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ग्वालियर के हजीरा थाना क्षेत्र के लघेड़ी इलाके में स्थित सोना गार्डन के पास एक तेज रफ्तार कार ने कई लोगों को कुचल दिया। इस घटना में एक राहगीर की हालत गंभीर बनी हुई है। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और कार चालक अपनी गाड़ी तेजी से भगाते हुए मौके से फरार हो गया। इस पूरी घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। पुलिस अब फरार आरोपी कार चालक की तलाश में जुट गई है।
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ग्वालियर के हजीरा थाना क्षेत्र के लघेड़ी इलाके में स्थित सोना गार्डन के पास एक तेज रफ्तार कार ने कई लोगों को कुचल दिया। इस घटना में एक राहगीर की हालत गंभीर बनी हुई है। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और कार चालक अपनी गाड़ी तेजी से भगाते हुए मौके से फरार हो गया। इस पूरी घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। पुलिस अब फरार आरोपी कार चालक की तलाश में जुट गई है।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- ग्वालियर में मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सांसद भारत सिंह कुशवाहा विशेष रूप से मौजूद रहे।1
- ग्वालियर के हजीरा थाना क्षेत्र के लघेड़ी इलाके में स्थित सोना गार्डन के पास एक तेज रफ्तार कार ने कई लोगों को कुचल दिया। इस घटना में एक राहगीर की हालत गंभीर बनी हुई है। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और कार चालक अपनी गाड़ी तेजी से भगाते हुए मौके से फरार हो गया। इस पूरी घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। पुलिस अब फरार आरोपी कार चालक की तलाश में जुट गई है।1
- रीवा में एक अत्यंत दुखद सड़क हादसे में जैन संत समाज की पूज्य आर्यिका श्री 105 श्रुतमति माताजी और पूज्य आर्यिका श्री 105 उपशममति माताजी के देवलोकगमन का समाचार हृदय विदारक, पीड़ादायक और दुःखद है। त्याग, तपस्या, संयम और अहिंसा का संदेश देने वाले ये पूज्य संत-साध्वीजन समाज को सदैव सत्य और सद्मार्ग की प्रेरणा देते रहे हैं। इस घटना के बाद प्रदेशभर में जैन समाज द्वारा संतजनों की सुरक्षा के लिए ठोस व्यवस्था की मांग उठाई जा रही है। समाज का कहना है कि पूज्य संतों की विहार यात्रा के दौरान उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना शासन-प्रशासन की नैतिक जिम्मेदारी है। यह घटना केवल जैन समाज ही नहीं, बल्कि पूरे समाज की धार्मिक आस्था और मानवता को झकझोरने वाली है। सरकार से मांग की गई है कि इस दुखद घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाए तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए संतों के विहार मार्गों पर विशेष सुरक्षा, यातायात नियंत्रण और आवश्यक दिशा-निर्देश तत्काल लागू किए जाएं। इस असीम दुःख की घड़ी में ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत पूज्य माताजी जी को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें एवं समस्त श्रद्धालुओं को यह दुःख सहन करने की शक्ति दें। विनम्र श्रद्धांजलि।1
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- मध्य प्रदेश के डबरा (ग्वालियर) में NH 44 पर एक भीषण सड़क हादसा हुआ, जहाँ रास जेबी स्कूल के पास एक तेज रफ्तार कार ने एक बाइक सवार को जोरदार टक्कर मार दी। यह टक्कर इतनी भीषण थी कि टक्कर लगने के बाद कार सड़क से 30 फुट दूर जा गिरी, जिससे बाइक पर सवार युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल युवक की पहचान विवेक मौर्य के रूप में हुई है, जो ग्वालियर से डबरा अपनी पत्नी को लेने आ रहा था। हादसे में गंभीर रूप से घायल विवेक मौर्य को तुरंत डबरा सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें ग्वालियर रेफर कर दिया गया। सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची और दुर्घटनाग्रस्त कार को अपने कब्जे में लेकर मामले की जांच-पड़ताल शुरू कर दी है।4
- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति अपनी गहरी प्रशंसा और लगाव व्यक्त किया है। दिल्ली में मनाए जा रहे 250वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान, राजदूत सर्जियो गोर ने उन्हें लाइव कनेक्ट किया था, तब ट्रंप ने कहा कि वे “प्रधानमंत्री मोदी से प्यार करते हैं”। उन्होंने आगे कहा कि दोनों देश पहले कभी भारत के इतने करीब नहीं रहे हैं और उन्होंने खुद को प्रधानमंत्री मोदी का “बहुत, बहुत बड़ा प्रशंसक” बताया।1
- ग्वालियर में नीट (NEET) परीक्षा में हुई कथित धांधली और पेपर लीक के विरोध में आज यूथ कांग्रेस ने सड़क पर उतरकर उग्र प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन दक्षिण विधानसभा के कंपू ब्लॉक में स्थित के.आर.जी. (K.R.G.) कॉलेज के बाहर किया गया, जिसमें छात्रों के भविष्य से हुए खिलवाड़ के खिलाफ जोरदार नारेबाजी और पुतला दहन शामिल था। यूथ कांग्रेस के जिलाध्यक्ष विजय यादव के निर्देश पर विधानसभा अध्यक्ष मयंक शिवहरे के नेतृत्व में पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने एकत्रित होकर केंद्र सरकार और जिम्मेदार एजेंसियों का पुतला दहन किया। इस दौरान मौके पर भारी पुलिस बल भी तैनात रहा। यूथ कांग्रेस के पदाधिकारियों ने तीखा आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि यह केवल एक परीक्षा का मामला नहीं है, बल्कि देश के लाखों होनहार छात्रों की कड़ी मेहनत, उनके हक और उनके माता-पिता के सपनों के साथ हुए धोखे का सवाल है। उन्होंने इस घटना को परीक्षा प्रणाली में हुआ एक बड़ा घोटाला बताया, जिसने पूरी व्यवस्था की साख पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य रूप से नीट घोटाले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग की, ताकि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जा सके। इसके साथ ही छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ तुरंत बंद करने और पीड़ित छात्रों को जल्द से जल्द न्याय दिलाने की अपील भी की गई। यूथ कांग्रेस ने अपने आंदोलन को सफल बनाने के लिए शहर के विभिन्न छात्र संगठनों, युवाओं और प्रबुद्ध नागरिकों से भी छात्रों की आवाज बुलंद करने का आग्रह किया। पूरे प्रदर्शन के दौरान पुलिस प्रशासन कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार मुस्तैद रहा।1
- गंगा दशहरा के पावन अवसर पर ग्वालियर में 'जल गंगा संरक्षण अभियान' के तहत एक अनूठी पहल देखने को मिली। कलेक्टर रुचिका चौहान के नेतृत्व में वरिष्ठ अधिकारियों ने पेट्रोल-डीजल की बचत और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के उद्देश्य से अपने-अपने वाहनों के बजाय एक ही बस में बैठकर सामूहिक श्रमदान कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम संपन्न होने के बाद, कलेक्टर रुचिका चौहान उसी बस से वापस लौटीं और आम आदमी की तरह बस से ही अपने घर तक पहुँचीं।1
- डबरा का शासकीय सिविल अस्पताल एक बार फिर अपनी कार्यप्रणाली को लेकर सुर्खियों में है। जानकारी के अनुसार, इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर संदीप बंशकार और एक सिक्योरिटी गार्ड ड्यूटी के दौरान सोते हुए पाए गए। इस गंभीर लापरवाही के कारण मरीजों को उचित इलाज नहीं मिल पा रहा है, जिससे वे बेहद परेशान हैं। स्थिति यह है कि डॉक्टरों के 'सुख की नींद' में होने के साथ-साथ नर्सिंग स्टाफ को भी यह नहीं पता कि किस मरीज को कौन सा इंजेक्शन या दवा देनी है। अस्पताल में मरीजों को बाहरी दवाएं भी लिखी जा रही हैं, जो उनकी परेशानी को और बढ़ा रहा है। जब एक मरीज के अटेंडर ने इन अनियमितताओं की शिकायत करने के लिए सीबीएमओ से संपर्क करना चाहा, तो उन्हें पता चला कि सिविल अस्पताल प्रभारी डॉक्टर आलोक त्यागी खुद हेडक्वार्टर पर मौजूद नहीं थे। एक कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि सीबीएमओ प्रतिदिन शाम 05 बजे ग्वालियर चले जाते हैं। इस पूरी स्थिति पर जिम्मेदार अधिकारी मूकबधिर बने हुए हैं। अस्पताल की इस व्यवस्थाहीनता के चलते मरीजों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है कि वे इलाज के लिए आखिर जाएं तो जाएं कहां। मजबूरी में उन्हें निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है।2