कर रहा है और कोई न्याय की पूरी संरचना को ही कमजोर करने की कोशिश कर रहा है। चारों तरफ जिस तरह का वातावरण उत्तर प्रदेश, बंगाल, असम और उत्तराखंड में देखने को मिल रहा है, वह बेहद चिंताजनक है। और जो लोग आज सत्ता में हैं, उन्हें पता नहीं क्यों लगता है कि वे हमेशा सत्ता में रहेंगे। उन्हें याद रखना चाहिए-कल भी न्यायपालिका रहेगी, कल भी मीडिया रहेगा, कल भी यही अधिकारी रहेंगे और कल भी ये फाइलें सामने आएंगी। जब न्याय होगा, तब उन फाइलों को भी देखा जाएगा और उन फैसलों को भी देखा जाएगा। नगीना सांसद, भाई चंद्र शेखर आजाद जी, सहारनपुर
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    ब्रेकिंग न्यूज़ मध्य प्रदेश एक्सप्रेस न्यूज़ लाइव टीकमगढ़
कल मैंने कहा था कि सरकारें
एक-दूसरे से आगे निकलने की कोशिश कर रही हैं कि कौन कमजोर वर्गों का कितना ज्यादा उत्पीड़न कर सकता है।
लेकिन अब अधिकारी भी एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ में हैं कि कौन अपनी सरकार को कितना खुश कर सकता है।
कोई सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन कर रहा है, कोई संविधान की मूल भावना का उल्लंघन कर रहा है और कोई न्याय की पूरी संरचना को ही कमजोर करने की कोशिश कर रहा है।
चारों तरफ जिस तरह का वातावरण उत्तर प्रदेश, बंगाल, असम और उत्तराखंड में देखने को मिल रहा है, वह बेहद चिंताजनक है।
और जो लोग आज सत्ता में हैं, उन्हें पता नहीं क्यों लगता है कि वे हमेशा सत्ता में रहेंगे। उन्हें याद रखना चाहिए-कल भी न्यायपालिका रहेगी, कल भी मीडिया रहेगा, कल भी यही अधिकारी रहेंगे और कल भी ये फाइलें सामने आएंगी।
जब न्याय होगा, तब उन फाइलों को भी देखा जाएगा और उन फैसलों को भी देखा जाएगा।
नगीना सांसद, भाई चंद्र शेखर आजाद जी, सहारनपुर
    user_मध्य प्रदेश एक्सप्रेस न्यूज़
    मध्य प्रदेश एक्सप्रेस न्यूज़
    TV News Anchor टीकमगढ़, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • *टीकमगढ़।* नगर पालिका अध्यक्ष अब्दुल गफ्फार को जबलपुर हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने नगरीय प्रशासन विभाग के हटाने के आदेश पर रोक लगा दी है। *अब्दुल गफ्फार को हाईकोर्ट से राहत, फिर संभाला अध्यक्ष पद* *टीकमगढ़।* नगर पालिका अध्यक्ष अब्दुल गफ्फार को जबलपुर हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने नगरीय प्रशासन विभाग के हटाने के आदेश पर रोक लगा दी है। अब्दुल गफ्फार को 7 अप्रैल 2026 को वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में नगरीय प्रशासन विभाग भोपाल ने पद से हटा दिया था। करीब पांच महीने बाद रोक लगते ही आज वे नगर पालिका कार्यालय पहुंचे और पदभार संभाल लिया। उन्होंने कहा कि उन्हें कोर्ट पर पूरा भरोसा है। हाईकोर्ट ने आदेश के अमल पर अगली सुनवाई तक रोक लगाते हुए राज्य सरकार को निर्देश दिया कि अब्दुल गफ्फार को अध्यक्ष पद पर काम करने दिया जाए। कोर्ट ने कहा कि निर्वाचित अध्यक्ष को हटाना गंभीर कदम है, सभी तथ्यों पर विचार जरूरी है। अदालत ने राज्य सरकार से विस्तृत जवाब मांगा है और अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद तय की है। आदेश के बाद नगर पालिका की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
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    *टीकमगढ़।* नगर पालिका अध्यक्ष अब्दुल गफ्फार को जबलपुर हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने नगरीय प्रशासन विभाग के हटाने के आदेश पर रोक लगा दी है।

*अब्दुल गफ्फार को हाईकोर्ट से राहत, फिर संभाला अध्यक्ष पद*
*टीकमगढ़।* नगर पालिका अध्यक्ष अब्दुल गफ्फार को जबलपुर हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने नगरीय प्रशासन विभाग के हटाने के आदेश पर रोक लगा दी है।
अब्दुल गफ्फार को 7 अप्रैल 2026 को वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में नगरीय प्रशासन विभाग भोपाल ने पद से हटा दिया था। करीब पांच महीने बाद रोक लगते ही आज वे नगर पालिका कार्यालय पहुंचे और पदभार संभाल लिया। उन्होंने कहा कि उन्हें कोर्ट पर पूरा भरोसा है।
हाईकोर्ट ने आदेश के अमल पर अगली सुनवाई तक रोक लगाते हुए राज्य सरकार को निर्देश दिया कि अब्दुल गफ्फार को अध्यक्ष पद पर काम करने दिया जाए। कोर्ट ने कहा कि निर्वाचित अध्यक्ष को हटाना गंभीर कदम है, सभी तथ्यों पर विचार जरूरी है।
अदालत ने राज्य सरकार से विस्तृत जवाब मांगा है और अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद तय की है। आदेश के बाद नगर पालिका की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
    user_Jamil khan
    Jamil khan
    Photographer टीकमगढ़, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • फर्जी ऐप से शेयर बाजार में करोड़ों की साइबर ठगी का बड़ा खुलासा,मास्टरमाइंड समेत 13 गिरफ्तार ललितपुर साइबर क्राइम पुलिस ने इंदौर में दबोचा अंतरराज्यीय गिरोह 6,357 संभावित पीड़ितों का डाटा और करीब 600 म्यूल बैंक खातों का सुराग 31 मोबाइल फोन, 7 आईफोन, 18 कंप्यूटर, लैपटॉप, वाई-फाई राउटर समेत थार और ब्रेजा कार बरामद फर्जी ऐप से शेयर बाजार में करोड़ों की साइबर ठगी का बड़ा खुलासा,मास्टरमाइंड समेत 13 गिरफ्तार ललितपुर साइबर क्राइम पुलिस ने इंदौर में दबोचा अंतरराज्यीय गिरोह 6,357 संभावित पीड़ितों का डाटा और करीब 600 म्यूल बैंक खातों का सुराग 31 मोबाइल फोन, 7 आईफोन, 18 कंप्यूटर, लैपटॉप, वाई-फाई राउटर समेत थार और ब्रेजा कार बरामद इन्द्रपाल सिंह'प्रिइन्द्र' ललितपुर। शेयर बाजार में निवेश कर कुछ ही समय में रकम कई गुना करने का लालच देकर लोगों से करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का ललितपुर साइबर क्राइम पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह के कथित मास्टरमाइंड समेत 13 अभियुक्तों को मध्य प्रदेश के इंदौर जनपद से गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी फर्जी “Nokia Securities” नामक एप्लीकेशन और वेबसाइट के माध्यम से लोगों को शेयर ट्रेडिंग तथा स्टॉक मार्केट में निवेश के नाम पर अपने जाल में फंसाते थे। पुलिस की कार्रवाई में साइबर ठगी में प्रयुक्त 31 एंड्रॉयड एवं की-पैड मोबाइल फोन, 7 एप्पल आईफोन, 18 डेस्कटॉप कंप्यूटर, 18 मॉनिटर, 18 सीपीयू, 17 की-बोर्ड, एक लैपटॉप, दो जियो वाई-फाई राउटर सहित अन्य डिजिटल एवं इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए हैं। इसके अलावा पुलिस ने एक महिंद्रा थार और एक ब्रेजा कार भी बरामद की है। पुलिस की प्रारंभिक डिजिटल जांच में आरोपियों के पास से लगभग 6,357 संभावित पीड़ितों से संबंधित डाटा मिलने की बात सामने आई है। वहीं जांच में करीब 600 म्यूल बैंक खातों का भी पता चला है, जिनका कथित तौर पर ठगी की रकम को एकत्र करने और आगे स्थानांतरित करने में इस्तेमाल किया जाता था। 70 हजार रुपये की ठगी की शिकायत से खुली गिरोह की परतें पुलिस के अनुसार साइबर क्राइम थाना ललितपुर में एक पीड़ित ने शिकायत दर्ज कराई थी कि साइबर अपराधियों ने शेयर मार्केट में अधिक लाभ दिलाने का झांसा देकर उसे “Nokia Securities” नामक ऐप डाउनलोड कराया और इसके माध्यम से उससे 70 हजार रुपये की धोखाधड़ी कर ली। शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम थाना ललितपुर में धारा 318(4), 61(2) बीएनएस एवं 66-D आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने मामले की तकनीकी और डिजिटल स्तर पर गहन जांच शुरू की। जांच आगे बढ़ी तो मामला एक स्थानीय साइबर ठगी तक सीमित न रहकर अंतरराज्यीय स्तर पर संचालित संगठित गिरोह तक पहुंच गया। फर्जी ऐप पर दिखाते थे लाखों का मुनाफा पुलिस के मुताबिक गिरोह का तरीका बेहद सुनियोजित था। आरोपी पहले लोगों से मोबाइल फोन अथवा व्हाट्सऐप के माध्यम से संपर्क करते थे। खुद को शेयर बाजार विशेषज्ञ, एडवाइजर, हेड अथवा असिस्टेंट एडवाइजर बताकर पीड़ितों को निवेश के लिए तैयार किया जाता था। पीड़ितों को विश्वास दिलाने के लिए फर्जी वेबसाइट और ऐप पर उनके द्वारा निवेश की गई रकम के साथ-साथ कथित मुनाफे की रकम भी बढ़ी हुई दिखाई जाती थी। स्क्रीन पर रकम बढ़ती देखकर पीड़ितों को लगता था कि उनका निवेश वास्तव में लाभ दे रहा है। इसके बाद उन्हें और अधिक धन निवेश करने के लिए प्रेरित किया जाता था। जब पीड़ित फर्जी ऐप अथवा वेबसाइट पर दिखाई जा रही रकम को निकालने का प्रयास करता था, तब ठगी का दूसरा चरण शुरू होता था। आरोपियों द्वारा टैक्स, प्रोसेसिंग फीस, निकासी शुल्क अथवा अन्य शुल्क के नाम पर अतिरिक्त रकम जमा करने के लिए कहा जाता था। इस तरह पीड़ित से बार-बार रकम जमा कराई जाती थी। कॉलिंग से लेकर बैंक खातों तक अलग-अलग टीम जांच में सामने आया कि गिरोह में अलग-अलग सदस्यों को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई थीं। कुछ आरोपी फर्जी वेबसाइट और ऐप की तकनीकी व्यवस्था संभालते थे, जबकि कुछ लोग कॉल सेंटर के माध्यम से संभावित पीड़ितों से संपर्क करते थे। कॉलिंग करने वाले सदस्य लोगों को शेयर बाजार में भारी मुनाफे का लालच देकर अपने विश्वास में लेते थे। इसके बाद पीड़ित की जानकारी गिरोह के दूसरे सदस्यों तक पहुंचाई जाती थी। ये सदस्य पीड़ितों को अलग-अलग बैंक खातों में रकम जमा कराने के निर्देश देते थे। पुलिस के अनुसार गिरोह द्वारा फर्जी सिम कार्ड और अलग-अलग बैंक खातों का इस्तेमाल किया जाता था। आरोप है कि कुछ सिम और बैंक खाते ऐसे व्यक्तियों के नाम पर थे, जो कथित तौर पर गिरोह के वास्तविक सदस्यों से अलग थे। इससे साइबर ठगी की रकम का वास्तविक लाभार्थी और संचालन करने वाले लोगों तक पहुंचना कठिन हो जाता था। लगभग 600 म्यूल बैंक खातों का सुराग प्रारंभिक जांच में पुलिस को लगभग 600 म्यूल बैंक खातों का पता चला है। इन खातों में कथित तौर पर साइबर ठगी की रकम जमा कराई जाती थी। इसके बाद रकम को अलग-अलग माध्यमों से इधर-उधर किया जाता था। पुलिस के अनुसार ठगी की रकम को डिजिटल करेंसी और अन्य माध्यमों के जरिए घुमाकर उसका वास्तविक स्रोत छिपाने का प्रयास किया जाता था। जांच एजेंसियां अब इन खातों के जरिए हुए वित्तीय लेनदेन की पड़ताल कर रही हैं और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि गिरोह ने कुल कितनी धनराशि की ठगी की है। ललितपुर में 11 लाख की ठगी का भी कनेक्शन पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार गिरोह द्वारा वर्ष 2025 में ललितपुर जनपद में एक व्यक्ति से शेयर मार्केट में निवेश कर अधिक लाभ दिलाने का लालच देकर करीब 11 लाख रुपये की ठगी की गई थी। इस मामले में साइबर क्राइम थाना ललितपुर में मु0अ0सं0 26/2025 दर्ज है। इसके अतिरिक्त आरोपियों के खिलाफ अन्य राज्यों में भी मुकदमे दर्ज होने की जानकारी पुलिस को मिली है। संबंधित मामलों का सत्यापन और विस्तृत जानकारी जुटाने का कार्य जारी है। वहीं आरोपियों के विरुद्ध मु0अ0सं0 333/2025, थाना शुजालपुर मंडी, जनपद शाजापुर, मध्य प्रदेश में भी अभियोग पंजीकृत होना पुलिस जांच में प्रकाश में आया है। 6,357 संभावित पीड़ितों का डाटा मिलने से बढ़ी जांच की गंभीरता पुलिस की डिजिटल जांच में करीब 6,357 संभावित पीड़ितों से संबंधित डाटा मिलने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में पुलिस को आशंका है कि गिरोह का नेटवर्क केवल ललितपुर या उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके तार कई राज्यों तक फैले हो सकते हैं। बरामद कंप्यूटर, मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच के जरिए पुलिस गिरोह के संपर्क में रहे लोगों, संभावित पीड़ितों, बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, वेबसाइट संचालन तथा वित्तीय लेनदेन से जुड़े अन्य सुराग जुटा रही है। पूछताछ में आरोपियों ने बताई गिरोह की कार्यप्रणाली पुलिस के मुताबिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे आपस में मिलकर फर्जी वेबसाइट और ऐप तैयार कराकर उनका संचालन करते थे। लोगों को मोबाइल फोन के माध्यम से संपर्क कर शेयर बाजार में कई गुना लाभ का लालच दिया जाता था। गिरोह में तकनीकी कार्य, कॉलिंग, फर्जी सिम की व्यवस्था, बैंक खातों का प्रबंधन और ठगी की रकम को इधर-उधर करने के लिए अलग-अलग लोगों को जिम्मेदारी दी गई थी। आरोपी कथित तौर पर ग्राहकों का विश्वास जीतने के लिए फर्जी स्क्रीनशॉट, फर्जी बैलेंस और फर्जी लेजर का इस्तेमाल करते थे। पीड़ितों को ऐप पर लगातार मुनाफा दिखाई देता था, जिससे वे अधिक रकम निवेश करने के लिए प्रेरित होते थे। कार्रवाई में ये 13 आरोपी गिरफ्तार साइबर क्राइम पुलिस ने जिन 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें— राज गिरि गोस्वामी उम्र करीब 23 वर्ष निवासी ग्राम भोगोर थाना सुजालपुर जनपद शाजापुर मध्य प्रदेश दीपक राजपूत उम्र करीब 22 वर्ष निवासी ग्राम जावड़िया घरवास थाना कालापीपल जनपद शाजापुर मध्य प्रदेश रविन्द्र पाल निवासी सारंगपुर थाना सारंगपुर जनपद राजगढ़ मध्य प्रदेश। दीपक राजपूत उर्फ दीपक ठाकुर उम्र करीब 22 वर्ष निवासी ग्राम जावड़िया घरवास थाना कालापीपल जनपद शाजापुर मध्य प्रदेश राज यादव उम्र करीब 23 वर्ष निवासी ग्राम कठऊपहाड़ी थाना सेन्दरी जनपद निवाड़ी मध्य प्रदेश लक्ष्मी राजपूत उम्र करीब 23 वर्ष निवासी ग्राम रोसला थाना कालापीपल जनपद शाजापुर मध्य प्रदेश सूरज धाकड़ निवासी बैराढ़ थाना बैराढ़ जनपद शिवपुरी मध्य प्रदेश। सुरेन्द्र राजपूत निवासी उम्र करीब 23 वर्ष ग्राम पिपलोद थाना शुजालपुर सिटी जनपद शाजापुर मध्य प्रदेश प्रदीप धाकड़ निवासी उम्र करीब 30 वर्ष ग्राम हिम्मतगढ़ थाना सुभाषपुरा जनपद शिवपुरी मध्य प्रदेश अरुण लोधी उम्र करीब 28 वर्ष निवासी ग्राम मामोनी थाना करेरा जनपद शिवपुरी मध्य प्रदेश विष्णु प्रसाद उम्र करीब 29 निवासी थाना बाणगंगा जनपद इंदौर मध्य प्रदेश छाया शाकले उम्र करीब 29 निवासी ग्राम कोहड़द थाना बोरगांव जनपद खंडवा मध्य प्रदेश आकाश धाकड़ उम्र करीब 23 वर्ष निवासी ग्राम जमको थाना सिरसौद जनपद शिवपुरी मध्य प्रदेश यह सामान हुआ बरामद पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 31 एंड्रॉयड एवं की-पैड मोबाइल फोन,07 एप्पल आईफोन,18 डेस्कटॉप कंप्यूटर,18 मॉनिटर,18 सीपीयू,17 की-बोर्ड,01 लैपटॉप,02 जियो कंपनी के वाई-फाई राउटर मय रिसीवर,01 महिंद्रा थार कार,01 ब्रेजा कार अन्य डिजिटल एवं इलेक्ट्रॉनिक सामग्री साइबर अपराध से संबंधित महत्वपूर्ण डाटा बरामद किया है। साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश इस कार्रवाई के बाद पुलिस अब गिरोह के पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी है। जांच का प्रमुख फोकस फर्जी वेबसाइट और ऐप तैयार करने वाले तकनीकी लोगों, कॉल सेंटर के अन्य सदस्यों, फर्जी सिम उपलब्ध कराने वालों, म्यूल बैंक खातों की व्यवस्था करने वालों तथा ठगी की रकम को डिजिटल करेंसी अथवा अन्य माध्यमों से स्थानांतरित करने वाले लोगों पर है। करीब 6,357 संभावित पीड़ितों के डाटा और लगभग 600 बैंक खातों का सुराग मिलने के बाद जांच का दायरा काफी बड़ा हो गया है। पुलिस अन्य राज्यों में दर्ज मुकदमों से भी गिरफ्तार आरोपियों के संबंधों की जानकारी जुटा रही है। इन पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की रही अहम भूमिका गिरोह का पर्दाफाश करने वाली पुलिस टीम में निरीक्षक शावेज़ खान, प्रभारी साइबर क्राइम थाना,निरीक्षक मुनेश भारती, प्रभारी साइबर क्राइम सेल उपनिरीक्षक राहुल यादव,उपनिरीक्षक सत्येन्द्र कुमार राय,उपनिरीक्षक अजहर इसरत,कंप्यूटर ऑपरेटर ग्रेड-बी विवेक मिश्रा,आरक्षी अनिल,आरक्षी महिपाल,आरक्षी पवन यादव,महिला आरक्षी पूजा और महिला आरक्षी सीमा देवी शामिल रहीं। यह कार्रवाई अपर पुलिस महानिदेशक कानपुर जोन कानपुर एवं पुलिस उपमहानिरीक्षक झांसी परिक्षेत्र झांसी आकाश कुलहरि के निर्देशन में पुलिस अधीक्षक ललितपुर संजीव कुमार बाजपेई के निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक ललितपुर कालू सिंह के निकट पर्यवेक्षण में की गई।
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    फर्जी ऐप से शेयर बाजार में करोड़ों की साइबर ठगी का बड़ा खुलासा,मास्टरमाइंड समेत 13 गिरफ्तार

ललितपुर साइबर क्राइम पुलिस ने इंदौर में दबोचा अंतरराज्यीय गिरोह

6,357 संभावित पीड़ितों का डाटा और करीब 600 म्यूल बैंक खातों का सुराग

31 मोबाइल फोन, 7 आईफोन, 18 कंप्यूटर, लैपटॉप, वाई-फाई राउटर समेत थार और ब्रेजा कार बरामद
फर्जी ऐप से शेयर बाजार में करोड़ों की साइबर ठगी का बड़ा खुलासा,मास्टरमाइंड समेत 13 गिरफ्तार
ललितपुर साइबर क्राइम पुलिस ने इंदौर में दबोचा अंतरराज्यीय गिरोह
6,357 संभावित पीड़ितों का डाटा और करीब 600 म्यूल बैंक खातों का सुराग
31 मोबाइल फोन, 7 आईफोन, 18 कंप्यूटर, लैपटॉप, वाई-फाई राउटर समेत थार और ब्रेजा कार बरामद
इन्द्रपाल सिंह'प्रिइन्द्र'
ललितपुर। शेयर बाजार में निवेश कर कुछ ही समय में रकम कई गुना करने का लालच देकर लोगों से करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का ललितपुर साइबर क्राइम पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह के कथित मास्टरमाइंड समेत 13 अभियुक्तों को मध्य प्रदेश के इंदौर जनपद से गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी फर्जी “Nokia Securities” नामक एप्लीकेशन और वेबसाइट के माध्यम से लोगों को शेयर ट्रेडिंग तथा स्टॉक मार्केट में निवेश के नाम पर अपने जाल में फंसाते थे।
पुलिस की कार्रवाई में साइबर ठगी में प्रयुक्त 31 एंड्रॉयड एवं की-पैड मोबाइल फोन, 7 एप्पल आईफोन, 18 डेस्कटॉप कंप्यूटर, 18 मॉनिटर, 18 सीपीयू, 17 की-बोर्ड, एक लैपटॉप, दो जियो वाई-फाई राउटर सहित अन्य डिजिटल एवं इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए हैं। इसके अलावा पुलिस ने एक महिंद्रा थार और एक ब्रेजा कार भी बरामद की है।
पुलिस की प्रारंभिक डिजिटल जांच में आरोपियों के पास से लगभग 6,357 संभावित पीड़ितों से संबंधित डाटा मिलने की बात सामने आई है। वहीं जांच में करीब 600 म्यूल बैंक खातों का भी पता चला है, जिनका कथित तौर पर ठगी की रकम को एकत्र करने और आगे स्थानांतरित करने में इस्तेमाल किया जाता था।
70 हजार रुपये की ठगी की शिकायत से खुली गिरोह की परतें
पुलिस के अनुसार साइबर क्राइम थाना ललितपुर में एक पीड़ित ने शिकायत दर्ज कराई थी कि साइबर अपराधियों ने शेयर मार्केट में अधिक लाभ दिलाने का झांसा देकर उसे “Nokia Securities” नामक ऐप डाउनलोड कराया और इसके माध्यम से उससे 70 हजार रुपये की धोखाधड़ी कर ली।
शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम थाना ललितपुर में धारा 318(4), 61(2) बीएनएस एवं 66-D आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने मामले की तकनीकी और डिजिटल स्तर पर गहन जांच शुरू की। जांच आगे बढ़ी तो मामला एक स्थानीय साइबर ठगी तक सीमित न रहकर अंतरराज्यीय स्तर पर संचालित संगठित गिरोह तक पहुंच गया।
फर्जी ऐप पर दिखाते थे लाखों का मुनाफा
पुलिस के मुताबिक गिरोह का तरीका बेहद सुनियोजित था। आरोपी पहले लोगों से मोबाइल फोन अथवा व्हाट्सऐप के माध्यम से संपर्क करते थे। खुद को शेयर बाजार विशेषज्ञ, एडवाइजर, हेड अथवा असिस्टेंट एडवाइजर बताकर पीड़ितों को निवेश के लिए तैयार किया जाता था।
पीड़ितों को विश्वास दिलाने के लिए फर्जी वेबसाइट और ऐप पर उनके द्वारा निवेश की गई रकम के साथ-साथ कथित मुनाफे की रकम भी बढ़ी हुई दिखाई जाती थी। स्क्रीन पर रकम बढ़ती देखकर पीड़ितों को लगता था कि उनका निवेश वास्तव में लाभ दे रहा है। इसके बाद उन्हें और अधिक धन निवेश करने के लिए प्रेरित किया जाता था।
जब पीड़ित फर्जी ऐप अथवा वेबसाइट पर दिखाई जा रही रकम को निकालने का प्रयास करता था, तब ठगी का दूसरा चरण शुरू होता था। आरोपियों द्वारा टैक्स, प्रोसेसिंग फीस, निकासी शुल्क अथवा अन्य शुल्क के नाम पर अतिरिक्त रकम जमा करने के लिए कहा जाता था। इस तरह पीड़ित से बार-बार रकम जमा कराई जाती थी।
कॉलिंग से लेकर बैंक खातों तक अलग-अलग टीम
जांच में सामने आया कि गिरोह में अलग-अलग सदस्यों को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई थीं। कुछ आरोपी फर्जी वेबसाइट और ऐप की तकनीकी व्यवस्था संभालते थे, जबकि कुछ लोग कॉल सेंटर के माध्यम से संभावित पीड़ितों से संपर्क करते थे।
कॉलिंग करने वाले सदस्य लोगों को शेयर बाजार में भारी मुनाफे का लालच देकर अपने विश्वास में लेते थे। इसके बाद पीड़ित की जानकारी गिरोह के दूसरे सदस्यों तक पहुंचाई जाती थी। ये सदस्य पीड़ितों को अलग-अलग बैंक खातों में रकम जमा कराने के निर्देश देते थे।
पुलिस के अनुसार गिरोह द्वारा फर्जी सिम कार्ड और अलग-अलग बैंक खातों का इस्तेमाल किया जाता था। आरोप है कि कुछ सिम और बैंक खाते ऐसे व्यक्तियों के नाम पर थे, जो कथित तौर पर गिरोह के वास्तविक सदस्यों से अलग थे। इससे साइबर ठगी की रकम का वास्तविक लाभार्थी और संचालन करने वाले लोगों तक पहुंचना कठिन हो जाता था।
लगभग 600 म्यूल बैंक खातों का सुराग
प्रारंभिक जांच में पुलिस को लगभग 600 म्यूल बैंक खातों का पता चला है। इन खातों में कथित तौर पर साइबर ठगी की रकम जमा कराई जाती थी। इसके बाद रकम को अलग-अलग माध्यमों से इधर-उधर किया जाता था।
पुलिस के अनुसार ठगी की रकम को डिजिटल करेंसी और अन्य माध्यमों के जरिए घुमाकर उसका वास्तविक स्रोत छिपाने का प्रयास किया जाता था। जांच एजेंसियां अब इन खातों के जरिए हुए वित्तीय लेनदेन की पड़ताल कर रही हैं और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि गिरोह ने कुल कितनी धनराशि की ठगी की है।
ललितपुर में 11 लाख की ठगी का भी कनेक्शन
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार गिरोह द्वारा वर्ष 2025 में ललितपुर जनपद में एक व्यक्ति से शेयर मार्केट में निवेश कर अधिक लाभ दिलाने का लालच देकर करीब 11 लाख रुपये की ठगी की गई थी।
इस मामले में साइबर क्राइम थाना ललितपुर में मु0अ0सं0 26/2025 दर्ज है। इसके अतिरिक्त आरोपियों के खिलाफ अन्य राज्यों में भी मुकदमे दर्ज होने की जानकारी पुलिस को मिली है। संबंधित मामलों का सत्यापन और विस्तृत जानकारी जुटाने का कार्य जारी है।
वहीं आरोपियों के विरुद्ध मु0अ0सं0 333/2025, थाना शुजालपुर मंडी, जनपद शाजापुर, मध्य प्रदेश में भी अभियोग पंजीकृत होना पुलिस जांच में प्रकाश में आया है।
6,357 संभावित पीड़ितों का डाटा मिलने से बढ़ी जांच की गंभीरता
पुलिस की डिजिटल जांच में करीब 6,357 संभावित पीड़ितों से संबंधित डाटा मिलने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में पुलिस को आशंका है कि गिरोह का नेटवर्क केवल ललितपुर या उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके तार कई राज्यों तक फैले हो सकते हैं।
बरामद कंप्यूटर, मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच के जरिए पुलिस गिरोह के संपर्क में रहे लोगों, संभावित पीड़ितों, बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, वेबसाइट संचालन तथा वित्तीय लेनदेन से जुड़े अन्य सुराग जुटा रही है।
पूछताछ में आरोपियों ने बताई गिरोह की कार्यप्रणाली
पुलिस के मुताबिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे आपस में मिलकर फर्जी वेबसाइट और ऐप तैयार कराकर उनका संचालन करते थे। लोगों को मोबाइल फोन के माध्यम से संपर्क कर शेयर बाजार में कई गुना लाभ का लालच दिया जाता था।
गिरोह में तकनीकी कार्य, कॉलिंग, फर्जी सिम की व्यवस्था, बैंक खातों का प्रबंधन और ठगी की रकम को इधर-उधर करने के लिए अलग-अलग लोगों को जिम्मेदारी दी गई थी।
आरोपी कथित तौर पर ग्राहकों का विश्वास जीतने के लिए फर्जी स्क्रीनशॉट, फर्जी बैलेंस और फर्जी लेजर का इस्तेमाल करते थे। पीड़ितों को ऐप पर लगातार मुनाफा दिखाई देता था, जिससे वे अधिक रकम निवेश करने के लिए प्रेरित होते थे।
कार्रवाई में ये 13 आरोपी गिरफ्तार
साइबर क्राइम पुलिस ने जिन 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें—
राज गिरि गोस्वामी उम्र करीब 23 वर्ष निवासी ग्राम भोगोर थाना सुजालपुर जनपद शाजापुर मध्य प्रदेश 
दीपक राजपूत उम्र करीब 22 वर्ष निवासी ग्राम जावड़िया घरवास थाना कालापीपल जनपद शाजापुर मध्य प्रदेश
रविन्द्र पाल निवासी सारंगपुर थाना सारंगपुर जनपद राजगढ़ मध्य प्रदेश।
दीपक राजपूत उर्फ दीपक ठाकुर उम्र करीब 22 वर्ष निवासी ग्राम जावड़िया घरवास थाना कालापीपल जनपद शाजापुर मध्य प्रदेश 
राज यादव उम्र करीब 23 वर्ष निवासी ग्राम कठऊपहाड़ी थाना सेन्दरी जनपद निवाड़ी मध्य प्रदेश
लक्ष्मी राजपूत उम्र करीब 23 वर्ष निवासी ग्राम रोसला थाना कालापीपल जनपद शाजापुर मध्य प्रदेश 
सूरज धाकड़ निवासी बैराढ़ थाना बैराढ़ जनपद शिवपुरी मध्य प्रदेश।
सुरेन्द्र राजपूत निवासी उम्र करीब 23 वर्ष ग्राम पिपलोद थाना शुजालपुर सिटी जनपद शाजापुर मध्य प्रदेश 
प्रदीप धाकड़ निवासी उम्र करीब 30 वर्ष ग्राम हिम्मतगढ़ थाना सुभाषपुरा जनपद शिवपुरी मध्य प्रदेश
अरुण लोधी उम्र करीब 28 वर्ष निवासी ग्राम मामोनी थाना करेरा जनपद शिवपुरी मध्य प्रदेश
विष्णु प्रसाद उम्र करीब 29 निवासी थाना बाणगंगा जनपद इंदौर मध्य प्रदेश
छाया शाकले उम्र करीब 29 निवासी ग्राम कोहड़द थाना बोरगांव जनपद खंडवा मध्य प्रदेश
आकाश धाकड़ उम्र करीब 23 वर्ष निवासी ग्राम जमको थाना सिरसौद जनपद शिवपुरी मध्य प्रदेश
यह सामान हुआ बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से
31 एंड्रॉयड एवं की-पैड मोबाइल फोन,07 एप्पल आईफोन,18 डेस्कटॉप कंप्यूटर,18 मॉनिटर,18 सीपीयू,17 की-बोर्ड,01 लैपटॉप,02 जियो कंपनी के वाई-फाई राउटर मय रिसीवर,01 महिंद्रा थार कार,01 ब्रेजा कार अन्य डिजिटल एवं इलेक्ट्रॉनिक सामग्री साइबर अपराध से संबंधित महत्वपूर्ण डाटा 
बरामद किया है।
साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश
इस कार्रवाई के बाद पुलिस अब गिरोह के पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी है। जांच का प्रमुख फोकस फर्जी वेबसाइट और ऐप तैयार करने वाले तकनीकी लोगों, कॉल सेंटर के अन्य सदस्यों, फर्जी सिम उपलब्ध कराने वालों, म्यूल बैंक खातों की व्यवस्था करने वालों तथा ठगी की रकम को डिजिटल करेंसी अथवा अन्य माध्यमों से स्थानांतरित करने वाले लोगों पर है।
करीब 6,357 संभावित पीड़ितों के डाटा और लगभग 600 बैंक खातों का सुराग मिलने के बाद जांच का दायरा काफी बड़ा हो गया है। पुलिस अन्य राज्यों में दर्ज मुकदमों से भी गिरफ्तार आरोपियों के संबंधों की जानकारी जुटा रही है।
इन पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की रही अहम भूमिका
गिरोह का पर्दाफाश करने वाली पुलिस टीम में निरीक्षक शावेज़ खान, प्रभारी साइबर क्राइम थाना,निरीक्षक मुनेश भारती, प्रभारी साइबर क्राइम सेल उपनिरीक्षक राहुल यादव,उपनिरीक्षक सत्येन्द्र कुमार राय,उपनिरीक्षक अजहर इसरत,कंप्यूटर ऑपरेटर ग्रेड-बी विवेक मिश्रा,आरक्षी अनिल,आरक्षी महिपाल,आरक्षी पवन यादव,महिला आरक्षी पूजा और महिला आरक्षी सीमा देवी शामिल रहीं।
यह कार्रवाई अपर पुलिस महानिदेशक कानपुर जोन कानपुर एवं पुलिस उपमहानिरीक्षक झांसी परिक्षेत्र झांसी आकाश कुलहरि के निर्देशन में पुलिस अधीक्षक ललितपुर संजीव कुमार बाजपेई के निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक ललितपुर कालू सिंह के निकट पर्यवेक्षण में की गई।
    user_पत्रकार प्रिइन्द्र सिंह
    पत्रकार प्रिइन्द्र सिंह
    Local News Reporter Madawara, Lalitpur•
    16 hrs ago
  • ललितपुर जनपद में फर्जी ‘Nokia Securities’ ऐप से करोड़ों की साइबर ठगी का भंडाफोड़ ललितपुर साइबर क्राइम पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह के मास्टरमाइंड समेत 13 को इंदौर से दबोचा, 6,357 संभावित पीड़ितों का डाटा और 600 से अधिक म्यूल बैंक खातों का खुलासा ललितपुर। शेयर मार्केट में निवेश कर रकम कई गुना करने का लालच देकर लोगों को करोड़ों रुपये का चूना लगाने वाले अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का साइबर क्राइम थाना ललितपुर पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने मध्य प्रदेश के इंदौर से गिरोह के मास्टरमाइंड समेत 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से बड़ी संख्या में मोबाइल फोन, कंप्यूटर, लैपटॉप, वाईफाई राउटर सहित दो लग्जरी वाहन बरामद किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक गिरोह ‘Nokia Securities’ नाम से फर्जी वेबसाइट और मोबाइल एप संचालित करता था। आरोपियों द्वारा लोगों को शेयर मार्केट में निवेश पर कई गुना मुनाफे का लालच देकर अपने जाल में फंसाया जाता था। फर्जी ऐप में निवेश की गई रकम के साथ भारी मुनाफा दिखाया जाता था। जब पीड़ित अपनी रकम निकालने का प्रयास करता तो टैक्स, प्रोसेसिंग फीस और अन्य शुल्क के नाम पर उससे दोबारा रकम जमा कराई जाती थी। इस तरह पीड़ित से लगातार धनराशि ऐंठी जाती थी। 70 हजार की शिकायत से खुली गिरोह की परतें मामले की शुरुआत उस शिकायत से हुई, जिसमें एक व्यक्ति ने साइबर क्राइम थाना ललितपुर में बताया कि शेयर मार्केट में अधिक लाभ दिलाने के नाम पर उसे ‘Nokia Securities’ ऐप डाउनलोड कराया गया और उसके साथ 70 हजार रुपये की धोखाधड़ी की गई। शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने तकनीकी और डिजिटल माध्यमों से जांच शुरू की। जांच आगे बढ़ने पर पुलिस के सामने एक बड़े अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का नेटवर्क सामने आया। 6,357 संभावित पीड़ितों का डाटा मिला प्रारंभिक डिजिटल जांच में आरोपियों के पास से करीब 6,357 संभावित पीड़ितों से संबंधित डाटा बरामद हुआ है। पुलिस को करीब 600 म्यूल बैंक खातों की जानकारी भी मिली है, जिनके माध्यम से ठगी की रकम को इकट्ठा कर आगे स्थानांतरित किया जाता था। पुलिस को संदेह है कि ठगी की रकम को डिजिटल करेंसी और अन्य माध्यमों से घुमाकर गिरोह के सदस्य करोड़ों रुपये का लाभ अर्जित करते थे। 2025 में ललितपुर के व्यक्ति से 11 लाख की ठगी जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह ने वर्ष 2025 में ललितपुर के एक व्यक्ति को शेयर मार्केट में निवेश कर अधिक मुनाफा दिलाने का झांसा देकर 11 लाख रुपये की ठगी की थी। इस मामले में साइबर क्राइम थाना ललितपुर में मुकदमा दर्ज है। इसके अलावा मध्य प्रदेश के शुजालपुर मंडी थाने में भी आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होना सामने आया है। पुलिस अन्य राज्यों में दर्ज मामलों की भी जानकारी जुटा रही है। अलग-अलग जिम्मेदारियां बांटकर चलाते थे पूरा नेटवर्क पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह में सदस्यों को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई थीं। कुछ आरोपी फर्जी वेबसाइट और ऐप तैयार कराने तथा तकनीकी संचालन का काम देखते थे, जबकि कुछ सदस्य अलग-अलग नामों से ग्राहकों को फोन कर निवेश के लिए तैयार करते थे। अन्य सदस्य फर्जी सिम, बैंक खातों और ठगी की रकम को मैनेज करने का काम करते थे। लोगों का विश्वास जीतने के लिए आरोपियों द्वारा फर्जी स्क्रीनशॉट, फर्जी बैलेंस और फर्जी लेजर दिखाए जाते थे। इसके बाद पीड़ित को और अधिक निवेश के लिए प्रेरित किया जाता था। फर्जी सिम और बैंक खातों का इस्तेमाल पुलिस के अनुसार गिरोह द्वारा ऐसे फर्जी सिम और बैंक खातों का इस्तेमाल किया जाता था, जो अलग-अलग व्यक्तियों के नाम से जुड़े थे। इसका उद्देश्य ठगी के बाद पुलिस जांच को वास्तविक आरोपियों से भटकाना था। मामले में बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच में पीड़ितों से संबंधित डाटा और अन्य डिजिटल सामग्री भी मिली है। भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 31 एंड्रॉयड व की-पैड मोबाइल फोन, सात आईफोन, 18 डेस्कटॉप कंप्यूटर, 18 मॉनिटर, 18 सीपीयू, 17 की-बोर्ड, एक लैपटॉप, दो जियो वाईफाई राउटर सहित अन्य डिजिटल सामग्री बरामद की है। इसके अलावा महिंद्रा थार और ब्रेजा कार भी बरामद की गई हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बरामद डिजिटल उपकरणों की विस्तृत जांच से गिरोह से जुड़े अन्य लोगों, पीड़ितों और बैंक खातों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आने की संभावना है। पुलिस टीम की कार्रवाई यह कार्रवाई अपर पुलिस महानिदेशक कानपुर जोन, पुलिस उपमहानिरीक्षक झांसी परिक्षेत्र के निर्देशन तथा पुलिस अधीक्षक ललितपुर संजीव कुमार बाजपेई के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक कालू सिंह के निकट पर्यवेक्षण में की गई। कार्रवाई में साइबर क्राइम थाना प्रभारी निरीक्षक शावेज खान, साइबर क्राइम सेल प्रभारी निरीक्षक मुनेश भारती, उपनिरीक्षक राहुल यादव, सत्येंद्र कुमार राय, अजहर इसरत सहित पुलिस टीम के अन्य सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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    ललितपुर जनपद में फर्जी ‘Nokia Securities’ ऐप से करोड़ों की साइबर ठगी का भंडाफोड़
ललितपुर साइबर क्राइम पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह के मास्टरमाइंड समेत 13 को इंदौर से दबोचा, 6,357 संभावित पीड़ितों का डाटा और 600 से अधिक म्यूल बैंक खातों का खुलासा
ललितपुर। शेयर मार्केट में निवेश कर रकम कई गुना करने का लालच देकर लोगों को करोड़ों रुपये का चूना लगाने वाले अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का साइबर क्राइम थाना ललितपुर पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने मध्य प्रदेश के इंदौर से गिरोह के मास्टरमाइंड समेत 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से बड़ी संख्या में मोबाइल फोन, कंप्यूटर, लैपटॉप, वाईफाई राउटर सहित दो लग्जरी वाहन बरामद किए गए हैं।
पुलिस के मुताबिक गिरोह ‘Nokia Securities’ नाम से फर्जी वेबसाइट और मोबाइल एप संचालित करता था। आरोपियों द्वारा लोगों को शेयर मार्केट में निवेश पर कई गुना मुनाफे का लालच देकर अपने जाल में फंसाया जाता था। फर्जी ऐप में निवेश की गई रकम के साथ भारी मुनाफा दिखाया जाता था। जब पीड़ित अपनी रकम निकालने का प्रयास करता तो टैक्स, प्रोसेसिंग फीस और अन्य शुल्क के नाम पर उससे दोबारा रकम जमा कराई जाती थी। इस तरह पीड़ित से लगातार धनराशि ऐंठी जाती थी।
70 हजार की शिकायत से खुली गिरोह की परतें
मामले की शुरुआत उस शिकायत से हुई, जिसमें एक व्यक्ति ने साइबर क्राइम थाना ललितपुर में बताया कि शेयर मार्केट में अधिक लाभ दिलाने के नाम पर उसे ‘Nokia Securities’ ऐप डाउनलोड कराया गया और उसके साथ 70 हजार रुपये की धोखाधड़ी की गई। शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने तकनीकी और डिजिटल माध्यमों से जांच शुरू की। जांच आगे बढ़ने पर पुलिस के सामने एक बड़े अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का नेटवर्क सामने आया।
6,357 संभावित पीड़ितों का डाटा मिला
प्रारंभिक डिजिटल जांच में आरोपियों के पास से करीब 6,357 संभावित पीड़ितों से संबंधित डाटा बरामद हुआ है। पुलिस को करीब 600 म्यूल बैंक खातों की जानकारी भी मिली है, जिनके माध्यम से ठगी की रकम को इकट्ठा कर आगे स्थानांतरित किया जाता था। पुलिस को संदेह है कि ठगी की रकम को डिजिटल करेंसी और अन्य माध्यमों से घुमाकर गिरोह के सदस्य करोड़ों रुपये का लाभ अर्जित करते थे।
2025 में ललितपुर के व्यक्ति से 11 लाख की ठगी
जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह ने वर्ष 2025 में ललितपुर के एक व्यक्ति को शेयर मार्केट में निवेश कर अधिक मुनाफा दिलाने का झांसा देकर 11 लाख रुपये की ठगी की थी। इस मामले में साइबर क्राइम थाना ललितपुर में मुकदमा दर्ज है। इसके अलावा मध्य प्रदेश के शुजालपुर मंडी थाने में भी आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होना सामने आया है। पुलिस अन्य राज्यों में दर्ज मामलों की भी जानकारी जुटा रही है।
अलग-अलग जिम्मेदारियां बांटकर चलाते थे पूरा नेटवर्क
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह में सदस्यों को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई थीं। कुछ आरोपी फर्जी वेबसाइट और ऐप तैयार कराने तथा तकनीकी संचालन का काम देखते थे, जबकि कुछ सदस्य अलग-अलग नामों से ग्राहकों को फोन कर निवेश के लिए तैयार करते थे। अन्य सदस्य फर्जी सिम, बैंक खातों और ठगी की रकम को मैनेज करने का काम करते थे।
लोगों का विश्वास जीतने के लिए आरोपियों द्वारा फर्जी स्क्रीनशॉट, फर्जी बैलेंस और फर्जी लेजर दिखाए जाते थे। इसके बाद पीड़ित को और अधिक निवेश के लिए प्रेरित किया जाता था।
फर्जी सिम और बैंक खातों का इस्तेमाल
पुलिस के अनुसार गिरोह द्वारा ऐसे फर्जी सिम और बैंक खातों का इस्तेमाल किया जाता था, जो अलग-अलग व्यक्तियों के नाम से जुड़े थे। इसका उद्देश्य ठगी के बाद पुलिस जांच को वास्तविक आरोपियों से भटकाना था। मामले में बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच में पीड़ितों से संबंधित डाटा और अन्य डिजिटल सामग्री भी मिली है।
भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 31 एंड्रॉयड व की-पैड मोबाइल फोन, सात आईफोन, 18 डेस्कटॉप कंप्यूटर, 18 मॉनिटर, 18 सीपीयू, 17 की-बोर्ड, एक लैपटॉप, दो जियो वाईफाई राउटर सहित अन्य डिजिटल सामग्री बरामद की है। इसके अलावा महिंद्रा थार और ब्रेजा कार भी बरामद की गई हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बरामद डिजिटल उपकरणों की विस्तृत जांच से गिरोह से जुड़े अन्य लोगों, पीड़ितों और बैंक खातों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आने की संभावना है।
पुलिस टीम की कार्रवाई
यह कार्रवाई अपर पुलिस महानिदेशक कानपुर जोन, पुलिस उपमहानिरीक्षक झांसी परिक्षेत्र के निर्देशन तथा पुलिस अधीक्षक ललितपुर संजीव कुमार बाजपेई के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक कालू सिंह के निकट पर्यवेक्षण में की गई। कार्रवाई में साइबर क्राइम थाना प्रभारी निरीक्षक शावेज खान, साइबर क्राइम सेल प्रभारी निरीक्षक मुनेश भारती, उपनिरीक्षक राहुल यादव, सत्येंद्र कुमार राय, अजहर इसरत सहित पुलिस टीम के अन्य सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
    user_SATISH NAYAK
    SATISH NAYAK
    मड़ावरा, ललितपुर, उत्तर प्रदेश•
    18 hrs ago
  • लगातार हुई बारिश से किसानों की फसल नष्ट खराब हुई फसल को कलैक्ट्रेट लेकर पहुंचे किसान मुआवजे की उठाई मांग ललितपुर किसानों की फसल बर्बाद, प्रशासन से तत्काल मुआवजे की मांग ललितपुर में लगातार हो रही तेज बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी है। उड़द, मूंग सोयावीन मक्का जैसी फसलें पूरी तरह जलमग्न होकर नष्ट हो गई हैं किसानो ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर बताया कि कई गांवों में खेत पूरी तरह पानी में डूब गए हैं आगे खेती की वुवाई कैसे करेंगे किसानों के सामने बड़ा संकट किसानों की मेहनत बर्बाद हो चुकी है अभी तक किसी प्रकार का मुआवजा नहीं मिला न ही सर्वे कराया गया ज्ञापन में बताया गया कि बिरधा ब्लाक के सभी गांवों में भारी बारिश से फसलें पूरी तरह नष्ट हो गई है जिससे किसान भुखमरी की कगार पर आ गया है जल्द सर्वे करा कर मुआवजा दिया जाए मुख्य मांगें तुरंत सर्वे कराया जाए किसानों को राहत राशि दी जाए नुकसान का उचित मुआवजा मिले किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्यवाही नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा
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    लगातार हुई बारिश से किसानों की फसल नष्ट खराब हुई फसल को कलैक्ट्रेट लेकर पहुंचे किसान मुआवजे की उठाई मांग 
ललितपुर  किसानों की फसल बर्बाद, प्रशासन से तत्काल मुआवजे की मांग
ललितपुर में लगातार हो रही तेज बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी है। उड़द, मूंग सोयावीन मक्का जैसी फसलें पूरी तरह जलमग्न होकर नष्ट हो गई हैं किसानो ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर बताया कि
कई गांवों में खेत पूरी तरह पानी में डूब गए हैं आगे खेती की वुवाई कैसे करेंगे किसानों के सामने बड़ा संकट 
किसानों की मेहनत बर्बाद हो चुकी है
अभी तक किसी प्रकार का मुआवजा नहीं मिला न ही सर्वे कराया गया 
ज्ञापन में बताया गया कि बिरधा ब्लाक के सभी गांवों में भारी बारिश से फसलें पूरी तरह नष्ट हो गई है जिससे किसान भुखमरी की कगार पर आ गया है जल्द सर्वे करा कर मुआवजा दिया जाए 
मुख्य मांगें  तुरंत सर्वे कराया जाए
किसानों को राहत राशि दी जाए
नुकसान का उचित मुआवजा मिले
किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्यवाही नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा
    user_Sandip mishra
    Sandip mishra
    Local News Reporter मड़ावरा, ललितपुर, उत्तर प्रदेश•
    20 hrs ago
  • ब्रेकिंग न्यूज़ मध्य प्रदेश एक फ्रेश न्यूज़ लाइवटीकमगढ़ आज टीकमगढ़ जिले में हर गांव हर मोहल्ले हर नुक्कड़ नाटक किया जा रहे हैं मध्य प्रदेश ग्रामीण बैंक के द्वारा बीमा योजना हेतु संबंधी जानकारी।।
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    ब्रेकिंग न्यूज़ मध्य प्रदेश एक फ्रेश न्यूज़ लाइवटीकमगढ़
आज टीकमगढ़ जिले में हर गांव हर मोहल्ले हर नुक्कड़ नाटक किया जा रहे हैं मध्य प्रदेश ग्रामीण बैंक के द्वारा बीमा योजना हेतु संबंधी जानकारी।।
    user_मध्य प्रदेश एक्सप्रेस न्यूज़
    मध्य प्रदेश एक्सप्रेस न्यूज़
    TV News Anchor टीकमगढ़, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
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