जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव सिद्धार्थ दीप ने किया जिला जेल बालोतरा का औचक निरीक्षण; बंदियों को दी निःशुल्क विधिक सहायता की जानकारी बालोतरा: राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बालोतरा के सचिव (अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश) श्री सिद्धार्थ दीप ने शुक्रवार को जिला कारागृह बालोतरा का विस्तृत निरीक्षण किया। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य जेल में निरुद्ध बंदियों को मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं की समीक्षा करना और उन्हें उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना था। निरीक्षण के दौरान सचिव श्री सिद्धार्थ दीप ने जेल की विभिन्न बैरकों, रसोई घर और चिकित्सा कक्ष का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने बंदियों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता की जांच की और साफ-सफाई की व्यवस्था पर संतोष व्यक्त करते हुए जेल प्रशासन को स्वच्छता बनाए रखने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने बंदियों से व्यक्तिगत रूप से संवाद कर उनके स्वास्थ्य और जेल प्रशासन द्वारा दी जा रही सुविधाओं के बारे में फीडबैक लिया। सचिव ने निर्देश दिए कि बीमार बंदियों को समय पर उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए और किसी भी बंदी के साथ अमानवीय व्यवहार न हो। संवाद के दौरान सचिव ने बंदियों को "निःशुल्क विधिक सहायता" योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कोई भी बंदी जो आर्थिक तंगी या अन्य कारणों से अपना वकील करने में सक्षम नहीं है, वह जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से मुफ्त कानूनी सहायता प्राप्त कर सकता है। उन्होंने विशेष रूप से "लीगल एड डिफेंस काउंसिल" (LADC) प्रणाली के बारे में बताते हुए कहा कि पात्र बंदियों को फौजदारी मामलों में प्रभावी पैरवी के लिए अनुभवी अधिवक्ता उपलब्ध कराए जाते हैं। उन्होंने बंदियों को उनके अधिकारों के प्रति सजग रहने का आह्वान किया और कहा कि न्याय के दरवाजे हर उस व्यक्ति के लिए खुले हैं जिसे कानूनी मदद की जरूरत हो।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव सिद्धार्थ दीप ने किया जिला जेल बालोतरा का औचक निरीक्षण; बंदियों को दी निःशुल्क विधिक सहायता की जानकारी बालोतरा: राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बालोतरा के सचिव (अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश) श्री सिद्धार्थ दीप ने शुक्रवार को जिला कारागृह बालोतरा का विस्तृत निरीक्षण किया। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य जेल में निरुद्ध बंदियों को मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं की समीक्षा करना और उन्हें उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना था। निरीक्षण के दौरान सचिव श्री सिद्धार्थ दीप ने जेल की विभिन्न बैरकों, रसोई घर और चिकित्सा कक्ष का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने बंदियों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता की जांच की और साफ-सफाई की व्यवस्था पर संतोष व्यक्त करते हुए जेल प्रशासन को स्वच्छता बनाए रखने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने बंदियों से व्यक्तिगत रूप से संवाद कर उनके स्वास्थ्य और जेल प्रशासन द्वारा दी जा रही सुविधाओं के बारे में फीडबैक लिया। सचिव ने निर्देश दिए कि बीमार बंदियों को समय पर उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए और किसी भी बंदी के साथ अमानवीय व्यवहार न हो। संवाद के दौरान सचिव ने बंदियों को "निःशुल्क विधिक सहायता" योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कोई भी बंदी जो आर्थिक तंगी या अन्य कारणों से अपना वकील करने में सक्षम नहीं है, वह जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से मुफ्त कानूनी सहायता प्राप्त कर सकता है। उन्होंने विशेष रूप से "लीगल एड डिफेंस काउंसिल" (LADC) प्रणाली के बारे में बताते हुए कहा कि पात्र बंदियों को फौजदारी मामलों में प्रभावी पैरवी के लिए अनुभवी अधिवक्ता उपलब्ध कराए जाते हैं। उन्होंने बंदियों को उनके अधिकारों के प्रति सजग रहने का आह्वान किया और कहा कि न्याय के दरवाजे हर उस व्यक्ति के लिए खुले हैं जिसे कानूनी मदद की जरूरत हो।
- Post by Pukhraj soni1
- नाला पानी सफाई करने के लिए kago ki was karmawas samdari2
- जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट के साइबर थाने ने म्यूल अकाउंट नेटवर्क का बड़ा भंडाफोड़ किया। कमीशन के लालच में साइबर ठगों को अपने बैंक खाते किराए पर देने वाले चार युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। साइबर ठगों के देश के 8 अलग-अलग राज्यों में करीब 70 लाख रुपए की ठगी की रकम इन आरोपियों के खातों में आई थी।1
- Post by Apna jalor1
- सम्राट वीर विक्रमादित्य परमार का इतिहास देश कि पाठ्य पुस्तको मे सामिल करने का महा मिशन विक्रमादित्य कि शुरूआत। चक्रवर्ती सम्राट वीर विक्रमादित्य परमार,राजा भोज,राजा भर्तहरी,जगदेव परमार,महाराणा प्रताप,झांसी कि राणी लक्ष्मीबाई ,राणी पद्मिनी,हाडी रानी,मीराबाई आदी तमाम महापुरूषो का इतिहास देश के स्कूलो कि पाठ्य पुस्तको मे सामिल करने का महा मिशन विक्रमादित्य कि शुरूआत गांव आकोली से कि इस महत्वपूर्ण महा मिशन विक्रमादित्य कि शुरूआत करने वाले राजपूत समाज के पूरणसिंह काबावत आकोली ने बताया कि इस महत्वपूर्ण महा अभियान को सफल बनाने के लिए एक मिशन के रूप मे लेकर इसके तहत हमारे जालोर क्षेत्र मे या आस पास दौरो पर आने वाले या पत्रो के माध्यम से जनप्रतिनिधि विधायक,सांसद,मंत्री,केन्द्रीय मंत्री,मुख्यमन्त्री प्रधानमंत्री आदी को चक्रवर्ती सम्राट वीर विक्रमादित्य परमार सहित तमाम वीर महापुरूषो का इतिहास देश के स्कूलो कि पाठ्य पुस्तको मे सामिल करने के लिए समाज कि ओर से ज्ञापन दिऐ जाऐगे इस अभियान का मुख्य उद्देश्य देश के भविष्य बांल बच्चो को संस्कारी बनाने एवंम सत्य,न्याय,धर्म पर चलने के लिए प्रेरित प्रेरित करना है।पुराने समय मे माता जब अपने पुत्र को पालने मे सुलाती थी तब अपने पुत को वीर बनाने के लिए लोरिया गाती थी जिसमे किसी वीर महापुरूष कि वीरगाथा सुनाती थी लेकिन आज कि माता को तो पता भी नही है कि वीर महापुरूष कौन है कैसे होते है क्योंकि सरकारो ने वीर महापुरूषो कि गाथा वाले पाठ पाठ्य पुस्तको से हटा दिए जिसके चलते बच्चे संस्कार ,बडो के प्रति का मान सम्मान ,व्यापारिक ज्ञान आदी सब भूले है पता नही सरकार बच्चो को कौनसा ज्ञान देना चाहती है एवंम अभियान का दुसरा मकसद लोगो को सत्य,न्याय का ज्ञान करवाकर सत्य के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करना,न्याय का साथ देना हमेशा लोगो का न्याय करने,कथनी और करनी मे भेद नही करने आदी संस्कार जीवन मे अपनाने के लिए प्रेरित करना है क्योंकि लोग वीर विक्रमादित्य परमार सहित अन्य महापुरूषो के इतिहास व न्याय प्रिय बाते तो बडी बडी करते है लेकिन उनके पदचिन्हो पर चलने मे नाकाम साबित हो रहे है जो हाल ही में जग जाहिर हुआ है जो समाज के लिए बहुत ही सिन्ताजन है काबावत ने जोर देकर कहां कि जब तक विक्रमादित्य मिशन मे कामयाबी नही मिलती तब तक राज नेताओ को माला श साफा नही पहनायेगे और न खुद माला पहनेंगे चाहे कई साल लगे वीर विक्रमादित्य महा अभियान मे जुडने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को वीर विक्रमादित्य के नाम से अपने मन मे शपत लेनी होगी कि "मैं अपने जीवन मे वीर विक्रमादित्य के दिखाऐ मार्ग पर चलते हुए सत्य,न्याय,धर्म का हमेशा साथ दुंगा, "इस महत्वपूर्ण अभियान कि शुरूआत मे आहोर विधायक छगनसिंह राजपुरोहित को ज्ञापन समाज के द्वारा दिया जाऐगा चक्रवर्ती सम्राट वीर विक्रमादित्य परमार के इतिहास को देश के स्कूलो के पाठ्य पुस्तको सामिल करने के अभियान के बारे मे जब काबावत से पूछा गया कि ऐसे मिशन चलाने का आइडिया किसने दिया तब पूरणसिंह काबावत बताते है एक दिन रात को भरी निंद मे सोऐ हुए थे तब अचानक "वीर विक्रमादित्य परमार प्रकट हुए ओर कहने लगे कि सिर्फ मेरी मुर्ति स्थापित करने से जनता का भला नही होगा अतः मै खुश नही हुॅ खुश तब होगा जब लोग मेरे द्वारा दिखाऐ रास्ते पर चलकर कथनी व करनी मे भेद न रखते हुए अपने जीवन मे अपनाऐगे " मैने कहा सदवचन इतना कहकर वीर विक्रमादित्य अन्तर्ध्यान हो गए इसलिए लोगो को जागरूक करने के लिए वीर विक्रमादित्य मिशन कि शुरूआत कि गई है लोग साथ दे या न दे लेकिन मै इस मिशन कि कामयाबी तब चैन से नही बैंठुगा1
- Post by लाबु सिंह2
- जोधपुर शहर सिटी मे प्रशासन को खुले आम चुनौती देकर निकलता हुआ मेन रोड सोजती गेट नई सड़क सीसी टीवी कैमरे के नजर में दुनिया भर की ऑटो आती है परंतु यह कैमरा यह ऑटो यह ई रिक्शा प्रशासन को नजर नहीं आया और यात्रियों की जान जो किम मेडालकर ₹10 सवारी शहर में भर-भर के चलता है1
- ग्रामीण इलाको मे उपयोग मे किये जाने वाले तीन पहिया वाहन चालक की लापर वाही दुर्घटना को आमंत्रित कर रही है , खुले आम वाहन niyamo की उड़ रही धजिया1