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पीठ दिगंबर जैन मंदिर में बुधवार को एक अश्रुपूरित श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया, जिसमें परम पूज्य राष्ट्रसंत आचार्य श्री विद्यासागरजी महाराज की सुशिष्याएँ, पूज्य आर्यिका 105 श्रुतमति माताजी एवं आर्यिका 105 उपशममति माताजी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। समाजजनों ने दोनों आर्यिकाओं के आकस्मिक निधन को जैन समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया और गहरा शोक व्यक्त किया। वक्ताओं ने बताया कि 20 मई 2026 को रीवा (मध्यप्रदेश) में कलेक्ट्रेट के समीप शांतिपूर्वक विहार करते समय वे एक कार की चपेट में आ गई थीं, जिससे उनका देहावसान हो गया। इस दुखद घटना के कारण देशभर के जैन समाज में शोक, पीड़ा और आक्रोश का वातावरण है। सभा में उपस्थित समाजजनों ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए सरकार से इसकी उच्चस्तरीय जांच कराने और देशभर में विहाररत संत-साध्वियों की सुरक्षा के लिए ठोस व्यवस्था करने की मांग की। वक्ताओं ने ज़ोर दिया कि संत समाज अहिंसा, संयम और आध्यात्मिक चेतना का संदेश देता है, ऐसे में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना शासन और समाज दोनों की जिम्मेदारी है। कार्यक्रम में समाज अध्यक्ष राजकुमार डेचिया, प्रवीण शाह, परेश भूता, डॉ. देवीलाल जैन एवं महेंद्र जैन सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने अपने विचार साझा किए, और युवाओं से संतों के विहार के दौरान सहयोग एवं सेवा कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। इस अवसर पर अशोक भूता, राकेश कोठारी, बृजेश भूता, विशाल कोठारी, मनोज कोठारी, कुलदीप कोठारी, दीपक डेचिया, गौरव कोठारी, सुनील भूता, कपिल भूता, हितेन्द्र डेचिया, डॉ. निखिल जैन सहित बड़ी संख्या में महिला एवं युवा उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन पीयूष डेचिया ने किया, और अंत में दिवंगत आर्यिकाओं को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धासुमन अर्पित किए गए।

4 hrs ago
user_मुकेश कुमार आर. पंड्या
मुकेश कुमार आर. पंड्या
Local News Reporter सीमलवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
4 hrs ago

पीठ दिगंबर जैन मंदिर में बुधवार को एक अश्रुपूरित श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया, जिसमें परम पूज्य राष्ट्रसंत आचार्य श्री विद्यासागरजी महाराज की सुशिष्याएँ, पूज्य आर्यिका 105 श्रुतमति माताजी एवं आर्यिका 105 उपशममति माताजी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। समाजजनों ने दोनों आर्यिकाओं के आकस्मिक निधन को जैन समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया और गहरा शोक व्यक्त किया। वक्ताओं ने बताया कि 20 मई 2026 को रीवा (मध्यप्रदेश) में कलेक्ट्रेट के समीप शांतिपूर्वक विहार करते समय वे एक कार की चपेट में आ गई थीं, जिससे उनका देहावसान हो गया। इस दुखद घटना के कारण देशभर के जैन समाज में शोक, पीड़ा और आक्रोश का वातावरण है। सभा में उपस्थित समाजजनों ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए सरकार से इसकी उच्चस्तरीय जांच कराने और देशभर में विहाररत संत-साध्वियों की सुरक्षा के लिए ठोस व्यवस्था करने की मांग की। वक्ताओं ने ज़ोर दिया कि संत समाज अहिंसा, संयम और आध्यात्मिक चेतना का संदेश देता है, ऐसे में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना शासन और समाज दोनों की जिम्मेदारी है। कार्यक्रम में समाज अध्यक्ष राजकुमार डेचिया, प्रवीण शाह, परेश भूता, डॉ. देवीलाल जैन एवं महेंद्र जैन सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने अपने विचार साझा किए, और युवाओं से संतों के विहार के दौरान सहयोग एवं सेवा कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। इस अवसर पर अशोक भूता, राकेश कोठारी, बृजेश भूता, विशाल कोठारी, मनोज कोठारी, कुलदीप कोठारी, दीपक डेचिया, गौरव कोठारी, सुनील भूता, कपिल भूता, हितेन्द्र डेचिया, डॉ. निखिल जैन सहित बड़ी संख्या में महिला एवं युवा उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन पीयूष डेचिया ने किया, और अंत में दिवंगत आर्यिकाओं को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धासुमन अर्पित किए गए।

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  • मध्यप्रदेश के रीवा में 20 मई 2026 को हुई एक हृदयविदारक घटना में पूज्य आर्यिका 105 श्रुतमति माताजी एवं आर्यिका 105 उपशममति माताजी के निधन से संपूर्ण जैन समाज में गहरा शोक और आक्रोश व्याप्त है। इस घटना पर पीठ दिगंबर जैन समाज ने अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। यह दुखद घटना रीवा कलेक्ट्रेट के समीप तब हुई जब राष्ट्रसंत आचार्य श्री विद्यासागरजी महाराज की सुशिष्याएँ श्रुतमति माताजी एवं उपशममति माताजी शांतिपूर्वक विहार कर रही थीं, और कथित रूप से एक कार द्वारा कुचले जाने से दोनों आर्यिकाओं का देहावसान हो गया। इस संबंध में समाजजनों ने प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, मुख्यमंत्री, कलेक्टर एवं पुलिस उप अधीक्षक के नाम एक ज्ञापन प्रेषित किया है। ज्ञापन के माध्यम से घटना की उच्च स्तरीय जांच, विशेष जांच दल (एसआईटी) अथवा न्यायिक जांच के आदेश देने, सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दोषियों की पहचान कर उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने की मांग की गई है। इसके साथ ही, देशभर में विहाररत संतों एवं साध्वियों की सुरक्षा के लिए प्रभावी सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करने तथा राष्ट्रीय स्तर पर एक स्पष्ट 'संत सुरक्षा नीति' एवं गाइडलाइन निर्धारित करने की आवश्यकता पर बल दिया गया। वक्ताओं ने इस दौरान कहा कि संत समाज अहिंसा, संयम और आध्यात्मिक मूल्यों के संवाहक होते हैं और विहार के दौरान उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना शासन-प्रशासन की सीधी जिम्मेदारी है। समाज ने ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस एवं प्रभावी कदम उठाने को समय की मांग बताया है। इस अवसर पर समाज अध्यक्ष राजकुमार डेचिया सहित अशोक भूता, गोवर्धन डेचिया, गजेंद्र कोठारी, प्रवीण शाह, भंवरलाल डेचिया, महेंद्र जैन, परेश भूता, डॉ. देवीलाल, राकेश कोठारी, बृजेश भूता, विशाल कोठारी, कुलदीप कोठारी, कपिल भूता, सुनील भूता एवं यतिन डेचिया सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे। समाज ने ज्ञापन के माध्यम से दिवंगत आर्यिकाओं को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई और संतों की सुरक्षा के लिए एक स्थायी व्यवस्था स्थापित करने की अपनी मांग को दोहराया है।
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    मध्यप्रदेश के रीवा में 20 मई 2026 को हुई एक हृदयविदारक घटना में पूज्य आर्यिका 105 श्रुतमति माताजी एवं आर्यिका 105 उपशममति माताजी के निधन से संपूर्ण जैन समाज में गहरा शोक और आक्रोश व्याप्त है। इस घटना पर पीठ दिगंबर जैन समाज ने अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। यह दुखद घटना रीवा कलेक्ट्रेट के समीप तब हुई जब राष्ट्रसंत आचार्य श्री विद्यासागरजी महाराज की सुशिष्याएँ श्रुतमति माताजी एवं उपशममति माताजी शांतिपूर्वक विहार कर रही थीं, और कथित रूप से एक कार द्वारा कुचले जाने से दोनों आर्यिकाओं का देहावसान हो गया।

इस संबंध में समाजजनों ने प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, मुख्यमंत्री, कलेक्टर एवं पुलिस उप अधीक्षक के नाम एक ज्ञापन प्रेषित किया है। ज्ञापन के माध्यम से घटना की उच्च स्तरीय जांच, विशेष जांच दल (एसआईटी) अथवा न्यायिक जांच के आदेश देने, सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दोषियों की पहचान कर उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने की मांग की गई है। इसके साथ ही, देशभर में विहाररत संतों एवं साध्वियों की सुरक्षा के लिए प्रभावी सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करने तथा राष्ट्रीय स्तर पर एक स्पष्ट 'संत सुरक्षा नीति' एवं गाइडलाइन निर्धारित करने की आवश्यकता पर बल दिया गया। वक्ताओं ने इस दौरान कहा कि संत समाज अहिंसा, संयम और आध्यात्मिक मूल्यों के संवाहक होते हैं और विहार के दौरान उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना शासन-प्रशासन की सीधी जिम्मेदारी है। समाज ने ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस एवं प्रभावी कदम उठाने को समय की मांग बताया है।

इस अवसर पर समाज अध्यक्ष राजकुमार डेचिया सहित अशोक भूता, गोवर्धन डेचिया, गजेंद्र कोठारी, प्रवीण शाह, भंवरलाल डेचिया, महेंद्र जैन, परेश भूता, डॉ. देवीलाल, राकेश कोठारी, बृजेश भूता, विशाल कोठारी, कुलदीप कोठारी, कपिल भूता, सुनील भूता एवं यतिन डेचिया सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे। समाज ने ज्ञापन के माध्यम से दिवंगत आर्यिकाओं को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई और संतों की सुरक्षा के लिए एक स्थायी व्यवस्था स्थापित करने की अपनी मांग को दोहराया है।
    user_मुकेश कुमार आर. पंड्या
    मुकेश कुमार आर. पंड्या
    Local News Reporter सीमलवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा और राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप, सीमलवाड़ा के अमरपुरा बांध पर रविवार को 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' के तहत एक ब्लॉक स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने हिस्सा लिया, जहाँ जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया। कार्यक्रम की शुरुआत गंगा पूजन, कलश यात्रा और पीपल पूजन के साथ की गई, जिसके बाद सभी उपस्थित लोगों को जल स्रोतों के संरक्षण, वर्षा जल संचयन और अधिक से अधिक वृक्षारोपण का संकल्प दिलाया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व प्रधान कारीलाल ननोमा ने अपने संबोधन में कहा कि जल ही जीवन का आधार है और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए जल संरक्षण को एक जन आंदोलन बनाना अनिवार्य है। उन्होंने उपस्थित लोगों से आग्रह किया कि प्रत्येक व्यक्ति कम से कम एक पौधा लगाए और उसकी उचित देखभाल सुनिश्चित करे। ननोमा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'कैच द रेन' जैसी सोच पर आधारित जल संरक्षण अभियानों का जिक्र करते हुए कहा कि इनका उद्देश्य देश में जल संकट को कम करना और नदियों, तालाबों व अन्य जल स्रोतों को पुनर्जीवित करना है। उन्होंने भूजल स्तर के लगातार घटते स्तर पर चिंता व्यक्त करते हुए इस लक्ष्य को समाज की सक्रिय भागीदारी से ही पूरा करने पर जोर दिया। विकास अधिकारी ललित पंड्या ने अभियान के विस्तृत उद्देश्यों की जानकारी दी, जिसमें जल स्रोतों की सफाई, वर्षा जल का संग्रहण, पारंपरिक जल संरचनाओं का संरक्षण, पर्यावरण संतुलन बनाए रखना और लोगों में जल बचाने के प्रति जागरूकता पैदा करना शामिल है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जल संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। कार्यक्रम का संचालन सीबीईओ हमराज सिंह ने किया, जबकि अंत में विकास अधिकारी ललित पंड्या ने सभी का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर प्रधान कारीलाल ननोमा, सरपंच संघ अध्यक्ष बाबूलाल, भाजपा जिला महामंत्री ईश्वरलाल लबाना, रतनसिंह, तहसीलदार अशोक शाह, नायब तहसीलदार राजेश मीणा, सहायक कृषि अधिकारी जयदीप सिंह, बीसीएमओ नरेंद्र प्रजापत, वन विभाग के रेंजर धंबोला सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, ग्राम विकास अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद रहे।
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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा और राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप, सीमलवाड़ा के अमरपुरा बांध पर रविवार को 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' के तहत एक ब्लॉक स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने हिस्सा लिया, जहाँ जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया। कार्यक्रम की शुरुआत गंगा पूजन, कलश यात्रा और पीपल पूजन के साथ की गई, जिसके बाद सभी उपस्थित लोगों को जल स्रोतों के संरक्षण, वर्षा जल संचयन और अधिक से अधिक वृक्षारोपण का संकल्प दिलाया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व प्रधान कारीलाल ननोमा ने अपने संबोधन में कहा कि जल ही जीवन का आधार है और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए जल संरक्षण को एक जन आंदोलन बनाना अनिवार्य है। उन्होंने उपस्थित लोगों से आग्रह किया कि प्रत्येक व्यक्ति कम से कम एक पौधा लगाए और उसकी उचित देखभाल सुनिश्चित करे। ननोमा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'कैच द रेन' जैसी सोच पर आधारित जल संरक्षण अभियानों का जिक्र करते हुए कहा कि इनका उद्देश्य देश में जल संकट को कम करना और नदियों, तालाबों व अन्य जल स्रोतों को पुनर्जीवित करना है। उन्होंने भूजल स्तर के लगातार घटते स्तर पर चिंता व्यक्त करते हुए इस लक्ष्य को समाज की सक्रिय भागीदारी से ही पूरा करने पर जोर दिया।

विकास अधिकारी ललित पंड्या ने अभियान के विस्तृत उद्देश्यों की जानकारी दी, जिसमें जल स्रोतों की सफाई, वर्षा जल का संग्रहण, पारंपरिक जल संरचनाओं का संरक्षण, पर्यावरण संतुलन बनाए रखना और लोगों में जल बचाने के प्रति जागरूकता पैदा करना शामिल है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जल संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। कार्यक्रम का संचालन सीबीईओ हमराज सिंह ने किया, जबकि अंत में विकास अधिकारी ललित पंड्या ने सभी का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर प्रधान कारीलाल ननोमा, सरपंच संघ अध्यक्ष बाबूलाल, भाजपा जिला महामंत्री ईश्वरलाल लबाना, रतनसिंह, तहसीलदार अशोक शाह, नायब तहसीलदार राजेश मीणा, सहायक कृषि अधिकारी जयदीप सिंह, बीसीएमओ नरेंद्र प्रजापत, वन विभाग के रेंजर धंबोला सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, ग्राम विकास अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद रहे।
    user_Gunwant kalal
    Gunwant kalal
    Local News Reporter सीमलवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    23 hrs ago
  • नरेश खाटं को हैंडपंप और सड़क की तत्काल आवश्यकता है। उनका कहना है कि कोई भी सीधे तौर पर यह नहीं कह रहा है कि वे ये सुविधाएँ नहीं देंगे, लेकिन इसके बावजूद उन्हें ये चीज़ें उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस संबंध में केवल झूठे वादे ही किए जा रहे हैं।
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    नरेश खाटं को हैंडपंप और सड़क की तत्काल आवश्यकता है। उनका कहना है कि कोई भी सीधे तौर पर यह नहीं कह रहा है कि वे ये सुविधाएँ नहीं देंगे, लेकिन इसके बावजूद उन्हें ये चीज़ें उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस संबंध में केवल झूठे वादे ही किए जा रहे हैं।
    user_Naresh Khant
    Naresh Khant
    सागवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    6 hrs ago
  • जैन समाज ने रीवा में जिला प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें आर्यिका माताजी दुर्घटना प्रकरण की निष्पक्ष जांच और विहाररत जैन साधु-संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई है। समाज ने इस मामले में गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए साफ कहा कि जैन संत की मौत एक दुर्घटना नहीं बल्कि हत्या है। ज्ञापन में प्रमुख मांगों के तौर पर SIT या न्यायिक जांच की बात कही गई है। इसके साथ ही, जैन समाज ने संत सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करने, राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति बनाने, विहार मार्गों पर पुलिस और ट्रैफिक सहयोग प्रदान करने तथा एक “Sant Security Coordination Cell” के गठन की मांग भी रखी है। इस दौरान समाज ने यह स्पष्ट किया कि साधु-संत अहिंसा और संयम का संदेश देते हैं और ऐसे में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। ज्ञापन सौंपते समय नरेंद्र गलालिया, राजेंद्र जैन, राजेंद्र वेड़ा, चंद्रकुमार जैन, संतोष गलालिया सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।
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    जैन समाज ने रीवा में जिला प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें आर्यिका माताजी दुर्घटना प्रकरण की निष्पक्ष जांच और विहाररत जैन साधु-संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई है। समाज ने इस मामले में गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए साफ कहा कि जैन संत की मौत एक दुर्घटना नहीं बल्कि हत्या है।

ज्ञापन में प्रमुख मांगों के तौर पर SIT या न्यायिक जांच की बात कही गई है। इसके साथ ही, जैन समाज ने संत सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करने, राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति बनाने, विहार मार्गों पर पुलिस और ट्रैफिक सहयोग प्रदान करने तथा एक “Sant Security Coordination Cell” के गठन की मांग भी रखी है।

इस दौरान समाज ने यह स्पष्ट किया कि साधु-संत अहिंसा और संयम का संदेश देते हैं और ऐसे में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। ज्ञापन सौंपते समय नरेंद्र गलालिया, राजेंद्र जैन, राजेंद्र वेड़ा, चंद्रकुमार जैन, संतोष गलालिया सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।
    user_Sagwara live news
    Sagwara live news
    Local News Reporter सागवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    19 hrs ago
  • वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान जल है तो कल है’ प्रभारी मंत्री श्री बाबूलाल खराड़ी ने किया जनभागीदारी का आह्वान, ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत किया वृक्षारोपण । भरत पंड्या संवाददाता डुंगरपुर वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान जल है तो कल है’ प्रभारी मंत्री श्री बाबूलाल खराड़ी ने किया जनभागीदारी का आह्वान, ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत किया वृक्षारोपण । डूंगरपुर, 26 मई। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में चल रहे वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के अंतर्गत मंगलवार को पंचायत समिति डूंगरपुर की ग्राम पंचायत वागदरी तालाब पर जिला प्रभारी मंत्री एवं जनजाति क्षेत्र विकास विभाग मंत्री श्री बाबूलाल खराड़ी के मुख्य आतिथ्य एवं समाजसेवी श्री बंसीलाल कटारा,श्री पंकज जैन, श्री हसमुख पंड्या, प्रशासक तोमर देवी , श्री उमेश भनात के विशिष्ट आतिथ्य एवं जिला कलक्टर श्री देशलदान, उपवन संरक्षक श्रीमोहित गुप्ता, कार्यवाहक अतिरिक्त जिला कलक्टर एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री हनुमान सिंह राठौड़, उपखंड अधिकारी डूंगरपुर श्री सोनू कुमार गुर्जर, अधीक्षण अभियंता वाटरशेड श्री मूलाराम सोलंकी, तहसीलदार डूंगरपुर श्री कमलेश मीणा की मौजूदगी में कार्यक्रम का समारोह पूर्वक का आयोजन किया गया। श्रमदान कार्यक्रम में जिला प्रभारी मंत्री एवं जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग मंत्री श्री बाबूलाल खराड़ी ने “हरियालो राजस्थान” अभियान के अंतर्गत प्रत्येक व्यक्ति से कम से कम एक वृक्ष लगाने की अपील की। इस अवसर पर प्रभारी मंत्री श्री खराड़ी ने सभी उपस्थित जन को संकल्प भी दिलवाया। कार्यक्रम के पश्चात प्रभारी मंत्री श्री खराड़ी, अतिथियों एवं अधिकारियों ने तालाब पर विधिवत जल पूजन किया तथा श्रमदान कर जन-जागरूकता का संदेश दिया। उन्होंने ‘वृक्षारोपण महाअभियान के तहत ‘एक पेड़ माँ के नाम’ के अंतर्गत वृक्षारोपण कर अधिक से अधिक पेड़ लगाने एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उसके पश्चात प्रभारी मंत्री जिला मुख्यालय पर स्थित सर्किट हाउस में पहुंचे जहां पर उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया । सर्किट हाउस में प्रभारी मंत्री प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीडिया से रूबरू हुए।
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    वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान 
जल है तो कल है’  प्रभारी मंत्री श्री बाबूलाल खराड़ी ने किया जनभागीदारी का आह्वान, ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत किया वृक्षारोपण ।
भरत पंड्या संवाददाता डुंगरपुर 
वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान 
जल है तो कल है’  प्रभारी मंत्री श्री बाबूलाल खराड़ी ने किया जनभागीदारी का आह्वान, ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत किया वृक्षारोपण ।
डूंगरपुर, 26 मई। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में चल रहे वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के अंतर्गत मंगलवार को पंचायत समिति डूंगरपुर की ग्राम पंचायत वागदरी तालाब पर जिला प्रभारी मंत्री एवं जनजाति क्षेत्र विकास विभाग मंत्री श्री बाबूलाल खराड़ी के मुख्य आतिथ्य एवं समाजसेवी श्री बंसीलाल कटारा,श्री पंकज जैन, श्री हसमुख पंड्या, प्रशासक तोमर देवी , श्री उमेश भनात के विशिष्ट आतिथ्य एवं जिला कलक्टर श्री देशलदान, उपवन संरक्षक श्रीमोहित गुप्ता,  कार्यवाहक अतिरिक्त जिला कलक्टर एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री हनुमान सिंह राठौड़,  उपखंड अधिकारी डूंगरपुर श्री सोनू कुमार गुर्जर, अधीक्षण अभियंता वाटरशेड श्री मूलाराम सोलंकी, तहसीलदार डूंगरपुर श्री कमलेश मीणा की मौजूदगी में कार्यक्रम का समारोह पूर्वक का आयोजन किया गया।
श्रमदान कार्यक्रम में जिला प्रभारी मंत्री एवं जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग मंत्री श्री बाबूलाल खराड़ी ने “हरियालो राजस्थान” अभियान के अंतर्गत प्रत्येक व्यक्ति से कम से कम एक वृक्ष लगाने की अपील की।
इस अवसर पर प्रभारी मंत्री श्री खराड़ी ने सभी उपस्थित जन को संकल्प भी दिलवाया।
कार्यक्रम के पश्चात प्रभारी मंत्री श्री खराड़ी, अतिथियों एवं अधिकारियों ने तालाब पर विधिवत जल पूजन किया तथा श्रमदान कर जन-जागरूकता का संदेश दिया। उन्होंने ‘वृक्षारोपण महाअभियान के तहत ‘एक पेड़ माँ के नाम’ के अंतर्गत वृक्षारोपण कर अधिक से अधिक पेड़ लगाने एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
उसके पश्चात प्रभारी मंत्री जिला मुख्यालय पर स्थित सर्किट हाउस में पहुंचे जहां पर उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया
। सर्किट हाउस में प्रभारी मंत्री प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीडिया से रूबरू हुए।
    user_Bharat Pandya भरत पंड्या
    Bharat Pandya भरत पंड्या
    डूंगरपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    23 min ago
  • यह मामला मगध क्षेत्र की पीपला गुंज ग्राम पंचायत से संबंधित है।
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    यह मामला मगध क्षेत्र की पीपला गुंज ग्राम पंचायत से संबंधित है।
    user_Pappu Roat
    Pappu Roat
    Voice of people जोथरी, डूंगरपुर, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • डूंगरपुर जिले के बिछीवाड़ा थाना क्षेत्र के भुवाली में एक सड़क हादसा हुआ, जहां पानी के नारियल से भरी एक पिकअप गाड़ी डिवाइडर से टकरा गई। इस दुर्घटना में गाड़ी के चालक की मौत हो गई। मृतक की पहचान गुजरात के जूनागढ़ निवासी रिदम परमार, पिता प्रकाश परमार के रूप में हुई है। हादसे के बाद शव को मोर्चरी में रखवाया गया है।
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    डूंगरपुर जिले के बिछीवाड़ा थाना क्षेत्र के भुवाली में एक सड़क हादसा हुआ, जहां पानी के नारियल से भरी एक पिकअप गाड़ी डिवाइडर से टकरा गई। इस दुर्घटना में गाड़ी के चालक की मौत हो गई। मृतक की पहचान गुजरात के जूनागढ़ निवासी रिदम परमार, पिता प्रकाश परमार के रूप में हुई है। हादसे के बाद शव को मोर्चरी में रखवाया गया है।
    user_Maheshwar choubisa
    Maheshwar choubisa
    Graphic designer डूंगरपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    6 hrs ago
  • पीठ दिगंबर जैन मंदिर में बुधवार को एक अश्रुपूरित श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया, जिसमें परम पूज्य राष्ट्रसंत आचार्य श्री विद्यासागरजी महाराज की सुशिष्याएँ, पूज्य आर्यिका 105 श्रुतमति माताजी एवं आर्यिका 105 उपशममति माताजी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। समाजजनों ने दोनों आर्यिकाओं के आकस्मिक निधन को जैन समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया और गहरा शोक व्यक्त किया। वक्ताओं ने बताया कि 20 मई 2026 को रीवा (मध्यप्रदेश) में कलेक्ट्रेट के समीप शांतिपूर्वक विहार करते समय वे एक कार की चपेट में आ गई थीं, जिससे उनका देहावसान हो गया। इस दुखद घटना के कारण देशभर के जैन समाज में शोक, पीड़ा और आक्रोश का वातावरण है। सभा में उपस्थित समाजजनों ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए सरकार से इसकी उच्चस्तरीय जांच कराने और देशभर में विहाररत संत-साध्वियों की सुरक्षा के लिए ठोस व्यवस्था करने की मांग की। वक्ताओं ने ज़ोर दिया कि संत समाज अहिंसा, संयम और आध्यात्मिक चेतना का संदेश देता है, ऐसे में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना शासन और समाज दोनों की जिम्मेदारी है। कार्यक्रम में समाज अध्यक्ष राजकुमार डेचिया, प्रवीण शाह, परेश भूता, डॉ. देवीलाल जैन एवं महेंद्र जैन सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने अपने विचार साझा किए, और युवाओं से संतों के विहार के दौरान सहयोग एवं सेवा कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। इस अवसर पर अशोक भूता, राकेश कोठारी, बृजेश भूता, विशाल कोठारी, मनोज कोठारी, कुलदीप कोठारी, दीपक डेचिया, गौरव कोठारी, सुनील भूता, कपिल भूता, हितेन्द्र डेचिया, डॉ. निखिल जैन सहित बड़ी संख्या में महिला एवं युवा उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन पीयूष डेचिया ने किया, और अंत में दिवंगत आर्यिकाओं को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धासुमन अर्पित किए गए।
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    पीठ दिगंबर जैन मंदिर में बुधवार को एक अश्रुपूरित श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया, जिसमें परम पूज्य राष्ट्रसंत आचार्य श्री विद्यासागरजी महाराज की सुशिष्याएँ, पूज्य आर्यिका 105 श्रुतमति माताजी एवं आर्यिका 105 उपशममति माताजी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। समाजजनों ने दोनों आर्यिकाओं के आकस्मिक निधन को जैन समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया और गहरा शोक व्यक्त किया। वक्ताओं ने बताया कि 20 मई 2026 को रीवा (मध्यप्रदेश) में कलेक्ट्रेट के समीप शांतिपूर्वक विहार करते समय वे एक कार की चपेट में आ गई थीं, जिससे उनका देहावसान हो गया। इस दुखद घटना के कारण देशभर के जैन समाज में शोक, पीड़ा और आक्रोश का वातावरण है।

सभा में उपस्थित समाजजनों ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए सरकार से इसकी उच्चस्तरीय जांच कराने और देशभर में विहाररत संत-साध्वियों की सुरक्षा के लिए ठोस व्यवस्था करने की मांग की। वक्ताओं ने ज़ोर दिया कि संत समाज अहिंसा, संयम और आध्यात्मिक चेतना का संदेश देता है, ऐसे में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना शासन और समाज दोनों की जिम्मेदारी है। कार्यक्रम में समाज अध्यक्ष राजकुमार डेचिया, प्रवीण शाह, परेश भूता, डॉ. देवीलाल जैन एवं महेंद्र जैन सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने अपने विचार साझा किए, और युवाओं से संतों के विहार के दौरान सहयोग एवं सेवा कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। इस अवसर पर अशोक भूता, राकेश कोठारी, बृजेश भूता, विशाल कोठारी, मनोज कोठारी, कुलदीप कोठारी, दीपक डेचिया, गौरव कोठारी, सुनील भूता, कपिल भूता, हितेन्द्र डेचिया, डॉ. निखिल जैन सहित बड़ी संख्या में महिला एवं युवा उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन पीयूष डेचिया ने किया, और अंत में दिवंगत आर्यिकाओं को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धासुमन अर्पित किए गए।
    user_मुकेश कुमार आर. पंड्या
    मुकेश कुमार आर. पंड्या
    Local News Reporter सीमलवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    4 hrs ago
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