डूंगरपुर जिला पुलिस ने मंगलवार को विजया राजे सभागार में उदयपुर रेंज पुलिस के “पुलिसिंग फॉर केयर ऑफ चिल्ड्रन” कार्यक्रम के तहत सड़क सुरक्षा जागरूकता पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया। इस दौरान, डूंगरपुर पुलिस की अभिनव पहल “नो पेट्रोल विदाउट हेलमेट” अभियान का भी शुभारंभ किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार ने इस बात पर जोर दिया कि सड़क सुरक्षा केवल एक प्रशासनिक विषय नहीं, बल्कि एक सामाजिक उत्तरदायित्व है। उन्होंने हेलमेट पहनने और यातायात नियमों का पालन करने को जीवन बचाने का सबसे सरल और प्रभावी तरीका बताया, साथ ही सभी नागरिकों से स्वयं नियमों का पालन करने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने की अपील की ताकि सड़क दुर्घटनाओं में प्रभावी कमी लाई जा सके। राजस्थान की राज्य स्तरीय बाल संरक्षण सलाहकार सिंधु बिनुजीत ने कहा कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज के हर वर्ग को सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक करना और विशेष रूप से युवाओं व बच्चों में सुरक्षित यातायात व्यवहार विकसित करना है। उन्होंने बताया कि सड़क दुर्घटनाएं सिर्फ व्यक्तिगत क्षति नहीं, बल्कि सामाजिक और पारिवारिक त्रासदी भी हैं, इसलिए बच्चों और युवाओं को सड़क सुरक्षा का दूत बनाना आवश्यक है। कार्यशाला में विभिन्न विभागों के अधिकारियों, ऑटोमोबाइल डीलर्स, मैकेनिक एसोसिएशन के प्रतिनिधियों, लिकर शॉप संचालकों और सामाजिक संगठनों के सदस्यों ने भाग लिया और सड़क सुरक्षा के प्रति अपनी सामूहिक जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया।
डूंगरपुर जिला पुलिस ने मंगलवार को विजया राजे सभागार में उदयपुर रेंज पुलिस के “पुलिसिंग फॉर केयर ऑफ चिल्ड्रन” कार्यक्रम के तहत सड़क सुरक्षा जागरूकता पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया। इस दौरान, डूंगरपुर पुलिस की अभिनव पहल “नो पेट्रोल विदाउट हेलमेट” अभियान का भी शुभारंभ किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए जिला पुलिस अधीक्षक मनीष
कुमार ने इस बात पर जोर दिया कि सड़क सुरक्षा केवल एक प्रशासनिक विषय नहीं, बल्कि एक सामाजिक उत्तरदायित्व है। उन्होंने हेलमेट पहनने और यातायात नियमों का पालन करने को जीवन बचाने का सबसे सरल और प्रभावी तरीका बताया, साथ ही सभी नागरिकों से स्वयं नियमों का पालन करने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने की
अपील की ताकि सड़क दुर्घटनाओं में प्रभावी कमी लाई जा सके। राजस्थान की राज्य स्तरीय बाल संरक्षण सलाहकार सिंधु बिनुजीत ने कहा कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज के हर वर्ग को सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक करना और विशेष रूप से युवाओं व बच्चों में सुरक्षित यातायात व्यवहार विकसित करना है। उन्होंने बताया कि सड़क दुर्घटनाएं
सिर्फ व्यक्तिगत क्षति नहीं, बल्कि सामाजिक और पारिवारिक त्रासदी भी हैं, इसलिए बच्चों और युवाओं को सड़क सुरक्षा का दूत बनाना आवश्यक है। कार्यशाला में विभिन्न विभागों के अधिकारियों, ऑटोमोबाइल डीलर्स, मैकेनिक एसोसिएशन के प्रतिनिधियों, लिकर शॉप संचालकों और सामाजिक संगठनों के सदस्यों ने भाग लिया और सड़क सुरक्षा के प्रति अपनी सामूहिक जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया।
- डूंगरपुर जिले के बिछीवाड़ा थाना क्षेत्र के भुवाली में एक सड़क हादसा हुआ, जहां पानी के नारियल से भरी एक पिकअप गाड़ी डिवाइडर से टकरा गई। इस दुर्घटना में गाड़ी के चालक की मौत हो गई। मृतक की पहचान गुजरात के जूनागढ़ निवासी रिदम परमार, पिता प्रकाश परमार के रूप में हुई है। हादसे के बाद शव को मोर्चरी में रखवाया गया है।1
- डूंगरपुर के प्रभारी मंत्री एवं जनजातीय क्षेत्रीय विभाग मंत्री श्री बाबूलाल खराड़ी ने हाल ही में डूंगरपुर का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने “वंदे गंगा जल संरक्षण - जन अभियान 2026” के तहत आयोजित एक श्रमदान कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। यह कार्यक्रम पंचायत समिति डूंगरपुर की ग्राम पंचायत वागदरी स्थित तालाब पर आयोजित किया गया, जहाँ श्री बाबूलाल खराड़ी ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर कई प्रमुख अधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। इनमें जिला कलक्टर देशलदान, उपवन संरक्षक मोहित गुप्ता, कार्यवाहक अतिरिक्त जिला कलक्टर हनुमान सिंह राठौड़, उपखंड अधिकारी डूंगरपुर सोनू कुमार गुर्जर, तथा समाजसेवी बंसीलाल कटारा, हंसमुख पंड्या और अशोक जैन शामिल थे। इनके अतिरिक्त, तहसीलदार डूंगरपुर कमलेश मीणा, अधीक्षण अभियंता वाटरशेड मूलाराम सोलंकी, और ब्लॉक विकास अधिकारी प्रवीण सिंह राव के साथ-साथ संबंधित विभागीय अधिकारी, कर्मचारी, जनप्रतिनिधिगण और अन्य विशिष्ट व्यक्ति भी मौजूद रहे।4
- मध्यप्रदेश के रीवा में 20 मई 2026 को हुई एक हृदयविदारक घटना में पूज्य आर्यिका 105 श्रुतमति माताजी एवं आर्यिका 105 उपशममति माताजी के निधन से संपूर्ण जैन समाज में गहरा शोक और आक्रोश व्याप्त है। इस घटना पर पीठ दिगंबर जैन समाज ने अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। यह दुखद घटना रीवा कलेक्ट्रेट के समीप तब हुई जब राष्ट्रसंत आचार्य श्री विद्यासागरजी महाराज की सुशिष्याएँ श्रुतमति माताजी एवं उपशममति माताजी शांतिपूर्वक विहार कर रही थीं, और कथित रूप से एक कार द्वारा कुचले जाने से दोनों आर्यिकाओं का देहावसान हो गया। इस संबंध में समाजजनों ने प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, मुख्यमंत्री, कलेक्टर एवं पुलिस उप अधीक्षक के नाम एक ज्ञापन प्रेषित किया है। ज्ञापन के माध्यम से घटना की उच्च स्तरीय जांच, विशेष जांच दल (एसआईटी) अथवा न्यायिक जांच के आदेश देने, सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दोषियों की पहचान कर उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने की मांग की गई है। इसके साथ ही, देशभर में विहाररत संतों एवं साध्वियों की सुरक्षा के लिए प्रभावी सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करने तथा राष्ट्रीय स्तर पर एक स्पष्ट 'संत सुरक्षा नीति' एवं गाइडलाइन निर्धारित करने की आवश्यकता पर बल दिया गया। वक्ताओं ने इस दौरान कहा कि संत समाज अहिंसा, संयम और आध्यात्मिक मूल्यों के संवाहक होते हैं और विहार के दौरान उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना शासन-प्रशासन की सीधी जिम्मेदारी है। समाज ने ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस एवं प्रभावी कदम उठाने को समय की मांग बताया है। इस अवसर पर समाज अध्यक्ष राजकुमार डेचिया सहित अशोक भूता, गोवर्धन डेचिया, गजेंद्र कोठारी, प्रवीण शाह, भंवरलाल डेचिया, महेंद्र जैन, परेश भूता, डॉ. देवीलाल, राकेश कोठारी, बृजेश भूता, विशाल कोठारी, कुलदीप कोठारी, कपिल भूता, सुनील भूता एवं यतिन डेचिया सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे। समाज ने ज्ञापन के माध्यम से दिवंगत आर्यिकाओं को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई और संतों की सुरक्षा के लिए एक स्थायी व्यवस्था स्थापित करने की अपनी मांग को दोहराया है।1
- नरेश खाटं को हैंडपंप और सड़क की तत्काल आवश्यकता है। उनका कहना है कि कोई भी सीधे तौर पर यह नहीं कह रहा है कि वे ये सुविधाएँ नहीं देंगे, लेकिन इसके बावजूद उन्हें ये चीज़ें उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस संबंध में केवल झूठे वादे ही किए जा रहे हैं।2
- जैन समाज ने रीवा में जिला प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें आर्यिका माताजी दुर्घटना प्रकरण की निष्पक्ष जांच और विहाररत जैन साधु-संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई है। समाज ने इस मामले में गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए साफ कहा कि जैन संत की मौत एक दुर्घटना नहीं बल्कि हत्या है। ज्ञापन में प्रमुख मांगों के तौर पर SIT या न्यायिक जांच की बात कही गई है। इसके साथ ही, जैन समाज ने संत सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करने, राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति बनाने, विहार मार्गों पर पुलिस और ट्रैफिक सहयोग प्रदान करने तथा एक “Sant Security Coordination Cell” के गठन की मांग भी रखी है। इस दौरान समाज ने यह स्पष्ट किया कि साधु-संत अहिंसा और संयम का संदेश देते हैं और ऐसे में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। ज्ञापन सौंपते समय नरेंद्र गलालिया, राजेंद्र जैन, राजेंद्र वेड़ा, चंद्रकुमार जैन, संतोष गलालिया सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।1
- दोस्तों, आप भी अपने घर पर यह बल्ब आसानी से जला सकते हैं। इसके लिए आपको कुछ खास करने की जरूरत नहीं है; बस एक बार दिया गया वीडियो देखें और इसे अपने घर पर जरूर आजमाएं।1
- डूंगरपुर में जिला प्रभारी मंत्री एवं जनजातीय क्षेत्रीय विभाग मंत्री श्री बाबूलाल खराड़ी ने 'वंदे गंगा जल संरक्षण - जन अभियान 2026' के अंतर्गत आयोजित श्रमदान कार्यक्रम में शिरकत की। यह कार्यक्रम पंचायत समिति डूंगरपुर की ग्राम पंचायत वागदरी तालाब पर मुख्य अतिथि के रूप में श्री बाबूलाल खराड़ी की उपस्थिति में आयोजित किया गया। इस अवसर पर जिला कलक्टर देशलदान, उपवन संरक्षक मोहित गुप्ता, कार्यवाहक अतिरिक्त जिला कलक्टर हनुमान सिंह राठौड़, उपखंड अधिकारी डूंगरपुर सोनू कुमार गुर्जर, समाज सेवी बंसीलाल कटारा, हंसमुख पंड्या, अशोक जैन, तहसीलदार डूंगरपुर कमलेश मीणा, अधीक्षण अभियंता वाटरशेड मूलाराम सोलंकी और ब्लॉक विकास अधिकारी प्रवीण सिंह राव सहित संबंधित विभागीय अधिकारी, कर्मचारी, जनप्रतिनिधिगण एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।1
- जिला प्रभारी मंत्री एवं जनजातीय क्षेत्रीय विभाग मंत्री श्री बाबूलाल खराड़ी ने डूंगरपुर का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने “वंदे गंगा जल संरक्षण - जन अभियान 2026” के तहत पंचायत समिति डूंगरपुर की ग्राम पंचायत वागदरी के तालाब पर आयोजित श्रमदान कार्यक्रम में भाग लिया। यह श्रमदान कार्यक्रम जिला प्रभारी मंत्री एवं जनजातीय क्षेत्र विकास विभाग मंत्री श्री बाबूलाल खराड़ी के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ। इस अवसर पर जिला कलक्टर देशलदान, उपवन संरक्षक मोहित गुप्ता, कार्यवाहक अतिरिक्त जिला कलक्टर हनुमान सिंह राठौड़, उपखंड अधिकारी डूंगरपुर सोनू कुमार गुर्जर, समाज सेवी बंसीलाल कटारा, हंसमुख पंड्या, अशोक जैन, तहसीलदार डूंगरपुर कमलेश मीणा, अधीक्षण अभियंता वाटरशेड मूलाराम सोलंकी, ब्लॉक विकास अधिकारी प्रवीण सिंह राव सहित विभिन्न विभागीय अधिकारी, कर्मचारी, जनप्रतिनिधिगण और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।2
- पीठ दिगंबर जैन मंदिर में बुधवार को एक अश्रुपूरित श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया, जिसमें परम पूज्य राष्ट्रसंत आचार्य श्री विद्यासागरजी महाराज की सुशिष्याएँ, पूज्य आर्यिका 105 श्रुतमति माताजी एवं आर्यिका 105 उपशममति माताजी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। समाजजनों ने दोनों आर्यिकाओं के आकस्मिक निधन को जैन समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया और गहरा शोक व्यक्त किया। वक्ताओं ने बताया कि 20 मई 2026 को रीवा (मध्यप्रदेश) में कलेक्ट्रेट के समीप शांतिपूर्वक विहार करते समय वे एक कार की चपेट में आ गई थीं, जिससे उनका देहावसान हो गया। इस दुखद घटना के कारण देशभर के जैन समाज में शोक, पीड़ा और आक्रोश का वातावरण है। सभा में उपस्थित समाजजनों ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए सरकार से इसकी उच्चस्तरीय जांच कराने और देशभर में विहाररत संत-साध्वियों की सुरक्षा के लिए ठोस व्यवस्था करने की मांग की। वक्ताओं ने ज़ोर दिया कि संत समाज अहिंसा, संयम और आध्यात्मिक चेतना का संदेश देता है, ऐसे में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना शासन और समाज दोनों की जिम्मेदारी है। कार्यक्रम में समाज अध्यक्ष राजकुमार डेचिया, प्रवीण शाह, परेश भूता, डॉ. देवीलाल जैन एवं महेंद्र जैन सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने अपने विचार साझा किए, और युवाओं से संतों के विहार के दौरान सहयोग एवं सेवा कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। इस अवसर पर अशोक भूता, राकेश कोठारी, बृजेश भूता, विशाल कोठारी, मनोज कोठारी, कुलदीप कोठारी, दीपक डेचिया, गौरव कोठारी, सुनील भूता, कपिल भूता, हितेन्द्र डेचिया, डॉ. निखिल जैन सहित बड़ी संख्या में महिला एवं युवा उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन पीयूष डेचिया ने किया, और अंत में दिवंगत आर्यिकाओं को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धासुमन अर्पित किए गए।1