पीलीभीत के पूरनपुर में शारदा नदी पर बना धनाराघाट पैंटून पुल आगामी 15 जून की शाम 6 बजे से आवागमन के लिए पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। इस घोषणा के बाद ट्रांस शारदा क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों को अब तहसील और जिला मुख्यालय तक पहुंचने के लिए एक लंबा और थकाऊ रास्ता तय करना पड़ेगा। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने पुल के बैरियर पर सूचना बोर्ड लगाकर लोगों को इस संबंध में जानकारी दी है। जानकारी के अनुसार, पैंटून पुल के माध्यम से पूरनपुर से ट्रांस शारदा क्षेत्र की दूरी लगभग 30 किलोमीटर है, लेकिन पुल हटने के बाद लोगों को लगभग 130 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ेगा, जिसके लिए उन्हें दो जिलों की सीमाओं से होकर गुजरना होगा। इस बदलाव से क्षेत्र के ग्रामीणों, किसानों, छात्रों, व्यापारियों और मरीजों सहित सभी वर्गों को भारी असुविधा और परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। ट्रांस शारदा क्षेत्र के सिंघाड़ा उर्फ टाटरगंज, बमनपुर भगीरथ, बैल्हा, सिद्धनगर, शास्त्रीनगर, भरतपुर, रामनगर, अशोकनगर, शांतिनगर, मुरैना गांधीनगर, हजारा, श्रीनगर, कबीरगंज, कुठिया गुंदिया, विजयनगर, राणाप्रतापनगर, नहरोसा, राघवपुरी और भगवानपुरी जैसे दर्जनों गाँव सीधे तौर पर प्रभावित होंगे। यह अस्थायी पैंटून पुल हर वर्ष 15 अक्टूबर को बनाया जाता है और 15 जून तक संचालित रहता है। हालांकि, पिछले कई वर्षों से विभागीय देरी के कारण पुल का निर्माण अक्सर नवंबर माह में ही हो पाता है, जिससे क्षेत्र के लोगों को कई महीनों तक आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि यह पैंटून पुल ट्रांस शारदा क्षेत्र के लिए एक जीवनरेखा के समान है, जिसके सहारे लोग तहसील, जिला मुख्यालय, अस्पताल, स्कूल-कॉलेज और बाजार तक आसानी से पहुंच पाते हैं। पुल बंद होने से यात्रा का समय और खर्च दोनों बढ़ जाएंगे, जिसका सीधा असर आम जनजीवन पर पड़ेगा।
पीलीभीत के पूरनपुर में शारदा नदी पर बना धनाराघाट पैंटून पुल आगामी 15 जून की शाम 6 बजे से आवागमन के लिए पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। इस घोषणा के बाद ट्रांस शारदा क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों को अब तहसील और जिला मुख्यालय तक पहुंचने के लिए एक लंबा और थकाऊ रास्ता तय करना पड़ेगा। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने पुल के बैरियर पर सूचना बोर्ड लगाकर लोगों को इस संबंध में जानकारी दी है। जानकारी के अनुसार, पैंटून पुल के माध्यम से पूरनपुर से ट्रांस शारदा क्षेत्र की दूरी लगभग 30 किलोमीटर है, लेकिन पुल हटने के बाद लोगों को लगभग 130 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ेगा, जिसके लिए उन्हें दो जिलों की सीमाओं से होकर गुजरना होगा। इस बदलाव से क्षेत्र के ग्रामीणों, किसानों, छात्रों, व्यापारियों और मरीजों सहित सभी वर्गों को भारी असुविधा और परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। ट्रांस शारदा क्षेत्र के सिंघाड़ा उर्फ टाटरगंज, बमनपुर भगीरथ, बैल्हा, सिद्धनगर, शास्त्रीनगर, भरतपुर, रामनगर, अशोकनगर, शांतिनगर, मुरैना गांधीनगर, हजारा, श्रीनगर, कबीरगंज, कुठिया गुंदिया, विजयनगर, राणाप्रतापनगर, नहरोसा, राघवपुरी और भगवानपुरी जैसे दर्जनों गाँव सीधे तौर पर प्रभावित होंगे। यह अस्थायी पैंटून पुल हर वर्ष 15 अक्टूबर को बनाया जाता है और 15 जून तक संचालित रहता है। हालांकि, पिछले कई वर्षों से विभागीय देरी के कारण पुल का निर्माण अक्सर नवंबर माह में ही हो पाता है, जिससे क्षेत्र के लोगों को कई महीनों तक आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि यह पैंटून पुल ट्रांस शारदा क्षेत्र के लिए एक जीवनरेखा के समान है, जिसके सहारे लोग तहसील, जिला मुख्यालय, अस्पताल, स्कूल-कॉलेज और बाजार तक आसानी से पहुंच पाते हैं। पुल बंद होने से यात्रा का समय और खर्च दोनों बढ़ जाएंगे, जिसका सीधा असर आम जनजीवन पर पड़ेगा।
- उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में एक क्रिकेट मैच के दौरान हार को लेकर शुरू हुआ विवाद एक खूनी वारदात में बदल गया, जिसमें जीतने वाली टीम के कप्तान राशिद की दो दिन बाद अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। यह घटना तब हुई जब मैच हारने से नाराज़ सुहैल नामक युवक ने कथित तौर पर जीतने वाली टीम के कप्तान राशिद के सिर पर क्रिकेट बल्ले से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल राशिद को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन दो दिन के उपचार के बाद उसने दम तोड़ दिया। मृतक राशिद उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा की तैयारी कर रहा था। इस खूनी वारदात के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।1
- पीलीभीत के पूरनपुर में शारदा नदी पर बना धनाराघाट पैंटून पुल आगामी 15 जून की शाम 6 बजे से आवागमन के लिए पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। इस घोषणा के बाद ट्रांस शारदा क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों को अब तहसील और जिला मुख्यालय तक पहुंचने के लिए एक लंबा और थकाऊ रास्ता तय करना पड़ेगा। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने पुल के बैरियर पर सूचना बोर्ड लगाकर लोगों को इस संबंध में जानकारी दी है। जानकारी के अनुसार, पैंटून पुल के माध्यम से पूरनपुर से ट्रांस शारदा क्षेत्र की दूरी लगभग 30 किलोमीटर है, लेकिन पुल हटने के बाद लोगों को लगभग 130 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ेगा, जिसके लिए उन्हें दो जिलों की सीमाओं से होकर गुजरना होगा। इस बदलाव से क्षेत्र के ग्रामीणों, किसानों, छात्रों, व्यापारियों और मरीजों सहित सभी वर्गों को भारी असुविधा और परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। ट्रांस शारदा क्षेत्र के सिंघाड़ा उर्फ टाटरगंज, बमनपुर भगीरथ, बैल्हा, सिद्धनगर, शास्त्रीनगर, भरतपुर, रामनगर, अशोकनगर, शांतिनगर, मुरैना गांधीनगर, हजारा, श्रीनगर, कबीरगंज, कुठिया गुंदिया, विजयनगर, राणाप्रतापनगर, नहरोसा, राघवपुरी और भगवानपुरी जैसे दर्जनों गाँव सीधे तौर पर प्रभावित होंगे। यह अस्थायी पैंटून पुल हर वर्ष 15 अक्टूबर को बनाया जाता है और 15 जून तक संचालित रहता है। हालांकि, पिछले कई वर्षों से विभागीय देरी के कारण पुल का निर्माण अक्सर नवंबर माह में ही हो पाता है, जिससे क्षेत्र के लोगों को कई महीनों तक आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि यह पैंटून पुल ट्रांस शारदा क्षेत्र के लिए एक जीवनरेखा के समान है, जिसके सहारे लोग तहसील, जिला मुख्यालय, अस्पताल, स्कूल-कॉलेज और बाजार तक आसानी से पहुंच पाते हैं। पुल बंद होने से यात्रा का समय और खर्च दोनों बढ़ जाएंगे, जिसका सीधा असर आम जनजीवन पर पड़ेगा।1
- पूरनपुर के शेरपुर रेलवे क्रॉसिंग पर एक नए ओवरब्रिज का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना के कारण, रेलवे क्रॉसिंग के पास स्थित दर्जनों दुकानों पर निशान लगाए गए हैं, जो ओवरब्रिज निर्माण के लिए प्रभावित होंगी।1
- पीलीभीत के कलीनगर में स्थित प्रसिद्ध माला जंगल के ऐतिहासिक 'सिद्ध बाबा देव स्थल' में अज्ञात चोरों ने लाखों रुपये का कीमती सामान चुरा लिया है। चोर अपनी पहचान छुपाने के लिए मंदिर में लगे सीसीटीवी की एलसीडी स्क्रीन और डीवीआर (रिकॉर्डर) को उखाड़ ले गए। इसके अलावा, वे मुख्य द्वार पर टंगा लगभग 40 किलो वजनी पीतल का भारी-भरकम घंटा और अन्य सामान भी चुराकर फरार हो गए। घटना की जानकारी सुबह होने पर श्रद्धालुओं में भारी आक्रोश फैल गया। सूचना मिलते ही माधोटांडा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस टीमें चोरों की तलाश में जंगल और आसपास के इलाकों में लगातार छापेमारी कर रही हैं।2
- पीलीभीत शहर में सड़क से तीन फीट ऊँचे नाले बनाए जाने के कारण स्थानीय निवासियों में गहरा सदमा और गुस्सा व्याप्त है। इन ऊँचे नालों के निर्माण के चलते अब घर, दुकानें और पूरी कॉलोनी ही जैसे गड्ढे में समा गई है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ है। इस पूरे प्रकरण को लेकर स्थानीय लोगों में चेयरमैन के प्रति तीव्र नाराजगी है। उनका स्पष्ट मत है कि इस स्थिति के लिए चेयरमैन ही जिम्मेदार हैं, भले ही कार्य किसी और द्वारा किया गया हो। पीलीभीत नगर पालिका परिषद से संबंधित इस मामले में स्थानीय निवासी अपनी नाराजगी खुलकर व्यक्त कर रहे हैं।1
- उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में रिछोला से गजरौला मार्ग पर बनी सड़क मात्र एक साल के भीतर ही पूरी तरह से जर्जर हो गई है। करोड़ों रुपये की लागत से तैयार की गई इस सड़क की इतनी जल्दी खराब हालत पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, खासकर यह देखते हुए कि इसके निर्माण में कथित तौर पर उच्च तकनीक का उपयोग किया गया था। यह स्थिति निर्माण कार्य की गुणवत्ता और संभावित भ्रष्टाचार को लेकर प्रश्नचिह्न लगाती है। लोगों से इस संबंध में राय मांगी जा रही है कि सड़क के जल्द खराब होने के लिए निर्माण की गुणवत्ता जिम्मेदार है या फिर यह भ्रष्टाचार का परिणाम है।1
- बरेली के आंवला थाना क्षेत्र में एक शादी समारोह उस समय अखाड़ा बन गया, जब दहेज में बुलेट मोटरसाइकिल और 2 लाख रुपये नकद की माँग को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। बताया जा रहा है कि यह विवाद खाने के दौरान शुरू हुआ, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गया। इस दौरान जमकर कुर्सियां चलीं और शादी के माहौल में अफरा-तफरी मच गई। घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। सूचना मिलने पर पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है।1
- पीलीभीत के अमरिया थाना क्षेत्र में एक सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहाँ छह दिन से लापता एक युवक का सड़ा-गला शव गन्ने के खेत से बरामद होने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। हरहरपुर धुरा गांव का रहने वाला 20 वर्षीय शिवकुमार 1 जून की सुबह अपने घर से निकला था, जिसके बाद वह वापस नहीं लौटा और परिजनों ने उसी दिन उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। रविवार सुबह, खेत मालिक को गन्ने के खेत से तेज दुर्गंध आने पर ग्रामीणों ने तलाश की तो शिवकुमार का शव खेत के अंदर मिला। शव मिलने के बाद परिवार में कोहराम मच गया और परिजनों ने पुरानी रंजिश का हवाला देते हुए गांव के ही एक व्यक्ति पर हत्या का आरोप लगाया है। बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले पोल्ट्री फार्म में आग लगने के मामले को लेकर विवाद चल रहा था और 1 जून को ही दोनों पक्षों के बीच समझौते की बातचीत भी होनी थी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, फॉरेंसिक टीम और क्षेत्राधिकारी नताशा गोयल मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस इस मामले के सभी पहलुओं पर गहनता से जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही युवक की मौत की असली वजह स्पष्ट हो सकेगी।1