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नागौर का ऐतिहासिक गिनाणी तालाब 9 महीने से टूटी दीवार और गंदगी के कारण बड़ा खतरा बन गया है। मरम्मत के लिए ₹38 लाख का बजट स्वीकृत होने के बावजूद काम शुरू नहीं हुआ है। इससे पास के बालिका विद्यालय सहित क्षेत्रवासियों की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं, जिसपर स्थानीय प्रशासन निष्क्रिय है।
प्रदीप कुमार डागा
नागौर का ऐतिहासिक गिनाणी तालाब 9 महीने से टूटी दीवार और गंदगी के कारण बड़ा खतरा बन गया है। मरम्मत के लिए ₹38 लाख का बजट स्वीकृत होने के बावजूद काम शुरू नहीं हुआ है। इससे पास के बालिका विद्यालय सहित क्षेत्रवासियों की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं, जिसपर स्थानीय प्रशासन निष्क्रिय है।
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- राजस्थान के नागौर जिले में एक डॉक्टर के साथ मारपीट और राजकार्य में बाधा डालने का गंभीर मामला सामने आया है। खींवसर राजकीय चिकित्सालय में हुई इस घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर मुख्य आरोपी अरविंद और जितेंद्र को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की इस मुस्तैदी से अपराधियों को सख्त संदेश मिला है।1
- राजस्थान के कामां कस्बे में कार रिपेयरिंग के दौरान एलपीजी सिलेंडर फटने से भीषण हादसा हो गया। इस हादसे में एक बच्ची की मौत हो गई, जबकि दो परिवारों के सात लोग गंभीर रूप से झुलस गए। घायलों में से 6 को प्राथमिक उपचार के बाद भरतपुर से जयपुर रेफर किया गया है।1
- राजस्थान में शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने खुद पर पेट्रोल छिड़ककर विरोध जताया। उनके इस इस अचानक कदम से राज्य की राजनीति में हलचल मच गई है।1
- राजस्थान के रियांबड़ी उपखंड मुख्यालय में पेट्रोल-डीजल की भारी किल्लत हो गई है, जहाँ पंपों पर बिक्री की मात्रा सीमित कर दी गई है। वाहन चालकों को अधिकतम ₹200 तक पेट्रोल और ₹1000 तक डीजल ही मिल रहा है, जिससे किसानों और आम लोगों के दैनिक कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। पंप संचालकों ने तेल कंपनियों से आपूर्ति प्रभावित होने का दावा किया है, जबकि स्थानीय लोग जमाखोरी की आशंका जता रहे हैं।1
- राजस्थान में विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने जनता के मुद्दों पर आवाज़ उठाने के लिए हिम्मत की ज़रूरत पर जोर दिया है। उन्होंने सवाल उठाया कि व्यवस्था में आवाज़ उठाने वालों को 'ड्रामा' कहा जाता है, जबकि चुप रहने वाले 'समझदार' कहलाते हैं।1
- बाड़मेर में मजदूरों के अधिकारों के लिए विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उनकी इस पहल को राज्यभर में श्रमिक कल्याण की दिशा में बड़ा माना जा रहा है।1
- बाड़मेर कलेक्ट्रेट के आगे मज़दूर आंदोलन के दौरान विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने खुद पर पेट्रोल छिड़ककर माचिस जलाने की कोशिश की। उन्होंने यह कदम सरकार द्वारा मज़दूरों की मांगें पूरी न करने के विरोध में उठाया, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।1
- नागौर का ऐतिहासिक गिनाणी तालाब 9 महीने से टूटी दीवार और गंदगी के कारण बड़ा खतरा बन गया है। मरम्मत के लिए ₹38 लाख का बजट स्वीकृत होने के बावजूद काम शुरू नहीं हुआ है। इससे पास के बालिका विद्यालय सहित क्षेत्रवासियों की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं, जिसपर स्थानीय प्रशासन निष्क्रिय है।3