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एक नागरिक ने अपने गांव की बदहाल स्थिति पर गहरा व्यंग्य व्यक्त किया है, जिसमें कहा गया है कि जब अतिथि उनके यहां आते हैं, तो उन्हें अपने पैर धोने के लिए पानी देने की आवश्यकता नहीं होती। इसका कारण यह बताया गया है कि गांव की खस्ताहाल सड़कों या परिवेश के चलते, अतिथि रास्ते से ही पूरी तरह से धूल-मिट्टी से 'धुलकर' (सनकर) आते हैं। यह टिप्पणी 'हमारे गांव की' दयनीय हालत पर प्रकाश डालती है।
Chhota done
एक नागरिक ने अपने गांव की बदहाल स्थिति पर गहरा व्यंग्य व्यक्त किया है, जिसमें कहा गया है कि जब अतिथि उनके यहां आते हैं, तो उन्हें अपने पैर धोने के लिए पानी देने की आवश्यकता नहीं होती। इसका कारण यह बताया गया है कि गांव की खस्ताहाल सड़कों या परिवेश के चलते, अतिथि रास्ते से ही पूरी तरह से धूल-मिट्टी से 'धुलकर' (सनकर) आते हैं। यह टिप्पणी 'हमारे गांव की' दयनीय हालत पर प्रकाश डालती है।
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- सहरसा जिलाधिकारी दीपेश कुमार के निर्देश पर शनिवार को सोनबरसा नगर पंचायत क्षेत्र स्थित एनएच-107 के नाले पर अतिक्रमण हटाने के लिए एक बड़ा अभियान चलाया गया। इस अभियान के दौरान, प्रशासन ने जेसीबी मशीन की मदद से नाले पर बने सभी अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर उनके मलबे को हटाया। यह अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी नवीन कुमार, राजस्व पदाधिकारी (आरओ) सैयद बादशाह, तथा सोनबरसा, बसनही और काशनगर थाना पुलिस की मौजूदगी में सफलतापूर्वक संपन्न हुई।1
- सहर्षा जिले में एक ऐसे भूखंड पर निर्माण कार्य जारी होने का मामला सामने आया है, जिस पर फिलहाल टाइटल सूट चल रहा है। दिनेश सिपाहियों ने कचहरी न्यूज़ के माध्यम से इस स्थिति पर जानकारी दी है।1
- खजूरीमलिक वॉर्ड नंबर 06 में सड़क का निर्माण कार्य नेताओं द्वारा बाधित किया जा रहा है, जिस कारण वहाँ सड़क नहीं बन पा रही है।1
- बिहार सप्त क्रांति एक्सप्रेस दरभंगा से चलकर नई दिल्ली जाती है।1
- सुपौल जिला एक बार फिर अपनी समृद्ध सांस्कृतिक एवं बौद्धिक विरासत के कारण राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। राघोपुर प्रखंड के त्रिलोकधाम गोसपुर ग्राम में 15वीं शताब्दी का एक अत्यंत दुर्लभ काव्य-अलंकार ग्रंथ "कुवलयानंद" और देश में उपलब्ध एकमात्र हस्तलिखित "भृगुसंहिता" के संरक्षित होने की जानकारी सामने आई है। इस महत्वपूर्ण धरोहर की जानकारी मिलने पर सावन कुमार एवं शरथ आर. एस. ने स्वयं गोसपुर पहुंचकर इन दुर्लभ पांडुलिपियों का अवलोकन किया। विशेषज्ञों के अनुसार, लगभग 600 वर्ष पुरानी ये पांडुलिपियाँ संस्कृत, हिंदी और मिथिलाक्षर लिपि में लिखी गई हैं। यह खोज इस बात का महत्वपूर्ण प्रमाण है कि सुपौल और समूचा मिथिलांचल सदियों से ज्ञान, न्याय, व्याकरण और शास्त्रीय अध्ययन का एक प्रमुख केंद्र रहा है। यह दुर्लभ धरोहर महान विद्वान और दरभंगा महाराज के राजपंडित रहे त्रिलोकनाथ मिश्रा की ज्ञान परंपरा से जुड़ी हुई है। उनके पौत्र शचींद्रनाथ मिश्रा एवं प्रपौत्र धर्मेंद्रनाथ मिश्रा ने इन अमूल्य पांडुलिपियों को पीढ़ी-दर-पीढ़ी सुरक्षित रखकर भारतीय ज्ञान परंपरा की अमूल्य सेवा की है। यह ऐतिहासिक खोज न केवल सुपौल जिले के लिए, बल्कि पूरे बिहार और भारत की सांस्कृतिक विरासत के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। विद्वानों और बुद्धिजीवियों ने इस अमूल्य धरोहर के संरक्षण तथा प्रशासनिक पहल की सराहना करते हुए जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया है।1
- नोहट्टा थाना परिसर में रविवार को थाना अध्यक्ष राहुल कुमार की अध्यक्षता में साप्ताहिक चौकीदारी परेड का आयोजन किया गया। इस दौरान थाना अध्यक्ष ने सभी चौकीदारों की वर्दी, साज-सामान और उनकी उपस्थिति का गहन निरीक्षण किया। परेड के बाद थाना अध्यक्ष राहुल कुमार ने चौकीदारों को संबोधित करते हुए क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने और अपराध मुक्त माहौल तैयार करने को लेकर कई कड़े और आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने सभी चौकीदारों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमणशील रहने का स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि चौकीदार पुलिस प्रशासन की आंख और कान होते हैं। थाना अध्यक्ष ने जोर दिया कि क्षेत्र में होने वाली हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर नजर रखना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने चौकीदारों को विशेष रूप से शराब तस्करों, शराब माफियाओं, वारंटियों और संदिग्ध आपराधिक गतिविधियों पर पैनी नजर रखने तथा किसी भी अप्रिय घटना या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत थाना को देने का निर्देश दिया। सूचना संकलन को और अधिक मजबूत करने पर बल दिया गया ताकि अपराधियों के मंसूबों को समय रहते नाकाम किया जा सके। इस पूरे आयोजन के दौरान नोहट्टा थाना अध्यक्ष राहुल कुमार की सजग और संवेदनशील कार्यशैली साफ तौर पर देखने को मिली, और उनके इस कदम को क्षेत्र में कानून व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए बेहद सराहनीय बताया गया। उन्होंने खुद फील्ड में उतरकर और चौकीदारों को सीधे मार्गदर्शन देकर यह साबित किया कि पुलिस जनता की सुरक्षा के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। वहीं, नोहट्टा थाने के चौकीदारों के जज्बे को भी तारीफ के काबिल बताया गया, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी ग्रामीण इलाकों में मुस्तैदी से डटे रहकर थाना अध्यक्ष के निर्देशों का अक्षरशः पालन करने का संकल्प लिया। उनकी सूझबूझ और ईमानदारी से सूचना तंत्र को मजबूत बनाने की भूमिका को समाज को सुरक्षित रखने में एक रीढ़ की हड्डी के समान बताया गया। थाना अध्यक्ष राहुल कुमार के कुशल नेतृत्व और चौकीदारों की इस सक्रियता से निश्चित रूप से नोहट्टा क्षेत्र में अपराधियों और अवैध शराब का कारोबार करने वालों के हौसले पस्त होने की उम्मीद है।1
- जेडीयू प्रदेश महासचिव कौशल्या जायसवाल डिग्री कॉलेज की मांग को लेकर अनशन पर बैठे प्रदर्शनकारियों से मिलने पहुँचीं।1
- एक सोशल मीडिया पोस्ट में एक महत्वपूर्ण अपडेट साझा करते हुए दावा किया गया है कि अब बच्चे 'लोन पर' उपलब्ध होने लगे हैं। इस पोस्ट में उन सभी व्यक्तियों से टिप्पणी (कमेंट) करने का आह्वान किया गया है जिन्हें 'लोन पर' बच्चे चाहिए।1