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जेडीयू प्रदेश महासचिव कौशल्या जायसवाल डिग्री कॉलेज की मांग को लेकर अनशन पर बैठे प्रदर्शनकारियों से मिलने पहुँचीं।
Mukesh kr mandal
जेडीयू प्रदेश महासचिव कौशल्या जायसवाल डिग्री कॉलेज की मांग को लेकर अनशन पर बैठे प्रदर्शनकारियों से मिलने पहुँचीं।
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- नोहट्टा थाना परिसर में रविवार को थाना अध्यक्ष राहुल कुमार की अध्यक्षता में साप्ताहिक चौकीदारी परेड का आयोजन किया गया। इस दौरान थाना अध्यक्ष ने सभी चौकीदारों की वर्दी, साज-सामान और उनकी उपस्थिति का गहन निरीक्षण किया। परेड के बाद थाना अध्यक्ष राहुल कुमार ने चौकीदारों को संबोधित करते हुए क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने और अपराध मुक्त माहौल तैयार करने को लेकर कई कड़े और आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने सभी चौकीदारों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमणशील रहने का स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि चौकीदार पुलिस प्रशासन की आंख और कान होते हैं। थाना अध्यक्ष ने जोर दिया कि क्षेत्र में होने वाली हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर नजर रखना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने चौकीदारों को विशेष रूप से शराब तस्करों, शराब माफियाओं, वारंटियों और संदिग्ध आपराधिक गतिविधियों पर पैनी नजर रखने तथा किसी भी अप्रिय घटना या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत थाना को देने का निर्देश दिया। सूचना संकलन को और अधिक मजबूत करने पर बल दिया गया ताकि अपराधियों के मंसूबों को समय रहते नाकाम किया जा सके। इस पूरे आयोजन के दौरान नोहट्टा थाना अध्यक्ष राहुल कुमार की सजग और संवेदनशील कार्यशैली साफ तौर पर देखने को मिली, और उनके इस कदम को क्षेत्र में कानून व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए बेहद सराहनीय बताया गया। उन्होंने खुद फील्ड में उतरकर और चौकीदारों को सीधे मार्गदर्शन देकर यह साबित किया कि पुलिस जनता की सुरक्षा के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। वहीं, नोहट्टा थाने के चौकीदारों के जज्बे को भी तारीफ के काबिल बताया गया, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी ग्रामीण इलाकों में मुस्तैदी से डटे रहकर थाना अध्यक्ष के निर्देशों का अक्षरशः पालन करने का संकल्प लिया। उनकी सूझबूझ और ईमानदारी से सूचना तंत्र को मजबूत बनाने की भूमिका को समाज को सुरक्षित रखने में एक रीढ़ की हड्डी के समान बताया गया। थाना अध्यक्ष राहुल कुमार के कुशल नेतृत्व और चौकीदारों की इस सक्रियता से निश्चित रूप से नोहट्टा क्षेत्र में अपराधियों और अवैध शराब का कारोबार करने वालों के हौसले पस्त होने की उम्मीद है।1
- जेडीयू प्रदेश महासचिव कौशल्या जायसवाल डिग्री कॉलेज की मांग को लेकर अनशन पर बैठे प्रदर्शनकारियों से मिलने पहुँचीं।1
- आम जनता ने नोहटा में डिग्री कॉलेज स्थापित करने की अपनी मुख्य मांग को लेकर अनशन जारी रखने का ऐलान किया है। उन्होंने सभी लोगों से अपनी आवाज को और बुलंद करने का निवेदन किया है, क्योंकि उनका आरोप है कि उनकी आवाज को दबाया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक सरकार उनकी इस मांग को पूरा नहीं करती, तब तक वे चुप नहीं बैठेंगे और उनका अनशन लगातार जारी रहेगा।1
- रविवार को सुपौल नगर परिषद क्षेत्र के धोबी टोला में नवयुवक मोहर्रम कमिटी का सर्वसम्मति से गठन किया गया। स्थानीय युवाओं और गणमान्य लोगों की मौजूदगी में कमिटी के पदाधिकारियों का चयन हुआ, जिसका मुख्य उद्देश्य मोहर्रम के पर्व को शांतिपूर्ण, अनुशासित और भाईचारे के माहौल में संपन्न कराना है, साथ ही समाज में धार्मिक एवं सामाजिक एकता का संदेश फैलाना है। इस दौरान आलम साफी को कमिटी का अध्यक्ष, मो. शमसाद को उपाध्यक्ष, मो. सोनू आजाद को सचिव, मोनू नवाब को उप सचिव तथा मो. बिक्की को कोषाध्यक्ष चुना गया। नवनिर्वाचित अध्यक्ष आलम साफी ने बताया कि कमिटी मोहर्रम पर मजहबी और इस्लामिक शिक्षाओं के प्रचार-प्रसार के साथ-साथ आपसी प्रेम, सौहार्द और भाईचारे का संदेश देगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि समाज में एकता और सद्भाव बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। कमिटी के सदस्यों ने मोहर्रम के दौरान विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों के आयोजन का भी निर्णय लिया। बैठक में उपस्थित बड़ी संख्या में स्थानीय युवाओं और समाजसेवियों ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई देते हुए उनके सफल कार्यकाल की शुभकामनाएं दीं।1
- सहर्षा जिले में एक ऐसे भूखंड पर निर्माण कार्य जारी होने का मामला सामने आया है, जिस पर फिलहाल टाइटल सूट चल रहा है। दिनेश सिपाहियों ने कचहरी न्यूज़ के माध्यम से इस स्थिति पर जानकारी दी है।1
- सुपौल जिले के कुनौली बाजार की बदहाल स्थिति पर प्रखंड प्रमुख राम प्रवेश यादव ने सक्रिय कार्रवाई की है। उन्होंने बाजार की खराब व्यवस्था और बदहाली का संज्ञान लिया, जिसके बाद अब नालियों की सफाई का काम कल से शुरू किया जाएगा। यह पहल कुनौली बाजार की स्वच्छता में सुधार लाने और 'स्वच्छ बिहार' के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।1
- सहरसा की मेयर बैन प्रिया ने नवहट्टा में डिग्री कॉलेज की स्थापना की मांग को लेकर चल रहे अनशन को अपना पूर्ण समर्थन दिया है। उन्होंने इस मुद्दे पर अपनी बात रखते हुए प्रशासन और राज्य सरकार तक इस मांग को उठाने का भरोसा दिलाया, साथ ही अनशन पर बैठे लोगों और उनके समर्थकों का आभार व्यक्त किया। मेयर ने स्पष्ट किया कि नवहट्टा के हक की इस लड़ाई में वह पूरी तरह से जनता के साथ खड़ी हैं। उन्होंने कहा कि नवहट्टा का जो हक था, उसे ऐसी जगह स्थानांतरित कर दिया गया है जहाँ छह महीने जलजमाव रहता है, जो कि अत्यंत खेदजनक है। उनका मानना है कि कोसी क्षेत्र की पहचान नवहट्टा से ही है, इसलिए डिग्री कॉलेज यहीं होना चाहिए। मेयर ने विशेष रूप से ज़ोर दिया कि नवहट्टा में डिग्री कॉलेज होने से यहाँ की छात्राओं को पढ़ाई में काफी मदद मिलेगी। अगर इसे कासिमपुर या किसी अन्य दूरदराज के क्षेत्र में ले जाया जाता है, तो सबसे बड़ा मुद्दा बेटियों की असुरक्षा का खड़ा होगा, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। मेयर ने यह भी बताया कि नवहट्टा में डिग्री कॉलेज के लिए पर्याप्त ज़मीन, व्यवस्था और इमारत उपलब्ध है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी अधिकारी ने दुर्भावनापूर्ण तरीके से इसे यहाँ से स्थानांतरित किया है, तो वह खुद मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री (उच्च शिक्षा), और राज्यपाल से मिलकर इस मुद्दे को उठाएंगी। बैन प्रिया ने कहा कि वह सबसे पहले डीएम साहब से बात कर उन्हें अनशन की मौजूदा स्थिति से अवगत कराएंगी। उन्होंने उल्लेख किया कि जेठ के तपते महीने और कड़ी धूप में अनशन का आज सातवां दिन है। मेयर ने प्रशासन से तुरंत नींद से जागने और कोई अप्रिय घटना होने से पहले अधिकारियों (एसडीओ और अन्य) को खुद अनशनकारियों से बात करने का आग्रह किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल कागजी कार्रवाई से काम नहीं चलेगा, अधिकारियों को मौके पर आकर कोई ठोस आश्वासन देना होगा। उन्होंने माँ भगवती से प्रार्थना की कि नवहट्टा की जनता के इस संघर्ष में जीत हो और नवहट्टा डिग्री कॉलेज अपने निर्धारित स्थान पर ही स्थापित हो।1
- सहरसा जिले के सहरसा जंक्शन पर बिहार पुलिस परीक्षा में नौकरी के लिए उमड़ी भीड़ के बीच, आरपीएफ और बिहार सिपाही पुलिस पर असामाजिक व्यवहार करने का गंभीर आरोप लगाया गया है। बताया गया है कि इन सुरक्षाकर्मियों द्वारा महिलाओं, नाबालिग लड़कों और लड़कियों, तथा लावारिस लोगों के साथ-साथ आने-जाने वाले राहगीरों को भी परेशान किया जा रहा है। पोस्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि सहरसा जंक्शन पर असामाजिक गतिविधियाँ प्रतिदिन बढ़ती जा रही हैं, जिससे आम राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। आरोप है कि इन घटनाओं में आरपीएफ और बिहार सिपाही पुलिस सीधे तौर पर शामिल हैं। इस स्थिति को देखते हुए, सहरसा सरकार से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने और आवश्यक कार्रवाई करने की गुहार लगाई गई है। दावे के अनुसार, इन घटनाओं के लाइव वीडियो भी मौजूद हैं।2