हिमाचल प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPPCL) के दिवंगत चीफ इंजीनियर विमल नेगी की पत्नी किरण नेगी ने मामले में दो अधिकारियों हरिकेश मीणा और देसराज के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की है। सोमवार को उन्होंने हिमाचल जनजातीय लोक अधिकार महासंघ के प्रतिनिधियों के साथ राज्यपाल से मुलाकात कर अपनी शिकायतें और मांगें रखीं। किरण नेगी का आरोप है कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की जांच में हरिकेश मीणा और देसराज के खिलाफ भ्रष्टाचार से जुड़े तथ्य सामने आ चुके हैं, बावजूद इसके अब तक उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। यह प्रकरण HPPCL के तत्कालीन चीफ इंजीनियर विमल नेगी के 10 मार्च 2025 को लापता होने और 18 मार्च को बिलासपुर स्थित गोबिंदसागर झील से उनके शव की बरामदगी से जुड़ा है। विमल नेगी के लापता होने के बाद उनकी पत्नी किरण नेगी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर तत्कालीन प्रबंध निदेशक (एमडी) हरिकेश मीणा, निदेशक देसराज और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों पर उनके पति को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था। इसके बाद 19 मार्च की रात सरकार ने इस मामले में एफआईआर दर्ज करवाई, जिसमें न्यू शिमला पुलिस थाना में तत्कालीन एमडी और निदेशक को कथित तौर पर आरोपी बनाया गया। इसी दिन सरकार ने हरिकेश मीणा और देसराज को उनके पदों से हटा दिया था। हालांकि, पुलिस जांच से असंतुष्ट परिजनों ने हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट का रुख कर मामले की जांच सीबीआई को सौंपने की मांग की, जिसके बाद हाईकोर्ट ने 23 मई 2025 को सीबीआई जांच के आदेश दिए। किरण नेगी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि इस मामले में कुछ लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है, जिससे उनके परिवार को न्याय मिलने में बाधा आ रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मामले की जांच के दौरान शिमला पुलिस ने सबूत मिटाने का प्रयास किया है, जिसकी निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की भी उन्होंने मांग की है। किरण नेगी ने स्पष्ट किया कि परिवार जल्द ही हरिकेश मीणा और देसराज के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर CBI को एक अलग से शिकायत सौंपेगा, और उन्हें उम्मीद है कि केंद्रीय एजेंसी उपलब्ध तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई करेगी। राज्यपाल से मुलाकात के दौरान परिवार ने पूरे मामले में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने, दोषी अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और विमल नेगी प्रकरण में न्याय दिलाने के लिए आवश्यक हस्तक्षेप की मांग की है।
हिमाचल प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPPCL) के दिवंगत चीफ इंजीनियर विमल नेगी की पत्नी किरण नेगी ने मामले में दो अधिकारियों हरिकेश मीणा और देसराज के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की है। सोमवार को उन्होंने हिमाचल जनजातीय लोक अधिकार महासंघ के प्रतिनिधियों के साथ राज्यपाल से मुलाकात कर अपनी शिकायतें और मांगें रखीं। किरण नेगी का आरोप है कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की जांच में हरिकेश मीणा और देसराज के खिलाफ भ्रष्टाचार से जुड़े तथ्य सामने आ चुके हैं, बावजूद इसके अब तक उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। यह प्रकरण HPPCL के तत्कालीन
चीफ इंजीनियर विमल नेगी के 10 मार्च 2025 को लापता होने और 18 मार्च को बिलासपुर स्थित गोबिंदसागर झील से उनके शव की बरामदगी से जुड़ा है। विमल नेगी के लापता होने के बाद उनकी पत्नी किरण नेगी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर तत्कालीन प्रबंध निदेशक (एमडी) हरिकेश मीणा, निदेशक देसराज और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों पर उनके पति को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था। इसके बाद 19 मार्च की रात सरकार ने इस मामले में एफआईआर दर्ज करवाई, जिसमें न्यू शिमला पुलिस थाना में तत्कालीन एमडी और निदेशक को कथित तौर पर आरोपी बनाया गया। इसी दिन
सरकार ने हरिकेश मीणा और देसराज को उनके पदों से हटा दिया था। हालांकि, पुलिस जांच से असंतुष्ट परिजनों ने हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट का रुख कर मामले की जांच सीबीआई को सौंपने की मांग की, जिसके बाद हाईकोर्ट ने 23 मई 2025 को सीबीआई जांच के आदेश दिए। किरण नेगी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि इस मामले में कुछ लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है, जिससे उनके परिवार को न्याय मिलने में बाधा आ रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मामले की जांच के दौरान शिमला पुलिस ने सबूत मिटाने का
प्रयास किया है, जिसकी निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की भी उन्होंने मांग की है। किरण नेगी ने स्पष्ट किया कि परिवार जल्द ही हरिकेश मीणा और देसराज के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर CBI को एक अलग से शिकायत सौंपेगा, और उन्हें उम्मीद है कि केंद्रीय एजेंसी उपलब्ध तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई करेगी। राज्यपाल से मुलाकात के दौरान परिवार ने पूरे मामले में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने, दोषी अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और विमल नेगी प्रकरण में न्याय दिलाने के लिए आवश्यक हस्तक्षेप की मांग की है।
- पंचकूला पुलिस की साइबर क्राइम थाना टीम ने करीब 1.5 करोड़ रुपये की ऑनलाइन ट्रेडिंग धोखाधड़ी के मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए उत्तर प्रदेश से दो बैंक कर्मियों को गिरफ्तार किया है। इन गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सीतापुर, यूपी निवासी ऋषभ वैश्य और हरदोई, यूपी निवासी अनुपम कुमार सिंह के रूप में हुई है। इन दोनों पर आरोप है कि इन्होंने साइबर ठगों के साथ मिलकर फर्जी या अवैध तरीके से बैंक खाते खुलवाए और आम लोगों से ठगी गई रकम को ठिकाने लगाया। अदालत में पेशी के बाद दोनों को आगामी पूछताछ और ठगी की रकम व दस्तावेज बरामद करने के लिए 7 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। इस मामले में पंचकूला पुलिस अब तक कुल 8 आरोपियों को देश के अलग-अलग हिस्सों से गिरफ्तार कर चुकी है। साइबर थाना प्रभारी युद्धवीर सिंह के अनुसार, पंचकूला के एक पीड़ित ने साइबर पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित ने बताया कि नवंबर 2023 में टेलीग्राम पर उन्हें बेंगलुरु की एक कंस्ट्रक्शन कंपनी से संबंधित एक आईडी से मैसेज आया, जिसने उन्हें झांसा दिया कि उसके अंकल अमेरिका में ट्रेडिंग करते हैं और भारी मुनाफा कमा कर दे सकती है। आरोपियों ने पीड़ित से एक फर्जी एप्लीकेशन डाउनलोड करवाई और विश्वास जीतने के लिए शुरुआत में 4000 रुपये का मुनाफा भी दिखाया। इसके बाद, मुनाफे का लालच देकर आरोपियों ने अलग-अलग किस्तों में और टैक्स क्लियरेंस के नाम पर पीड़ित से करीब 1 करोड़ 50 लाख रुपये अपने बताए गए खातों में ट्रांसफर करवा लिए। जब पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ और उन्होंने पुलिस में शिकायत की बात कही, तो आरोपियों ने टेलीग्राम आईडी डिलीट कर दी और अपने फोन बंद कर लिए। इस शिकायत को 10 अक्टूबर 2024 को दर्ज किया गया था। डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह ने बताया कि जांच में पता चला कि फ्रॉड की करीब 20 लाख रुपये संदीप कुमार सिंह निवासी हरदोई, यूपी के एक बैंक खाते में गए थे, जिसे 25 जून को गिरफ्तार किया गया था। संदीप ने पूछताछ में बताया कि उसके दोस्त ऋषभ वैश्य और अनुपम कुमार सिंह (दोनों बैंक कर्मी) ने मिलकर साइबर फ्रॉड की रकम डालने के लिए यह खाता खुलवाया और इस्तेमाल किया था। इसी सूचना के आधार पर पुलिस ने जाल बिछाकर 28 और 29 जून को ऋषभ और अनुपम को भी गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले, इस मामले में राजेश कुमार निवासी एटा, यूपी, आकिब अली उर्फ शेरू निवासी लखीमपुर खीरी, यूपी, आकाश निवासी बिजनौर/गुड़गांव, विशाल कुमार निवासी हनुमानगढ़, राजस्थान और मोनू उर्फ मोहम्मद अशरफ निवासी लखीमपुर खीरी को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में मोबाइल फोन, दर्जनों एटीएम/डेबिट कार्ड, चेकबुक और कई फर्जी कंपनियों/दुकानों के दस्तावेज बरामद हुए हैं। डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह का कहना है कि रिमांड के दौरान इन नए गिरफ्तार आरोपियों से इस रैकेट के मुख्य सरगनाओं और फरार आरोपियों के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है, जिन्हें जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।1
- हिमाचल प्रदेश के रिवालसर में 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' अभियान के अंतर्गत छात्राओं के लिए एक एक्सपोजर विजिट का आयोजन किया गया। इस विजिट के दौरान, छात्राओं ने पुलिस स्टेशन, अस्पताल और बैंक जैसे महत्वपूर्ण स्थानों का दौरा किया।1
- हिमाचल के अर्जोली गांव से एक बच्चे के गले से चांदी की चेन छीने जाने का मामला सामने आया है। यह घटना कल शाम करीब 4 बजे हुई। पीड़ित परिवार, जो गांव में प्रवासी किरायेदार के रूप में रह रहा है, ने बताया कि बच्चे की मां आरती देवी के अनुसार, उनके बच्चे के गले से लगभग ₹6,000 मूल्य की चांदी की चेन निकाल ली गई। परिवार ने इस घटना के लिए अर्जोली गांव के ही एक युवक पर शक जताया है, जिसका नाम उन्होंने पुलिस को भी दिया है। घटना की सूचना तुरंत ग्राम प्रधान और स्थानीय पुलिस थाने को दी गई थी। इसके बाद, संबंधित युवक पीड़ित परिवार के घर पहुंचा, आरती देवी से माफी मांगी और बच्चे की चांदी की चेन वापस कर दी। हालांकि, परिवार का कहना है कि सिर्फ चेन वापस कर देना पर्याप्त नहीं है। वे इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं ताकि दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। फिलहाल, पुलिस इस मामले की जांच कर रही है और जांच पूरी होने के बाद ही तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि एवं आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1
- हरियाणा के अंबाला स्थित धन्यौड़ा गांव से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ 4 साल का मासूम निर्भय खेलते-खेलते 220 फीट गहरे बोरवेल में जा गिरा है। इस घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है, परिजन गहरे सदमे में हैं और पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। मिली जानकारी के अनुसार, सुबह करीब साढ़े छह बजे निर्भय अपने पिता, चाचा और चचेरे भाई के साथ खेत पर घूमने गया था। वह अपने चाचा हरनेक सिंह के खेत में खेल रहा था, तभी अचानक उसका पैर फिसल गया और वह खुले पड़े ट्यूबवेल के गहरे बोरवेल में गिर गया। हादसे के वक्त परिजन पास में ही मौजूद थे, और बच्चे के गिरते ही चीख-पुकार मच गई। परिजनों ने तुरंत गांव के सरपंच को और फिर जिला प्रशासन को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला और राहत बचाव दल मौके पर पहुंच गया, और उपायुक्त ने तुरंत रेस्क्यू मिशन की कमान संभाली। मामले की गंभीरता और बोरवेल की अत्यधिक गहराई को देखते हुए, तुरंत NDRF और भारतीय सेना को भी रेस्क्यू अभियान के लिए बुलाया गया। मौके पर डॉक्टरों की टीम और ऑक्सीजन की सप्लाई पहुंच गई है, और सेना व प्रशासन मिलकर बच्चे को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटे हैं। कैमरे से लगातार निगरानी भी रखी जा रही है। इस खबर के फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए हैं, और परिजन बच्चे के सुरक्षित बाहर आने की दुआ कर रहे हैं। प्रशासन ने मौके पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं ताकि बचाव अभियान में किसी प्रकार की बाधा न आए।1
- हाटी विकास मंच (पंजीकृत), हिमाचल प्रदेश के एक प्रतिनिधिमंडल ने अध्यक्ष प्रदीप सिंह सिंगटा के नेतृत्व में शिमला नाहन में लोकसभा सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री अनुराग सिंह ठाकुर से मुलाकात कर उन्हें एक महत्वपूर्ण ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में हाटी समुदाय के अधिकारों के संरक्षण, अनुसूचित जनजाति दर्जे के प्रभावी क्रियान्वयन तथा गिरिपार क्षेत्र के समग्र विकास से संबंधित विभिन्न मांगों को उठाया गया। मंच ने सांसद अनुराग सिंह ठाकुर का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने हाटी समुदाय की अनुसूचित जनजाति की मांग को राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी ढंग से उठाया और उनके संवैधानिक अधिकारों के लिए निरंतर सहयोग दिया। साथ ही, हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री प्रोफेसर प्रेम कुमार धूमल के योगदान को भी याद किया गया, जिन्होंने संसद में सबसे पहले इस मांग को उठाकर इसे राष्ट्रीय विमर्श का विषय बनाया था। प्रतिनिधिमंडल ने सांसद को बताया कि वर्तमान में हाटी समुदाय को दिए गए अनुसूचित जनजाति दर्जे से संबंधित मामला हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। न्यायालय द्वारा पारित अंतरिम स्थगन आदेश के कारण लाखों पात्र युवाओं, विद्यार्थियों, बेरोजगारों और अन्य लाभार्थियों को अनुसूचित जनजाति से मिलने वाले संवैधानिक लाभ प्राप्त नहीं हो पा रहे हैं। मंच ने केंद्र सरकार एवं संबंधित मंत्रालयों से इस विषय में प्रभावी पहल कर समुदाय के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया। ज्ञापन के माध्यम से, मंच ने हाटी समुदाय को प्रदान किए गए अनुसूचित जनजाति दर्जे का राज्य एवं केंद्र सरकार के सभी विभागों में पूर्ण एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने की मांग रखी। इसके अतिरिक्त, न्यायालय में लंबित मामले के शीघ्र एवं न्यायोचित समाधान हेतु आवश्यक विधिक एवं प्रशासनिक प्रयासों का समर्थन करने, सोलन–राजगढ़–नौहराधार–हरिपुरधार–रोनहाट–मीनस सड़क मार्ग को प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना में शामिल करने अथवा राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने के लिए प्रभावी पैरवी करने की भी मांग की गई। मंच ने हाटी समुदाय के युवाओं, विद्यार्थियों एवं महिलाओं के लिए छात्रवृत्ति, कौशल विकास, स्वरोजगार, उद्यमिता एवं अन्य जनजातीय कल्याणकारी योजनाओं का विशेष प्रावधान सुनिश्चित करने की अपील भी की। सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि हाटी समुदाय की न्यायोचित एवं संवैधानिक मांगों को उचित मंच पर प्रभावी ढंग से उठाया जाएगा तथा उनके समाधान के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। इस अवसर पर हाटी विकास मंच के अध्यक्ष प्रदीप सिंह सिंगटा, महासचिव डॉ. अनिल भारद्वाज, कोषाध्यक्ष एडवोकेट वी. एन. भारद्वाज, प्रदेश प्रवक्ता बलदेव समयाल, कपिल सिंगटा, नितेश, कपिल कपूर, नीरज ठाकुर सहित मंच के अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।1
- हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में लापता जवान अजय कुमार को लेकर उनके परिजनों ने प्रदर्शन किया है। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान, परिवार वालों ने प्रशासन को आठ दिन का अल्टीमेटम दिया है।1
- Post by Vaneet kashyap1
- हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के ढालपुर में चल रहे धरना प्रदर्शन में जिला परिषद सदस्य विभा सिंह ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। उन्होंने इस दौरान जनता का समर्थन करते हुए अपनी बात रखी, जो जनता के मुद्दों को उजागर करने की आवाज के साथ उनके खड़े होने को दर्शाता है।1