भिंड जिले के मौ विकासखंड अंतर्गत ग्राम गुमार निवासी दिव्यांग खिलाड़ी सीताराम ने अपनी लगन और खेल प्रतिभा से बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उनका चयन जापान में होने वाली पैरा एशियन व्हीलचेयर रग्बी चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम में किया गया है, जहाँ वे देश का प्रतिनिधित्व करेंगे। उनकी इस उपलब्धि से जिले और पूरे प्रदेश में खुशी और गर्व का माहौल है। सीताराम ने कठिन परिस्थितियों और शारीरिक चुनौतियों का सामना करते हुए खेल जगत में अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने लगातार मेहनत और समर्पण के साथ व्हीलचेयर रग्बी में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें भारतीय टीम में जगह मिली। उनकी यह सफलता क्षेत्र के युवाओं और अन्य दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत मानी जा रही है। भारतीय टीम में चयन पर सीताराम ने अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता रामलाल, परिवारजनों, प्रशिक्षकों, साथियों और शुभचिंतकों को दिया। उन्होंने कहा कि देश का प्रतिनिधित्व करना उनके जीवन का सबसे गौरवपूर्ण क्षण है और वे पूरी निष्ठा व मेहनत से प्रतियोगिता में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर भारत का नाम रोशन करने का प्रयास करेंगे। सीताराम के चयन पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, खेल प्रेमियों और ग्रामीणों ने उन्हें बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। लोगों का मानना है कि उनकी सफलता यह दर्शाती है कि मजबूत इच्छाशक्ति और निरंतर प्रयासों से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। ग्राम गुमार और मौ क्षेत्र के लोगों ने इसे पूरे जिले के लिए गौरव का विषय बताया है और उन्हें विश्वास है कि सीताराम जापान में होने वाली इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन कर देश, प्रदेश और भिंड जिले का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित करेंगे।
भिंड जिले के मौ विकासखंड अंतर्गत ग्राम गुमार निवासी दिव्यांग खिलाड़ी सीताराम ने अपनी लगन और खेल प्रतिभा से बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उनका चयन जापान में होने वाली पैरा एशियन व्हीलचेयर रग्बी चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम में किया गया है, जहाँ वे देश का प्रतिनिधित्व करेंगे। उनकी इस उपलब्धि से जिले और पूरे प्रदेश में खुशी और गर्व का माहौल है। सीताराम ने कठिन परिस्थितियों और शारीरिक चुनौतियों का सामना करते हुए खेल जगत में अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने लगातार मेहनत और समर्पण के साथ व्हीलचेयर रग्बी में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें भारतीय टीम में जगह मिली। उनकी यह सफलता क्षेत्र के युवाओं और अन्य दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत मानी जा रही है। भारतीय टीम में चयन पर सीताराम ने अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता रामलाल, परिवारजनों, प्रशिक्षकों, साथियों और शुभचिंतकों को दिया। उन्होंने कहा कि देश का प्रतिनिधित्व करना उनके जीवन का सबसे गौरवपूर्ण क्षण है और वे पूरी निष्ठा व मेहनत से प्रतियोगिता में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर भारत का नाम रोशन करने का प्रयास करेंगे। सीताराम के चयन पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, खेल प्रेमियों और ग्रामीणों ने उन्हें बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। लोगों का मानना है कि उनकी सफलता यह दर्शाती है कि मजबूत इच्छाशक्ति और निरंतर प्रयासों से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। ग्राम गुमार और मौ क्षेत्र के लोगों ने इसे पूरे जिले के लिए गौरव का विषय बताया है और उन्हें विश्वास है कि सीताराम जापान में होने वाली इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन कर देश, प्रदेश और भिंड जिले का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित करेंगे।
- भिंड जिले के मौ विकासखंड अंतर्गत ग्राम गुमार निवासी दिव्यांग खिलाड़ी सीताराम ने अपनी लगन और खेल प्रतिभा से बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उनका चयन जापान में होने वाली पैरा एशियन व्हीलचेयर रग्बी चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम में किया गया है, जहाँ वे देश का प्रतिनिधित्व करेंगे। उनकी इस उपलब्धि से जिले और पूरे प्रदेश में खुशी और गर्व का माहौल है। सीताराम ने कठिन परिस्थितियों और शारीरिक चुनौतियों का सामना करते हुए खेल जगत में अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने लगातार मेहनत और समर्पण के साथ व्हीलचेयर रग्बी में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें भारतीय टीम में जगह मिली। उनकी यह सफलता क्षेत्र के युवाओं और अन्य दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत मानी जा रही है। भारतीय टीम में चयन पर सीताराम ने अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता रामलाल, परिवारजनों, प्रशिक्षकों, साथियों और शुभचिंतकों को दिया। उन्होंने कहा कि देश का प्रतिनिधित्व करना उनके जीवन का सबसे गौरवपूर्ण क्षण है और वे पूरी निष्ठा व मेहनत से प्रतियोगिता में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर भारत का नाम रोशन करने का प्रयास करेंगे। सीताराम के चयन पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, खेल प्रेमियों और ग्रामीणों ने उन्हें बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। लोगों का मानना है कि उनकी सफलता यह दर्शाती है कि मजबूत इच्छाशक्ति और निरंतर प्रयासों से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। ग्राम गुमार और मौ क्षेत्र के लोगों ने इसे पूरे जिले के लिए गौरव का विषय बताया है और उन्हें विश्वास है कि सीताराम जापान में होने वाली इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन कर देश, प्रदेश और भिंड जिले का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित करेंगे।1
- अलीराजपुर जिले के जोबट में हुई ₹19 लाख की चोरी के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने महज 72 घंटे के भीतर इस वारदात को अंजाम देने वाले पारदी गैंग के तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई पूरी ₹19 लाख की राशि और अपराध में इस्तेमाल की गई बोलेरो कार भी बरामद की है। पुलिस के अनुसार, इस मामले में एक अन्य आरोपी अभी भी फरार है, जिसकी तलाश लगातार जारी है। इस सराहनीय कार्रवाई के लिए पुलिस अधीक्षक रघुवंश कुमार सिंह ने टीम को पुरस्कृत करने की भी घोषणा की है।1
- भिंड-दतिया लोकसभा क्षेत्र की सांसद श्रीमती संध्या राय ने चंबल अंचल की समृद्ध सांस्कृतिक, धार्मिक एवं ऐतिहासिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे 'गौ-हद धाम एवं श्रीकृष्ण गमन पथ विस्तार अभियान' को महत्वपूर्ण बल प्रदान किया है। एक प्रतिनिधि मंडल से आत्मीय और सकारात्मक चर्चा के बाद, सांसद श्रीमती राय ने आश्वस्त किया कि वे इस विषय को लोकसभा में प्रश्न के माध्यम से उठाएंगी और आवश्यकतानुसार संबंधित मंत्रालयों तथा केंद्र सरकार के समक्ष भी प्रस्तुत करेंगी। प्रतिनिधि मंडल ने सांसद महोदया को गोहद (गौ-हद धाम), प्राचीन मंदिरों, देवस्थानी संपत्तियों, चंबल क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहरों और श्रीकृष्ण गमन पथ योजना से संबंधित एक विस्तृत प्रतिवेदन सौंपा था। सांसद श्रीमती राय ने विषय की गंभीरता को स्वीकार करते हुए कहा कि चंबल अंचल की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत अत्यंत महत्वपूर्ण है और उसे उचित सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भिंड-दतिया क्षेत्र ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक तीनों दृष्टियों से अत्यंत समृद्ध है, और क्षेत्र की विरासत, पर्यटन संभावनाओं तथा सांस्कृतिक पहचान को आगे बढ़ाने के लिए सभी संभव प्रयास किए जाएंगे। सांसद महोदया ने यह भी दोहराया कि क्षेत्र का विकास, सांस्कृतिक संरक्षण और जनता की भावनाओं का सम्मान उनकी प्राथमिकताओं में सदैव शामिल रहा है और आगे भी रहेगा। प्रतिनिधि मंडल ने उन्हें अवगत कराया कि गोहद में कई प्राचीन मंदिर और धार्मिक संस्थाएँ हैं, और स्थानीय परंपराओं में गोहद को "गौ-हद" तथा "मध्यप्रदेश का वृंदावन" कहा जाता है। उन्होंने दंदरौआ धाम, रावतपुरा सरकार धाम, पीताम्बरा शक्ति पीठ, मितावली, पढ़ावली, काकनमठ, अटेर किला, कुंतलपुर एवं कर्ण कुंड जैसे अन्य महत्वपूर्ण चंबल स्थलों को एक सांस्कृतिक पर्यटन परिपथ के रूप में विकसित करने का सुझाव भी दिया। इस प्रतिनिधि मंडल में कवि गौरव राज सोनी (तेजस्वी), पुखराज भटेले, एडवोकेट नारायण शर्मा, श्रीकांत सोनी के साथ पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता और धर्मप्रेमी नागरिक शामिल थे। बैठक के समापन पर, उपस्थित लोगों ने विश्वास व्यक्त किया कि जनप्रतिनिधियों, संत समाज और जनता के सामूहिक प्रयासों से चंबल अंचल की सांस्कृतिक विरासत को एक नई पहचान मिलने का मार्ग प्रशस्त होगा। यह पहल 'गौ-हद धाम को सम्मान', 'चंबल की विरासत को पहचान' और 'श्रीकृष्ण गमन पथ में चंबल को स्थान' दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।4
- जालौन में एक महिला ने अपने परिचित युवक पर लाखों रुपये के जेवरात और नकदी लेकर धोखाधड़ी कर फरार होने का गंभीर आरोप लगाया है। कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला रावतान (फूंदी सिंह महाविद्यालय के पास, कोंच रोड) निवासी नीतू, जो सुशील की पत्नी हैं, ने कोतवाली जालौन में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। नीतू के अनुसार, उनकी पहचान वर्ष 2021 में इटावा जिले के बकेवर थाना क्षेत्र के सुनील नामक व्यक्ति से हुई थी। शिकायत में बताया गया है कि सुनील, जो मुलायम सिंह का पुत्र है, अक्सर नीतू के घर आता-जाता था और समय के साथ परिवार का विश्वास जीतने में कामयाब रहा। महिला का आरोप है कि 20 जून 2026 की रात सुनील उसके घर पर रुका था। अगली सुबह जब नीतू जागी, तो घर का सारा सामान बिखरा पड़ा मिला और सुनील वहां से गायब था। आरोपी सुनील पर घर में रखे सोने के बुंदे, डेढ़ तोले की चेन, अंगूठियां, चांदी की पायल जैसे अन्य कीमती आभूषण, लगभग ढाई लाख रुपये नकद और एक मोबाइल फोन लेकर फरार होने का आरोप है। पीड़िता ने अपनी तहरीर के साथ दो मोबाइल नंबर भी पुलिस को उपलब्ध कराए हैं। कोतवाली पुलिस ने शिकायत प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है और बताया है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।3
- चंबल नदी के उच्च स्तरीय पुल पर लोक निर्माण विभाग द्वारा भारी वाहनों की आवाजाही रोकने के लिए स्थायी बैरियर लगा दिए गए हैं। पुल में तकनीकी खराबी सामने आने के बाद भिण्ड कलेक्टर डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने सुरक्षा की दृष्टि से पुल पर भारी वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध लगा दिया था। इस निर्णय के बाद अब बैरियर स्थापित कर भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह बंद कर दिया गया है। प्रशासन ने यह कदम किसी भी संभावित दुर्घटना से बचाव और आमजन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया है। हालांकि, दोपहिया, कार सहित हल्के चार पहिया वाहनों के आवागमन पर कोई प्रतिबंध नहीं है। प्रशासन ने सभी वाहन चालकों से वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करने तथा जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की है।1
- भिंड जिले के आलमपुर कॉलेज तिराहा स्थित कन्या हाई स्कूल के बाहर गंदे पानी की निकासी के लिए बनी एक बड़ी नाली चोक हो गई है। इस कारण नाली का पानी ठीक से नहीं निकल पा रहा है और कई जगहों पर ओवरफ्लो होकर सड़क पर बह रहा है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नगरवासियों का आरोप है कि नगर की सफाई व्यवस्था दिनोंदिन बदहाल होती जा रही है। उनके अनुसार, नगर परिषद अधिकारियों ने लंबे समय से इस नाली की सफाई नहीं कराई है, जबकि परिषद के पास 35 से अधिक सफाई कर्मचारी उपलब्ध हैं। इतने कर्मचारी होने के बावजूद अधिकारी नाली की सफाई को लेकर घोर लापरवाही बरत रहे हैं, और यह स्थिति तब है जब नाली के ऊपर से ही नगर परिषद के अधिकारियों और कर्मचारियों का रोजाना आना-जाना होता है।1