सहरसा जिले के नवहट्टा थाना क्षेत्र अंतर्गत मोहनपुर पंचायत के वार्ड संख्या-8 के फेकराही गांव में अचानक भीषण आग लग गई, जिससे कई परिवारों के घर जलकर राख हो गए। आग इतनी तेज थी कि देखते ही देखते कई मकान उसकी चपेट में आ गए, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस घटना में फेकराही निवासी मोहम्मद मुस्तुफा, अताउल्लाह, सनाल्लाह, सहनाज खातून और अजनस के घरों में रखा घरेलू सामान, अनाज, कपड़े और फर्नीचर सहित लाखों रुपये मूल्य की संपत्ति जलकर पूरी तरह खाक हो गई। स्थानीय लोगों ने आग बुझाने का भरसक प्रयास किया और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। हालांकि, तब तक पीड़ित परिवारों को भारी नुकसान हो चुका था। आग लगने का कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाया है। घटना के बाद प्रभावित परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है, जिसके चलते ग्रामीणों ने प्रशासन से अग्निपीड़ित परिवारों को तत्काल राहत और मुआवजा देने की मांग की है। फिलहाल, इस मामले की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दे दी गई है और आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।
सहरसा जिले के नवहट्टा थाना क्षेत्र अंतर्गत मोहनपुर पंचायत के वार्ड संख्या-8 के फेकराही गांव में अचानक भीषण आग लग गई, जिससे कई परिवारों के घर जलकर राख हो गए। आग इतनी तेज थी कि देखते ही देखते कई मकान उसकी चपेट में आ गए, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस घटना में फेकराही निवासी मोहम्मद मुस्तुफा, अताउल्लाह, सनाल्लाह, सहनाज खातून और अजनस के घरों में रखा घरेलू सामान, अनाज, कपड़े और फर्नीचर सहित लाखों रुपये मूल्य की संपत्ति जलकर पूरी तरह खाक हो गई। स्थानीय लोगों ने आग बुझाने का भरसक प्रयास किया और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। हालांकि, तब तक पीड़ित परिवारों को भारी नुकसान हो चुका था। आग लगने का कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाया है। घटना के बाद प्रभावित परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है, जिसके चलते ग्रामीणों ने प्रशासन से अग्निपीड़ित परिवारों को तत्काल राहत और मुआवजा देने की मांग की है। फिलहाल, इस मामले की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दे दी गई है और आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।
- अर्जुन चौधरी ने प्रशासन से सीधे तौर पर मांग की है कि वह व्यवसायियों की सुरक्षा को सुनिश्चित करे। उनका कहना है कि प्रशासन को इस संबंध में तत्काल कदम उठाने चाहिए।1
- आज दिनांक 02.06.2026 को सुपौल के जिलाधिकारी श्री सावन कुमार और पुलिस अधीक्षक श्री शरथ आर.एस. ने प्रखंड सरायगढ़-भपटियाही अंतर्गत पंचायत पिपरा खुर्द के पंचायत सरकार भवन में आयोजित सहयोग शिविर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान, जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने शिविर में आए आमजनों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना। उन्होंने संबंधित विभाग को इन समस्याओं के त्वरित निष्पादन के लिए आवश्यक निर्देश भी दिए।3
- मधेपुरा जिले के मोरकाही गाँव निवासी पुरुषोत्तम कुमार लापता हो गए हैं। उनके पिता का नाम राम यादव है।1
- बिहार के दरभंगा जिले के बहेड़ी क्षेत्र से प्राप्त जानकारी के अनुसार, वहां एक सिलेंडर और सिलेंडर की लाइन का उल्लेख किया गया है। इस संदर्भ में दिनेश कुमार और विजय राज नाम के व्यक्तियों का जिक्र है, जिसमें विजय राज को स्पीकर के रूप में संदर्भित किया गया है।1
- मधेपुरा अनुमंडल अंतर्गत श्रीपुर चकला निवासी तथा पटना विश्वविद्यालय, पी.जी. हॉस्टल के सीनियर अंजनी कुमार, जो एक ऑडिट ऑफिसर हैं, की पूज्य माताजी अनिता देवी के निधन की अत्यंत दुःखद खबर मिली है। इस दुखद समाचार के बाद, जन:संवाददाता प्रतिनिधि, बिहार उनके आवास पर पहुँचे। उन्होंने शोकाकुल परिवारजनों से मिलकर गहरी संवेदना व्यक्त की और दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की। Advocate of Jsd Council की ओर से ईश्वर से प्रार्थना की गई है कि वे दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें और शोक-संतप्त परिवार को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति, धैर्य तथा संबल दें। जन:संवाददाता ऑफ जेएसडी और ADVOCATE OF JSD COUNCIL (N.P.O.) ने भी अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः का जाप किया।1
- महिषी विधानसभा क्षेत्र के नौहट्टा प्रखंड अंतर्गत सत्तौर पंचायत के नारायणपुर (वार्ड नं-05) में इन दिनों बाढ़ और कटाव से बचाव के लिए कटाव निरोधक कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। इसी क्रम में स्थानीय विधायक गौतम कृष्णा ने अचानक कार्यस्थल का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने चल रहे निर्माण कार्य की प्रगति और उसकी गुणवत्ता का बारीकी से जायजा लिया। मौके पर मौजूद विभागीय अधिकारियों और संवेदक को स्पष्ट चेतावनी देते हुए विधायक गौतम कृष्णा ने साफ कहा कि जनहित से जुड़े इस महत्वपूर्ण कार्य में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि क्षेत्रवासियों की सुरक्षा और विकास उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है, और निर्माण कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और ठेकेदार पर सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इस निरीक्षण के दौरान, स्थानीय ग्रामीणों ने भी विधायक के समक्ष अपनी बातें रखीं। इस पर विधायक ने उन्हें आश्वासन दिया कि काम पूरी ईमानदारी और मजबूती के साथ पूरा कराया जाएगा, ताकि आने वाले समय में कटाव की समस्या से स्थायी रूप से निजात मिल सके।1
- मधेपुरा जिले में अब खेती का नया अध्याय लिखा जा रहा है, जहाँ किसान पारंपरिक फसलों के साथ-साथ शकरकंद की खेती अपनाकर अपनी आमदनी बढ़ा रहे हैं। इसी क्रम में, जिले की प्रभारी मंत्री शीला कुमारी ने सीधे किसानों के खेतों में पहुँचकर उनकी समस्याएँ सुनीं, शकरकंद खरीदा और हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। बिहार सरकार की विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री शीला कुमारी, जो मधेपुरा की प्रभारी मंत्री भी हैं, इन दिनों जिले के दौरे पर हैं। उन्होंने प्रशासनिक बैठकों और जनसमस्याओं की समीक्षा के अलावा बेलारी क्षेत्र के शकरकंद उत्पादक किसानों से सीधा संवाद किया, ताकि उनकी खेती और आजीविका की वास्तविक स्थिति को समझ सकें। किसानों ने मंत्री को बताया कि शकरकंद की खेती से उन्हें अच्छी आमदनी तो हो रही है, लेकिन बढ़ती लागत, बाजार की समस्या और फसल संरक्षण से जुड़े मुद्दे चुनौतियाँ पेश करते हैं। विशेष रूप से, बाजार और भंडारण की उचित सुविधा न मिलने के कारण कई बार उन्हें अपनी उपज का सही दाम नहीं मिल पाता। मधेपुरा में अब बड़ी संख्या में किसान धान, गेहूं और मक्का के साथ शकरकंद की खेती भी अपना रहे हैं। किसानों की समस्याएँ सुनने के बाद मंत्री शीला कुमारी ने जिला प्रशासन को तत्काल आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसानों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए, ताकि उन्हें अपनी उपज का उचित लाभ मिल सके। इस दौरान मंत्री ने किसानों के खेतों से शकरकंद भी खरीदा और उनकी कड़ी मेहनत की सराहना की, जिससे किसानों में काफी उत्साह देखा गया। किसानों ने इसे किसी जनप्रतिनिधि का उनके खेत तक पहुँचकर बात सुनना उनके लिए सम्मान और भरोसे की बात बताया। विशेषज्ञों के अनुसार, शकरकंद केवल एक फसल नहीं, बल्कि विटामिन-ए, विटामिन-सी, फाइबर, पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर एक महत्वपूर्ण पोषण स्रोत भी है, जिसकी मांग स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोगों के बीच लगातार बढ़ रही है। शकरकंद की खेती, जिसे कम लागत, कम सिंचाई और बेहतर बाजार मूल्य के कारण किसानों के लिए फायदे का सौदा माना जा रहा है, ने कई किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि की है। किसानों का मानना है कि यदि सरकार उन्हें बाजार, भंडारण और तकनीकी सहायता जैसी सुविधाएँ उपलब्ध कराए, तो यह खेती जिले में रोजगार और आय का एक बड़ा माध्यम बन सकती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार इस दिशा में विशेष योजनाएँ लागू करेगी। मधेपुरा में शकरकंद की खेती अब केवल एक वैकल्पिक फसल न रहकर किसानों की आर्थिक मजबूती का नया आधार बन रही है, और मंत्री का किसानों के बीच पहुँचकर उनकी समस्याएँ सुनना तथा समाधान का भरोसा देना निश्चित रूप से कृषि क्षेत्र को नई दिशा देने की एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।4
- नवहट्टा के मदरसा टोला में देर रात गोलीबारी की घटना हुई है। इस घटना के बाद एक युवक को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।1