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सहरसा जिले के सहरसा जंक्शन पर बिहार पुलिस परीक्षा में नौकरी के लिए उमड़ी भीड़ के बीच, आरपीएफ और बिहार सिपाही पुलिस पर असामाजिक व्यवहार करने का गंभीर आरोप लगाया गया है। बताया गया है कि इन सुरक्षाकर्मियों द्वारा महिलाओं, नाबालिग लड़कों और लड़कियों, तथा लावारिस लोगों के साथ-साथ आने-जाने वाले राहगीरों को भी परेशान किया जा रहा है। पोस्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि सहरसा जंक्शन पर असामाजिक गतिविधियाँ प्रतिदिन बढ़ती जा रही हैं, जिससे आम राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। आरोप है कि इन घटनाओं में आरपीएफ और बिहार सिपाही पुलिस सीधे तौर पर शामिल हैं। इस स्थिति को देखते हुए, सहरसा सरकार से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने और आवश्यक कार्रवाई करने की गुहार लगाई गई है। दावे के अनुसार, इन घटनाओं के लाइव वीडियो भी मौजूद हैं।
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सहरसा जिले के सहरसा जंक्शन पर बिहार पुलिस परीक्षा में नौकरी के लिए उमड़ी भीड़ के बीच, आरपीएफ और बिहार सिपाही पुलिस पर असामाजिक व्यवहार करने का गंभीर आरोप लगाया गया है। बताया गया है कि इन सुरक्षाकर्मियों द्वारा महिलाओं, नाबालिग लड़कों और लड़कियों, तथा लावारिस लोगों के साथ-साथ आने-जाने वाले राहगीरों को भी परेशान किया जा रहा है। पोस्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि सहरसा जंक्शन पर असामाजिक गतिविधियाँ प्रतिदिन बढ़ती जा रही हैं, जिससे आम राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। आरोप है कि इन घटनाओं में आरपीएफ और बिहार सिपाही पुलिस सीधे तौर पर शामिल हैं। इस स्थिति को देखते हुए, सहरसा सरकार से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने और आवश्यक कार्रवाई करने की गुहार लगाई गई है। दावे के अनुसार, इन घटनाओं के लाइव वीडियो भी मौजूद हैं।
More news from Saharsa and nearby areas
- सहर्षा जिले में एक ऐसे भूखंड पर निर्माण कार्य जारी होने का मामला सामने आया है, जिस पर फिलहाल टाइटल सूट चल रहा है। दिनेश सिपाहियों ने कचहरी न्यूज़ के माध्यम से इस स्थिति पर जानकारी दी है।1
- सहरसा जिले के बैजनाथपुर सौर बाजार मुख्य सड़क मार्ग पर बैजनाथपुर प्लांट के पास दिनदहाड़े एक चलती सीएनजी ऑटो में सवार महिला के कान से सोने की बाली छीनकर अज्ञात बाइक सवार युवक फरार हो गए। इस घटना के बाद महिला मौके पर ही बेहोश हो गई, जिसे सीएनजी चालक ने तुरंत सीएचसी सौर बाजार में भर्ती कराया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने महिला को बेहतर इलाज के लिए सहरसा रेफर कर दिया है। घायल महिला की पहचान चंदन देवी पत्नी शिवजी साह के रूप में हुई है। वह अपने ससुराल महिषी थाना क्षेत्र के महीसरहो गांव से अपने मायके पतरघट जा रही थीं, तभी यह वारदात हुई। सौर बाजार थाना पुलिस को घटना की सूचना मिलते ही उन्होंने घायल महिला को सीएचसी सौर बाजार भिजवाया और झपटमारों का पीछा भी किया, लेकिन अपराधी मौके से भागने में सफल रहे। जांच के दौरान सौर बाजार थाना पुलिस को पता चला कि यह घटना बैजनाथपुर थाना क्षेत्र में हुई है। फिलहाल, जख्मी महिला इलाजरत हैं और उन्होंने इलाज के बाद थाना में आवेदन देने की बात कही है। इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों में यह चर्चा बनी हुई है कि नशे के शिकार युवकों द्वारा इस वारदात को अंजाम दिया गया है। पुलिस द्वारा मामले की छानबीन के बाद ही घटना में शामिल अपराधियों का पता चल पाएगा।1
- सहरसा जिले में रौशन आनंद सर के भाई प्रिंस यादव के निधन के बाद गांव में व्याप्त मौजूदा माहौल पर एक विशेष जमीनी रिपोर्ट तैयार की जा रही है। यह रिपोर्ट प्रिंस यादव की मौत से उपजी परिस्थितियों और गांव के भीतर की स्थिति का गहन विश्लेषण प्रस्तुत करेगी।1
- नोहट्टा थाना परिसर में रविवार को थाना अध्यक्ष राहुल कुमार की अध्यक्षता में साप्ताहिक चौकीदारी परेड का आयोजन किया गया। इस दौरान थाना अध्यक्ष ने सभी चौकीदारों की वर्दी, साज-सामान और उनकी उपस्थिति का गहन निरीक्षण किया। परेड के बाद थाना अध्यक्ष राहुल कुमार ने चौकीदारों को संबोधित करते हुए क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने और अपराध मुक्त माहौल तैयार करने को लेकर कई कड़े और आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने सभी चौकीदारों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमणशील रहने का स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि चौकीदार पुलिस प्रशासन की आंख और कान होते हैं। थाना अध्यक्ष ने जोर दिया कि क्षेत्र में होने वाली हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर नजर रखना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने चौकीदारों को विशेष रूप से शराब तस्करों, शराब माफियाओं, वारंटियों और संदिग्ध आपराधिक गतिविधियों पर पैनी नजर रखने तथा किसी भी अप्रिय घटना या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत थाना को देने का निर्देश दिया। सूचना संकलन को और अधिक मजबूत करने पर बल दिया गया ताकि अपराधियों के मंसूबों को समय रहते नाकाम किया जा सके। इस पूरे आयोजन के दौरान नोहट्टा थाना अध्यक्ष राहुल कुमार की सजग और संवेदनशील कार्यशैली साफ तौर पर देखने को मिली, और उनके इस कदम को क्षेत्र में कानून व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए बेहद सराहनीय बताया गया। उन्होंने खुद फील्ड में उतरकर और चौकीदारों को सीधे मार्गदर्शन देकर यह साबित किया कि पुलिस जनता की सुरक्षा के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। वहीं, नोहट्टा थाने के चौकीदारों के जज्बे को भी तारीफ के काबिल बताया गया, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी ग्रामीण इलाकों में मुस्तैदी से डटे रहकर थाना अध्यक्ष के निर्देशों का अक्षरशः पालन करने का संकल्प लिया। उनकी सूझबूझ और ईमानदारी से सूचना तंत्र को मजबूत बनाने की भूमिका को समाज को सुरक्षित रखने में एक रीढ़ की हड्डी के समान बताया गया। थाना अध्यक्ष राहुल कुमार के कुशल नेतृत्व और चौकीदारों की इस सक्रियता से निश्चित रूप से नोहट्टा क्षेत्र में अपराधियों और अवैध शराब का कारोबार करने वालों के हौसले पस्त होने की उम्मीद है।1
- जेडीयू प्रदेश महासचिव कौशल्या जायसवाल डिग्री कॉलेज की मांग को लेकर अनशन पर बैठे प्रदर्शनकारियों से मिलने पहुँचीं।1
- बिहार के पटना स्थित ज्ञान बिंदु कोचिंग से जुड़े एवं सहरसा अनुमंडल जेएसडी परिषद के सदस्य प्रिंस यादव की नेपाल के एक होटल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। इस घटना के बाद बिहार और नेपाल के संबंधित क्षेत्रों में शोक और चर्चा का माहौल बना हुआ है। जानकारी के अनुसार, प्रिंस यादव नेपाल के जिस होटल में ठहरे हुए थे, वहां घटना की सूचना मिलने पर नेपाल पुलिस मौके पर पहुंची और तुरंत जांच शुरू कर दी। पुलिस ने घटना के समय उनके साथ मौजूद कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी शुरू कर दी है। हालांकि, उनकी मृत्यु के कारणों का आधिकारिक खुलासा अभी तक नहीं किया गया है। गौरतलब है कि प्रिंस यादव का नाम हाल ही में पटना के चर्चित कोचिंग विवाद से जुड़े घटनाक्रमों में भी सामने आया था। एडवोकेट ऑफ जेएसडी काउंसिल के निदेशक डॉ. सुमंत राव ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जांच के माध्यम से सभी तथ्यों को सार्वजनिक किया जाना चाहिए, ताकि इस घटना को लेकर व्याप्त सभी संशय दूर हो सकें।1
- सहरसा की मेयर बैन प्रिया ने नवहट्टा में डिग्री कॉलेज की स्थापना की मांग को लेकर चल रहे अनशन को अपना पूर्ण समर्थन दिया है। उन्होंने इस मुद्दे पर अपनी बात रखते हुए प्रशासन और राज्य सरकार तक इस मांग को उठाने का भरोसा दिलाया, साथ ही अनशन पर बैठे लोगों और उनके समर्थकों का आभार व्यक्त किया। मेयर ने स्पष्ट किया कि नवहट्टा के हक की इस लड़ाई में वह पूरी तरह से जनता के साथ खड़ी हैं। उन्होंने कहा कि नवहट्टा का जो हक था, उसे ऐसी जगह स्थानांतरित कर दिया गया है जहाँ छह महीने जलजमाव रहता है, जो कि अत्यंत खेदजनक है। उनका मानना है कि कोसी क्षेत्र की पहचान नवहट्टा से ही है, इसलिए डिग्री कॉलेज यहीं होना चाहिए। मेयर ने विशेष रूप से ज़ोर दिया कि नवहट्टा में डिग्री कॉलेज होने से यहाँ की छात्राओं को पढ़ाई में काफी मदद मिलेगी। अगर इसे कासिमपुर या किसी अन्य दूरदराज के क्षेत्र में ले जाया जाता है, तो सबसे बड़ा मुद्दा बेटियों की असुरक्षा का खड़ा होगा, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। मेयर ने यह भी बताया कि नवहट्टा में डिग्री कॉलेज के लिए पर्याप्त ज़मीन, व्यवस्था और इमारत उपलब्ध है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी अधिकारी ने दुर्भावनापूर्ण तरीके से इसे यहाँ से स्थानांतरित किया है, तो वह खुद मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री (उच्च शिक्षा), और राज्यपाल से मिलकर इस मुद्दे को उठाएंगी। बैन प्रिया ने कहा कि वह सबसे पहले डीएम साहब से बात कर उन्हें अनशन की मौजूदा स्थिति से अवगत कराएंगी। उन्होंने उल्लेख किया कि जेठ के तपते महीने और कड़ी धूप में अनशन का आज सातवां दिन है। मेयर ने प्रशासन से तुरंत नींद से जागने और कोई अप्रिय घटना होने से पहले अधिकारियों (एसडीओ और अन्य) को खुद अनशनकारियों से बात करने का आग्रह किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल कागजी कार्रवाई से काम नहीं चलेगा, अधिकारियों को मौके पर आकर कोई ठोस आश्वासन देना होगा। उन्होंने माँ भगवती से प्रार्थना की कि नवहट्टा की जनता के इस संघर्ष में जीत हो और नवहट्टा डिग्री कॉलेज अपने निर्धारित स्थान पर ही स्थापित हो।1
- सहरसा जिले के सहरसा जंक्शन पर बिहार पुलिस परीक्षा में नौकरी के लिए उमड़ी भीड़ के बीच, आरपीएफ और बिहार सिपाही पुलिस पर असामाजिक व्यवहार करने का गंभीर आरोप लगाया गया है। बताया गया है कि इन सुरक्षाकर्मियों द्वारा महिलाओं, नाबालिग लड़कों और लड़कियों, तथा लावारिस लोगों के साथ-साथ आने-जाने वाले राहगीरों को भी परेशान किया जा रहा है। पोस्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि सहरसा जंक्शन पर असामाजिक गतिविधियाँ प्रतिदिन बढ़ती जा रही हैं, जिससे आम राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। आरोप है कि इन घटनाओं में आरपीएफ और बिहार सिपाही पुलिस सीधे तौर पर शामिल हैं। इस स्थिति को देखते हुए, सहरसा सरकार से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने और आवश्यक कार्रवाई करने की गुहार लगाई गई है। दावे के अनुसार, इन घटनाओं के लाइव वीडियो भी मौजूद हैं।2