झारखंड के गिरिडीह से रिश्तों के कत्ल और धोखे की एक बेहद दिल दहला देने वाली कहानी सामने आई है, जिसने सामाजिक ताने-बाने को झकझोर कर रख दिया है। इंदौर के चर्चित सोनम-राजा रघुवंशी और पुणे के सिया केतन हत्याकांड की तर्ज पर, यहाँ भी एक मंगेतर ने अपनी शादी से महज तीन दिन पहले अपने होने वाले पति की बेरहमी से हत्या करवा दी। सोमवार (13 जुलाई 2026) को पुलिस ने इस पूरे खौफनाक मामले का खुलासा करते हुए दो परिवारों को तबाह करने वाली इस साजिश का पर्दाफाश किया है। पुलिस के अनुसार, यह पूरा मामला अवैध प्रेम संबंध से उपजी साजिश का है। गिरिडीह के बेंगाबाद इलाके की रहने वाली उर्मिला कुमारी का अपने ही जीजा सुभाष पासवान के साथ काफी समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था। इसी बीच, उर्मिला के परिजनों ने उसकी शादी जमुआ थाना क्षेत्र के रहने वाले 20 वर्षीय नीरज हाजरा से तय कर दी। शादी की रस्में शुरू होने वाली थीं और केवल तीन दिन का समय बचा था। उर्मिला और उसके जीजा को लगा कि यह शादी उनके रिश्ते के बीच की सबसे बड़ी बाधा बन जाएगी, जिसके बाद अपने रिश्ते को बचाने के लिए दोनों ने मिलकर नीरज को रास्ते से हटाने का एक बेहद शातिर प्लान तैयार किया। इस साजिश के तहत, 5 जुलाई को नीरज हाजरा अचानक अपने घर से लापता हो गया। जब वह वापस नहीं लौटा, तो उसके पिता सुभाष हाजरा ने जमुआ थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। परिजनों द्वारा अपहरण की आशंका जताए जाने के बाद गिरिडीह के एसपी डॉ. विमल कुमार के निर्देश पर एसडीपीओ अमरेंद्र कुमार के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल का गठन किया गया। जांच टीम ने जब वैज्ञानिक तरीकों से मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल्स खंगाले, तो पुलिस बिहार के जमुई जिले के बेला जंगलों तक जा पहुंची। वहाँ पुलिस को लापता नीरज हाजरा का शव बरामद हुआ, जिसके बाद गुमशुदगी का यह मामला हत्या में तब्दील हो गया।
झारखंड के गिरिडीह से रिश्तों के कत्ल और धोखे की एक बेहद दिल दहला देने वाली कहानी सामने आई है, जिसने सामाजिक ताने-बाने को झकझोर कर रख दिया है। इंदौर के चर्चित सोनम-राजा रघुवंशी और पुणे के सिया केतन हत्याकांड की तर्ज पर, यहाँ भी एक मंगेतर ने अपनी शादी से महज तीन दिन पहले अपने होने वाले पति की बेरहमी से हत्या करवा दी। सोमवार (13 जुलाई 2026) को पुलिस ने इस पूरे खौफनाक मामले का खुलासा करते हुए दो परिवारों को तबाह करने वाली इस साजिश का पर्दाफाश किया है। पुलिस के अनुसार, यह पूरा मामला अवैध प्रेम संबंध से उपजी साजिश का है। गिरिडीह के बेंगाबाद इलाके की रहने वाली उर्मिला कुमारी का अपने ही जीजा सुभाष पासवान के साथ काफी समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था। इसी बीच, उर्मिला के परिजनों ने उसकी शादी जमुआ थाना क्षेत्र के रहने वाले 20 वर्षीय नीरज हाजरा से तय कर दी। शादी की रस्में शुरू होने वाली थीं और केवल तीन दिन का समय बचा था। उर्मिला और उसके जीजा को लगा कि यह शादी उनके रिश्ते के बीच की सबसे बड़ी बाधा बन जाएगी, जिसके बाद अपने रिश्ते को बचाने के लिए दोनों ने मिलकर नीरज को रास्ते से हटाने का एक बेहद शातिर प्लान तैयार किया। इस साजिश के तहत, 5 जुलाई को नीरज हाजरा अचानक अपने घर से लापता हो गया। जब वह वापस नहीं लौटा, तो उसके पिता सुभाष हाजरा ने जमुआ थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। परिजनों द्वारा अपहरण की आशंका जताए जाने के बाद गिरिडीह के एसपी डॉ. विमल कुमार के निर्देश पर एसडीपीओ अमरेंद्र कुमार के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल का गठन किया गया। जांच टीम ने जब वैज्ञानिक तरीकों से मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल्स खंगाले, तो पुलिस बिहार के जमुई जिले के बेला जंगलों तक जा पहुंची। वहाँ पुलिस को लापता नीरज हाजरा का शव बरामद हुआ, जिसके बाद गुमशुदगी का यह मामला हत्या में तब्दील हो गया।
- गिरिडीह के गांडे क्षेत्र से जुड़े एक मामले में, पीडियाट्रिशियन डॉ. इमरान पटेल ने बच्चों में उल्टी के रंग को लेकर माता-पिता को बेहद सतर्क रहने की चेतावनी दी है। दरअसल, एक गांव से इलाज के लिए अस्पताल लाई गई चार महीने की एक बच्ची को पिछले पांच दिनों से लगातार उल्टियां हो रही थीं और उसका पेट भी काफी फूला हुआ था। जब डॉक्टर ने उसकी जांच की, तो पता चला कि बच्ची की आंत में गंभीर समस्या थी, जिसके कारण उसकी तुरंत सर्जरी करनी पड़ी। इस केस को साझा करते हुए डॉ. इमरान पटेल ने बताया कि बच्ची का पारिवारिक इतिहास काफी दर्दनाक रहा है, लेकिन वे यह जानकारी केवल क्लीनिकल अवेयरनेस बढ़ाने के लिए दे रहे हैं। उन्होंने माता-पिता को सचेत करते हुए कहा कि बार-बार उल्टी होना और विशेष रूप से हरे रंग की उल्टी आना एक 'रेड फ्लैग' यानी बेहद गंभीर चेतावनी का संकेत है। अक्सर लोग इसे सामान्य इंफेक्शन या पेट खराब होना मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।1
- देवघर जिला के मार्गोमुण्डा प्रखण्ड कार्यालय परिसर में सोमवार को कल्याण विभाग की ओर से अष्टम वर्ग के छात्र-छात्राओं के बीच साइकिल वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान जिला परिषद् उपाध्यक्ष प्रतिनिधि इमरान अंसारी, बीस सूत्री अध्यक्ष सोहन मुर्मू, बीडीओ शशि संदीप सोरेन, प्रभारी कल्याण पदाधिकारी विवेक कुमार भारती, मुर्शीद अली और मुखिया सुधीर मंडल ने उपस्थित होकर बच्चों में साइकिलों का वितरण किया। इस योजना के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि सरकार के इस प्रयास से विद्यार्थियों की विद्यालयों में नियमित उपस्थिति बढ़ेगी और उन्हें आगे की पढ़ाई जारी रखने में काफी सहूलियत होगी। इस साइकिल वितरण समारोह के मौके पर विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक, छात्र-छात्राएं एवं उनके अभिभावक भी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।1
- जामताड़ा के फतेहपुर युवा क्लब क्रिकेट टूर्नामेंट में बनगड़ी 11 ने बाजी मार ली है। इस रोमांचक मुकाबले में बनगड़ी 11 की टीम ने फतेहपुर को मात देकर जीत हासिल की।1
- आज सवाल सिर्फ सोनम वांगचुक का नहीं, बल्कि हर उस भारतीय की आवाज़ का है जिसे सुना जाना चाहिए। शिक्षा और समाज के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित करने वाले एक व्यक्ति ने आज अपनी बात को सामने रखने के लिए भूख हड़ताल का रास्ता चुना है।1
- झारखंड के गिरिडीह से रिश्तों के कत्ल और धोखे की एक बेहद दिल दहला देने वाली कहानी सामने आई है, जिसने सामाजिक ताने-बाने को झकझोर कर रख दिया है। इंदौर के चर्चित सोनम-राजा रघुवंशी और पुणे के सिया केतन हत्याकांड की तर्ज पर, यहाँ भी एक मंगेतर ने अपनी शादी से महज तीन दिन पहले अपने होने वाले पति की बेरहमी से हत्या करवा दी। सोमवार (13 जुलाई 2026) को पुलिस ने इस पूरे खौफनाक मामले का खुलासा करते हुए दो परिवारों को तबाह करने वाली इस साजिश का पर्दाफाश किया है। पुलिस के अनुसार, यह पूरा मामला अवैध प्रेम संबंध से उपजी साजिश का है। गिरिडीह के बेंगाबाद इलाके की रहने वाली उर्मिला कुमारी का अपने ही जीजा सुभाष पासवान के साथ काफी समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था। इसी बीच, उर्मिला के परिजनों ने उसकी शादी जमुआ थाना क्षेत्र के रहने वाले 20 वर्षीय नीरज हाजरा से तय कर दी। शादी की रस्में शुरू होने वाली थीं और केवल तीन दिन का समय बचा था। उर्मिला और उसके जीजा को लगा कि यह शादी उनके रिश्ते के बीच की सबसे बड़ी बाधा बन जाएगी, जिसके बाद अपने रिश्ते को बचाने के लिए दोनों ने मिलकर नीरज को रास्ते से हटाने का एक बेहद शातिर प्लान तैयार किया। इस साजिश के तहत, 5 जुलाई को नीरज हाजरा अचानक अपने घर से लापता हो गया। जब वह वापस नहीं लौटा, तो उसके पिता सुभाष हाजरा ने जमुआ थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। परिजनों द्वारा अपहरण की आशंका जताए जाने के बाद गिरिडीह के एसपी डॉ. विमल कुमार के निर्देश पर एसडीपीओ अमरेंद्र कुमार के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल का गठन किया गया। जांच टीम ने जब वैज्ञानिक तरीकों से मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल्स खंगाले, तो पुलिस बिहार के जमुई जिले के बेला जंगलों तक जा पहुंची। वहाँ पुलिस को लापता नीरज हाजरा का शव बरामद हुआ, जिसके बाद गुमशुदगी का यह मामला हत्या में तब्दील हो गया।1