भीलवाड़ा में कई दिनों से मानसून के बादल छाए रहने के बावजूद अच्छी बारिश न होने पर पतंजलि योग परिवार, शिवाजी गार्डन फिटनेस मित्रगण और आर्य समाज मंदिर के सहयोग से वृष्टि के लिए विशेष यज्ञ हवन का आयोजन किया गया। इस धार्मिक अनुष्ठान का मुख्य उद्देश्य जिले में अच्छी वर्षा, सुख-समृद्धि, स्वस्थ पर्यावरण और लोककल्याण की मंगलकामना करना था। इस यज्ञ का आयोजन पतंजलि परिवार के संरक्षक भूपेंद्र मोगरा के मुख्य आतिथ्य और महिला पतंजलि योग समिति की जिला प्रभारी नीरा मेहता की अध्यक्षता में किया गया। कार्यक्रम में पतंजलि परिवार के जिला प्रभारी भंवर लाल शर्मा, योग शिक्षक दुर्गा लाल जोशी, रेखा आगाल और प्रेम शंकर जोशी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। आर्य समाज के पुरोहित यज्ञाचार्य पंडित शिव कुमार शास्त्री के सान्निध्य में पंडित विजय शर्मा और किरण शर्मा के विशेष सहयोग से यज्ञ संपन्न कराया गया। इसमें पतंजलि परिवार के साधकों, शिवाजी गार्डन फिटनेस मित्रों और अन्य श्रद्धालुओं ने वरुण देव, इंद्रदेव सहित अन्य देवताओं को वैदिक मंत्रोच्चार के साथ आहुतियाँ दीं। भारत स्वाभिमान न्यास के जिला प्रभारी प्रेम शंकर जोशी ने सनातन धर्म की मान्यता का उल्लेख करते हुए बताया कि वैदिक मंत्रों के साथ दी गई आहुतियों का धुआं बादलों में जाकर उन्हें पानी बरसाने के लिए प्रेरित करता है, साथ ही यज्ञ से निकलने वाली गैसें और भाप वातावरण को शुद्ध करती हैं। हवन के पश्चात सभी उपस्थित लोगों ने हाथ जोड़कर इंद्रदेव और वरुण देव से अच्छी वर्षा करने, अन्न-जल और औषधियां उत्पन्न करने तथा सभी प्राणियों के कल्याण की प्रार्थना की। कार्यक्रम का समापन शांति पाठ के साथ हुआ।
भीलवाड़ा में कई दिनों से मानसून के बादल छाए रहने के बावजूद अच्छी बारिश न होने पर पतंजलि योग परिवार, शिवाजी गार्डन फिटनेस मित्रगण और आर्य समाज मंदिर के सहयोग से वृष्टि के लिए विशेष यज्ञ हवन का आयोजन किया गया। इस धार्मिक अनुष्ठान का मुख्य उद्देश्य जिले में अच्छी वर्षा, सुख-समृद्धि, स्वस्थ पर्यावरण और लोककल्याण की मंगलकामना करना था। इस यज्ञ का आयोजन पतंजलि परिवार के संरक्षक भूपेंद्र मोगरा के मुख्य आतिथ्य और महिला पतंजलि योग समिति की जिला प्रभारी नीरा मेहता की अध्यक्षता में किया
गया। कार्यक्रम में पतंजलि परिवार के जिला प्रभारी भंवर लाल शर्मा, योग शिक्षक दुर्गा लाल जोशी, रेखा आगाल और प्रेम शंकर जोशी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। आर्य समाज के पुरोहित यज्ञाचार्य पंडित शिव कुमार शास्त्री के सान्निध्य में पंडित विजय शर्मा और किरण शर्मा के विशेष सहयोग से यज्ञ संपन्न कराया गया। इसमें पतंजलि परिवार के साधकों, शिवाजी गार्डन फिटनेस मित्रों और अन्य श्रद्धालुओं ने वरुण देव, इंद्रदेव सहित अन्य देवताओं को वैदिक मंत्रोच्चार के साथ आहुतियाँ दीं। भारत स्वाभिमान न्यास के जिला प्रभारी
प्रेम शंकर जोशी ने सनातन धर्म की मान्यता का उल्लेख करते हुए बताया कि वैदिक मंत्रों के साथ दी गई आहुतियों का धुआं बादलों में जाकर उन्हें पानी बरसाने के लिए प्रेरित करता है, साथ ही यज्ञ से निकलने वाली गैसें और भाप वातावरण को शुद्ध करती हैं। हवन के पश्चात सभी उपस्थित लोगों ने हाथ जोड़कर इंद्रदेव और वरुण देव से अच्छी वर्षा करने, अन्न-जल और औषधियां उत्पन्न करने तथा सभी प्राणियों के कल्याण की प्रार्थना की। कार्यक्रम का समापन शांति पाठ के साथ हुआ।
- भीलवाड़ा के मेजा बांध पर जयपुर कमांडेंट के निर्देशानुसार ई कम्पनी की रेस्क्यू टीम ई-4 ने सिविल डिफेंस के साथ मिलकर स्थानीय लोगों, बोट चालकों और मछुआरों को जल सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और रेस्क्यू की ट्रेनिंग दी। 21 जुलाई को आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में लोगों को जीवन रक्षक तकनीकों और कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) के बारे में विस्तार से जागरूक किया गया। ट्रेनिंग के दौरान बोट चालकों को सख्त निर्देश दिए गए कि वे बोटिंग के दौरान हर व्यक्ति को अनिवार्य रूप से लाइफ जैकेट पहनाएं और निर्धारित क्षमता से अधिक लोगों को बोट में न बैठाएं ताकि असंतुलन के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सके। इसके अलावा, तेज हवाओं, अधिक लहरों और खराब मौसम की स्थिति में बोटिंग को पूरी तरह से स्थगित रखने और मौसम सामान्य होने पर ही बोट संचालन शुरू करने की हिदायत दी गई। बोट संचालकों को यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। पानी में डूबने जैसी आपातकालीन स्थिति में रेस्क्यू टीम ने घबराने के बजाय लाइफ बॉय, रस्सी और बांस या बम्बू के जरिए सुरक्षित तरीके से बचाव करने की प्रक्रिया समझाई। यदि पानी से बाहर निकाले गए व्यक्ति की स्थिति गंभीर हो, तो उसे सीपीआर देने की विधि और इसके महत्व को भी विस्तारपूर्वक सिखाया गया। इसके साथ ही, चालकों को आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित निर्णय लेने, उपलब्ध रेस्क्यू उपकरणों का सही उपयोग करने और किसी भी हादसे की स्थिति में तुरंत रेस्क्यू टीम व संबंधित प्रशासन को सूचित करने के निर्देश दिए गए।4
- भीलवाड़ा के पारीक छात्रावास के पास गुल अली नगरी में एक रिहायशी मकान की छत पर अवैध रूप से मोबाइल टावर का ढांचा खड़ा करने को लेकर स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश है। लोगों का आरोप है कि रात करीब 12 बजे बिना किसी प्रशासनिक अनुमति और सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करते हुए यह टावर लगाया गया, जिससे बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य व आसपास के घरों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, टावर की भारी लोहे की संरचना बेहद असुरक्षित है और इसके गिरने की स्थिति में भारी जान-माल का नुकसान हो सकता है। निवासियों ने मकान मालिक से कई बार टावर न लगाने की अपील की थी, लेकिन वह नहीं माना और रात में ही गुपचुप तरीके से काम करवा लिया। बताया जा रहा है कि इस छत पर पहले से ही एक मोबाइल टावर लगा हुआ है और अब यह दूसरा टावर खड़ा करने का प्रयास किया जा रहा है। निवासियों ने जिला प्रशासन और नगर विकास न्यास से मांग की है कि वे मौके का निरीक्षण कर इस अवैध निर्माण को हटवाएं और उचित कानूनी कार्रवाई करें। इस संबंध में जिला कलेक्टर के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा गया है। ज्ञापन देने वालों में शाहनवाज अंसारी, एडवोकेट इमरान रंगरेज, अबरार अंसारी, बिलाल रंगरेज, इकबाल, जाकिर भाई, वसीम अकरम, मोहम्मद इमरान, मो आसिफ, खलील सोरगर, उमर डबगर, नोमान रंगरेज, बाबू पठान, कमरून्निशा, नसीम बानो, सोनू, शबाना और सीमा सहित कई लोग उपस्थित रहे।3
- भीलवाड़ा के ओडो का खेड़ा में हुए बहुचर्चित हत्या मामले में एक नया मोड़ सामने आया है, जहां आरोपी पक्ष के परिवार ने खुद के बेघर होने और दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर होने का दावा किया है। दो महिलाओं और आठ बच्चों समेत इस परिवार ने सोमवार शाम करीब 5 बजे पुलिस अधीक्षक (एसपी) से मुलाकात कर अपने घर में सुरक्षित वापसी कराने और सुरक्षा उपलब्ध कराने की गुहार लगाई है। परिवार का आरोप है कि मामला न्यायालय में विचाराधीन होने के बावजूद विपक्षी पक्ष के लोग उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं। परिजनों के अनुसार, 4 मार्च को हुई यह घटना आपसी रंजिश और पारिवारिक विवाद का नतीजा थी, जिसमें सामने वाले पक्ष के पेमालाल ओड ने पूरे परिवार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराकर हत्या का मामला दर्ज करा दिया था। इस मामले में परिवार के सात पुरुष और दो महिलाएं जेल में बंद हैं, जबकि बाहर बचे आठ बच्चे और दो महिलाएं पिछले साढ़े चार महीने से भटक रहे हैं। परिजन भोंपू लाल ओड ने बताया कि कोतवाली थाना पुलिस इन लोगों को उनके पास छोड़ गई थी, जिसके बाद राहुल ओड ने उन्हें फोन कर धमकी दी कि इन लोगों को यहां से निकाल दो, वरना तुम्हारी भी खैर नहीं होगी। पीड़ित परिवार के पास वर्तमान में न रहने के लिए घर है, न खाने-पीने का सामान और न ही पहनने-ओढ़ने के कपड़े व बिस्तर हैं। वहीं दूसरी तरफ, पीड़िता अंशी ने आरोप लगाया कि राहुल ओड उन्हें उनके घर में घुसने नहीं दे रहा है और उसने केबिनों में रखा सारा सामान चोरी कर बेच दिया है, जिसका सीसीटीवी फुटेज भी सामने आने का दावा किया गया है। अंशी का कहना है कि वे जब भी रिश्तेदारों के यहां रहने जाते हैं, तो राहुल उन्हें भी जान से मारने की धमकी देता है। इन्हीं धमकियों और प्रताड़ना से परेशान होकर आखिरकार परिवार को सुरक्षा और न्याय पाने के लिए एसपी कार्यालय की शरण लेनी पड़ी है।1
- राजस्थान में दो चरणों में नगरीय निकाय चुनाव और चार चरणों में पंचायतीराज चुनाव संपन्न कराए जाएंगे। इस पूरी चुनावी प्रक्रिया के तहत प्रदेश के कुल 309 नगरीय निकायों के 10,245 वार्डों के लिए मतदान कराया जाएगा।1
- चित्तौड़गढ़ में आज की बड़ी गतिविधियों के तहत प्रसिद्ध श्री सांवलियाजी मंदिर में 38.23 करोड़ रुपये का भारी चढ़ावा आया है। इसके साथ ही, कपासन उप जिला चिकित्सालय के मुद्दे पर कांग्रेस पार्टी की ओर से बयान जारी किया गया है। धार्मिक क्षेत्र की बात करें तो 551 कलशों की भव्य उपस्थिति के साथ रामकथा का शुभारंभ हो गया है। वहीं, सतखंडा में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित कर कांग्रेस पदाधिकारियों का सम्मान किया गया। इसके अतिरिक्त, क्षेत्र में बाबा रामदेव जी की भव्य शोभायात्रा को लेकर तैयारियां पूरे उत्साह के साथ की जा रही हैं।1
- अखिल भारतीय लोधा महासभा, राजस्थान के एक प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें आगामी 29 जुलाई बुधवार को जयपुर में आयोजित होने वाले प्रदेश कार्यकारिणी शपथग्रहण समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होने का निमंत्रण दिया। इसके साथ ही, राजस्थान में ओबीसी वर्ग के तहत आने वाले लोधा समाज के जाति प्रमाण पत्र और जनगणना अभिलेखों में आ रही समस्याओं के समाधान के लिए एक ज्ञापन भी सौंपा गया। ज्ञापन में अवगत कराया गया कि राजस्थान की अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) सूची, जाति प्रमाण पत्र और जनगणना अभिलेखों में वर्तमान में 'लोधी (लोधा)' अंकित है, जबकि देश के विभिन्न राज्यों में लोधा, लोधी और लोध तीनों नाम प्रचलित हैं। राजस्थान में इस समाज को केवल 'लोधा' नाम से ही जाना जाता है। इस विसंगति के कारण समाज के लोगों को जाति प्रमाण पत्र बनवाने, शैक्षणिक प्रवेश, प्रतियोगी परीक्षाओं और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की है कि इस प्रविष्टि में संशोधन कर इसे 'लोधा' के रूप में दर्ज किया जाए और 'लोधा' शब्द को कोष्ठक में न लिखा जाए, ताकि समाज को समान प्रशासनिक सुविधा मिल सके। महासभा के प्रदेशाध्यक्ष किशन लाल लोधा ने बताया कि लोकसभा अध्यक्ष ने जयपुर आने के निमंत्रण को स्वीकार कर लिया है। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल की समस्याओं को गंभीरता से सुना और समाजहित से जुड़े इन विषयों पर सकारात्मक सहयोग का आश्वासन दिया। इस मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल में राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष किशनलाल लोधा, राष्ट्रीय महामंत्री अजय लोधा (कोटा), राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवलाल लोधा (चित्तौड़गढ़), राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री भंवरलाल लोधा (झालावाड़), प्रदेश उपाध्यक्ष मेवाराम लोधा (अजमेर), ब्रजमोहन लोधा (रामगंजमंडी, कोटा), रामधन लोधा (जयपुर), प्रदेश उपाध्यक्ष शिवप्रकाश लोधा (चित्तौड़गढ़), प्रदेश कोषाध्यक्ष बुद्धिप्रकाश लोधा (जयपुर), प्रदेश मंत्री भरत लोधा (झालावाड़), प्रदेश सोशल मीडिया प्रभारी राजकपूर लोधा (जयपुर) और देवीलाल लोधा (अजमेर) उपस्थित रहे।3
- राजस्थान में प्रसूता और गर्भवती महिलाओं की मृत्यु के मामलों में एएनएम नर्सिंग कर्मियों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई के विरोध में एल.एच.वी./ए.एन.एम. संघ ऑफ राजस्थान (संयुक्त – अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ) ने मोर्चा खोल दिया है। संघ ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य शासन सचिव को एक ज्ञापन सौंपकर इस कार्रवाई के प्रति अपना कड़ा विरोध जताया है। संघ का कहना है कि मीडिया रिपोर्टों और उच्च अधिकारियों के निर्देशों के आधार पर एएनएम को जिम्मेदार ठहराकर कार्रवाई की जा रही है, जिससे प्रदेशभर की महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं में भारी रोष और मानसिक तनाव का माहौल है। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि एएनएम स्वास्थ्य विभाग की आधारभूत कड़ी हैं, जो गांव-ढाणी स्तर पर गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण, नियमित जांच, टीकाकरण, परामर्श और प्रसव पूर्व व प्रसवोत्तर देखभाल जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाती हैं। इसके अलावा वे उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को समय पर उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर भी करती हैं। संघ का तर्क है कि आवश्यक जांच, स्कैनिंग, उपकरणों और संसाधनों की कमी के बीच पूरी जिम्मेदारी से काम करने वाली एएनएम को सीधे दोषी ठहराकर बलि का बकरा बनाना और मानसिक रूप से प्रताड़ित करना पूरी तरह से अनुचित है। संघ ने सरकार से मांग की है कि उच्च जोखिम गर्भवती एवं प्रसूता मृत्यु के मामलों में एएनएम को दोषी न ठहराया जाए, उनके खिलाफ की जा रही कार्रवाई पर तुरंत रोक लगाई जाए और धारा-17 से जुड़े मामलों में राहत देकर उनके हितों की रक्षा की जाए। इसके साथ ही कड़ी चेतावनी दी गई है कि यदि इन मांगों पर जल्द ही कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो पूरे प्रदेश में एएनएम आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार और स्वास्थ्य प्रशासन की होगी।4
- चित्तौड़गढ़ जिले के गंगरार में कोर्ट पुलिया के पास ट्रेन से गिरने के कारण एक युवक की मौत हो गई। यह घटना गंगरार कोर्ट पुलिया के समीप की है, जहां ट्रेन से गिर जाने की वजह से युवक की जान चली गई।1