बकाया वेतन की मांग पर उबाल, सरकार व अराफात के खिलाफ आक्रोश -मजदूरों ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी, राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन -328वें दिन भी जारी रहा जेके सिंथेटिक्स मजदूरों का धरना कोटा। बकाया वेतन भुगतान की मांग को लेकर कोटा कलेक्ट्रेट परिसर में 18 फरवरी 2025 से सीटू के बैनर तले चल रहा जेके सिंथेटिक फैक्ट्री के मजदूरों का अनिश्चित कालीन धरना सोमवार को 328 वें दिन भी जारी रहा। जिला कलेक्ट्रेट पर डटे मजदूरों की मुख्य मांग है कि 28 साल पुराना बकाया वेतन (मूल रूप से लगभग 260 करोड़ रुपए, ब्याज सहित अब 500 करोड़ से अधिक) जल्द से जल्द सरकार व संबंधित पक्ष से भुगतान करवाया जाए। मजदूर नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा तथा कलेक्ट्रेट गेट को जाम करने जैसे कदम उठाने पड़ सकते हैं। मजदूरों में सरकार के खिलाफ पनप रहा गुस्सा सीटू मीडिया प्रभारी मुरारीलाल बैरवा ने बताया कि कामरेड हबीब खान, उमाशंकर और नरेंद्र सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों मजदूर और महिलाएं 11 महीने से धरने पर डटी हुई हैं। नेताओं ने संबोधित करते हुए कहा कि स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधि मजदूरों की ताकत को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2023 में मजदूरों के पक्ष में फैसला सुनाया था, जिसमें फैक्ट्री की जमीन सरकार की बताई गई और बकाया भुगतान की जिम्मेदारी तय की गई थी। इसके बावजूद वर्तमान प्रबंधन (अराफात ग्रुप) को 6 माह पहले ही फैक्ट्री से बेदखल किए जाने के बाद भी सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। इससे मजदूरों, समर्थक संगठनों और आमजन में सरकार के प्रति रोष बढ़ता जा रहा है। मानव श्रृंखला बनाकर कर प्रदर्शन धरने के 328वें दिन भी मजदूरों ने कलेक्ट्रेट गेट पर मानव श्रृंखला बनाकर जोरदार नारेबाजी की। इसमें कामरेड कालीचरण सोनी, हनुमान सिंह, अली मोहम्मद, महावीर प्रसाद, गोपाल शर्मा, सतीश चंद त्रिवेदी, अशोक सिंह, मंगल सिंह सहित सैकड़ों मजदूर और महिलाएं शामिल रहीं। महिलाओं में राजकुमारी, पुष्पा बाई, राजू देवी, निर्मला बाई, रहीसा बानो, रेशमा देवी आदि प्रमुख थीं। प्रदर्शन कारियों ने जिला कलेक्टर से मांग की कि बकाया राशि का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित किया जाए, अन्यथा मजदूर मजबूरन और कड़े कदम उठाएंगे। राज्यपाल से मुलाकात कर सौंपा ज्ञापन धरने की संचालन समिति और तीनों यूनियनों के प्रतिनिधि मंडल ने एक दिवसीय दौरे पर आए राजस्थान के राज्यपाल से मुलाकात की और बकाया वेतन भुगतान की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। कामरेड अली मोहम्मद ने बताया कि यह कदम मजदूरों की आवाज को उच्च स्तर तक पहुंचाने का प्रयास है। ये हैै आगे की रणनीति मजदूर नेताओं ने कहा कि मजदूरों ने अब तक धैर्य रखा है, लेकिन अब आर-पार की लड़ाई लड़ने को मजबूर होना पड़ेगा। सीटू कार्यकर्ता जन जागरूकता अभियान चलाने की तैयारियां तेज कर चुके हैं।
बकाया वेतन की मांग पर उबाल, सरकार व अराफात के खिलाफ आक्रोश -मजदूरों ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी, राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन -328वें दिन भी जारी रहा जेके सिंथेटिक्स मजदूरों का धरना कोटा। बकाया वेतन भुगतान की मांग को लेकर कोटा कलेक्ट्रेट परिसर में 18 फरवरी 2025 से सीटू के बैनर तले चल रहा जेके सिंथेटिक फैक्ट्री के मजदूरों का अनिश्चित कालीन धरना सोमवार को 328 वें दिन भी जारी रहा। जिला कलेक्ट्रेट पर डटे मजदूरों की मुख्य मांग है कि 28 साल पुराना बकाया वेतन (मूल रूप से लगभग 260 करोड़ रुपए, ब्याज सहित अब 500 करोड़ से अधिक) जल्द से जल्द सरकार व संबंधित पक्ष से भुगतान करवाया जाए। मजदूर नेताओं ने चेतावनी
दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा तथा कलेक्ट्रेट गेट को जाम करने जैसे कदम उठाने पड़ सकते हैं। मजदूरों में सरकार के खिलाफ पनप रहा गुस्सा सीटू मीडिया प्रभारी मुरारीलाल बैरवा ने बताया कि कामरेड हबीब खान, उमाशंकर और नरेंद्र सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों मजदूर और महिलाएं 11 महीने से धरने पर डटी हुई हैं। नेताओं ने संबोधित करते हुए कहा कि स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधि मजदूरों की ताकत को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2023 में मजदूरों के पक्ष में फैसला सुनाया था, जिसमें फैक्ट्री की जमीन सरकार की बताई गई और बकाया भुगतान की जिम्मेदारी
तय की गई थी। इसके बावजूद वर्तमान प्रबंधन (अराफात ग्रुप) को 6 माह पहले ही फैक्ट्री से बेदखल किए जाने के बाद भी सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। इससे मजदूरों, समर्थक संगठनों और आमजन में सरकार के प्रति रोष बढ़ता जा रहा है। मानव श्रृंखला बनाकर कर प्रदर्शन धरने के 328वें दिन भी मजदूरों ने कलेक्ट्रेट गेट पर मानव श्रृंखला बनाकर जोरदार नारेबाजी की। इसमें कामरेड कालीचरण सोनी, हनुमान सिंह, अली मोहम्मद, महावीर प्रसाद, गोपाल शर्मा, सतीश चंद त्रिवेदी, अशोक सिंह, मंगल सिंह सहित सैकड़ों मजदूर और महिलाएं शामिल रहीं। महिलाओं में राजकुमारी, पुष्पा बाई, राजू देवी, निर्मला बाई, रहीसा बानो, रेशमा देवी आदि प्रमुख थीं। प्रदर्शन कारियों ने जिला कलेक्टर से मांग
की कि बकाया राशि का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित किया जाए, अन्यथा मजदूर मजबूरन और कड़े कदम उठाएंगे। राज्यपाल से मुलाकात कर सौंपा ज्ञापन धरने की संचालन समिति और तीनों यूनियनों के प्रतिनिधि मंडल ने एक दिवसीय दौरे पर आए राजस्थान के राज्यपाल से मुलाकात की और बकाया वेतन भुगतान की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। कामरेड अली मोहम्मद ने बताया कि यह कदम मजदूरों की आवाज को उच्च स्तर तक पहुंचाने का प्रयास है। ये हैै आगे की रणनीति मजदूर नेताओं ने कहा कि मजदूरों ने अब तक धैर्य रखा है, लेकिन अब आर-पार की लड़ाई लड़ने को मजबूर होना पड़ेगा। सीटू कार्यकर्ता जन जागरूकता अभियान चलाने की तैयारियां तेज कर चुके हैं।
- “राष्ट्रीय युवा दिवस पर कोटा में युवाओं के सपनों को मिली नई उड़ान” विधायक संदीप शर्मा ने क्या कहा जानिए1
- #kotacrime कोटा के नयापुरा स्थित एक होटल में पुलिस की रेड: देह व्यापार का आरोप: एक दलाल सहित 8 युवक और 8 युवतियां डिटेन: ना नशे का कारोबार रुक रहा, ना चाकूबाजी, खुलेआम फायरिंग, चोरी चकारी और ना चैन स्नैचिंग और लूटमार...1
- राजस्थान ब्रेकिंग न्यूज़ का सुप्रभात अंक। सूवे के मुखिया भजनलाल और प्रशासनिक मुखिया राजीव शर्मा जी अपराधों पर लगाम लगाने के लिए कमर कसे हुए हैं। किंतु कोटा शहर में अपराधों की दुनिया में बाहर है। पुलिस अपराधियों को पढ़ते पढ़ते थक जाती है। और अपराधी अपराध करते-करते बाज नहीं आते हैं। बरसों से कोटा की हृदय स्थली नयापुरा थाने के कुछ दूरी पर थाने की चौकी से कुछ फलग की दूरी पर पुलिस की छत्रछाया में चल रहा था देह व्यापार का पुरजोर धंधा। हम निरंतर समाज के हित में अपनी बुलेटिन में इस होटल के मालिक के सामने से समाचार प्रकाशित कर रहे थे। लेकिन वह हमसे यही कहता था। दम हो तो पड़वा के बताओ₹50000 महीने की बंदी नयापुरा पुलिस और 25000 की पुलिस चौकी को देता हूं। हमने उसके चैलेंज को स्वीकार किया और जो अफसर को बताया नयापुरा पुलिस की सीओ को वताया। उन्होंने अपने सूत्रों के माध्यम से बिना मुखबिर भेजें उस रैकेट का पर्दा फास्ट किया। अगर बात लीक हो जाती तो कई पुलिसकर्मी भी कई सिपाही दीवान भी उस होटल में सुरा और सुंदरी का मजा लेते थे । इसलिए इस ऑपरेशन को बहुत गोपनी रखा गया।और इसका ऑपरेशन किया गया। धन्यवाद देना चाहता हूं डीएसपी चौहान को उनकी टीम को प्रशिक्षु आईपीएस की सूझबूझ को जिन्होंने सैकड़ो लोगों को ऐडस से गंदी महिलाओं के माध्यम से बचाया। लेकिन शहर पुलिस कप्तान तेजस्विनी महिला है। और महिलाएं सरेआम दिन दहाड़े अपना जिस्म बेच रही हो। उन्होंने अभी तक थाना नयापुरा पुलिस के सीआई चौकी प्रभारी और तों और एक दीवानों सिपाही को जिम्मेदार नहीं माना है। और न उन्होंने लाईनहजीर जैसी साधारण सजा दी। न्यायालय से यह महिलाएं छूट जाएगी होटल मालिक जमानत पर बाहर आ जाएगा फिर वह इन महिलाओं के द्वारा जिस्मफरोशी का होटल में बाजार लगाएगा क्योंकि पूर्व में भी क्यों बार पकड़ा जा चुका है। प्रशासन ने उसकी होटल अभी तक सीज नहीं की है। ब्यावर का रहने वाला यह बदमाश कोटा पिछले वर्षों पूर्व कोटा आया था। होटल कम चलती थी। तभी से 15 साल से देह व्यापार का धंधा कर रहा है। दो विधायकों का कार्यकाल भी यह खुला धंधा करवाता था। कोटा उत्तर के विधायक शांति धारीवाल और प्रहलद गुंजल भी रह चुके हैं। उनके जमाने में भी यह धंधा करता था। उनके पास भी कई शिकायत थी। गई लेकिन उन्होंने भी इसे पुलिस से कहकर नहीं पकड वाया। शहर के मध्य स्वामी विवेकानंद की आदमकट प्रतिमाकी मूर्ति हो। करोड़ों रुपए खर्च कर चोराहा बनाया गया हो। और उसके बीचो-बीच यह होटल मालिक होटल की आड़ में महिलाओं का जिस्म का खुला व्यापार का धंधा करता हो कितना बड़ा दुर्भाग्य। सांसद का विधायकों का पत्रकारों का कि इस हिस्ट्रीशीटर व्यापारी पर अभी तक कोई ठोस कार्रवाई ना करवा पाए।1
- कोटा। आज कोटा जिला न्यायालय परिसर में अधिवक्ता ज्योति गोड़ का जन्मदिन सादगीपूर्ण वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर अधिवक्ता समुदाय के कई वकील मौजूद रहे और ज्योति गोड़ को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। कार्यक्रम के दौरान अधिवक्ताओं ने न्यायालय परिसर में एक-दूसरे को बधाई देते हुए आपसी सौहार्द व सहयोग की भावना को मजबूत बनाने का संदेश दिया। वहीं ज्योति गोड़ ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अधिवक्ता समाज न्याय की रक्षा के साथ-साथ सामाजिक कार्यों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।2
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- पापडी गांव विकास से वंचित बरसात से रेलवे ट्रैक पार करने को मजबूत ग्रामीण राजस्थान धडकन लोकेश मीणा लाखेरी/पापड़ी। क्षेत्र में हाई लेवल ब्रिज की मांग पिछले कई वर्षों से लंबित पड़ी हुई है। पापड़ी सहित आसपास के करीब 12 गांवों के ग्रामीणों को हर वर्ष बरसात के मौसम में गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ता है। रेलवे नालों में पानी भर जाने से आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता है, जिससे ग्रामीणों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि पापड़ी रेलवे नाले का बजट पहले ही स्वीकृत हो चुका है, इसके बावजूद आज तक धरातल पर कोई ठोस कार्य शुरू नहीं हुआ। बरसात के समय यह रेलवे नाला हादसों का कारण बन जाता है। पानी के तेज बहाव में लोगों को जान जोखिम में डालकर रेलवे ट्रैक पार करना पड़ता है। कई बार छोटे-बड़े हादसे भी हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की ओर से कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया बरसात के दिनों में सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को उठानी पड़ती है। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल जाने वाले बच्चों को जान हथेली पर रखकर रेलवे ट्रैक पार करना पड़ता है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है ग्रामीणों में इस समस्या को लेकर भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि इस बार भी हाई लेवल ब्रिज का निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ, तो आगामी पंचायत चुनावों में सरपंच पद के लिए होने वाले मतदान का बहिष्कार किया जाएगा ग्रामीण लेखराज मीणा ने कहा कि सरकारें वर्षों से अधूरे वादे करती आ रही हैं। हर बार आश्वासन तो दिए जाते हैं, लेकिन विकास कार्य केवल कागजों तक ही सीमित रह जाते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर गांव का विकास कब होगा और सरकारें अपने वादे कब पूरे करेंगी। वहीं हरिओम मीणा ने बताया कि चुनाव के समय सभी राजनीतिक दल गांव के विकास और समस्याओं के समाधान के बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन चुनाव समाप्त होते ही उन वादों को भूल जाते हैं। चाहे बीजेपी की सरकार हो या कांग्रेस की, दोनों ही दलों ने क्षेत्र की जनता को केवल आश्वासन ही दिए हैं ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव के समय विकास के नाम पर बड़े-बड़े प्रचार किए जाते हैं, लेकिन हकीकत में क्षेत्र का विकास शून्य नजर आता है। यदि जल्द ही हाई लेवल ब्रिज का निर्माण शुरू नहीं किया गया, तो ग्रामीण आंदोलन करने को मजबूर होंगे। अब देखना यह होगा कि प्रशासन और जनप्रतिनिधि इस गंभीर समस्या को लेकर कब तक ठोस कदम उठाते हैं, या फिर ग्रामीणों की यह मांग भी अन्य वादों की तरह अधूरी ही रह जाएगी।2
- स्वामी विवेकानंद जयंती के उपलक्ष में युवाओं द्वारा झालावाड़ निर्भय सिंह सर्किल से पीजी कॉलेज स्वामी जी की मूर्ति पर माल्यार्पण किया!इस मौके पर अनेक युवा मौजूद रहे वही ऋषिराज सिंह ने बताया की युवाओं के प्रेरणा स्रोत स्वामी विवेकानंद जयंती पर युवाओं को राष्ट्र के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से तिरंगा रैली का आयोजन किया गया है वही देवेंद्र सिंह हाडा ने स्वामी विवेकानंद जी के सिद्धांतों को याद दिलाते हुए सभी युवाओं को उनके बताएं मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया तथा पुष्पेंद्र सिंह राजावत ने रैली में पधारे सभी युवाओं का धन्यवाद ज्ञापित किया युवाओं को एकजुट रहने का संदेश दिया4
- “स्वामी विवेकानंद के विचारों को समर्पित युवा संबल मेला, कोटा में राज्य स्तरीय आयोजन”1