*ट्रेन में ‘प्रसाद’ के नाम पर जहर! मौत के बाद लूटपाट, सात अपराधी गिरफ्तार* *धनबाद :* रेल मंडल से जुड़ी एक सनसनीखेज घटना का खुलासा हुआ है, जिसमें 'प्रसाद' के नाम पर जहर देकर लूटपाट करने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है. यह मामला गाड़ी संख्या 20975 चंबल एक्सप्रेस से जुड़ा है, जहां एक महिला की जान चली गई और उसके पीछे छुपे सात शातिर अपराधियों को पुलिस ने दबोचा है. *लड्डू खाने के बाद बिगड़ी हालत* घटना 11 मार्च 2026 की है. धनबाद से बांदा जा रही 30 वर्षीय शिवानी अपने पति के साथ जनरल कोच में सफर कर रही थी. इसी दौरान साधु के वेश में एक शख्स ने उन्हें 'प्रसाद' के रूप में लड्डू दिया. महिला ने भरोसा करके 'प्रसाद' खा लिया, लेकिन कुछ ही देर में वह बेहोश हो गईं. *इलाज के दौरान महिला की मौत* बेहोशी की हालत में ही आरोपी महिला का पर्स, नगदी और चांदी के गहने लेकर फरार हो गया. पति ने किसी तरह उन्हें बांदा में उतारकर अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन चार दिन बाद इलाज के दौरान महिला की मौत हो गई. इस घटना के बाद जीआरपी ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. मामला गोमो से कोडरमा के बीच का होने के कारण जांच कोडरमा स्थानांतरित कर दी गई है. *जांच का हाइटेक तरीका* मामले की गंभीरता को देखते हुए अपराध आसूचना शाखा धनबाद ने CCTV फुटेज खंगालना शुरू किया है. धनबाद स्टेशन के फुटेज में एक साधु संदिग्ध गतिविधि करते देखा गया है. जब जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि यह कोई अकेला व्यक्ति नहीं, बल्कि सात लोगों का गिरोह है. आसनसोल और वर्धमान के CCTV में पांच साधु एक साथ ट्रेन में चढ़ते दिखे गए हैं जबकि दो अन्य अलग स्टेशन से सवार हुए थे. आगे की जांच में पता चला है कि सभी आरोपी पहले लोकल ट्रेन से काली पहाड़ी स्टेशन पहुंचे और वहां से अलग-अलग स्टेशनों के जरिए चंबल एक्सप्रेस में सवार हो गए. डीडीयू स्टेशन पर सभी सातों आरोपी ट्रेन से उतरते दिखे गए और वहां से बनारस कैंट होते हुए लखनऊ की ओर निकल गए. *टास्क टीम की सटीक रणनीति* मामले को सुलझाने के लिए IPF/CIB धनबाद के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई. टीम ने लखनऊ, सुल्तानपुर और मुसाफिरखाना तक CCTV और स्थानीय जानकारी के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया. आखिरकार अमेठी जिले के निहालगढ़ क्षेत्र में सुराग मिला, जहां इस तरह के ढोंगी साधुओं के रहने की जानकारी मिली. *ऐसे पकड़ा गया गैंग* मोबाइल लोकेशन के जरिए आरोपियों की मौजूदगी आसनसोल में ट्रेस की गई. टीम ने वहां पहुंचकर काली पहाड़ी इलाके में अस्थायी डेरा डालकर रह रहे आरोपियों की पहचान की. फिर बेहद सूझबूझ और रणनीति के साथ सभी सातों को ट्रेन में पीछा करते हुए 31 मार्च 2026 को कोडरमा में गिरफ्तार कर लिया गया. *गिरोह का काला सच* पूछताछ में खुलासा हुआ है कि सभी आरोपी 'मांगता' जाति से हैं और ये लोग कभी साधु तो कभी फकीर बनकर ट्रेन और गांवों में घूमते हैं. भोले-भाले लोगों को झांसा देकर 'प्रसाद' खिलाकर लूटपाट करना इनका पेशा था. बरामद सामान पुलिस ने आरोपियों के पास से नशीली दवा (अल्प्राजोलम), ताबीज, जंतर, रुद्राक्ष माला, कमंडल, मोबाइल फोन, नकद राशि समेत कई सामान बरामद किए हैं. *गिरफ्तार आरोपी* धूमी, रज्जाक जोगी, राजू, पहाड़ी, कृपाल, सुनील और मूला उर्फ रामचंद्र, सभी अमेठी (उत्तर प्रदेश) के निवासी हैं. यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि ट्रेन में अंजान लोगों से खाना-पीना कितना खतरनाक हो सकता है. धनबाद रेल मंडल की टीम ने जिस तरह तकनीक और सूझबूझ का इस्तेमाल कर इस जटिल मामले का खुलासा किया, वह सराहनीय है. यात्रियों के लिए यह एक बड़ी सीख भी है, सफर के दौरान सतर्क रहे, क्योंकि एक छोटी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है.
*ट्रेन में ‘प्रसाद’ के नाम पर जहर! मौत के बाद लूटपाट, सात अपराधी गिरफ्तार* *धनबाद :* रेल मंडल से जुड़ी एक सनसनीखेज घटना का खुलासा हुआ है, जिसमें 'प्रसाद' के नाम पर जहर देकर लूटपाट करने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है. यह मामला गाड़ी संख्या 20975 चंबल एक्सप्रेस से जुड़ा है, जहां एक महिला की जान चली गई और उसके पीछे छुपे सात शातिर अपराधियों को पुलिस ने दबोचा है. *लड्डू खाने के बाद बिगड़ी हालत* घटना 11 मार्च 2026 की है. धनबाद से बांदा जा रही 30 वर्षीय शिवानी अपने पति के साथ जनरल कोच में सफर कर रही थी. इसी दौरान साधु के वेश में एक शख्स ने उन्हें 'प्रसाद' के रूप में लड्डू दिया. महिला ने भरोसा करके 'प्रसाद' खा लिया, लेकिन कुछ ही देर में वह बेहोश हो गईं. *इलाज के दौरान महिला की मौत* बेहोशी की हालत में ही आरोपी महिला का पर्स, नगदी और चांदी के गहने लेकर फरार हो गया. पति ने किसी तरह उन्हें बांदा में उतारकर अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन चार दिन बाद इलाज के दौरान महिला की मौत हो गई. इस घटना के बाद जीआरपी ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. मामला गोमो से कोडरमा के बीच का होने के कारण जांच कोडरमा स्थानांतरित कर दी गई है. *जांच का हाइटेक तरीका* मामले की गंभीरता को देखते हुए अपराध आसूचना शाखा धनबाद ने CCTV फुटेज खंगालना शुरू किया है. धनबाद स्टेशन के फुटेज में एक साधु संदिग्ध गतिविधि करते देखा गया है. जब जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि यह कोई अकेला व्यक्ति नहीं, बल्कि सात लोगों का गिरोह है. आसनसोल और वर्धमान के CCTV में पांच साधु एक साथ ट्रेन में चढ़ते दिखे गए हैं जबकि दो अन्य अलग स्टेशन से सवार हुए थे. आगे की जांच में पता चला है कि सभी आरोपी पहले लोकल ट्रेन से काली पहाड़ी स्टेशन पहुंचे और वहां से अलग-अलग स्टेशनों के जरिए चंबल एक्सप्रेस में सवार हो गए. डीडीयू स्टेशन पर सभी सातों आरोपी ट्रेन से उतरते दिखे गए और वहां से बनारस कैंट होते हुए लखनऊ की ओर निकल गए. *टास्क टीम की सटीक रणनीति* मामले को सुलझाने के लिए IPF/CIB धनबाद के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई. टीम ने लखनऊ, सुल्तानपुर और मुसाफिरखाना तक CCTV और स्थानीय जानकारी के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया. आखिरकार अमेठी जिले के निहालगढ़ क्षेत्र में सुराग मिला, जहां इस तरह के ढोंगी साधुओं के रहने की जानकारी मिली. *ऐसे पकड़ा गया गैंग* मोबाइल लोकेशन के जरिए आरोपियों की मौजूदगी आसनसोल में ट्रेस की गई. टीम ने वहां पहुंचकर काली पहाड़ी इलाके में अस्थायी डेरा डालकर रह रहे आरोपियों की पहचान की. फिर बेहद सूझबूझ और रणनीति के साथ सभी सातों को ट्रेन में पीछा करते हुए 31 मार्च 2026 को कोडरमा में गिरफ्तार कर लिया गया. *गिरोह का काला सच* पूछताछ में खुलासा हुआ है कि सभी आरोपी 'मांगता' जाति से हैं और ये लोग कभी साधु तो कभी फकीर बनकर ट्रेन और गांवों में घूमते हैं. भोले-भाले लोगों को झांसा देकर 'प्रसाद' खिलाकर लूटपाट करना इनका पेशा था. बरामद सामान पुलिस ने आरोपियों के पास से नशीली दवा (अल्प्राजोलम), ताबीज, जंतर, रुद्राक्ष माला, कमंडल, मोबाइल फोन, नकद राशि समेत कई सामान बरामद किए हैं. *गिरफ्तार आरोपी* धूमी, रज्जाक जोगी, राजू, पहाड़ी, कृपाल, सुनील और मूला उर्फ रामचंद्र, सभी अमेठी (उत्तर प्रदेश) के निवासी हैं. यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि ट्रेन में अंजान लोगों से खाना-पीना कितना खतरनाक हो सकता है. धनबाद रेल मंडल की टीम ने जिस तरह तकनीक और सूझबूझ का इस्तेमाल कर इस जटिल मामले का खुलासा किया, वह सराहनीय है. यात्रियों के लिए यह एक बड़ी सीख भी है, सफर के दौरान सतर्क रहे, क्योंकि एक छोटी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है.
- हजारीबाग शहर के महावीर स्थान मंदिर में धूम धाम से मनी हनुमान जयंती भजन कीर्तन के साथ साथ हुई शानदार आतिशबाजी ...1
- -- दोषियों को मिले फांसी की सजा: फागु बेसरा -- आरोपी को बचाने वालों पर भी हो कार्रवाई: संजीव कुमार बेदिया -- --हजारीबाग। विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत कुसुंभा गांव में 24 मार्च को रामनवमी के मंगला जुलूस के दौरान 13 वर्षीय मासूम बच्ची की निर्मम हत्या के मामले में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने गुरुवार को जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। हजारीबाग स्थित झामुमो जिला कार्यालय, हीराबाग चौक से निकला यह विरोध मार्च पीटीसी चौक होते हुए डिस्ट्रिक्ट बोर्ड चौक तक पहुंचा। विरोध मार्च में शामिल झामुमो नेताओं और कार्यकर्ताओं ने घटना के आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए जमकर नारेबाजी की। पार्टी नेताओं ने मुख्य आरोपी भीम राम को फांसी देने की मांग करते हुए इस मामले को लेकर भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। बता दें कि पुलिस द्वारा गठित एसआईटी टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले में शामिल तीनों आरोपियों—भीम राम (45 वर्ष), रेशमी देवी (35 वर्ष) एवं शांति देवी उर्फ भगतिनी (55 वर्ष)—को गिरफ्तार कर लिया है। यह मामला कथित रूप से नरबलि से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। झामुमो के केंद्रीय महासचिव फागु बेसरा ने विरोध मार्च को संबोधित करते हुए कहा कि यह घटना मानवता को शर्मसार करने वाली है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य आरोपी भीम राम भाजपा से जुड़ा हुआ है और भाजपा के लोग जांच को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर पुलिस प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए पूरे मामले का खुलासा किया है। बेसरा ने मांग की कि ऐसे जघन्य अपराध में शामिल दोषियों को फांसी की सजा दी जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। झामुमो जिला अध्यक्ष एवं केंद्रीय कार्यकारिणी सदस्य संजीव कुमार बेदिया ने कहा कि इस हत्याकांड के मुख्य आरोपी को बचाने की कोशिश करने वाले भाजपा नेताओं के खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जो लोग ऐसे अपराधियों को संरक्षण देते हैं, उन पर भी हत्या (धारा 302) के तहत मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि झामुमो राज्य में “गंदी राजनीति” को बर्दाश्त नहीं करेगा और दोषियों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई जारी रखेगा। इस विरोध मार्च में जिला सचिव नीलकंठ महतो, जिला उपाध्यक्ष रंजीत मेहता, जिला उपाध्यक्ष नईम राही, केंद्रीय सदस्य सुनील शर्मा, केंद्रीय सदस्य विकास राणा, केंद्रीय सदस्य राजा मोहम्मद, जिला प्रवक्ता कुणाल यादव, प्रवक्ता सतीश नारायण दास, संयुक्त सचिव अब्दुल्ला खान, नगर अध्यक्ष नवीन प्रकाश, नगर सचिव निसार अहमद, नगर उपाध्यक्ष राजीव वर्मा, युवा मोर्चा नगर उपाध्यक्ष सत्येन्द्र मेहता, सदर प्रखंड अध्यक्ष रामकुमार मेहता, बड़कागांव प्रखंड अध्यक्ष संजय सिंह, इचाक प्रखंड अध्यक्ष राजेश मेहता, सुधीर पांडे, महिला मोर्चा अध्यक्ष सुनीता देवी, महताब आलम, श्वेता दुबे, शादाब हाशमी, यासीन अंसारी, राजदेव यादव, राजा अंसारी, उमेश मंडल, अभिषेक कुमार, आनंद सिंह, अजय साव, रीना देवी, बसंती देवी, नगीना पांडे, सविता पांडे, तराना परवीन, रीता देवी, मुनिया देवी, कैशर जमाल, खलील अंसारी, धर्मेंद्र ठाकुर सहित सैकड़ों नेता एवं सक्रिय कार्यकर्ता शामिल थे।1
- असम दौरे पर राहुल गांधी का धमाका, बयान से मचा सियासी भूचाल1
- *आरोग्यम कुणाल हॉस्पिटल में डॉक्टरों की बड़ी सफलता तीन गंभीर बच्चों को मिला नया जीवन* *विशेषज्ञ टीम की सतर्कता और समर्पण से जटिल परिस्थितियों पर पाई जीत* *डॉक्टरों की कुशलता से बच्चों को नया जीवन मिलना हजारीबाग के लिए गर्व की बात है : हर्ष अजमेरा* *अब हजारीबाग में ही बेहतर और भरोसेमंद इलाज संभव हो रहा है : जया सिंह* हजारीबाग हजारीबाग स्थित आरोग्यम कुणाल महिला एवं शिशु अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने एक बार फिर अपनी दक्षता का परिचय देते हुए तीन गंभीर रूप से बीमार बच्चों को नया जीवन दिया है। शिशु एवं नवजात रोग विशेषज्ञ डॉ. हीरालाल राम ने जानकारी देते हुए बताया कि हाल के दिनों में अस्पताल में लगातार तीन अत्यंत चुनौतीपूर्ण परिस्थितियां सामने आईं, जिनका सफल उपचार कर अब बच्चों को स्वस्थ अवस्था में घर भेजा जा रहा है। पहली परिस्थिति में एक मासूम बच्चा गंभीर रूप से झुलसी अवस्था में अस्पताल लाया गया। बताया गया कि वह गर्म पदार्थ में गिर गया था, जिससे उसके शरीर का निचला हिस्सा, विशेषकर नाभि के नीचे का भाग और निजी अंग बुरी तरह प्रभावित हो गए थे। यह द्वितीय स्तर की जलन थी। डॉक्टरों ने निरंतर पट्टी, आवश्यक दवाइयों और जीवाणुरोधी उपचार के माध्यम से उसकी स्थिति में सुधार किया। लगातार निगरानी और उपचार के बाद अब बच्चा काफी हद तक स्वस्थ हो चुका है और स्थिर अवस्था में उसे छुट्टी दे दी गई है, साथ ही आगे भी नियमित पट्टी जारी रखने की सलाह दी गई है। दूसरी स्थिति में एक बच्चा अत्यधिक तेज बुखार के साथ अस्पताल पहुंचा, जिसका तापमान 104 से 105 डिग्री तक था। बच्चा अचेत अवस्था के करीब था और उसकी मानसिक स्थिति भी प्रभावित हो चुकी थी। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि वह स्क्रब टाइफस संक्रमण से ग्रसित है। डॉक्टरों ने बिना देर किए उपचार शुरू किया और मात्र तीन दिनों के भीतर उसकी स्थिति में तेजी से सुधार हुआ। अब बच्चा पूरी तरह सामान्य है, स्वयं भोजन कर रहा है और स्वस्थ होकर घर लौट गया हैतीसरी स्थिति एक सड़क दुर्घटना से जुड़ी थी, जिसमें एक बच्चा अपने पिता के साथ मोटरसाइकिल पर सवार था और दुर्घटना का शिकार हो गया। अस्पताल पहुंचने के समय उसकी हालत अत्यंत नाजुक थी। वह बेहोश था, अत्यधिक रक्तस्राव हो रहा था और रक्तचाप भी माप में नहीं आ रहा था। उसकी चेतना स्तर भी बेहद कम थी। डॉक्टरों ने तुरंत रक्त चढ़ाकर गहन चिकित्सा कक्ष में इलाज शुरू किया। लगातार प्रयास, सतत निगरानी और समर्पित देखभाल के परिणामस्वरूप अब बच्चा पूरी तरह स्वस्थ हो चुका है और अगले एक से दो दिनों में उसे भी अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी। डॉ. हीरालाल राम ने बताया कि अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक समर्पित टीम निरंतर गंभीर रोगियों की देखभाल में जुटी रहती है। इस टीम में डॉ. प्रकाश, डॉ. सुरभि, डॉ. शक्ति और डॉ. आमिर के साथ प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ शामिल हैं, जो हर परिस्थिति में बेहतर उपचार सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। अस्पताल के निदेशक हर्ष अजमेरा ने कहा कि हमारा लक्ष्य केवल इलाज करना नहीं, बल्कि मरीजों को भरोसा और सुरक्षा का अहसास देना भी है। हम लगातार आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत कर रहे हैं और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम को और सशक्त बना रहे हैं, ताकि हजारीबाग और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को बड़े शहरों जैसी बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं यहीं उपलब्ध हो सकें। हमारा प्रयास है कि किसी भी गंभीर स्थिति में मरीज को बाहर जाने की आवश्यकता न पड़े और समय पर सही उपचार मिल सके। वहीं अस्पताल की प्रशासक जया सिंह ने कहा कि संस्थान में प्रत्येक मरीज की देखभाल सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ की जाती है। हम न केवल चिकित्सा सुविधाओं को उन्नत बना रहे हैं, बल्कि प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ और आधुनिक उपकरणों के माध्यम से सेवा की गुणवत्ता को लगातार बेहतर कर रहे हैं। हमारी पूरी टीम दिन-रात समर्पण के साथ काम कर रही है, ताकि हर मरीज को सुरक्षित, प्रभावी और संतोषजनक इलाज मिल सके और अस्पताल पर लोगों का विश्वास और अधिक मजबूत हो।2
- हजारीबाग हजारीबाग स्थित आरोग्यम कुणाल महिला एवं शिशु अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने एक बार फिर अपनी दक्षता का परिचय देते हुए तीन गंभीर रूप से बीमार बच्चों को नया जीवन दिया है। शिशु एवं नवजात रोग विशेषज्ञ डॉ. हीरालाल राम ने जानकारी देते हुए बताया कि हाल के दिनों में अस्पताल में लगातार तीन अत्यंत चुनौतीपूर्ण परिस्थितियां सामने आईं, जिनका सफल उपचार कर अब बच्चों को स्वस्थ अवस्था में घर भेजा जा रहा है। पहली परिस्थिति में एक मासूम बच्चा गंभीर रूप से झुलसी अवस्था में अस्पताल लाया गया। बताया गया कि वह गर्म पदार्थ में गिर गया था, जिससे उसके शरीर का निचला हिस्सा, विशेषकर नाभि के नीचे का भाग और निजी अंग बुरी तरह प्रभावित हो गए थे। यह द्वितीय स्तर की जलन थी। डॉक्टरों ने निरंतर पट्टी, आवश्यक दवाइयों और जीवाणुरोधी उपचार के माध्यम से उसकी स्थिति में सुधार किया। लगातार निगरानी और उपचार के बाद अब बच्चा काफी हद तक स्वस्थ हो चुका है और स्थिर अवस्था में उसे छुट्टी दे दी गई है, साथ ही आगे भी नियमित पट्टी जारी रखने की सलाह दी गई है। दूसरी स्थिति में एक बच्चा अत्यधिक तेज बुखार के साथ अस्पताल पहुंचा, जिसका तापमान 104 से 105 डिग्री तक था। बच्चा अचेत अवस्था के करीब था और उसकी मानसिक स्थिति भी प्रभावित हो चुकी थी। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि वह स्क्रब टाइफस संक्रमण से ग्रसित है। डॉक्टरों ने बिना देर किए उपचार शुरू किया और मात्र तीन दिनों के भीतर उसकी स्थिति में तेजी से सुधार हुआ। अब बच्चा पूरी तरह सामान्य है, स्वयं भोजन कर रहा है और स्वस्थ होकर घर लौट गया हैतीसरी स्थिति एक सड़क दुर्घटना से जुड़ी थी, जिसमें एक बच्चा अपने पिता के साथ मोटरसाइकिल पर सवार था और दुर्घटना का शिकार हो गया। अस्पताल पहुंचने के समय उसकी हालत अत्यंत नाजुक थी। वह बेहोश था, अत्यधिक रक्तस्राव हो रहा था और रक्तचाप भी माप में नहीं आ रहा था। उसकी चेतना स्तर भी बेहद कम थी। डॉक्टरों ने तुरंत रक्त चढ़ाकर गहन चिकित्सा कक्ष में इलाज शुरू किया। लगातार प्रयास, सतत निगरानी और समर्पित देखभाल के परिणामस्वरूप अब बच्चा पूरी तरह स्वस्थ हो चुका है और अगले एक से दो दिनों में उसे भी अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी। डॉ. हीरालाल राम ने बताया कि अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक समर्पित टीम निरंतर गंभीर रोगियों की देखभाल में जुटी रहती है। इस टीम में डॉ. प्रकाश, डॉ. सुरभि, डॉ. शक्ति और डॉ. आमिर के साथ प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ शामिल हैं, जो हर परिस्थिति में बेहतर उपचार सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। अस्पताल के निदेशक हर्ष अजमेरा ने कहा कि हमारा लक्ष्य केवल इलाज करना नहीं, बल्कि मरीजों को भरोसा और सुरक्षा का अहसास देना भी है। हम लगातार आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत कर रहे हैं और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम को और सशक्त बना रहे हैं, ताकि हजारीबाग और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को बड़े शहरों जैसी बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं यहीं उपलब्ध हो सकें। हमारा प्रयास है कि किसी भी गंभीर स्थिति में मरीज को बाहर जाने की आवश्यकता न पड़े और समय पर सही उपचार मिल सके। वहीं अस्पताल की प्रशासक जया सिंह ने कहा कि संस्थान में प्रत्येक मरीज की देखभाल सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ की जाती है। हम न केवल चिकित्सा सुविधाओं को उन्नत बना रहे हैं, बल्कि प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ और आधुनिक उपकरणों के माध्यम से सेवा की गुणवत्ता को लगातार बेहतर कर रहे हैं। हमारी पूरी टीम दिन-रात समर्पण के साथ काम कर रही है, ताकि हर मरीज को सुरक्षित, प्रभावी और संतोषजनक इलाज मिल सके और अस्पताल पर लोगों का विश्वास और अधिक मजबूत हो।1
- अंधविश्वास में नाबालिग की हत्या, मां समेत तीन गिरफ्तार हजारीबाग। विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र के कुसुम्बा गांव में 13 वर्षीय नाबालिग बच्ची की हत्या के मामले का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र के नाम पर अंजाम दी गई इस जघन्य घटना में पुलिस ने मृतका की मां समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया था, जिसने त्वरित कार्रवाई करते हुए पूरे मामले का खुलासा किया।1
- जिसने हत्या की, वही मीडिया में न्याय की मांग करता रहा। तांत्रिक और बच्ची की मां के साथ मिलकर जघन्य अपराध किया। अब कानून के तहत सख्त सजा का इंतजार है।1
- अमित शाह ने असम चुनाव को लेकर किया खुलासा?1