बांदा जिले की जिला कांग्रेस कमेटी ने रविवार को अमर वीरांगना महारानी अहिल्याबाई होल्कर की जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई। कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित की अध्यक्षता में पार्टीजनों ने उनके चित्र पर श्रद्धापूर्वक पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित ने महारानी अहिल्याबाई के जीवन और योगदान पर प्रकाश डालते हुए बताया कि उनका जन्म महाराष्ट्र के चौड़ी गांव में हुआ था। मात्र 12 वर्ष की आयु में उनका विवाह हुआ और 19 वर्ष की अल्पायु में पति की मृत्यु के बाद उन्होंने मराठा साम्राज्य की बागडोर संभाली। उनके शासनकाल में महिलाओं की एक विशाल सेना का गठन किया गया, जिसने युद्ध में अपने कौशल का प्रदर्शन किया। दीक्षित ने आगे बताया कि अहिल्याबाई ने काशी विश्वनाथ, सोमनाथ, बद्रीनाथ, केदारनाथ और रामेश्वर सहित हजारों मंदिरों का निर्माण और जीर्णोद्धार कराया। उन्होंने जनहित में धर्मशालाएं, प्याऊ, कुएं और तालाब भी बनवाए। वह स्वयं को शासक नहीं, बल्कि ईश्वर की सेविका मानती थीं और राजकोष का अधिकतम उपयोग जनहित के कार्यों में करती थीं, साथ ही नियमित जनसुनवाई कर लोगों की समस्याओं का समाधान करती थीं। दीक्षित ने इस बात पर जोर दिया कि अहिल्याबाई ने बिना किसी जातीय या साम्प्रदायिक भेदभाव के शासन किया। उन्होंने काशी में पुराने विश्वनाथ मंदिर के पास बनी ज्ञानवापी मस्जिद के बगल में विद्वानों की सभा के विमर्श से एक नया मंदिर बनवाया, जिससे किसी भी तरह की तोड़फोड़ या टकराव से बचा जा सका। उन्होंने सभी धर्मों को समान संरक्षण दिया, इसीलिए उन्हें 'लोक माता' कहा गया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित ने उत्तर प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले वर्ष काशी में विकास के नाम पर मणिकर्णिका घाट पर लगी अहिल्याबाई की प्रतिमा तोड़ दी गई थी। उन्होंने दावा किया कि जनता के भारी आक्रोश के बावजूद, शासन ने खेद व्यक्त करने की बजाय इस मामले को नकारने का प्रयास किया। दीक्षित ने वर्तमान राजनीति को अहिल्याबाई से समावेशी भावना और सामाजिक समरसता का सबक सीखने की आवश्यकता पर बल दिया।
बांदा जिले की जिला कांग्रेस कमेटी ने रविवार को अमर वीरांगना महारानी अहिल्याबाई होल्कर की जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई। कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित की अध्यक्षता में पार्टीजनों ने उनके चित्र पर श्रद्धापूर्वक पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित ने महारानी अहिल्याबाई के जीवन और योगदान पर प्रकाश डालते हुए बताया कि उनका जन्म महाराष्ट्र के चौड़ी गांव में हुआ था। मात्र 12 वर्ष की आयु में उनका विवाह हुआ और 19 वर्ष की अल्पायु में पति की मृत्यु के बाद उन्होंने मराठा साम्राज्य की बागडोर संभाली। उनके शासनकाल में महिलाओं की एक विशाल सेना का गठन किया गया, जिसने युद्ध में अपने कौशल का प्रदर्शन किया। दीक्षित ने आगे बताया कि अहिल्याबाई ने काशी विश्वनाथ, सोमनाथ, बद्रीनाथ, केदारनाथ और रामेश्वर सहित हजारों मंदिरों का निर्माण और जीर्णोद्धार कराया। उन्होंने जनहित में धर्मशालाएं, प्याऊ, कुएं और तालाब भी बनवाए। वह स्वयं को शासक नहीं, बल्कि ईश्वर की सेविका मानती थीं और राजकोष का अधिकतम उपयोग जनहित के कार्यों में करती थीं, साथ ही नियमित जनसुनवाई कर लोगों की समस्याओं का समाधान करती थीं। दीक्षित ने इस बात पर जोर दिया कि अहिल्याबाई ने बिना किसी जातीय या साम्प्रदायिक भेदभाव के शासन किया। उन्होंने काशी में पुराने विश्वनाथ मंदिर के पास बनी ज्ञानवापी मस्जिद के बगल में विद्वानों की सभा के विमर्श से एक नया मंदिर बनवाया, जिससे किसी भी तरह की तोड़फोड़ या टकराव से बचा जा सका। उन्होंने सभी धर्मों को समान संरक्षण दिया, इसीलिए उन्हें 'लोक माता' कहा गया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित ने उत्तर प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले वर्ष काशी में विकास के नाम पर मणिकर्णिका घाट पर लगी अहिल्याबाई की प्रतिमा तोड़ दी गई थी। उन्होंने दावा किया कि जनता के भारी आक्रोश के बावजूद, शासन ने खेद व्यक्त करने की बजाय इस मामले को नकारने का प्रयास किया। दीक्षित ने वर्तमान राजनीति को अहिल्याबाई से समावेशी भावना और सामाजिक समरसता का सबक सीखने की आवश्यकता पर बल दिया।
- फतेहपुर जनपद के बाद अब रायबरेली में भी एक हैरतअंगेज मामला सामने आया है, जहाँ एक बुजुर्ग महिला को पिछले पाँच सालों में इक्कीस बार सांप ने डंसा है। महिला, जिसका नाम सूरज कली है, उसे नाग-नागिन के जोड़े ने कथित तौर पर 21 बार काटा है और आज 22वीं बार सांप के काटने के बाद उसे इलाज के लिए रायबरेली जिला अस्पताल लाया गया है। वह प्रतापगढ़ जनपद के नवाबगंज थाना क्षेत्र के जुगाई का पुरवा की रहने वाली बताई जा रही हैं। महिला सूरज कली ने बताया कि उन्हें कभी उड़ने वाले सांपों ने काटा तो कभी जमीन पर चलने वाले सांपों ने। उनके अनुसार, उन्हें कई बार अलग-अलग जगहों पर सांपों ने डंसा। सांप के काटने के बाद वह झाड़-फूंक का सहारा लेती रही हैं। 22वीं बार सांप काटने के बाद उन्हें सीएचसी सलोन से रायबरेली जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका इलाज किया जा रहा है।4
- उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में एक नए पंप हाउस का भूमि पूजन किया गया है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद, क्षेत्र के लगभग 30,000 लोगों को स्वच्छ और शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो सकेगा।1
- फतेहपुर जनपद के खागा तहसील के अंतर्गत प्रतापपुर महेंडी में चंद्रभान द्वारा की गई अपील पर सुनवाई नहीं हो सकी है।1
- देश के सबसे लोकप्रिय और महान उर्दू शायर पद्मश्री डॉ. बशीर बद्र का 91 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। उन्होंने उर्दू ग़ज़ल को आम जनता की भाषा बनाया, जिसके लिए वे पूरे देश-दुनिया में पहचाने जाते थे। डॉ. बद्र का जन्म 15 फरवरी 1935 को उत्तर प्रदेश के फैजाबाद (अंबेडकर नगर) में हुआ था। उनके पिता का नाम सैयद नज़ीर और माता का नाम आलिया बेगम था। उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) से बी.ए., एम.ए. और पीएच.डी. की डिग्रियां प्राप्त की थीं। अपने अकादमिक जीवन में वे 17 वर्षों तक मेरठ कॉलेज में उर्दू विभागाध्यक्ष (HOD) के पद पर कार्यरत रहे। वर्ष 1987 के मेरठ दंगों में अपना घर जल जाने के बाद वे हमेशा के लिए भोपाल आकर बस गए थे। साहित्य में उनके अतुलनीय योगदान के लिए भारत सरकार ने उन्हें 'पद्म श्री' और देश के सर्वोच्च 'साहित्य अकादमी पुरस्कार' से सम्मानित किया था। उनके कई शेर करोड़ों दिलों में बसे हुए हैं, जिनमें 'ये नए मिज़ाज का शहर है ज़रा फ़ासले से मिला करो' विशेष रूप से प्रसिद्ध है। मनुज क्रांति न्यूज़ परिवार ने महान शायर को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है, और उनके निधन से साहित्यिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।2
- बांदा जिले के बबेरू में एक व्यक्ति को गांव के ही कुछ लोगों ने गंभीर रूप से मारपीट कर घायल कर दिया। पीड़ित को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बबेरू ले जाया गया, जहाँ से उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।1
- रायबरेली के ऊँचाहार कोतवाली परिसर में अपराध निरीक्षक सियाराम राजपूत के सेवानिवृत्त होने पर एक भव्य और भावभीनी विदाई समारोह आयोजित किया गया। औरैया जिले के मूल निवासी और आईपीएल क्रिकेटर अंकित राजपूत के पिता सियाराम राजपूत ने अपने पूरे कार्यकाल के दौरान अपनी कुशल कार्यशैली और ईमानदारी से क्षेत्र में बेहतरीन पुलिसिंग की एक अमिट छाप छोड़ी है। इस विदाई समारोह में एसडीएम सहित पुलिस विभाग के अधिकारी, तमाम गणमान्य नागरिक और उनके चहेते बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान मौजूद लोगों ने फूल-मालाएँ और स्मृति चिह्न भेंट कर सियाराम राजपूत के प्रति अपना सम्मान व्यक्त किया। वक्ताओं ने उनके कर्तव्यनिष्ठ कार्यकाल की सराहना करते हुए उन्हें एक ईमानदार अधिकारी बताया। अंत में, सभी ने नम आँखों से उन्हें विदा किया और उनके उत्तम स्वास्थ्य तथा उज्ज्वल भविष्य की कामना की।1
- बांदा जिले की जिला कांग्रेस कमेटी ने रविवार को अमर वीरांगना महारानी अहिल्याबाई होल्कर की जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई। कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित की अध्यक्षता में पार्टीजनों ने उनके चित्र पर श्रद्धापूर्वक पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित ने महारानी अहिल्याबाई के जीवन और योगदान पर प्रकाश डालते हुए बताया कि उनका जन्म महाराष्ट्र के चौड़ी गांव में हुआ था। मात्र 12 वर्ष की आयु में उनका विवाह हुआ और 19 वर्ष की अल्पायु में पति की मृत्यु के बाद उन्होंने मराठा साम्राज्य की बागडोर संभाली। उनके शासनकाल में महिलाओं की एक विशाल सेना का गठन किया गया, जिसने युद्ध में अपने कौशल का प्रदर्शन किया। दीक्षित ने आगे बताया कि अहिल्याबाई ने काशी विश्वनाथ, सोमनाथ, बद्रीनाथ, केदारनाथ और रामेश्वर सहित हजारों मंदिरों का निर्माण और जीर्णोद्धार कराया। उन्होंने जनहित में धर्मशालाएं, प्याऊ, कुएं और तालाब भी बनवाए। वह स्वयं को शासक नहीं, बल्कि ईश्वर की सेविका मानती थीं और राजकोष का अधिकतम उपयोग जनहित के कार्यों में करती थीं, साथ ही नियमित जनसुनवाई कर लोगों की समस्याओं का समाधान करती थीं। दीक्षित ने इस बात पर जोर दिया कि अहिल्याबाई ने बिना किसी जातीय या साम्प्रदायिक भेदभाव के शासन किया। उन्होंने काशी में पुराने विश्वनाथ मंदिर के पास बनी ज्ञानवापी मस्जिद के बगल में विद्वानों की सभा के विमर्श से एक नया मंदिर बनवाया, जिससे किसी भी तरह की तोड़फोड़ या टकराव से बचा जा सका। उन्होंने सभी धर्मों को समान संरक्षण दिया, इसीलिए उन्हें 'लोक माता' कहा गया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित ने उत्तर प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले वर्ष काशी में विकास के नाम पर मणिकर्णिका घाट पर लगी अहिल्याबाई की प्रतिमा तोड़ दी गई थी। उन्होंने दावा किया कि जनता के भारी आक्रोश के बावजूद, शासन ने खेद व्यक्त करने की बजाय इस मामले को नकारने का प्रयास किया। दीक्षित ने वर्तमान राजनीति को अहिल्याबाई से समावेशी भावना और सामाजिक समरसता का सबक सीखने की आवश्यकता पर बल दिया।1
- उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देशों पर यूपी पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया है, जिसे 'भाई' के तौर पर संबोधित किया गया है। इस ब्रेकिंग और सुपर फास्ट खबर के माध्यम से गिरफ्तार किए गए इस व्यक्ति को कड़ी से कड़ी सजा दिए जाने की जोरदार मांग की गई है।1