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जालौर शनिवार को वीर विक्रमादित्य परमार के इतिहास को देश की पाठ्य पुस्तकों में शामिल करने का अभियान हुआ शुरू सम्राट वीर विक्रमादित्य परमार का इतिहास देश कि पाठ्य पुस्तको मे सामिल करने का महा मिशन विक्रमादित्य कि शुरूआत। चक्रवर्ती सम्राट वीर विक्रमादित्य परमार,राजा भोज,राजा भर्तहरी,जगदेव परमार,महाराणा प्रताप,झांसी कि राणी लक्ष्मीबाई ,राणी पद्मिनी,हाडी रानी,मीराबाई आदी तमाम महापुरूषो का इतिहास देश के स्कूलो कि पाठ्य पुस्तको मे सामिल करने का महा मिशन विक्रमादित्य कि शुरूआत गांव आकोली से कि इस महत्वपूर्ण महा मिशन विक्रमादित्य कि शुरूआत करने वाले राजपूत समाज के पूरणसिंह काबावत आकोली ने बताया कि इस महत्वपूर्ण महा अभियान को सफल बनाने के लिए एक मिशन के रूप मे लेकर इसके तहत हमारे जालोर क्षेत्र मे या आस पास दौरो पर आने वाले या पत्रो के माध्यम से जनप्रतिनिधि विधायक,सांसद,मंत्री,केन्द्रीय मंत्री,मुख्यमन्त्री प्रधानमंत्री आदी को चक्रवर्ती सम्राट वीर विक्रमादित्य परमार सहित तमाम वीर महापुरूषो का इतिहास देश के स्कूलो कि पाठ्य पुस्तको मे सामिल करने के लिए समाज कि ओर से ज्ञापन दिऐ जाऐगे इस अभियान का मुख्य उद्देश्य देश के भविष्य बांल बच्चो को संस्कारी बनाने एवंम सत्य,न्याय,धर्म पर चलने के लिए प्रेरित प्रेरित करना है।पुराने समय मे माता जब अपने पुत्र को पालने मे सुलाती थी तब अपने पुत को वीर बनाने के लिए लोरिया गाती थी जिसमे किसी वीर महापुरूष कि वीरगाथा सुनाती थी लेकिन आज कि माता को तो पता भी नही है कि वीर महापुरूष कौन है कैसे होते है क्योंकि सरकारो ने वीर महापुरूषो कि गाथा वाले पाठ पाठ्य पुस्तको से हटा दिए जिसके चलते बच्चे संस्कार ,बडो के प्रति का मान सम्मान ,व्यापारिक ज्ञान आदी सब भूले है पता नही सरकार बच्चो को कौनसा ज्ञान देना चाहती है एवंम अभियान का दुसरा मकसद लोगो को सत्य,न्याय का ज्ञान करवाकर सत्य के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करना,न्याय का साथ देना हमेशा लोगो का न्याय करने,कथनी और करनी मे भेद नही करने आदी संस्कार जीवन मे अपनाने के लिए प्रेरित करना है क्योंकि लोग वीर विक्रमादित्य परमार सहित अन्य महापुरूषो के इतिहास व न्याय प्रिय बाते तो बडी बडी करते है लेकिन उनके पदचिन्हो पर चलने मे नाकाम साबित हो रहे है जो हाल ही में जग जाहिर हुआ है जो समाज के लिए बहुत ही सिन्ताजन है काबावत ने जोर देकर कहां कि जब तक विक्रमादित्य मिशन मे कामयाबी नही मिलती तब तक राज नेताओ को माला श साफा नही पहनायेगे और न खुद माला पहनेंगे चाहे कई साल लगे वीर विक्रमादित्य महा अभियान मे जुडने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को वीर विक्रमादित्य के नाम से अपने मन मे शपत लेनी होगी कि "मैं अपने जीवन मे वीर विक्रमादित्य के दिखाऐ मार्ग पर चलते हुए सत्य,न्याय,धर्म का हमेशा साथ दुंगा, "इस महत्वपूर्ण अभियान कि शुरूआत मे आहोर विधायक छगनसिंह राजपुरोहित को ज्ञापन समाज के द्वारा दिया जाऐगा चक्रवर्ती सम्राट वीर विक्रमादित्य परमार के इतिहास को देश के स्कूलो के पाठ्य पुस्तको सामिल करने के अभियान के बारे मे जब काबावत से पूछा गया कि ऐसे मिशन चलाने का आइडिया किसने दिया तब पूरणसिंह काबावत बताते है एक दिन रात को भरी निंद मे सोऐ हुए थे तब अचानक "वीर विक्रमादित्य परमार प्रकट हुए ओर कहने लगे कि सिर्फ मेरी मुर्ति स्थापित करने से जनता का भला नही होगा अतः मै खुश नही हुॅ खुश तब होगा जब लोग मेरे द्वारा दिखाऐ रास्ते पर चलकर कथनी व करनी मे भेद न रखते हुए अपने जीवन मे अपनाऐगे " मैने कहा सदवचन इतना कहकर वीर विक्रमादित्य अन्तर्ध्यान हो गए इसलिए लोगो को जागरूक करने के लिए वीर विक्रमादित्य मिशन कि शुरूआत कि गई है लोग साथ दे या न दे लेकिन मै इस मिशन कि कामयाबी तब चैन से नही बैंठुगा

6 hrs ago
user_कमलेश शर्मा
कमलेश शर्मा
Voice of people जालोर, जालोर, राजस्थान•
6 hrs ago

जालौर शनिवार को वीर विक्रमादित्य परमार के इतिहास को देश की पाठ्य पुस्तकों में शामिल करने का अभियान हुआ शुरू सम्राट वीर विक्रमादित्य परमार का इतिहास देश कि पाठ्य पुस्तको मे सामिल करने का महा मिशन विक्रमादित्य कि शुरूआत। चक्रवर्ती सम्राट वीर विक्रमादित्य परमार,राजा भोज,राजा भर्तहरी,जगदेव परमार,महाराणा प्रताप,झांसी कि राणी लक्ष्मीबाई ,राणी पद्मिनी,हाडी रानी,मीराबाई आदी तमाम महापुरूषो का इतिहास देश के स्कूलो कि पाठ्य पुस्तको मे सामिल करने का महा मिशन विक्रमादित्य कि शुरूआत गांव आकोली से कि इस महत्वपूर्ण महा मिशन विक्रमादित्य कि शुरूआत करने वाले राजपूत समाज के पूरणसिंह काबावत आकोली ने बताया कि इस महत्वपूर्ण महा अभियान को सफल बनाने के लिए एक मिशन के रूप मे लेकर इसके तहत हमारे जालोर क्षेत्र मे या आस पास दौरो पर आने वाले या पत्रो के माध्यम से जनप्रतिनिधि विधायक,सांसद,मंत्री,केन्द्रीय मंत्री,मुख्यमन्त्री प्रधानमंत्री आदी को चक्रवर्ती सम्राट वीर विक्रमादित्य परमार सहित तमाम वीर महापुरूषो का इतिहास देश के स्कूलो कि पाठ्य पुस्तको मे सामिल करने के लिए समाज कि ओर से ज्ञापन दिऐ जाऐगे इस अभियान का मुख्य उद्देश्य देश के भविष्य बांल बच्चो को संस्कारी बनाने एवंम सत्य,न्याय,धर्म पर चलने के लिए प्रेरित प्रेरित करना है।पुराने समय मे माता जब अपने पुत्र को पालने मे सुलाती थी तब अपने पुत को वीर बनाने के लिए लोरिया गाती थी जिसमे किसी वीर महापुरूष कि वीरगाथा सुनाती थी लेकिन आज कि माता को तो पता भी नही है कि वीर महापुरूष कौन है कैसे होते है क्योंकि सरकारो ने वीर महापुरूषो कि गाथा वाले पाठ पाठ्य पुस्तको से हटा दिए जिसके चलते बच्चे संस्कार ,बडो के प्रति का मान सम्मान ,व्यापारिक ज्ञान आदी सब भूले है पता नही सरकार बच्चो को कौनसा ज्ञान देना चाहती है एवंम अभियान का दुसरा मकसद लोगो को सत्य,न्याय का ज्ञान करवाकर सत्य के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करना,न्याय का साथ देना हमेशा लोगो का न्याय करने,कथनी और करनी मे भेद नही करने आदी संस्कार जीवन मे अपनाने के लिए प्रेरित करना है क्योंकि लोग वीर विक्रमादित्य परमार सहित अन्य महापुरूषो के इतिहास व न्याय प्रिय बाते तो बडी बडी करते है लेकिन उनके पदचिन्हो पर चलने मे नाकाम साबित हो रहे है जो हाल ही में जग जाहिर हुआ है जो समाज के लिए बहुत ही सिन्ताजन है काबावत ने जोर देकर कहां कि जब तक विक्रमादित्य मिशन मे कामयाबी नही मिलती तब तक राज नेताओ को माला श साफा नही पहनायेगे और न खुद माला पहनेंगे चाहे कई साल लगे वीर विक्रमादित्य महा अभियान मे जुडने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को वीर विक्रमादित्य के नाम से अपने मन मे शपत लेनी होगी कि "मैं अपने जीवन मे वीर विक्रमादित्य के दिखाऐ मार्ग पर चलते हुए सत्य,न्याय,धर्म का हमेशा साथ दुंगा, "इस महत्वपूर्ण अभियान कि शुरूआत मे आहोर विधायक छगनसिंह राजपुरोहित को ज्ञापन समाज के द्वारा दिया जाऐगा चक्रवर्ती सम्राट वीर विक्रमादित्य परमार के इतिहास को देश के स्कूलो के पाठ्य पुस्तको सामिल करने के अभियान के बारे मे जब काबावत से पूछा गया कि ऐसे मिशन चलाने का आइडिया किसने दिया तब पूरणसिंह काबावत बताते है एक दिन रात को भरी निंद मे सोऐ हुए थे तब अचानक "वीर विक्रमादित्य परमार प्रकट हुए ओर कहने लगे कि सिर्फ मेरी मुर्ति स्थापित करने से जनता का भला नही होगा अतः मै खुश नही हुॅ खुश तब होगा जब लोग मेरे द्वारा दिखाऐ रास्ते पर चलकर कथनी व करनी मे भेद न रखते हुए अपने जीवन मे अपनाऐगे " मैने कहा सदवचन इतना कहकर वीर विक्रमादित्य अन्तर्ध्यान हो गए इसलिए लोगो को जागरूक करने के लिए वीर विक्रमादित्य मिशन कि शुरूआत कि गई है लोग साथ दे या न दे लेकिन मै इस मिशन कि कामयाबी तब चैन से नही बैंठुगा

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  • सम्राट वीर विक्रमादित्य परमार का इतिहास देश कि पाठ्य पुस्तको मे सामिल करने का महा मिशन विक्रमादित्य कि शुरूआत। चक्रवर्ती सम्राट वीर विक्रमादित्य परमार,राजा भोज,राजा भर्तहरी,जगदेव परमार,महाराणा प्रताप,झांसी कि राणी लक्ष्मीबाई ,राणी पद्मिनी,हाडी रानी,मीराबाई आदी तमाम महापुरूषो का इतिहास देश के स्कूलो कि पाठ्य पुस्तको मे सामिल करने का महा मिशन विक्रमादित्य कि शुरूआत गांव आकोली से कि इस महत्वपूर्ण महा मिशन विक्रमादित्य कि शुरूआत करने वाले राजपूत समाज के पूरणसिंह काबावत आकोली ने बताया कि इस महत्वपूर्ण महा अभियान को सफल बनाने के लिए एक मिशन के रूप मे लेकर इसके तहत हमारे जालोर क्षेत्र मे या आस पास दौरो पर आने वाले या पत्रो के माध्यम से जनप्रतिनिधि विधायक,सांसद,मंत्री,केन्द्रीय मंत्री,मुख्यमन्त्री प्रधानमंत्री आदी को चक्रवर्ती सम्राट वीर विक्रमादित्य परमार सहित तमाम वीर महापुरूषो का इतिहास देश के स्कूलो कि पाठ्य पुस्तको मे सामिल करने के लिए समाज कि ओर से ज्ञापन दिऐ जाऐगे इस अभियान का मुख्य उद्देश्य देश के भविष्य बांल बच्चो को संस्कारी बनाने एवंम सत्य,न्याय,धर्म पर चलने के लिए प्रेरित प्रेरित करना है।पुराने समय मे माता जब अपने पुत्र को पालने मे सुलाती थी तब अपने पुत को वीर बनाने के लिए लोरिया गाती थी जिसमे किसी वीर महापुरूष कि वीरगाथा सुनाती थी लेकिन आज कि माता को तो पता भी नही है कि वीर महापुरूष कौन है कैसे होते है क्योंकि सरकारो ने वीर महापुरूषो कि गाथा वाले पाठ पाठ्य पुस्तको से हटा दिए जिसके चलते बच्चे संस्कार ,बडो के प्रति का मान सम्मान ,व्यापारिक ज्ञान आदी सब भूले है पता नही सरकार बच्चो को कौनसा ज्ञान देना चाहती है एवंम अभियान का दुसरा मकसद लोगो को सत्य,न्याय का ज्ञान करवाकर सत्य के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करना,न्याय का साथ देना हमेशा लोगो का न्याय करने,कथनी और करनी मे भेद नही करने आदी संस्कार जीवन मे अपनाने के लिए प्रेरित करना है क्योंकि लोग वीर विक्रमादित्य परमार सहित अन्य महापुरूषो के इतिहास व न्याय प्रिय बाते तो बडी बडी करते है लेकिन उनके पदचिन्हो पर चलने मे नाकाम साबित हो रहे है जो हाल ही में जग जाहिर हुआ है जो समाज के लिए बहुत ही सिन्ताजन है काबावत ने जोर देकर कहां कि जब तक विक्रमादित्य मिशन मे कामयाबी नही मिलती तब तक राज नेताओ को माला श साफा नही पहनायेगे और न खुद माला पहनेंगे चाहे कई साल लगे वीर विक्रमादित्य महा अभियान मे जुडने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को वीर विक्रमादित्य के नाम से अपने मन मे शपत लेनी होगी कि "मैं अपने जीवन मे वीर विक्रमादित्य के दिखाऐ मार्ग पर चलते हुए सत्य,न्याय,धर्म का हमेशा साथ दुंगा, "इस महत्वपूर्ण अभियान कि शुरूआत मे आहोर विधायक छगनसिंह राजपुरोहित को ज्ञापन समाज के द्वारा दिया जाऐगा चक्रवर्ती सम्राट वीर विक्रमादित्य परमार के इतिहास को देश के स्कूलो के पाठ्य पुस्तको सामिल करने के अभियान के बारे मे जब काबावत से पूछा गया कि ऐसे मिशन चलाने का आइडिया किसने दिया तब पूरणसिंह काबावत बताते है एक दिन रात को भरी निंद मे सोऐ हुए थे तब अचानक "वीर विक्रमादित्य परमार प्रकट हुए ओर कहने लगे कि सिर्फ मेरी मुर्ति स्थापित करने से जनता का भला नही होगा अतः मै खुश नही हुॅ खुश तब होगा जब लोग मेरे द्वारा दिखाऐ रास्ते पर चलकर कथनी व करनी मे भेद न रखते हुए अपने जीवन मे अपनाऐगे " मैने कहा सदवचन इतना कहकर वीर विक्रमादित्य अन्तर्ध्यान हो गए इसलिए लोगो को जागरूक करने के लिए वीर विक्रमादित्य मिशन कि शुरूआत कि गई है लोग साथ दे या न दे लेकिन मै इस मिशन कि कामयाबी तब चैन से नही बैंठुगा
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    सम्राट वीर विक्रमादित्य परमार का इतिहास देश कि पाठ्य पुस्तको मे सामिल करने का महा मिशन विक्रमादित्य कि शुरूआत। 
चक्रवर्ती सम्राट वीर विक्रमादित्य परमार,राजा भोज,राजा भर्तहरी,जगदेव परमार,महाराणा प्रताप,झांसी कि राणी लक्ष्मीबाई ,राणी पद्मिनी,हाडी रानी,मीराबाई आदी तमाम महापुरूषो का इतिहास देश के स्कूलो कि पाठ्य पुस्तको मे सामिल करने का महा मिशन विक्रमादित्य कि शुरूआत गांव आकोली से कि इस महत्वपूर्ण महा मिशन विक्रमादित्य कि शुरूआत करने वाले राजपूत समाज के पूरणसिंह काबावत आकोली ने बताया कि इस महत्वपूर्ण महा अभियान को सफल बनाने के लिए एक मिशन के रूप मे लेकर इसके तहत हमारे जालोर क्षेत्र मे या आस पास दौरो पर आने वाले या पत्रो के माध्यम से जनप्रतिनिधि विधायक,सांसद,मंत्री,केन्द्रीय मंत्री,मुख्यमन्त्री प्रधानमंत्री आदी को चक्रवर्ती सम्राट वीर विक्रमादित्य परमार सहित तमाम वीर महापुरूषो का इतिहास देश के स्कूलो कि पाठ्य पुस्तको मे सामिल करने के लिए समाज कि ओर से ज्ञापन दिऐ जाऐगे इस अभियान का मुख्य उद्देश्य देश के भविष्य बांल बच्चो को संस्कारी बनाने एवंम सत्य,न्याय,धर्म पर चलने के लिए प्रेरित प्रेरित करना है।पुराने समय मे माता जब अपने पुत्र को पालने मे सुलाती थी तब अपने पुत को वीर बनाने के लिए लोरिया गाती थी जिसमे किसी वीर महापुरूष कि वीरगाथा सुनाती थी लेकिन आज कि माता को तो पता भी नही है कि वीर महापुरूष कौन है कैसे होते है क्योंकि सरकारो ने वीर महापुरूषो कि गाथा वाले पाठ पाठ्य पुस्तको से हटा दिए जिसके चलते बच्चे संस्कार ,बडो के प्रति का मान सम्मान ,व्यापारिक ज्ञान आदी सब भूले है पता नही सरकार बच्चो को कौनसा ज्ञान देना चाहती है एवंम अभियान का दुसरा मकसद लोगो को सत्य,न्याय का ज्ञान करवाकर सत्य के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करना,न्याय का साथ देना हमेशा लोगो का न्याय करने,कथनी और करनी मे भेद नही करने आदी संस्कार जीवन मे अपनाने के लिए प्रेरित करना है क्योंकि लोग वीर विक्रमादित्य परमार सहित अन्य महापुरूषो के इतिहास व न्याय प्रिय बाते तो बडी बडी करते है लेकिन उनके पदचिन्हो पर चलने मे नाकाम साबित हो रहे है जो हाल ही में जग जाहिर हुआ है जो समाज के लिए बहुत ही सिन्ताजन है काबावत ने जोर देकर कहां कि जब तक  विक्रमादित्य मिशन मे कामयाबी नही मिलती तब तक राज नेताओ को माला श साफा नही पहनायेगे और न खुद माला पहनेंगे चाहे  कई साल लगे वीर विक्रमादित्य महा अभियान मे जुडने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को वीर विक्रमादित्य के नाम से अपने मन मे शपत लेनी होगी कि "मैं अपने जीवन मे वीर विक्रमादित्य के दिखाऐ मार्ग पर चलते हुए सत्य,न्याय,धर्म का हमेशा साथ दुंगा, "इस महत्वपूर्ण अभियान कि शुरूआत मे आहोर विधायक छगनसिंह राजपुरोहित को ज्ञापन समाज के द्वारा दिया जाऐगा चक्रवर्ती सम्राट वीर विक्रमादित्य परमार के इतिहास को देश के स्कूलो के पाठ्य पुस्तको सामिल करने के अभियान के बारे मे जब काबावत से पूछा गया कि ऐसे मिशन चलाने का आइडिया किसने दिया तब पूरणसिंह काबावत बताते है एक दिन रात को भरी निंद मे सोऐ हुए थे तब अचानक "वीर विक्रमादित्य परमार प्रकट हुए ओर कहने लगे कि सिर्फ मेरी मुर्ति स्थापित करने से जनता का भला नही होगा अतः मै खुश नही हुॅ खुश तब होगा जब लोग मेरे द्वारा दिखाऐ रास्ते पर चलकर कथनी व करनी मे भेद न रखते हुए अपने जीवन मे अपनाऐगे " मैने कहा सदवचन इतना कहकर वीर विक्रमादित्य अन्तर्ध्यान हो गए इसलिए लोगो को जागरूक करने के लिए वीर विक्रमादित्य मिशन कि शुरूआत कि गई है लोग साथ दे या न दे लेकिन मै इस मिशन कि कामयाबी तब चैन से नही बैंठुगा
    user_कमलेश शर्मा
    कमलेश शर्मा
    Voice of people जालोर, जालोर, राजस्थान•
    6 hrs ago
  • Post by लाबु सिंह
    2
    Post by लाबु सिंह
    user_लाबु सिंह
    लाबु सिंह
    जालोर, जालोर, राजस्थान•
    19 hrs ago
  • Post by Apna jalor
    1
    Post by Apna jalor
    user_Apna jalor
    Apna jalor
    Video Creator सायला, जालोर, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • नाला पानी सफाई करने के लिए kago ki was karmawas samdari
    2
    नाला पानी सफाई करने के लिए kago ki was karmawas samdari
    user_Jagdish Patel
    Jagdish Patel
    समदड़ी, बाड़मेर, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • फालना के पीएम श्री महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम विद्यालय खुडाला में स्कूल मैनेजमेंट कमेटी (SMC) और विद्यालय विकास मैनेजमेंट कमेटी (SDMC) का पुनर्गठन किया गया। इसमें श्री श्रीपाल सिंह को SMC का अध्यक्ष और श्रीमती भावना को उपाध्यक्ष चुना गया। यह चुनाव नए सत्र 2026-27 के लिए हुआ है। समितियों के सदस्यों के नवीनीकरण और पुनर्गठन के लिए एक आम सभा आयोजित की गई थी। इस सभा में नर्सरी से लेकर 12वीं कक्षा तक के अभिभावकों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया।
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    फालना के पीएम श्री महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम विद्यालय खुडाला में स्कूल मैनेजमेंट कमेटी (SMC) और विद्यालय विकास मैनेजमेंट कमेटी (SDMC) का पुनर्गठन किया गया। इसमें श्री श्रीपाल सिंह को SMC का अध्यक्ष और श्रीमती भावना को उपाध्यक्ष चुना गया। यह चुनाव नए सत्र 2026-27 के लिए हुआ है।
समितियों के सदस्यों के नवीनीकरण और पुनर्गठन के लिए एक आम सभा आयोजित की गई थी। इस सभा में नर्सरी से लेकर 12वीं कक्षा तक के अभिभावकों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया।
    user_मारवाड़ गोडवाड न्यूज़
    मारवाड़ गोडवाड न्यूज़
    Agricultural production बाली, पाली, राजस्थान•
    22 hrs ago
  • “मैं पिछले 10 दिनों से अपने वैधानिक रास्ते की मांग को लेकर धरने पर बैठा हूं, लेकिन अभी तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई है। SDM महोदय द्वारा आदेश पारित होने के बावजूद उसे लागू नहीं किया जा रहा है, जिससे मुझे अत्यंत परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मैं प्रशासन से विनम्र निवेदन करता हूं कि मेरे मामले में शीघ्र कार्यवाही कर न्याय प्रदान करें, अन्यथा मुझे मजबूर होकर आगे कड़े कदम उठाने पड़ सकते हैं। 📍 स्थान: रानीवाड़ा 📅 दिन: धरने का 10वां दिन #JusticeDelayed #RastaDo #PrashasanDhyanDe”
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    “मैं पिछले 10 दिनों से अपने वैधानिक रास्ते की मांग को लेकर धरने पर बैठा हूं, लेकिन अभी तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई है।
SDM महोदय द्वारा आदेश पारित होने के बावजूद उसे लागू नहीं किया जा रहा है, जिससे मुझे अत्यंत परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मैं प्रशासन से विनम्र निवेदन करता हूं कि मेरे मामले में शीघ्र कार्यवाही कर न्याय प्रदान करें, अन्यथा मुझे मजबूर होकर आगे कड़े कदम उठाने पड़ सकते हैं।
📍 स्थान: रानीवाड़ा 
📅 दिन: धरने का 10वां दिन
#JusticeDelayed #RastaDo #PrashasanDhyanDe”
    user_KIRAN SOLANKI
    KIRAN SOLANKI
    रानीवाड़ा, जालोर, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • Post by मुकेश कुमार परमार
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    Post by मुकेश कुमार परमार
    user_मुकेश कुमार परमार
    मुकेश कुमार परमार
    पिंडवाड़ा, सिरोही, राजस्थान•
    6 hrs ago
  • ग्रामीण इलाको मे उपयोग मे किये जाने वाले तीन पहिया वाहन चालक की लापर वाही दुर्घटना को आमंत्रित कर रही है , खुले आम वाहन niyamo की उड़ रही धजिया
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    ग्रामीण इलाको मे उपयोग मे किये जाने वाले तीन पहिया वाहन चालक की लापर वाही दुर्घटना को आमंत्रित कर रही है  , खुले आम वाहन niyamo की उड़ रही धजिया
    user_लाबु सिंह
    लाबु सिंह
    जालोर, जालोर, राजस्थान•
    21 hrs ago
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