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More news from Sant Kabeer Nagar and nearby areas
- मत्स्य विभाग प्रशिक्षण पुरा वेंकटेश्वर त्रिपाठी मत्स्य विभाग निरीक्षक जी द्वार प्रमाण पत्र मिला 🐟🐟🐟1
- Post by Vipin Times Khlilabad1
- संत कबीर नगर ।। रमजान के आखिरी जुमे यानी अलविदा जुमा की नमाज पूरे अकीदत और श्रद्धा के साथ अदा की गई। जिले की प्रमुख मस्जिदों में सुबह से ही नमाजियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। नमाजियों ने अल्लाह की बारगाह में सजदा कर देश और प्रदेश में अमन-चैन, भाईचारे और खुशहाली की दुआ मांगी। मुख्यालय खलीलाबाद सहित जिले के विभिन्न कस्बों और गांवों की मस्जिदों में जुमे की नमाज के समय भारी संख्या में लोग पहुंचे। मस्जिदों के भीतर जगह कम पड़ने पर कई नमाजियों ने मस्जिद के बाहर और सड़कों पर भी नमाज अदा की। नमाज से पहले इमाम साहब ने अपने खुत्बे में लोगों को रमजान की अहमियत बताते हुए आपसी भाईचारा, प्रेम और सौहार्द बनाए रखने की अपील की। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले मिलकर अलविदा जुमा की मुबारकबाद दी। इस दौरान प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी विभिन्न मस्जिदों और संवेदनशील स्थानों पर मुस्तैद रहे, जिससे नमाज शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सकी। नमाज अदा करने के बाद नमाजी शांतिपूर्वक अपने घरों को लौट गए और एक-दूसरे के लिए खुशहाली व तरक्की की दुआ करते रहे।1
- उ0नि0 नागरिक पुलिस भर्ती 2026 की लिखित परीक्षा को निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर द्वारा संयुक्त रुप से विभिन्न परीक्षा केंद्रों का किया निरीक्षण, ड्यूटी में लगे अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश आज दिनाँक 13.03.2026 को जिलाधिकारी संतकबीरनगर *श्री आलोक कुमार* व पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर *श्री संदीप कुमार मीना* द्वारा संयुक्त रुप से उ0नि0 नागरिक पुलिस भर्ती 2026 की लिखित परीक्षा को निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढ़ग से संपन्न कराने के उद्देश्य से एचआरपीजी कॉलेज, एचआरआईसी कॉलेज, मौलाना आजाद इंटर कॉलेज तथा राजकीय कन्या इंटर कॉलेज खलीलाबाद सहित अन्य परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर वहां की सुरक्षा व्यवस्था, व्यवस्थापन एवं परीक्षा की तैयारियों का जायजा लिया गया तथा निरीक्षण के दौरान ड्यूटी में तैनात पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को परीक्षा की शुचिता बनाए रखने, अभ्यर्थियों की सुगम व व्यवस्थित प्रवेश व्यवस्था सुनिश्चित करने, संदिग्ध व्यक्तियों पर सतर्क दृष्टि रखने तथा परीक्षा केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़ न होने देने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। महोदय द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए गए कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था, अनुचित गतिविधि या नकल से संबंधित प्रयासों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा सभी अधिकारी पूरी सतर्कता, निष्पक्षता एवं जिम्मेदारी के साथ अपनी ड्यूटी का निर्वहन करें एवं उ0नि0 नागरिक पुलिस भर्ती 2026 की लिखित परीक्षा को सकुशल एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है तथा सभी परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई है ।1
- हेड कांस्टेबल ने दिखाई मानवता, सड़क हादसे में घायल को पहुंचाया अस्पताल संतकबीर नगर। पुलिस चौकी मुखलिशपुर पर तैनात हेड कांस्टेबल श्रीकांत यादव ने तत्परता और मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की मदद कर मानवता की मिसाल पेश की। प्राप्त जानकारी के अनुसार 12 मार्च 2026 को ड्यूटी के दौरान हेड कांस्टेबल श्रीकांत यादव को सूचना मिली कि थाना महुली क्षेत्र के करी गांव निवासी रामानन्द पुत्र श्रीराम सड़क दुर्घटना में घायल हो गए हैं। सूचना मिलते ही वह तत्काल मौके पर पहुंचे और घायल को अपनी सहायता से नजदीकी अस्पताल पहुंचाकर उसका प्राथमिक उपचार कराया। घायल की स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए उसे एंबुलेंस के माध्यम से जिला अस्पताल भेजवाया गया। हेड कांस्टेबल की तत्परता से घायल व्यक्ति को समय रहते उपचार मिल सका। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस की इस मानवीय पहल की सराहना की। पुलिस विभाग की ओर से कहा गया कि आमजन की सुरक्षा और सहायता के लिए पुलिस हमेशा तत्पर है।1
- ब्रेकिंग न्यूज | बहराइच घटना से इलाके में हड़कंप मच गया, वहीं परिजनों ने बिजली विभाग की घोर लापरवाही का आरोप लगाया है। बताया जा रहा है कि यह घटना थाना दरगाह क्षेत्र के गुल्ला बीर इलाके की है, जहां बिजली के खम्भे पर कार्य कर रहे लाइनमैन दीप नरायन मौर्या (40 वर्ष) अचानक बिजली की चपेट में आ गए, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। मृतक जनपद बहराइच के ग्राम मिर्जापुर, थाना रामगांव का निवासी बताया जा रहा है। घटना के बाद गुस्साए परिजन और स्थानीय लोग डीएम आवास पहुंच गए और बिजली विभाग की लापरवाही को लेकर अपना आक्रोश व्यक्त किया। परिजनों का आरोप है कि सुरक्षा व्यवस्था और बिजली सप्लाई बंद किए बिना ही लाइनमैन को खम्भे पर काम करने के लिए भेज दिया गया था।1
- विशेष रिपोर्ट: अजीत मिश्रा (खोजी) बस्ती। उत्तर प्रदेश के बस्ती मंडल में निजी अस्पतालों की मनमानी और स्वास्थ्य विभाग की रहस्यमयी चुप्पी मासूम जिंदगियों पर भारी पड़ रही है। ताजा मामला शहर के महिला अस्पताल के ठीक सामने स्थित 'आइडियल मल्टी स्पेशलिटी एवं मेटरनिटी हॉस्पिटल' का है, जहां शुक्रवार, 13 मार्च 2026 की रात इलाज के नाम पर एक महिला की मौत हो गई। परिजनों का सीधा आरोप है कि डॉक्टरों की लापरवाही और समय पर इलाज न मिलना ही मौत का कारण बना। आधी रात को मचा कोहराम, सवालों के घेरे में सिस्टम रात के करीब 2:00 बजे जब पूरी दुनिया सो रही थी, तब आइडियल हॉस्पिटल में चीख-पुकार मची थी। परिजनों का कहना है कि उन्होंने मरीज को भरोसे के साथ भर्ती कराया था, लेकिन वहां डॉक्टरों की संवेदनहीनता ने उनकी दुनिया उजाड़ दी। घटना के बाद अस्पताल में हड़कंप मच गया और प्रबंधन पल्ला झाड़ने में जुट गया। सवाल यह है कि आखिर कब तक बस्ती की जनता इन 'कसाईखानों' में अपनी जान गंवाती रहेगी? फाइलों में दब रही हैं कार्रवाई की गूंज बस्ती मंडल में यह कोई पहली घटना नहीं है। यह सिलसिला पुराना है और इसके पीछे एक ही पैटर्न नजर आता है— मौत, हंगामा, जांच का आश्वासन और फिर 'ठंडा बस्ता'। मरियम हॉस्पिटल: हाल ही में यहां भी एक महिला की मौत हुई, भारी हंगामा हुआ, लेकिन नतीजा सिफर रहा। सिद्धार्थनगर: कुछ दिन पहले ही एक निजी अस्पताल में लापरवाही ने जान ली। इटवा (डॉ. अकलीमा खातून): करीब 10 महीने पहले जच्चा-बच्चा की मौत हुई। आरोप लगा कि अस्पताल बिना वैध रजिस्ट्रेशन के चल रहा था, लेकिन सिस्टम की मेहरबानी देखिए, मामला रफा-दफा हो गया। "क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है? या फिर इन अवैध संचालकों को मिलने वाला सफेदपोश संरक्षण इतना मजबूत है कि अफसरों की कलम वहां जाकर रुक जाती है?" डिग्री पर सवाल, कागजों का खेल स्थानीय लोगों का आरोप है कि शहर में दर्जनों ऐसे क्लीनिक और अस्पताल हैं जो केवल कागजी औपचारिकताओं के सहारे चल रहे हैं। डॉक्टरों की डिग्री से लेकर चिकित्सा मानकों तक, हर स्तर पर खेल हो रहा है। पैसे के दम पर एनओसी (NOC) ली जाती है और फिर शुरू होता है मौत का व्यापार। जो लोग इन अवैध कारोबारियों को संरक्षण देते हैं, उन्हें शायद यह एहसास तब होगा जब उनके अपने परिवार का कोई सदस्य इस अव्यवस्था की भेंट चढ़ेगा। कमिश्नर साहब, अब तो जागिए! आम जनमानस ने अब सीधे बस्ती कमिश्नर और अपर स्वास्थ्य निदेशक (AD Health) से गुहार लगाई है। जनता पूछ रही है कि आखिर निगरानी समितियां क्या कर रही हैं? क्या स्वास्थ्य विभाग का काम सिर्फ कागजी घोड़े दौड़ाना है या धरातल पर उतरकर इन मौत के सौदागरों पर कार्रवाई करना भी? अगर समय रहते इन फर्जी और लापरवाह अस्पतालों पर ताला नहीं जड़ा गया, तो बस्ती की सड़कों पर ऐसे ही लाशें बिछती रहेंगी और जिम्मेदार अपनी फाइलों को धूल से बचाते रहेंगे। निष्कर्ष: सख्त कार्रवाई की दरकार सरकार को बदनाम करने और जनता की जान से खिलवाड़ करने वाले इन तत्वों के खिलाफ 'बुलडोजर' वाली कार्रवाई की जरूरत है। क्या प्रशासन में इतना साहस है कि वह इन रसूखदारों के अस्पतालों की गहन जांच कर उन्हें सील कर सके?3
- यूपी- समाजवादी पार्टी के मेहनती कार्यकर्ता पूरी तरह एक्टिव हैं योगी सरकार को बदनाम करने के लिए यूपी के हापुड़ में सपा नेता "अब्दुल रेहान" के घर से 55 भरे और कई खाली सिलेंडर हुए बरामद हुए हैं। अगर आपके आसपास भी कोई गैस की कालाबाजारी कर रहा है तो उसकी गुप्त सूचना आप अपने नजदीकी थाने में या ऑनलाइन ट्विटर पर यूपी पुलिस को टैग कर सकते हैं,तत्काल ही सख्त कार्रवाई होगी। रमजान में भी काला बाजारी1
- अम्बेडकरनगर। आलापुर स्थित श्रीमती गायत्री देवी राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय में कर्मचारियों की कमी और दवाओं की अनुपलब्धता के कारण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। 25 शैय्या वाले इस अस्पताल में फार्मासिस्ट न होने से मरीजों को दवा डॉक्टर या वार्ड बॉय के माध्यम से दी जा रही है। अस्पताल परिसर में संचालित योग एवं वेलनेस सेंटर भी लंबे समय से बंद पड़ा है, जबकि विभाग द्वारा यहां कर्मचारियों की नियुक्ति का दावा किया जाता है। इसके अलावा लगभग दो वर्षों से दवाओं की नियमित आपूर्ति नहीं होने के कारण मरीजों को बिना दवा लिए ही लौटना पड़ रहा है। गौरतलब है कि इस चिकित्सालय का शिलान्यास वर्ष 1995 में तत्कालीन नेता Motilal Vora द्वारा किया गया था। स्थानीय लोगों ने अस्पताल में स्टाफ की नियुक्ति और दवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित कराने की मांग की है।1