नववर्ष पर झुंझुनू के मंदिरों में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, जयकारों से गूंज उठा शहर झुंझुनू। नववर्ष के पहले दिन झुंझुनू शहर में धार्मिक आस्था और उल्लास का भव्य दृश्य देखने को मिला। साल की शुरुआत भगवान के दर्शन और पूजा-अर्चना से करने की परंपरा के चलते शहर के प्रमुख मंदिरों में तड़के से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कड़ाके की ठंड के बावजूद भक्तों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी और पूरा शहर भक्ति, श्रद्धा व जयकारों के स्वर में डूबा नजर आया। नए साल की सुबह झुंझुनू के विभिन्न मंदिरों के पट खुलते ही श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया। सुबह की आरतियों में विशेष रौनक देखने को मिली। मंदिर परिसरों में घंटियों की मधुर ध्वनि, मंत्रोच्चार और जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान से नए वर्ष में सुख, शांति, समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। कई परिवारों ने सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना कर नववर्ष की शुभ शुरुआत की। शहर के बगड़ रोड स्थित श्री गणेश मंदिर में नववर्ष के अवसर पर विशेष भीड़ देखने को मिली। मंदिर में सुबह करीब छह बजे से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं, जो देर सुबह तक बनी रहीं। प्रथम पूज्य देव भगवान गणेश के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। भक्तों ने भगवान को लड्डू, दुर्वा और पुष्प अर्पित कर नए साल के लिए मंगलकामनाएं कीं। मंदिर परिसर में “गणपति बप्पा मोरया” के जयघोष से माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया। कई श्रद्धालु परिवार सहित मंदिर पहुंचे और सामूहिक आरती में भाग लिया। इसी तरह खेतानों के मोहल्ले में स्थित प्रसिद्ध श्याम मंदिर में भी नववर्ष के पहले दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। बाबा श्याम के दर्शन के लिए सुबह से ही लंबी कतारें लगी रहीं। भक्तों ने गुलाब के फूल, फूलों की मालाएं और प्रसाद अर्पित कर बाबा से आशीर्वाद लिया। श्रद्धालुओं का मानना है कि नववर्ष के दिन बाबा श्याम के दर्शन करने से पूरे साल उनकी कृपा बनी रहती है। इसी आस्था के चलते झुंझुनू शहर के साथ-साथ आसपास के गांवों और दूर-दराज के क्षेत्रों से भी भक्त मंदिर पहुंचे। इसके अलावा शहर के अन्य मंदिरों—जैसे हनुमान मंदिर, शिव मंदिर और दुर्गा मंदिर—में भी नववर्ष के मौके पर श्रद्धालुओं की अच्छी खासी भीड़ रही। सुबह की विशेष पूजा और आरती में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। कई मंदिरों में फूलों और रोशनी से विशेष सजावट की गई, जिससे मंदिरों की सुंदरता और भी बढ़ गई। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर वर्ग के लोग नए साल की शुरुआत ईश्वर के चरणों में शीश नवाकर करते नजर आए। मंदिरों में बढ़ती भीड़ को देखते हुए मंदिर समितियों और स्वयंसेवकों द्वारा व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए गए। दर्शन को सुव्यवस्थित करने के लिए कतारों की व्यवस्था की गई, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के लिए विशेष ध्यान रखा गया। कई मंदिरों में पेयजल, प्रसाद वितरण और प्राथमिक सुविधाओं की भी व्यवस्था की गई थी। सुरक्षा के लिहाज से भी मंदिर परिसरों में पर्याप्त इंतजाम किए गए। स्वयंसेवक लगातार श्रद्धालुओं की सहायता करते नजर आए और भीड़ को नियंत्रित करने में सहयोग करते रहे। मंदिर प्रबंधन का कहना है कि श्रद्धालुओं के सहयोग से दर्शन व्यवस्था शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई। कुल मिलाकर, नववर्ष के पहले दिन झुंझुनू शहर में धार्मिक आस्था और सामाजिक समरसता का सुंदर उदाहरण देखने को मिला। मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ ने यह साबित कर दिया कि आधुनिक जीवनशैली के बावजूद लोगों की धार्मिक आस्था और परंपराएं आज भी उतनी ही मजबूत हैं। भगवान के दर्शन और पूजा-अर्चना के साथ लोगों ने नए साल की सकारात्मक, शुभ और मंगलमय शुरुआत की।
नववर्ष पर झुंझुनू के मंदिरों में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, जयकारों से गूंज उठा शहर झुंझुनू। नववर्ष के पहले दिन झुंझुनू शहर में धार्मिक आस्था और उल्लास का भव्य दृश्य देखने को मिला। साल की शुरुआत भगवान के दर्शन और पूजा-अर्चना से करने की परंपरा के चलते शहर के प्रमुख मंदिरों में तड़के से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कड़ाके की ठंड के बावजूद भक्तों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी और पूरा शहर भक्ति, श्रद्धा व जयकारों के स्वर में डूबा नजर आया। नए साल की सुबह झुंझुनू के विभिन्न मंदिरों के पट खुलते ही श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया। सुबह की आरतियों में विशेष रौनक देखने को मिली। मंदिर परिसरों में घंटियों की मधुर ध्वनि, मंत्रोच्चार और जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान से नए वर्ष में सुख, शांति, समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। कई परिवारों ने सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना कर नववर्ष की शुभ शुरुआत की। शहर के बगड़ रोड स्थित श्री गणेश मंदिर में नववर्ष के अवसर पर विशेष भीड़ देखने को मिली। मंदिर में सुबह करीब छह बजे से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं, जो देर सुबह तक बनी रहीं। प्रथम पूज्य देव भगवान गणेश के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। भक्तों ने भगवान को लड्डू, दुर्वा और पुष्प अर्पित कर नए साल के लिए मंगलकामनाएं कीं। मंदिर परिसर में “गणपति बप्पा मोरया” के जयघोष से माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया। कई श्रद्धालु परिवार सहित मंदिर पहुंचे और सामूहिक आरती में भाग लिया। इसी तरह खेतानों के मोहल्ले में स्थित प्रसिद्ध श्याम मंदिर में भी नववर्ष के पहले दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। बाबा श्याम के दर्शन के लिए सुबह से ही लंबी कतारें लगी रहीं। भक्तों ने गुलाब के फूल, फूलों की मालाएं और प्रसाद अर्पित कर बाबा से आशीर्वाद लिया। श्रद्धालुओं का मानना है कि नववर्ष के दिन बाबा श्याम के दर्शन करने से पूरे साल उनकी कृपा बनी रहती है। इसी आस्था के चलते झुंझुनू शहर के साथ-साथ आसपास के गांवों और दूर-दराज के क्षेत्रों से भी भक्त मंदिर पहुंचे। इसके अलावा शहर के अन्य मंदिरों—जैसे हनुमान मंदिर, शिव मंदिर और दुर्गा मंदिर—में भी नववर्ष के मौके पर श्रद्धालुओं की अच्छी खासी भीड़ रही। सुबह की विशेष पूजा और आरती में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। कई मंदिरों में फूलों और रोशनी से विशेष सजावट की गई, जिससे मंदिरों की सुंदरता और भी बढ़ गई। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर वर्ग के लोग नए साल की शुरुआत ईश्वर के चरणों में शीश नवाकर करते नजर आए। मंदिरों में बढ़ती भीड़ को देखते हुए मंदिर समितियों और स्वयंसेवकों द्वारा व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए गए। दर्शन को सुव्यवस्थित करने के लिए कतारों की व्यवस्था की गई, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के लिए विशेष ध्यान रखा गया। कई मंदिरों में पेयजल, प्रसाद वितरण और प्राथमिक सुविधाओं की भी व्यवस्था की गई थी। सुरक्षा के लिहाज से भी मंदिर परिसरों में पर्याप्त इंतजाम किए गए। स्वयंसेवक लगातार श्रद्धालुओं की सहायता करते नजर आए और भीड़ को नियंत्रित करने में सहयोग करते रहे। मंदिर प्रबंधन का कहना है कि श्रद्धालुओं के सहयोग से दर्शन व्यवस्था शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई। कुल मिलाकर, नववर्ष के पहले दिन झुंझुनू शहर में धार्मिक आस्था और सामाजिक समरसता का सुंदर उदाहरण देखने को मिला। मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ ने यह साबित कर दिया कि आधुनिक जीवनशैली के बावजूद लोगों की धार्मिक आस्था और परंपराएं आज भी उतनी ही मजबूत हैं। भगवान के दर्शन और पूजा-अर्चना के साथ लोगों ने नए साल की सकारात्मक, शुभ और मंगलमय शुरुआत की।
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- नववर्ष पर मानवता की मिसाल: नीमराना के श्रीकृष्णा टॉवर में डॉल्फिन्स स्कूल द्वारा भंडारे का आयोजन नीमराना(सुनील कुमार) नववर्ष के शुभ अवसर पर मानवता की सेवा का संदेश देते हुए नीमराना कस्बे के श्रीकृष्णा टॉवर मार्केट में गुरुवार को माधोसिंहपुरा स्थित डॉल्फिन्स स्कूल द्वारा भंडारे का आयोजन किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य जरूरतमंदों की सहायता कर समाज में सेवा और सहयोग की भावना को बढ़ावा देना रहा। डॉल्फिन्स स्कूल की डायरेक्टर सविता मलिक ने बताया कि नववर्ष के उपलक्ष्य में मानवता की सेवार्थ यह पहल की गई, ताकि नए साल की शुरुआत सेवा और संवेदनशीलता के साथ हो सके। भंडारे के दौरान आने-जाने वाले लोगों को भोजन के पैकेट वितरित किए गए, जिससे बड़ी संख्या में लोगों ने लाभ उठाया। उन्होंने आमजन से अपील की कि विशेष अवसरों पर जरूरतमंद स्थानों पर भंडारे जैसे सेवा कार्य आयोजित कर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। इस अवसर पर चेयरमैन प्रवीण सिद्धू, सामाजिक कार्यकर्ता नरेंद्र चौधरी (गोल्डन एजुकेशन निदेशक) सहित सुमन, रेनू, शिवानी, शालू, रिंकू, प्रदीप, प्रियंका, राजेश, वेदप्रकाश, तनवी, मनीषा एवं स्कूल स्टाफ के अन्य सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम के माध्यम से नववर्ष पर सेवा, सहयोग और मानवता का प्रेरक संदेश दिया गया।4
- #नए साल पर पाखंड पर प्रहार करती विजय सारसर की लघु फिल्म "टोना टोटका "1
- शाहपुरा थाना क्षेत्र में NH-48 हाइवे पर एक अनियंत्रित ट्रेलर सड़क किनारे बनी दुकान में जा घुसा।गनीमत रही की कोई जनहानि नहीं हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तेज रफ्तार से आ रहा ट्रेलर अचानक नियंत्रण खो बैठा। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दुकान का एक हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।1
- जन्मदिन मनाने का अनोखा तरीका जन्मदिन पर पहुंची हजारों महिलाएं पिंकी नगर का कहना यह मेरा परिवार है1
- राजस्थान पुलिस के कर्तव्य निस्ट पुलिस निरीक्षक की राजपाल सिंह यादव का बीमारी के चलते हुआ निधन1
- नीमराना में अधिवक्ता के चैंबर में अज्ञात लोगों ने लगाई आग, 35 हजार का नुकसान थाने में मामला कराया दर्ज नीमराना (सुनील कुमार) नीमराना कस्बे में अज्ञात असामाजिक तत्वों द्वारा एक अधिवक्ता के चैंबर को निशाना बनाए जाने का मामला सामने आया है। घटना 31 दिसंबर 2025 की रात्रि की है, जब अज्ञात लोगों ने आगजनी कर चैंबर में भारी नुकसान पहुंचाया। अधिवक्ता अशोक कुमार निभोरिया, निवासी न्यू कॉलोनी नीमराना ने पुलिस थाना नीमराना में रिपोर्ट देकर बताया कि उन्होंने उपखंड कार्यालय नीमराना के सामने अपना निजी चैंबर बना रखा है। 31 दिसंबर की रात अज्ञात लोगों ने उनके चैंबर में आग लगा दी। आरोप है कि आगजनी से पूर्व चोरों ने विद्युत आपूर्ति की केबल लगभग 300 फीट काटकर चोरी कर ली। इसके बाद चैंबर में रखी प्लास्टिक की कुर्सियों पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा दी, जिससे चैंबर में रखा फर्नीचर, सीटें एवं अन्य सामान जलकर राख हो गया। इसके साथ ही चैंबर के उत्तर व दक्षिण दिशा में लगे अधिवक्ताओं के नामों के बोर्ड भी तोड़कर नष्ट कर दिए गए। आगजनी की इस घटना में पीड़ित अधिवक्ता को लगभग 35 हजार रुपये का आर्थिक नुकसान होने का अनुमान है। घटना की जानकारी मिलने पर अधिवक्ता अशोक कुमार निभोरिया ने पुलिस थाना नीमराना में लिखित रिपोर्ट दर्ज कराते हुए अज्ञात आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। क्षेत्र में इस घटना के बाद अधिवक्ताओं एवं स्थानीय लोगों में रोष व्याप्त है तथा सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं1
- नई पंचायत समिति मैड़ में जोड़ेने पर विरोध#ग्रामीणों ने एसडीएम कपिल कुमार को सौंपा ज्ञापन#कहा-बीलवाडी-बियावास को पंचायत समिति विराटनगर में ही रखें#नहीं तो करेंगे आंदोलन#ग्रामीणों ने कहा कि राजस्थान में नई पंचायत समितियों के पुनर्गठन और सीमाओं के निर्धारण को लेकर कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। इसी क्रम में, बीलवाड़ी और बियावास गांवों के ग्रामीणों ने अपनी पंचायत समितियों को नई प्रस्तावित पंचायत समिति मैड़ में जोड़े जाने का विरोध किया है। ग्रामीणों ने इस संबंध में उपखंड अधिकारी कपिल कुमार को ज्ञापन सौंपा, ग्रामीण गोपाल कृष्ण सैन, रामरतन शर्मा दिनेश शेखावत,, पवन शर्मा ,खेमसिंह ,दीपक, मनोज ,योगेश, रवि ,दशरथ ,रिंकू ,अशोक, रामफुल ,रवि, नरेंद्र आदि लोग मौजूद थे1
- #चौराहे पर टोना करने के लिए जा रही ताई ने खुद ही खा लिया टोना की मिठाई1