Shuru
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एक यूजर ने 'शुरू' ऐप के विज्ञापनों और जमीनी हकीकत के बीच बड़े विरोधाभास पर अपनी गहरी निराशा व्यक्त की है। यूजर का कहना है कि ऐप के विज्ञापनों में किसी भी समस्या का तुरंत समाधान होने का दावा किया जाता है, लेकिन असलियत में केवल लोगों को सोशल मीडिया से जोड़ने के बजाय वास्तविक काम करने की आवश्यकता है। यूजर ने शिकायत की है कि वह पिछले 4-5 दिनों से नाली की समस्या के समाधान के लिए लगातार पोस्ट कर रहा है, परंतु अभी तक कोई हल नहीं निकला है। इस अनुभव के बाद, यूजर को अब यह लग रहा है कि शायद इस समस्या का कोई समाधान नहीं होगा।
Raju
एक यूजर ने 'शुरू' ऐप के विज्ञापनों और जमीनी हकीकत के बीच बड़े विरोधाभास पर अपनी गहरी निराशा व्यक्त की है। यूजर का कहना है कि ऐप के विज्ञापनों में किसी भी समस्या का तुरंत समाधान होने का दावा किया जाता है, लेकिन असलियत में केवल लोगों को सोशल मीडिया से जोड़ने के बजाय वास्तविक काम करने की आवश्यकता है। यूजर ने शिकायत की है कि वह पिछले 4-5 दिनों से नाली की समस्या के समाधान के लिए लगातार पोस्ट कर रहा है, परंतु अभी तक कोई हल नहीं निकला है। इस अनुभव के बाद, यूजर को अब यह लग रहा है कि शायद इस समस्या का कोई समाधान नहीं होगा।
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- एक यूजर ने 'शुरू' ऐप के विज्ञापनों और जमीनी हकीकत के बीच बड़े विरोधाभास पर अपनी गहरी निराशा व्यक्त की है। यूजर का कहना है कि ऐप के विज्ञापनों में किसी भी समस्या का तुरंत समाधान होने का दावा किया जाता है, लेकिन असलियत में केवल लोगों को सोशल मीडिया से जोड़ने के बजाय वास्तविक काम करने की आवश्यकता है। यूजर ने शिकायत की है कि वह पिछले 4-5 दिनों से नाली की समस्या के समाधान के लिए लगातार पोस्ट कर रहा है, परंतु अभी तक कोई हल नहीं निकला है। इस अनुभव के बाद, यूजर को अब यह लग रहा है कि शायद इस समस्या का कोई समाधान नहीं होगा।3
- पुलिस महानिरीक्षक वाराणसी परिक्षेत्र के निर्देशन और पुलिस अधीक्षक मऊ कमलेश बहादुर के नेतृत्व में शुक्रवार को मऊ पुलिस लाइन में अंतरजनपदीय वाराणसी जोन वॉलीबॉल प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के बीच खेल भावना, आपसी समन्वय, शारीरिक दक्षता और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना था। पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर और अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर उन्हें शुभकामनाएँ देकर प्रतियोगिता का उद्घाटन किया। अपने संबोधन में, पुलिस अधीक्षक ने इस बात पर जोर दिया कि खेलकूद पुलिस बल के जीवन का अभिन्न अंग है, जो शारीरिक क्षमता, मानसिक दृढ़ता, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना जैसे गुणों का विकास करता है, जो पुलिस कार्यों के निर्वहन में अत्यंत सहायक सिद्ध होते हैं। इस प्रतियोगिता में वाराणसी जोन के अंतर्गत आने वाले विभिन्न जनपदों की टीमों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। मऊ, वाराणसी, गाजीपुर, जौनपुर, चंदौली, भदोही, आजमगढ़, सोनभद्र और मिर्जापुर जनपदों के खिलाड़ियों ने अपने उत्कृष्ट खेल कौशल का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता के दौरान कई रोमांचक मुकाबले देखने को मिले, जिनमें खिलाड़ियों ने खेल भावना, अनुशासन और टीम वर्क का बेहतरीन उदाहरण प्रस्तुत किया। उद्घाटन मैच जनपद चंदौली और जनपद मिर्जापुर के बीच खेला गया, जिसमें मिर्जापुर ने चंदौली को 25-07, 25-07 से पराजित किया। पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर ने सभी प्रतिभागी खिलाड़ियों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएं पुलिस बल में आपसी सौहार्द और सहयोग की भावना को मजबूत करती हैं। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को खेल भावना के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया और भविष्य में भी इस प्रकार की खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया। इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक मऊ, क्षेत्राधिकारीगण, प्रतिसार निरीक्षक, विभिन्न जनपदों से आए टीम प्रभारी, तथा अन्य पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे, जिससे पुलिस लाइन परिसर में उत्साहपूर्ण वातावरण बना रहा।4
- बलिया के बिल्थरारोड स्थित उभांव थाना क्षेत्र के एकसार पिपरौली गांव में एक भाई की पैतृक जमीन पर विपक्षीगण द्वारा अवैध रूप से कब्जा कर निर्माण कार्य जारी है। पीड़ित गंगासागर, जो स्व. अमारे के पुत्र हैं और तीन भाइयों में 1/3 हिस्सेदार हैं, अपनी हिस्से की जमीन पर हो रहे इस अवैध कब्जे को लेकर न्याय के लिए दर-दर भटक रहे हैं। इस मामले में पीड़ित ने उपजिलाधिकारी को शिकायत पत्र दिया था, जिसके संज्ञान में लेते हुए उपजिलाधिकारी ने तुरंत उभांव थानाध्यक्ष को अवैध निर्माण रोकने का निर्देश दिया था। हालांकि, इन आदेशों के बावजूद, विपक्षीगण द्वारा निर्माण कार्य लगातार जारी है। थाने के हल्का दरोगा का इस संबंध में कहना है कि वे मौके पर जाकर निर्माण रुकवा देते हैं, लेकिन उनके जाते ही कार्य फिर से शुरू हो जाता है। पुलिस के इस बयान से उनकी कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं, और उपजिलाधिकारी के आदेश के बावजूद भी पीड़ित गंगासागर को न्याय नहीं मिल पा रहा है, जिसके चलते वह न्याय की आस में लगातार भटकने को मजबूर है।3
- एक पिता को अपनी चार बेटियों के साथ एक ही मोटरसाइकिल पर यात्रा करते हुए पुलिस ने पकड़ा है। इस दौरान पुलिस ने पिता को वाहन ओवरलोडिंग के कारण जमकर फटकार लगाई।1
- सक्षम फाउंडेशन द्वारा एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जहाँ विधायक लक्ष्मण घोरुई ने बच्चों का हौसला बढ़ाया। इस कार्यक्रम में मेधावी छात्रों को उनकी उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया, जिससे हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूँज उठा। प्रशस्ति पत्र और सम्मान प्राप्त कर बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे, जो इस आयोजन की सफलता को दर्शाता है। इस पहल की अभिभावकों और उपस्थित अतिथियों ने भी जमकर सराहना की। समारोह ने शिक्षा और कड़ी मेहनत का एक महत्वपूर्ण संदेश दिया, जिससे विद्यार्थियों में एक नया उत्साह भर गया। सक्षम फाउंडेशन की इस पहल के माध्यम से प्रतिभाशाली बच्चों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और पहचान प्राप्त करने का एक महत्वपूर्ण मंच मिला। मनोहर गुप्ता ने इस अवसर पर कहा कि सक्षम फाउंडेशन की यह पहल बच्चों के लिए एक सच्ची प्रेरणा बन गई है।1
- रसड़ा (बलिया) नगर पालिका परिषद अपने विकास कार्यों के कारण इन दिनों हर तरफ चर्चा का विषय बनी हुई है। इसी कड़ी में, आज नगर पालिका अध्यक्ष विनय शंकर जायसवाल के नेतृत्व में गांधी पार्क रोड के किनारे नई दुकानों के निर्माण के लिए विधि-विधान से भूमि पूजन किया गया।1
- प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के महत्वाकांक्षी 'आजादी का अमृत महोत्सव' परियोजना के तहत जल संरक्षण के लिए लाखों की लागत से बनाए गए अमृत सरोवर, अब अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। मऊ जिले के रानीपुर विकास खंड अंतर्गत ग्राम पंचायत सोनिसा (सेमरी) में बना यह सरोवर, जो ग्रामीणों को टहलने और बैठने का एक सुंदर स्थान प्रदान करने के उद्देश्य से बनाया गया था, कथित तौर पर भ्रष्टाचार और देखरेख के अभाव में पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है, जिससे सरकारी दावों की पोल खुल गई है। स्थानीय ग्रामीणों में इस स्थिति को लेकर गहरा आक्रोश है और वे बजट के 'बंदरबांट' का आरोप लगा रहे हैं। उनका कहना है कि सरोवर के निर्माण कार्य में घोर लापरवाही बरती गई और लाखों रुपये की धनराशि केवल कागजों पर खर्च की गई, जबकि धरातल पर काम की गुणवत्ता शून्य रही। घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल के कारण शुरुआती दिक्कतों में ही इंटरलॉकिंग धंस गई और तालाब में पानी रोकने की कोई व्यवस्था नहीं की गई। ग्रामीणों के अनुसार, स्थानीय अधिकारियों और प्रधान ने मिलकर सरकार की इस उत्कृष्ट योजना को पलीता लगा दिया है, जिसके परिणामस्वरूप यह स्थान अब केवल आवारा पशुओं का अड्डा बनकर रह गया है। अब यह देखना होगा कि इस गंभीर मामले के सामने आने के बाद रानीपुर विकास खंड के उच्च अधिकारी अपनी गहरी नींद से जागते हैं और इस बदहाल अमृत सरोवर के लिए कोई कदम उठाते हैं, या इसे ऐसे ही इसके हाल पर छोड़ दिया जाता है।4
- मऊ जिले के मोहम्मदपुर चंदापार गांव में पिछले चार से पांच सालों से गांव की नाली बंद पड़ी है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह गांव फतेहपुर ताल रतोई से इब्राहिम पट्टी जाने वाले मार्ग के बीच में स्थित है। ग्रामीणों का कहना है कि इतने लंबे समय से नाली बंद होने के बावजूद इसकी सफाई या समस्या के समाधान के लिए कोई सुनवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से इस समस्या का जल्द से जल्द निष्कर्ष निकालने की अपील की है।4