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नेउरनार-भटपाल में बाढ़, एसडीआरएफ ने ग्रामीणों को बचाया बारसूर क्षेत्र के नेउरनार और भटपाल गांव में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। बाढ़ के पानी में कई ग्रामीणों के फंसने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। एसडीआरएफ जवानों ने रेस्क्यू अभियान चलाकर ग्रामीणों को बाहर निकाला। सभी ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। लगातार बारिश के चलते नदी-नालों के जलस्तर पर प्रशासन की नजर है।
Kamlesh singh thakur
नेउरनार-भटपाल में बाढ़, एसडीआरएफ ने ग्रामीणों को बचाया बारसूर क्षेत्र के नेउरनार और भटपाल गांव में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। बाढ़ के पानी में कई ग्रामीणों के फंसने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। एसडीआरएफ जवानों ने रेस्क्यू अभियान चलाकर ग्रामीणों को बाहर निकाला। सभी ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। लगातार बारिश के चलते नदी-नालों के जलस्तर पर प्रशासन की नजर है।
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- नेउरनार-भटपाल में बाढ़, एसडीआरएफ ने ग्रामीणों को बचाया बारसूर क्षेत्र के नेउरनार और भटपाल गांव में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। बाढ़ के पानी में कई ग्रामीणों के फंसने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। एसडीआरएफ जवानों ने रेस्क्यू अभियान चलाकर ग्रामीणों को बाहर निकाला। सभी ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। लगातार बारिश के चलते नदी-नालों के जलस्तर पर प्रशासन की नजर है।1
- भाड़ मे मनीराम लेखम का मकान गरस्त हुआ कुछ चावल/दल.murga बकरी nuksan3
- सुकमा में बाढ़ का तांडव: कई वार्डों में घुसा पानी, बैंक और सीआरपीएफ परिसर डूबे सुकमा जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। शबरी नदी सहित क्षेत्र की नदी-नालियों का जलस्तर बढ़ने से कई हिस्सों में जनजीवन प्रभावित हुआ है कोंटा,सुकमा ,छिंदगढ़ ब्लाक में सबरी का जल से हुआ जल मगन सुकमा में बाढ़ का तांडव: कई वार्डों में घुसा पानी, बैंक और सीआरपीएफ परिसर डूबे सुकमा जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। शबरी नदी सहित क्षेत्र की नदी-नालियों का जलस्तर बढ़ने से कई हिस्सों में जनजीवन प्रभावित हुआ है कोंटा,सुकमा ,छिंदगढ़ ब्लाक में सबरी का जल से हुआ जल मगन सीआरपीएफ परिसर में भारी जलभराव 950 लोगों को राहत शिविर में किया गया शिफ्ट सुकमा -छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। शबरी नदी सहित क्षेत्र की नदी-नालियों का जलस्तर बढ़ने से जिले के कई हिस्सों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। शहर के कई वार्डों में बाढ़ का पानी घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों तक पहुंच गया है, वहीं जिले के प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों और अंतर्राज्यीय मार्गों पर स्थित पुल-पुलियों के ऊपर पानी बहने के कारण आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया गया है। बाढ़ में फंसे 950 से अधिक प्रभावितों के लिए राहत शिविर लगातार हो रही भारी बारिश के चलते सुकमा-कोंटा राष्ट्रीय राजमार्ग पर कुछ जगहों पर पानी भर जाने से आवागमन और पहुंच मार्ग पूरी तरह बाधित हो गए हैं, जिसे देखते हुए जिला प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है। प्रभावितों और जरूरतमंदों की मदद के लिए विभिन्न स्थानों पर राहत शिविर स्थापित किए गए हैं, जिसमें सामुदायिक भवन कोंटा में लगभग 550, आसिरगुड़ा में करीब 220 तथा शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सुकमा में 200 लोगों के लिए भोजन एवं सुरक्षित ठहरने के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। जिला प्रशासन पूरी मुस्तैदी के साथ हालात पर नजर बनाए हुए है ताकि बाढ़ प्रभावित हर नागरिक तक समय पर सुरक्षित आश्रय और आवश्यक सहायता पहुंचाई जा सके। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है सुकमा पुलिस ने 26 सितंबर की सुबह 10 बजे सार्वजनिक यातायात एडवाइजरी जारी करते हुए नागरिकों से जलमग्न पुल-पुलियों को पार नहीं करने की अपील की है। प्रशासन और पुलिस द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। आवश्यकता के अनुसार, प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में पहुंचाया जा रहा है। शहर के कई वार्डों में घुसा बाढ़ का पानी लगातार बारिश के कारण सुकमा नगर के वार्ड क्रमांक 2, 3, 11, 12, 13, 14 और 15 में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। इन इलाकों में सैकड़ों लोग प्रभावित बताए जा रहे हैं। कई घरों और आसपास के क्षेत्रों में पानी भरने के बाद लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रभावित परिवारों को सुरक्षित रखने के लिए प्रशासन द्वारा कई स्थानों पर राहत शिविर बनाए गए हैं, जहां जरूरत के अनुसार लोगों को शिफ्ट किया जा रहा है। बाढ़ के कारण निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। जलस्तर लगातार बढ़ने की स्थिति में प्रशासन द्वारा और अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी की जा रही है। बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा में दो फीट पानी बाढ़ का असर शहर की बैंकिंग व्यवस्था पर भी दिखाई दे रहा है। बैंक ऑफ बड़ौदा, सुकमा शाखा के अंदर करीब दो फीट पानी भरने की स्थिति सामने आई है। इससे बैंक परिसर में रखे सामान और दस्तावेजों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। वार्ड क्रमांक 13 की पार्षद कांता राठी ने इससे पहले भी बैंक प्रबंधन एवं संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखकर जलभराव की आशंका को देखते हुए बैंक को नहीं खोलने तथा सुरक्षा के दृष्टिकोण से आवश्यक कदम उठाने की मांग की थी। लगातार बारिश के बीच बैंक परिसर में पानी भरने से स्थिति की गंभीरता स्पष्ट हो गई है। सीआपीएफ परिसर भी जलमग्न शहर के शबरी नगर स्थित सीआरपीएफ सेकेंड बटालियन परिसर में भी बाढ़ का पानी पहुंच गया है। परिसर में करीब 3 से 4 फीट तक पानी भरने की जानकारी सामने आई है। अधिकारियों और जवानों के आवासीय क्षेत्रों तक पानी पहुंचने से वहां भी मुश्किलें बढ़ गई हैं। सुरक्षा बलों के आवासीय परिसर में जलभराव के चलते जवानों और उनके परिवारों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लगातार बारिश जारी रहने के कारण जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। बाईट -मनीष रात्रे DSP सुकमा एनएच -30 सहित कई प्रमुख मार्ग बंद बाढ़ के कारण जिले की सड़क कनेक्टिविटी भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। सुकमा पुलिस की एडवाइजरी के अनुसार, सुकमा-मलकानगिरी मार्ग पर झापरा पुल के ऊपर पानी बहने से आवागमन बंद है। वहीं सुकमा-जगदलपुर एनएच -30 पर गीदमनाला पुल तथा सीआरपीएफ डीआईजी कार्यालय के समीप सड़क पर जलभराव के कारण मार्ग अवरुद्ध है। पुलिस ने की अपील इसी तरह सुकमा-दोरनापाल मार्ग पर दुब्बाटोटा और बोदीगुड़ा पुल के ऊपर तेज बहाव के कारण यातायात बाधित है। दोरनापाल-एर्राबोर-कोंटा एनएच -30 मार्ग पर इंजरम और चीखलगुड़ा पुलिया के ऊपर बाढ़ का पानी होने से आवागमन बंद है। इसके अलावा कोंटा-मोटू मार्ग, पूसपाल-ओडिशा मार्ग, पूसपाल क्षेत्र के कोकराल पुल और छिंदगढ़-गंजेनार मार्ग पर भी पानी के कारण आवागमन प्रभावित हुआ है। सुकमा पुलिस ने नागरिकों और वाहन चालकों से अपील की है कि, जलमग्न पुल-पुलियों को पैदल या किसी भी वाहन से पार करने का प्रयास न करें। स्थिति सामान्य होने और जलस्तर कम होने तक अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। किसी भी आपात स्थिति के लिए तुरंत डायल करें 112 किसी भी आपात स्थिति में नागरिक डायल 112, नजदीकी पुलिस थाना अथवा जिला पुलिस कंट्रोल रूम 9479191300 पर संपर्क कर सकते हैं। लगातार बारिश और बढ़ते जलस्तर के बीच प्रशासन की चुनौती अब प्रभावित लोगों को सुरक्षित रखने के साथ-साथ जिले की सड़क एवं आवश्यक सेवाओं को सुचारु बनाए रखने की है। आने वाले घंटों में बारिश और नदी-नालों के जलस्तर की स्थिति पर सबकी नजर बनी हुई है।1
- बड़ी खबर: सोनारपाल–काकड़ीघाट मार्ग आज खुला NH-30 पर आवागमन बहाल, पानी कम होने के बाद वाहनों की आवाजाही शुरू रायपुर–जगदलपुर मार्ग पर यात्रियों को मिली राहत। बड़ी खबर: सोनारपाल–काकड़ीघाट मार्ग आज खुला NH-30 पर आवागमन बहाल, पानी कम होने के बाद वाहनों की आवाजाही शुरू रायपुर–जगदलपुर मार्ग पर यात्रियों को मिली राहत।2
- छत्तीसगढ़ की बेटी संजू देवी ने बढ़ाया देश-प्रदेश का मान. जापान में आयोजित एशियन गेम्स 2026 में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय महिला कबड्डी टीम की सदस्य एवं कोरबा की बेटी संजू देवी से फोन पर बात कर उन्हें इस शानदार उपलब्धि के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। संजू ने अपने उत्कृष्ट खेल और दृढ़ संकल्प से छत्तीसगढ़ के साथ पूरे देश को गौरवान्वित किया है। उनकी यह उपलब्धि प्रदेश की बेटियों और युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी। बेटी संजू सहित पूरी भारतीय महिला कबड्डी टीम को स्वर्णिम सफलता की हार्दिक बधाई...1
- जगदलपुर : अर्नब चक्रवात के कारण लगातार बारिश से इंद्रावती नदी व इसके सहायक नदियों के बढ़ते जलस्तर के बीच बस्तर सांसद महेश कश्यप शनिवार सुबह से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं। उन्होंने जगदलपुर शहर के जगदलपुर डोंगाघाट,आसना और प्रवीर वार्ड सहित प्रभावित इलाकों में पहुंचकर जमीनी स्थिति का जायजा लिया। इसके साथ ही सांसद कश्यप बकावंड विकासखंड के बाढ़ प्रभावित कुरुषनार,लिटिगुड़ा,शुक्रापाल भी पहुंचेl उन्होंने राहत शिविरों में रह रहे प्रभावित परिवारों से मुलाकात की, उनकी समस्याएं सुनीं और आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इस दौरान सांसद प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया। सांसद ने राहत एवं बचाव कार्यों की स्थिति की जानकारी लेते हुए प्रभावित लोगों की सुरक्षा,भोजन,पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं को लेकर प्रशासन से समन्वय किया। इससे पहले बीती शाम सांसद महेश कश्यप मोटर बोट के माध्यम से नगरनार क्षेत्र के भेजापदर गांव पहुंचे थे। भारी बारिश और इंद्रावती नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण यह गांव टापू में तब्दील हो गया था। सांसद रेस्क्यू टीम के साथ गांव पहुंचे और ग्रामीणों की स्थिति का जायजा लिया। लगातार बारिश और नदी के बढ़ते जलस्तर के बीच सांसद कश्यप प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा कर रहे हैं।4
- बस्तर। लगातार हो रही बारिश के चलते क्षेत्र की नदियों और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इसी बीच बस्तर के चपका स्थित प्रसिद्ध शिव मंदिर पर भी नदी के बढ़ते जलस्तर का असर देखने को मिला है। मार्कंडेय नदी का पानी बढ़ने से मंदिर परिसर पूरी तरह जलमग्न हो गया है। लगातार बारिश के बाद मार्कंडेय नदी का जलस्तर बढ़ता गया और देखते ही देखते नदी का पानी मंदिर परिसर तक पहुंच गया। वर्तमान में मंदिर का अधिकांश हिस्सा पानी में डूबा हुआ नजर आ रहा है। मंदिर के आसपास पानी भर जाने से श्रद्धालुओं की आवाजाही भी प्रभावित हुई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, बारिश का दौर जारी रहने पर नदी का जलस्तर और बढ़ सकता है। ऐसे में मंदिर क्षेत्र के आसपास सुरक्षा को लेकर भी सावधानी बरतने की जरूरत है। नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए लोगों से जलभराव वाले क्षेत्रों और नदी के किनारे जाने से बचने की अपील की जा रही है।1
- दंतेवाड़ा: इंद्रावती उफान पर, बारसूर CRPF कैंप में भरा पानी दंतेवाड़ा में बारिश के बीच इंद्रावती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बारसूर स्थित CRPF 195 बटालियन का हेड क्वार्टर बाढ़ की चपेट में आया है। कैम्प के चारों ओर पानी भर जाने से स्थिति गंभीर बनी हुई है। जवानों की सूझबूझ से सभी जवानों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। बाढ़ की स्थिति को देखते हुए मौके पर SDRF के जवान भी तैनात किए गए हैं। प्रशासन और सुरक्षा बल हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।2