logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

आरोग्यम कुणाल हॉस्पिटल में डॉक्टरों की बड़ी सफलता तीन गंभीर बच्चों को मिला नया जीवन विशेषज्ञ टीम की सतर्कता और समर्पण से जटिल परिस्थितियों पर पाई जीत डॉक्टरों की कुशलता से बच्चों को नया जीवन मिलना हजारीबाग के लिए गर्व की बात है : हर्ष अजमेरा अब हजारीबाग में ही बेहतर और भरोसेमंद इलाज संभव हो रहा है : जया सिंह हजारीबाग हजारीबाग स्थित आरोग्यम कुणाल महिला एवं शिशु अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने एक बार फिर अपनी दक्षता का परिचय देते हुए तीन गंभीर रूप से बीमार बच्चों को नया जीवन दिया है। शिशु एवं नवजात रोग विशेषज्ञ डॉ. हीरालाल राम ने जानकारी देते हुए बताया कि हाल के दिनों में अस्पताल में लगातार तीन अत्यंत चुनौतीपूर्ण परिस्थितियां सामने आईं, जिनका सफल उपचार कर अब बच्चों को स्वस्थ अवस्था में घर भेजा जा रहा है। पहली परिस्थिति में एक मासूम बच्चा गंभीर रूप से झुलसी अवस्था में अस्पताल लाया गया। बताया गया कि वह गर्म पदार्थ में गिर गया था, जिससे उसके शरीर का निचला हिस्सा, विशेषकर नाभि के नीचे का भाग और निजी अंग बुरी तरह प्रभावित हो गए थे। यह द्वितीय स्तर की जलन थी। डॉक्टरों ने निरंतर पट्टी, आवश्यक दवाइयों और जीवाणुरोधी उपचार के माध्यम से उसकी स्थिति में सुधार किया। लगातार निगरानी और उपचार के बाद अब बच्चा काफी हद तक स्वस्थ हो चुका है और स्थिर अवस्था में उसे छुट्टी दे दी गई है, साथ ही आगे भी नियमित पट्टी जारी रखने की सलाह दी गई है। दूसरी स्थिति में एक बच्चा अत्यधिक तेज बुखार के साथ अस्पताल पहुंचा, जिसका तापमान 104 से 105 डिग्री तक था। बच्चा अचेत अवस्था के करीब था और उसकी मानसिक स्थिति भी प्रभावित हो चुकी थी। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि वह स्क्रब टाइफस संक्रमण से ग्रसित है। डॉक्टरों ने बिना देर किए उपचार शुरू किया और मात्र तीन दिनों के भीतर उसकी स्थिति में तेजी से सुधार हुआ। अब बच्चा पूरी तरह सामान्य है, स्वयं भोजन कर रहा है और स्वस्थ होकर घर लौट गया हैतीसरी स्थिति एक सड़क दुर्घटना से जुड़ी थी, जिसमें एक बच्चा अपने पिता के साथ मोटरसाइकिल पर सवार था और दुर्घटना का शिकार हो गया। अस्पताल पहुंचने के समय उसकी हालत अत्यंत नाजुक थी। वह बेहोश था, अत्यधिक रक्तस्राव हो रहा था और रक्तचाप भी माप में नहीं आ रहा था। उसकी चेतना स्तर भी बेहद कम थी। डॉक्टरों ने तुरंत रक्त चढ़ाकर गहन चिकित्सा कक्ष में इलाज शुरू किया। लगातार प्रयास, सतत निगरानी और समर्पित देखभाल के परिणामस्वरूप अब बच्चा पूरी तरह स्वस्थ हो चुका है और अगले एक से दो दिनों में उसे भी अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी। डॉ. हीरालाल राम ने बताया कि अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक समर्पित टीम निरंतर गंभीर रोगियों की देखभाल में जुटी रहती है। इस टीम में डॉ. प्रकाश, डॉ. सुरभि, डॉ. शक्ति और डॉ. आमिर के साथ प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ शामिल हैं, जो हर परिस्थिति में बेहतर उपचार सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। अस्पताल के निदेशक हर्ष अजमेरा ने कहा कि हमारा लक्ष्य केवल इलाज करना नहीं, बल्कि मरीजों को भरोसा और सुरक्षा का अहसास देना भी है। हम लगातार आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत कर रहे हैं और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम को और सशक्त बना रहे हैं, ताकि हजारीबाग और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को बड़े शहरों जैसी बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं यहीं उपलब्ध हो सकें। हमारा प्रयास है कि किसी भी गंभीर स्थिति में मरीज को बाहर जाने की आवश्यकता न पड़े और समय पर सही उपचार मिल सके। वहीं अस्पताल की प्रशासक जया सिंह ने कहा कि संस्थान में प्रत्येक मरीज की देखभाल सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ की जाती है। हम न केवल चिकित्सा सुविधाओं को उन्नत बना रहे हैं, बल्कि प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ और आधुनिक उपकरणों के माध्यम से सेवा की गुणवत्ता को लगातार बेहतर कर रहे हैं। हमारी पूरी टीम दिन-रात समर्पण के साथ काम कर रही है, ताकि हर मरीज को सुरक्षित, प्रभावी और संतोषजनक इलाज मिल सके और अस्पताल पर लोगों का विश्वास और अधिक मजबूत हो।

3 hrs ago
user_Kashif Adib
Kashif Adib
Local News Reporter हजारीबाग, हजारीबाग, झारखंड•
3 hrs ago

आरोग्यम कुणाल हॉस्पिटल में डॉक्टरों की बड़ी सफलता तीन गंभीर बच्चों को मिला नया जीवन विशेषज्ञ टीम की सतर्कता और समर्पण से जटिल परिस्थितियों पर पाई जीत डॉक्टरों की कुशलता से बच्चों को नया जीवन मिलना हजारीबाग के लिए गर्व की बात है : हर्ष अजमेरा अब हजारीबाग में ही बेहतर और भरोसेमंद इलाज संभव हो रहा है : जया सिंह हजारीबाग हजारीबाग स्थित आरोग्यम कुणाल महिला एवं शिशु अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने एक बार फिर अपनी दक्षता का परिचय देते हुए तीन गंभीर रूप से बीमार बच्चों को नया जीवन दिया है। शिशु एवं नवजात रोग विशेषज्ञ डॉ. हीरालाल राम ने जानकारी देते हुए बताया कि हाल के दिनों में अस्पताल में लगातार तीन अत्यंत चुनौतीपूर्ण परिस्थितियां सामने आईं, जिनका सफल उपचार कर अब बच्चों को स्वस्थ अवस्था में घर भेजा जा रहा है। पहली परिस्थिति में एक मासूम बच्चा गंभीर रूप से झुलसी अवस्था में अस्पताल लाया गया। बताया गया कि वह गर्म पदार्थ में गिर गया था, जिससे उसके शरीर का निचला हिस्सा, विशेषकर नाभि के नीचे का भाग और निजी अंग बुरी तरह प्रभावित हो गए थे। यह द्वितीय स्तर की जलन थी। डॉक्टरों ने निरंतर पट्टी, आवश्यक दवाइयों और जीवाणुरोधी उपचार के माध्यम से उसकी स्थिति में सुधार किया। लगातार निगरानी और उपचार के बाद अब बच्चा काफी हद तक स्वस्थ हो चुका है और स्थिर अवस्था में उसे छुट्टी दे दी गई है, साथ ही आगे भी नियमित पट्टी जारी रखने की सलाह दी गई है। दूसरी स्थिति में एक बच्चा अत्यधिक तेज बुखार के साथ अस्पताल पहुंचा, जिसका तापमान 104 से 105 डिग्री तक था। बच्चा अचेत अवस्था के करीब था और उसकी मानसिक स्थिति भी प्रभावित हो चुकी थी। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि वह स्क्रब टाइफस संक्रमण से ग्रसित है। डॉक्टरों ने बिना देर किए उपचार शुरू किया और मात्र तीन दिनों के भीतर उसकी स्थिति में तेजी से सुधार हुआ। अब बच्चा पूरी तरह सामान्य है, स्वयं भोजन कर रहा है और स्वस्थ होकर घर लौट गया हैतीसरी स्थिति एक सड़क दुर्घटना से जुड़ी थी, जिसमें एक बच्चा अपने पिता के साथ मोटरसाइकिल पर सवार था और दुर्घटना का शिकार हो गया। अस्पताल पहुंचने के समय उसकी हालत अत्यंत नाजुक थी। वह बेहोश था, अत्यधिक रक्तस्राव हो रहा था और रक्तचाप भी माप में नहीं आ रहा था। उसकी चेतना स्तर भी बेहद कम थी। डॉक्टरों ने तुरंत रक्त चढ़ाकर गहन चिकित्सा कक्ष में इलाज शुरू किया। लगातार प्रयास, सतत निगरानी और समर्पित देखभाल के परिणामस्वरूप अब बच्चा पूरी तरह स्वस्थ हो चुका है और अगले एक से दो दिनों में उसे भी अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी। डॉ. हीरालाल राम ने बताया कि अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक समर्पित टीम निरंतर गंभीर रोगियों की देखभाल में जुटी रहती है। इस टीम में डॉ. प्रकाश, डॉ. सुरभि, डॉ. शक्ति और डॉ. आमिर के साथ प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ शामिल हैं, जो हर परिस्थिति में बेहतर उपचार सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। अस्पताल के निदेशक हर्ष अजमेरा ने कहा कि हमारा लक्ष्य केवल इलाज करना नहीं, बल्कि मरीजों को भरोसा और सुरक्षा का अहसास देना भी है। हम लगातार आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत कर रहे हैं और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम को और सशक्त बना रहे हैं, ताकि हजारीबाग और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को बड़े शहरों जैसी बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं यहीं उपलब्ध हो सकें। हमारा प्रयास है कि किसी भी गंभीर स्थिति में मरीज को बाहर जाने की आवश्यकता न पड़े और समय पर सही उपचार मिल सके। वहीं अस्पताल की प्रशासक जया सिंह ने कहा कि संस्थान में प्रत्येक मरीज की देखभाल सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ की जाती है। हम न केवल चिकित्सा सुविधाओं को उन्नत बना रहे हैं, बल्कि प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ और आधुनिक उपकरणों के माध्यम से सेवा की गुणवत्ता को लगातार बेहतर कर रहे हैं। हमारी पूरी टीम दिन-रात समर्पण के साथ काम कर रही है, ताकि हर मरीज को सुरक्षित, प्रभावी और संतोषजनक इलाज मिल सके और अस्पताल पर लोगों का विश्वास और अधिक मजबूत हो।

More news from झारखंड and nearby areas
  • हजारीबाग हजारीबाग स्थित आरोग्यम कुणाल महिला एवं शिशु अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने एक बार फिर अपनी दक्षता का परिचय देते हुए तीन गंभीर रूप से बीमार बच्चों को नया जीवन दिया है। शिशु एवं नवजात रोग विशेषज्ञ डॉ. हीरालाल राम ने जानकारी देते हुए बताया कि हाल के दिनों में अस्पताल में लगातार तीन अत्यंत चुनौतीपूर्ण परिस्थितियां सामने आईं, जिनका सफल उपचार कर अब बच्चों को स्वस्थ अवस्था में घर भेजा जा रहा है। पहली परिस्थिति में एक मासूम बच्चा गंभीर रूप से झुलसी अवस्था में अस्पताल लाया गया। बताया गया कि वह गर्म पदार्थ में गिर गया था, जिससे उसके शरीर का निचला हिस्सा, विशेषकर नाभि के नीचे का भाग और निजी अंग बुरी तरह प्रभावित हो गए थे। यह द्वितीय स्तर की जलन थी। डॉक्टरों ने निरंतर पट्टी, आवश्यक दवाइयों और जीवाणुरोधी उपचार के माध्यम से उसकी स्थिति में सुधार किया। लगातार निगरानी और उपचार के बाद अब बच्चा काफी हद तक स्वस्थ हो चुका है और स्थिर अवस्था में उसे छुट्टी दे दी गई है, साथ ही आगे भी नियमित पट्टी जारी रखने की सलाह दी गई है। दूसरी स्थिति में एक बच्चा अत्यधिक तेज बुखार के साथ अस्पताल पहुंचा, जिसका तापमान 104 से 105 डिग्री तक था। बच्चा अचेत अवस्था के करीब था और उसकी मानसिक स्थिति भी प्रभावित हो चुकी थी। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि वह स्क्रब टाइफस संक्रमण से ग्रसित है। डॉक्टरों ने बिना देर किए उपचार शुरू किया और मात्र तीन दिनों के भीतर उसकी स्थिति में तेजी से सुधार हुआ। अब बच्चा पूरी तरह सामान्य है, स्वयं भोजन कर रहा है और स्वस्थ होकर घर लौट गया हैतीसरी स्थिति एक सड़क दुर्घटना से जुड़ी थी, जिसमें एक बच्चा अपने पिता के साथ मोटरसाइकिल पर सवार था और दुर्घटना का शिकार हो गया। अस्पताल पहुंचने के समय उसकी हालत अत्यंत नाजुक थी। वह बेहोश था, अत्यधिक रक्तस्राव हो रहा था और रक्तचाप भी माप में नहीं आ रहा था। उसकी चेतना स्तर भी बेहद कम थी। डॉक्टरों ने तुरंत रक्त चढ़ाकर गहन चिकित्सा कक्ष में इलाज शुरू किया। लगातार प्रयास, सतत निगरानी और समर्पित देखभाल के परिणामस्वरूप अब बच्चा पूरी तरह स्वस्थ हो चुका है और अगले एक से दो दिनों में उसे भी अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी। डॉ. हीरालाल राम ने बताया कि अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक समर्पित टीम निरंतर गंभीर रोगियों की देखभाल में जुटी रहती है। इस टीम में डॉ. प्रकाश, डॉ. सुरभि, डॉ. शक्ति और डॉ. आमिर के साथ प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ शामिल हैं, जो हर परिस्थिति में बेहतर उपचार सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। अस्पताल के निदेशक हर्ष अजमेरा ने कहा कि हमारा लक्ष्य केवल इलाज करना नहीं, बल्कि मरीजों को भरोसा और सुरक्षा का अहसास देना भी है। हम लगातार आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत कर रहे हैं और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम को और सशक्त बना रहे हैं, ताकि हजारीबाग और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को बड़े शहरों जैसी बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं यहीं उपलब्ध हो सकें। हमारा प्रयास है कि किसी भी गंभीर स्थिति में मरीज को बाहर जाने की आवश्यकता न पड़े और समय पर सही उपचार मिल सके। वहीं अस्पताल की प्रशासक जया सिंह ने कहा कि संस्थान में प्रत्येक मरीज की देखभाल सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ की जाती है। हम न केवल चिकित्सा सुविधाओं को उन्नत बना रहे हैं, बल्कि प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ और आधुनिक उपकरणों के माध्यम से सेवा की गुणवत्ता को लगातार बेहतर कर रहे हैं। हमारी पूरी टीम दिन-रात समर्पण के साथ काम कर रही है, ताकि हर मरीज को सुरक्षित, प्रभावी और संतोषजनक इलाज मिल सके और अस्पताल पर लोगों का विश्वास और अधिक मजबूत हो।
    1
    हजारीबाग
हजारीबाग स्थित आरोग्यम कुणाल महिला एवं शिशु अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने एक बार फिर अपनी दक्षता का परिचय देते हुए तीन गंभीर रूप से बीमार बच्चों को नया जीवन दिया है। शिशु एवं नवजात रोग विशेषज्ञ डॉ. हीरालाल राम ने जानकारी देते हुए बताया कि हाल के दिनों में अस्पताल में लगातार तीन अत्यंत चुनौतीपूर्ण परिस्थितियां सामने आईं, जिनका सफल उपचार कर अब बच्चों को स्वस्थ अवस्था में घर भेजा जा रहा है। पहली परिस्थिति में एक मासूम बच्चा गंभीर रूप से झुलसी अवस्था में अस्पताल लाया गया। बताया गया कि वह गर्म पदार्थ में गिर गया था, जिससे उसके शरीर का निचला हिस्सा, विशेषकर नाभि के नीचे का भाग और निजी अंग बुरी तरह प्रभावित हो गए थे। यह द्वितीय स्तर की जलन थी। डॉक्टरों ने निरंतर पट्टी, आवश्यक दवाइयों और जीवाणुरोधी उपचार के माध्यम से उसकी स्थिति में सुधार किया। लगातार निगरानी और उपचार के बाद अब बच्चा काफी हद तक स्वस्थ हो चुका है और स्थिर अवस्था में उसे छुट्टी दे दी गई है, साथ ही आगे भी नियमित पट्टी जारी रखने की सलाह दी गई है। दूसरी स्थिति में एक बच्चा अत्यधिक तेज बुखार के साथ अस्पताल पहुंचा, जिसका तापमान 104 से 105 डिग्री तक था। बच्चा अचेत अवस्था के करीब था और उसकी मानसिक स्थिति भी प्रभावित हो चुकी थी। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि वह स्क्रब टाइफस संक्रमण से ग्रसित है। डॉक्टरों ने बिना देर किए उपचार शुरू किया और मात्र तीन दिनों के भीतर उसकी स्थिति में तेजी से सुधार हुआ। अब बच्चा पूरी तरह सामान्य है, स्वयं भोजन कर रहा है और स्वस्थ होकर घर लौट गया हैतीसरी स्थिति एक सड़क दुर्घटना से जुड़ी थी, जिसमें एक बच्चा अपने पिता के साथ मोटरसाइकिल पर सवार था और दुर्घटना का शिकार हो गया। अस्पताल पहुंचने के समय उसकी हालत अत्यंत नाजुक थी। वह बेहोश था, अत्यधिक रक्तस्राव हो रहा था और रक्तचाप भी माप में नहीं आ रहा था। उसकी चेतना स्तर भी बेहद कम थी। डॉक्टरों ने तुरंत रक्त चढ़ाकर गहन चिकित्सा कक्ष में इलाज शुरू किया। लगातार प्रयास, सतत निगरानी और समर्पित देखभाल के परिणामस्वरूप अब बच्चा पूरी तरह स्वस्थ हो चुका है और अगले एक से दो दिनों में उसे भी अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी। डॉ. हीरालाल राम ने बताया कि अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक समर्पित टीम निरंतर गंभीर रोगियों की देखभाल में जुटी रहती है। इस टीम में डॉ. प्रकाश, डॉ. सुरभि, डॉ. शक्ति और डॉ. आमिर के साथ प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ शामिल हैं, जो हर परिस्थिति में बेहतर उपचार सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
अस्पताल के निदेशक हर्ष अजमेरा ने कहा कि हमारा लक्ष्य केवल इलाज करना नहीं, बल्कि मरीजों को भरोसा और सुरक्षा का अहसास देना भी है। हम लगातार आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत कर रहे हैं और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम को और सशक्त बना रहे हैं, ताकि हजारीबाग और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को बड़े शहरों जैसी बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं यहीं उपलब्ध हो सकें। हमारा प्रयास है कि किसी भी गंभीर स्थिति में मरीज को बाहर जाने की आवश्यकता न पड़े और समय पर सही उपचार मिल सके। वहीं अस्पताल की प्रशासक जया सिंह ने कहा कि संस्थान में प्रत्येक मरीज की देखभाल सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ की जाती है। हम न केवल चिकित्सा सुविधाओं को उन्नत बना रहे हैं, बल्कि प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ और आधुनिक उपकरणों के माध्यम से सेवा की गुणवत्ता को लगातार बेहतर कर रहे हैं। हमारी पूरी टीम दिन-रात समर्पण के साथ काम कर रही है, ताकि हर मरीज को सुरक्षित, प्रभावी और संतोषजनक इलाज मिल सके और अस्पताल पर लोगों का विश्वास और अधिक मजबूत हो।
    user_Kashif Adib
    Kashif Adib
    Local News Reporter हजारीबाग, हजारीबाग, झारखंड•
    3 hrs ago
  • अंधविश्वास में नाबालिग की हत्या, मां समेत तीन गिरफ्तार हजारीबाग। विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र के कुसुम्बा गांव में 13 वर्षीय नाबालिग बच्ची की हत्या के मामले का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र के नाम पर अंजाम दी गई इस जघन्य घटना में पुलिस ने मृतका की मां समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया था, जिसने त्वरित कार्रवाई करते हुए पूरे मामले का खुलासा किया।
    1
    अंधविश्वास में नाबालिग की हत्या, मां समेत तीन गिरफ्तार
हजारीबाग। विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र के कुसुम्बा गांव में 13 वर्षीय नाबालिग बच्ची की हत्या के मामले का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र के नाम पर अंजाम दी गई इस जघन्य घटना में पुलिस ने मृतका की मां समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया था, जिसने त्वरित कार्रवाई करते हुए पूरे मामले का खुलासा किया।
    user_SB Live Hindi
    SB Live Hindi
    Local News Reporter हजारीबाग, हजारीबाग, झारखंड•
    7 hrs ago
  • हजारीबाग के इमली कोठी चौक पर हुई सड़क दुर्घटना मोटरसाइकिल सवार घायल लोग सड़क पर उतरे
    1
    हजारीबाग के इमली कोठी चौक पर हुई सड़क दुर्घटना मोटरसाइकिल सवार घायल लोग सड़क पर उतरे
    user_News Xpose ( Jishan Raj)
    News Xpose ( Jishan Raj)
    Press Azad Mahalla, Hazaribagh•
    8 hrs ago
  • जिसने हत्या की, वही मीडिया में न्याय की मांग करता रहा। तांत्रिक और बच्ची की मां के साथ मिलकर जघन्य अपराध किया। अब कानून के तहत सख्त सजा का इंतजार है।
    1
    जिसने हत्या की, वही मीडिया में न्याय की मांग करता रहा। तांत्रिक और बच्ची की मां के साथ मिलकर जघन्य अपराध किया। अब कानून के तहत सख्त सजा का इंतजार है।
    user_खबर आप तक
    खबर आप तक
    Local News Reporter Hazaribag, Hazaribagh•
    10 hrs ago
  • विष्णुगढ़ नरबलि कांड का रोंगटे खड़े कर देने वाला खुलासा: मां के अवैध संबंध और अंधविश्वास की वेदी पर चढ़ी मासूम की बलि डीजीपी तदासा मिश्रा ने खुद संभाली जांच की कमान; मां, प्रेमी और तांत्रिक महिला सहित 3 गिरफ्तार हजारीबाग (विष्णुगढ़): हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत कुसुम्भा गांव में पिछले 24 मार्च (मंगला जुलूस की रात) को हुई 13 वर्षीय किशोरी की नृशंस हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। यह मामला न केवल अंधविश्वास की पराकाष्ठा है, बल्कि इसमें अवैध संबंधों और मानवीय क्रूरता की सारी हदें पार कर दी गई हैं। नॉर्थ रेंज के डीआईजी अंजनी कुमार झा ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि एक मां ने अपने ही प्रेमी और एक तांत्रिक महिला के साथ मिलकर अपनी मासूम बेटी की 'नरबलि' दे दी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए डीजीपी तदासा मिश्रा 1 अप्रैल 2026 को खुद हजारीबाग मुख्यालय पहुंचीं। अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक के बाद उन्होंने विष्णुगढ़ का दौरा किया और नामजद अभियुक्तों से कड़ी पूछताछ की, जिसके बाद इस काले सच का पर्दाफाश हुआ। पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि मृतिका की मां रेशमी देवी का गांव के ही भीम राम (45 वर्ष) के साथ पिछले 10 वर्षों से अवैध संबंध है। भीम राम ही रेशमी के घर का पूरा प्रबंधन संभालता था। बीमार बेटे के लिए रची गई 'नरबलि' की साजिश रेशमी देवी का छोटा भाई अक्सर बीमार रहता था। उसे ठीक करने के लिए वह गांव की ही 'नाया-गुणी' (तांत्रिक) शांति देवी उर्फ भगतिनी (55 वर्ष) के संपर्क में आई। तांत्रिक ने सुझाव दिया कि यदि वह अपनी कुंवारी बेटी की बलि देती है, तो उसका बेटा हमेशा के लिए ठीक हो जाएगा। हत्याकांड का खौफनाक घटनाक्रम: • बहला-फुसलाकर ले जाना: अष्टमी की रात करीब 8 बजे रेशमी देवी अपनी बेटी को लेकर तांत्रिक के घर पहुंची। वहां बच्ची को सिंदूर का टीका, काजल लगाया गया और प्रसाद के रूप में इलायची दाना खिलाकर विश्वास में लिया गया। • बलि की प्रक्रिया: तांत्रिक ने कहा कि 'देवास' (दैवीय शक्ति) आने पर बलि देनी होगी और इसके लिए एक पुरुष की जरूरत है। रेशमी ने अपने प्रेमी भीम राम को बुलाया। • नृशंस हत्या: रात करीब 9:30 बजे बांसवाड़ी में ले जाकर बच्ची को लिटाया गया। तांत्रिक के इशारे पर मां ने अपनी ही लाडली के पैर पकड़े और भीम राम ने गला घोंटकर उसकी जान ले ली। • बर्बरता की हदें: हत्या के बाद तांत्रिक ने 'कॉलिंग स्टिक' (बांस की छड़ी) को मृतिका के गुप्तांग में प्रवेश कराया गया #Hazaribag #hazaribagpolice #breakingnews #viral #reelit
    4
    विष्णुगढ़ नरबलि कांड का रोंगटे खड़े कर देने वाला खुलासा: मां के अवैध संबंध और अंधविश्वास की वेदी पर चढ़ी मासूम की बलि
डीजीपी तदासा मिश्रा ने खुद संभाली जांच की कमान; मां, प्रेमी और तांत्रिक महिला सहित 3 गिरफ्तार
हजारीबाग (विष्णुगढ़): हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत कुसुम्भा गांव में पिछले 24 मार्च (मंगला जुलूस की रात) को हुई 13 वर्षीय किशोरी की नृशंस हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। यह मामला न केवल अंधविश्वास की पराकाष्ठा है, बल्कि इसमें अवैध संबंधों और मानवीय क्रूरता की सारी हदें पार कर दी गई हैं। नॉर्थ रेंज के डीआईजी अंजनी कुमार झा ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि एक मां ने अपने ही प्रेमी और एक तांत्रिक महिला के साथ मिलकर अपनी मासूम बेटी की 'नरबलि' दे दी।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए डीजीपी तदासा मिश्रा 1 अप्रैल 2026 को खुद हजारीबाग मुख्यालय पहुंचीं। अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक के बाद उन्होंने विष्णुगढ़ का दौरा किया और नामजद अभियुक्तों से कड़ी पूछताछ की, जिसके बाद इस काले सच का पर्दाफाश हुआ।
पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि मृतिका की मां रेशमी देवी का गांव के ही भीम राम (45 वर्ष) के साथ पिछले 10 वर्षों से अवैध संबंध है। भीम राम ही रेशमी के घर का पूरा प्रबंधन संभालता था।
बीमार बेटे के लिए रची गई 'नरबलि' की साजिश
रेशमी देवी का छोटा भाई अक्सर बीमार रहता था। उसे ठीक करने के लिए वह गांव की ही 'नाया-गुणी' (तांत्रिक) शांति देवी उर्फ भगतिनी (55 वर्ष) के संपर्क में आई। तांत्रिक ने सुझाव दिया कि यदि वह अपनी कुंवारी बेटी की बलि देती है, तो उसका बेटा हमेशा के लिए ठीक हो जाएगा।
हत्याकांड का खौफनाक घटनाक्रम:
• बहला-फुसलाकर ले जाना: अष्टमी की रात करीब 8 बजे रेशमी देवी अपनी बेटी को लेकर तांत्रिक के घर पहुंची। वहां बच्ची को सिंदूर का टीका, काजल लगाया गया और प्रसाद के रूप में इलायची दाना खिलाकर विश्वास में लिया गया।
• बलि की प्रक्रिया: तांत्रिक ने कहा कि 'देवास' (दैवीय शक्ति) आने पर बलि देनी होगी और इसके लिए एक पुरुष की जरूरत है। रेशमी ने अपने प्रेमी भीम राम को बुलाया।
• नृशंस हत्या: रात करीब 9:30 बजे बांसवाड़ी में ले जाकर बच्ची को लिटाया गया। तांत्रिक के इशारे पर मां ने अपनी ही लाडली के पैर पकड़े और भीम राम ने गला घोंटकर उसकी जान ले ली।
• बर्बरता की हदें: हत्या के बाद तांत्रिक ने 'कॉलिंग स्टिक' (बांस की छड़ी) को मृतिका के गुप्तांग में प्रवेश कराया गया 
#Hazaribag 
#hazaribagpolice 
#breakingnews 
#viral 
#reelit
    user_Hazaribag Today🇮🇳
    Hazaribag Today🇮🇳
    हजारीबाग, हजारीबाग, झारखंड•
    10 hrs ago
  • -- --अंधविश्वास में बेटी की बलि, एसआईटी की त्वरित कार्रवाई से मामला उजागर‍‌‌ हजारीबाग। विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कुसुम्भा में बिते 24 मार्च मंगला जुलूस की रात एक 13 वर्षीय नाबालिग बच्ची की हत्या के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस जघन्य घटना का खुलासा विशेष जांच दल (SIT) ने तकनीकी साक्ष्य एवं गहन पूछताछ के आधार पर किया। घटना का पर्दाफाश करते हुए प्रेस वार्ता के दौरान हजारीबाग डीआईजी अंजनी कुमार झा एवं आरक्षी अधीक्षक अंजनी कुमार अंजन ने विस्तृत जानकारी साझा करते हुए बताया कि 25 मार्च 2026 को सुबह करीब 8:30 बजे विष्णुगढ़ थाना को सूचना मिली कि कुसुम्भा गांव के मिडिल स्कूल के पीछे बांस झाड़ी के पास एक बच्ची का शव पड़ा हुआ है। मृतका बीती रात 24 मार्च को मंगला जुलूस के दौरान लापता हो गई थी। इस संबंध में मृतका की मां रेशमी देवी के लिखित आवेदन पर धनेश्वर पासवान एवं अन्य अज्ञात के विरुद्ध दुष्कर्म एवं हत्या का मामला दर्ज किया गया। मामला विष्णुगढ़ थाना कांड संख्या 42/26 के तहत धारा 103(1)/65(2) बीएनएस एवं 4/6 पॉक्सो एक्ट के अंतर्गत दर्ज किया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिदेशक एवं हजारीबाग पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर 26 मार्च 2026 को नागरगोजे शुभम भाउसाहेब (भा.पु.से.) के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया। जांच के दौरान सामने आया कि मृतका की मां रेशमी देवी अपने बेटे की शारीरिक एवं मानसिक समस्याओं को लेकर गांव की शांति देवी उर्फ भगतिनी के संपर्क में थी। भगतिनी ने अंधविश्वास के तहत समस्या के समाधान के लिए “कुंवारी लड़की की बलि” देने की बात कही, जिस पर मृतका की मां सहमत हो गई। मंगला जुलूस की रात तय योजना के अनुसार बच्ची को बहाने से भक्तिनी के घर ले जाया गया, जहां तथाकथित पूजा-अर्चना के बाद उसे सुनसान स्थान पर ले जाकर हत्या कर दी गई। इस वारदात में भीम राम ने सहयोग किया। एसआईटी टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले में शामिल तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में भीम राम (45 वर्ष) रेशमी देवी (35 वर्ष) शांति देवी उर्फ भगतिनी (55 वर्ष) शामिल हैं। तीनों आरोपी कुसुम्भा गांव, थाना विष्णुगढ़, जिला हजारीबाग के निवासी हैं। एसआईटी टीम में नागरगोजे शुभम भाउसाहेब (भा०पु०से०), बैद्यनाथ प्रसाद, अनुमण्डल पुलिस पदाधिकारी, विष्णुगढ़, अनुभव भारद्वाज, परि० पुलिस उपाधीक्षक, हजारीबाग, प्रशांत कुमार, परि० पुलिस उपाधीक्षक, हजारीबाग, सपन कुमार महथा, पु०नि० सह थाना प्रभारी, विष्णुगढ़, विन्ध्यवासिनी कुमारी सिन्हा, थाना प्रभारी, महिला थाना सदर, मो0 इकबाल हुसैन, थाना प्रभारी, दारू थाना, इन्द्रजीत कुमार, थाना प्रभारी, टाटीझरिया, दशरथ महतो, पु०अ०नि० विष्णुगढ़ थाना, दीपक कुमार सिंह, थाना प्रभारी, बड़कागाँव, मुकेश कुमार सिंह, पु०अ०नि० सदर थाना, हजारीबाग, कुणाल किशोर, पु०अ०नि० तकनिकी शाखा सहित तकनिकी शाखा के पदाधिकारी एवं कर्मी शामिल थे, जिनके समन्वित प्रयास से इस जघन्य अपराध का शीघ्र उद्भेदन संभव हो सका। यह घटना अंधविश्वास और कुरीतियों के खतरनाक परिणामों को उजागर करती है। पुलिस प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे ऐसे अंधविश्वासों से दूर रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।
    1
    --
--अंधविश्वास में बेटी की बलि, एसआईटी की त्वरित कार्रवाई से मामला उजागर‍‌‌
हजारीबाग। विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कुसुम्भा में बिते 24 मार्च मंगला जुलूस की रात एक 13 वर्षीय नाबालिग बच्ची की हत्या के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस जघन्य घटना का खुलासा विशेष जांच दल (SIT) ने तकनीकी साक्ष्य एवं गहन पूछताछ के आधार पर किया। घटना का पर्दाफाश करते हुए प्रेस वार्ता के दौरान हजारीबाग डीआईजी अंजनी कुमार झा एवं आरक्षी अधीक्षक अंजनी कुमार अंजन ने विस्तृत जानकारी साझा करते हुए बताया कि 25 मार्च 2026 को सुबह करीब 8:30 बजे विष्णुगढ़ थाना को सूचना मिली कि कुसुम्भा गांव के मिडिल स्कूल के पीछे बांस झाड़ी के पास एक बच्ची का शव पड़ा हुआ है। मृतका बीती रात 24 मार्च को मंगला जुलूस के दौरान लापता हो गई थी।
इस संबंध में मृतका की मां रेशमी देवी के लिखित आवेदन पर धनेश्वर पासवान एवं अन्य अज्ञात के विरुद्ध दुष्कर्म एवं हत्या का मामला दर्ज किया गया। मामला विष्णुगढ़ थाना कांड संख्या 42/26 के तहत धारा 103(1)/65(2) बीएनएस एवं 4/6 पॉक्सो एक्ट के अंतर्गत दर्ज किया गया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिदेशक एवं हजारीबाग पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर 26 मार्च 2026 को नागरगोजे शुभम भाउसाहेब (भा.पु.से.) के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया।
जांच के दौरान सामने आया कि मृतका की मां रेशमी देवी अपने बेटे की शारीरिक एवं मानसिक समस्याओं को लेकर गांव की शांति देवी उर्फ भगतिनी के संपर्क में थी। भगतिनी ने अंधविश्वास के तहत समस्या के समाधान के लिए “कुंवारी लड़की की बलि” देने की बात कही, जिस पर मृतका की मां सहमत हो गई।
मंगला जुलूस की रात तय योजना के अनुसार बच्ची को बहाने से भक्तिनी के घर ले जाया गया, जहां तथाकथित पूजा-अर्चना के बाद उसे सुनसान स्थान पर ले जाकर हत्या कर दी गई। इस वारदात में भीम राम ने सहयोग किया।
एसआईटी टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले में शामिल तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में भीम राम (45 वर्ष)
रेशमी देवी (35 वर्ष)
शांति देवी उर्फ भगतिनी (55 वर्ष) शामिल हैं।
तीनों आरोपी कुसुम्भा गांव, थाना विष्णुगढ़, जिला हजारीबाग के निवासी हैं। 
एसआईटी टीम में नागरगोजे शुभम भाउसाहेब (भा०पु०से०), बैद्यनाथ प्रसाद, अनुमण्डल पुलिस पदाधिकारी, विष्णुगढ़, अनुभव भारद्वाज, परि० पुलिस उपाधीक्षक, हजारीबाग, प्रशांत कुमार, परि० पुलिस उपाधीक्षक, हजारीबाग, सपन कुमार महथा, पु०नि० सह थाना प्रभारी, विष्णुगढ़, विन्ध्यवासिनी कुमारी सिन्हा, थाना प्रभारी, महिला थाना सदर, मो0 इकबाल हुसैन, थाना प्रभारी, दारू थाना, इन्द्रजीत कुमार, थाना प्रभारी, टाटीझरिया, दशरथ महतो, पु०अ०नि० विष्णुगढ़ थाना, दीपक कुमार सिंह, थाना प्रभारी, बड़कागाँव, मुकेश कुमार सिंह, पु०अ०नि० सदर थाना, हजारीबाग,  कुणाल किशोर, पु०अ०नि० तकनिकी शाखा सहित तकनिकी शाखा के पदाधिकारी एवं कर्मी  शामिल थे, जिनके समन्वित प्रयास से इस जघन्य अपराध का शीघ्र उद्भेदन संभव हो सका।
यह घटना अंधविश्वास और कुरीतियों के खतरनाक परिणामों को उजागर करती है। पुलिस प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे ऐसे अंधविश्वासों से दूर रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।
    user_Ejaj Alam
    Ejaj Alam
    Press हजारीबाग, हजारीबाग, झारखंड•
    19 hrs ago
  • हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र अतंर्गत ग्राम कुसुम्भा में दिनांक 24/25.03.26 को मंगला जुलूस की रात्रि एक नाबालिक बच्ची का निर्मम हत्या की घटना कारित की गई थी जिसमें गठित एस.आई.टी. टीम / पुलिस बल के द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्या में शामिल सभी अपराधकर्मियों को गिरफ्तार किया गया। *दिनांक 25.03.2026 को समय सुबह 08.30 बजे विष्णुगढ़ थाना को सूचना प्राप्त हुई कि कुसुम्बा ग्राम के मिडिल स्कूल के पीछे मैदान में बांस झाड़ी के पास एक बच्ची का शव पड़ा हुआ है जो बिते रात दिनाक 24.03.2026 को मंगला जुलूस से गायब थी। *इस संबंध में वादिनी रेशमी देवी (उम्र करीब 35 वर्ष) पति बिनोद सिंह, सा० कुसुम्बा, थाना विष्णुगढ़, जिला हजारीबाग के लिखित आवेदन के आधार पर धनेश्वर पासवान एवं अन्य अज्ञात के विरुद्ध इनकी नाबालिग बेटी (उम्र 13 वर्ष) की बलात्कर कर हत्या करने के संबंध में काण्ड दर्ज कराया गया जो विष्णुगढ़ थाना काण्ड सं0-42/26 विनाक 25.03.26 धारा- 103 (1)/65(2) बी०एन०एस०एवं 4/6 पोक्सो एक्ट है। काण्ड की गंभीरता को देखते हुए काण्ड के त्वरित उदभेदन एवं काण्ड में संलिप्त अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक, झारखण्ड, रांची एवं पुलिस अधीक्षक, हजारीबाग द्वारा दिनांक 26.03.2026 को श्री नागरगोजे शुभम भाउसाहेब (भा०पु० से०) के नेतृत्व में S.I.T टीम का गठन किया गया। * गठित S.I.T. टीम द्वारा काण्ड के अनुसंधान के क्रम में तकनिकी साक्ष्य एवं आसूचना संकलन कर काण्ड में संदेह के आधार पर भीम राम, मृतिका के परिजनों तथा कुसुम्बा गाँव की शान्ति देवी उर्फ भगतिनी (उम्र करीब 55 वर्ष) पति स्व० ईश्वर ठाकुर से काण्ड के अनुसंधान में अब-तक आये तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूछताछ करने पर शान्ति देवी उर्फ भगतिनी द्वारा बताया गया कि मृतिका की माँ पिछले एक वर्ष से अपने बेटा सुधीर कुमार सिंह के शारीरिक एवं मानसिक परेशानी को लेकर कई बार इनके पास आते रहती थी तथा अन्य व्यक्तिगत समस्याओं जैसे की भूमि विवाद के लिए भी भगतिनी के पास जाती थी। * पूर्व में भगतिनी द्वारा इनके घर की तंत्र मंत्र से बांधा भी गया था। भगतिनी द्वारा मृतिका की माँ को बताया गया था कि बेटा की शारिरीक एवं मानसिक परेशानी को हमेशा के लिए दूर करने के लिए किसी कुंवारी लड़की की बली देनी होगी तथा ये भी बताया कि तुम्हारी छोटी बेटी पर माता सवार रहती है, इसका बली देना अच्छा होगा तो इस पर मृतिका की माँ तैयार हो गयी। मृतिका की माँ पिछले तीन महीनों से कई बार भगतिनी के पास आयी थी लेकिन भगतिनी इसके लिए इस बार रामनवमी पर्व के अष्टमी के दिन अपनी कुँवारी लड़की को पूजा के लिए साथ लाने के लिए बोली थी। * भगतिनी द्वारा बताया गया की मंगला जुलूस (अष्टमी) के दिन दिनांक 24.03.2026 को संध्या करीब 07.00 बजे मृतिका की माँ रेशमी देवी अपने तीनों बच्चों को लेकर मंगला जुलूस में शामिल हुई थी और करीब 7-8 बजे अपनी छोटी बेटी (मृतिका) को साथ लेकर पूजा कराने के लिए भगतिनी के घर आयी थी लेकिन भगतिनी के द्वारा बताया गया कि मुझपर रात्रि 09.00 बजे के बाद अच्छा नक्षत्र में देवास आयेगा तो उसी समय एक अन्य पुरुष के साथ छोटी बेटी को लाने की बात बोली थी चूंकि बलि देने के समय धर-पकड़ करने करने लिए आदमी की जरूरत होती है। इसके बाद भगतिनी द्वारा बताये गये तय समय करीब 09.30 बजे मृतिका की माँ गाँव के भीम राम के साथ मृतिका को लेकर भगतिनी के घर आयी और पूजा के लिए 251/- रू0 देना था लेकिन मृतिका कि माँ भगतिनी को मात्र 20/- रू० दी थी। उसके बाद भगतिनी के घर में स्थित मनसा मंदिर में विधिवत तंत्र मंत्र से बच्ची को बैठकार पूजा प्रारम्भ की तथा बच्ची को सिंदूर का टीका एवं काजल वैगरह लगाया गया तथा प्रसाद के रूप मे ईलायची दाना खिलाया गया। * तत्पश्चात भगतिनी के द्वारा अपने भूत बांधने का स्थान बांसवाड़ी में भीम राम एवं रेशमी देवी मृतिका को साथ लेकर गयी जहाँ पर मृतिका को बैठाया गया एवं उसे जमीन पर सोने के लिए बोला गया। कर्म कांड प्रारम्भ करने से पहले भीम राम और रेशमी देवी के द्वारा पूर्व से लाये एक बोरा का सफेद रंग का अंदर का प्लास्टिक को नीचे जमीन पर बिछा दिया गया और उसी पर मृतिका को सुला दिया गया।। भगतिनी के हाथ में बांस का कॉलिंग स्टीक था जिसे भगतिनी के द्वारा मृतिका के शरीर पर लेटी अवस्था में चारों तरफ घुमाया गया और बोला गया कि मुझपर देवास आ गया है हमको इस कुँवारी लड़की का खून चाहिए। इसी पर भीम राम द्वारा बच्ची का गला घोट दिया गया और छटपटाने पर मृतिका की माँ द्वारा उसका दोनो पैर को पकड़ लिया गया। जब उन्हे लगा की बच्ची का मृत्यु हो गयी है तब भगतिनी के द्वारा कॉलिंग स्टीक उसके शरीर पर चारों तरफ घुमाया गया और भगतिनी के इशारे पर उसकी माँ के द्वारा पैंट के कमर से नीचे जांघ तक घिसका दिया गया तथा भगतिनी के द्वारा मंत्र पढ़ते हुए कॉलिंग स्टीक को उसके गुप्तांग में जबरदस्ती प्रवेश करा दिया गया। साथ ही भगतिनी के बोलने पर भीम राम के द्वारा पूजा के लिए खून हेतु अपने साथ लाये पत्थर से सिर पर मारने लगा जिससे सिर फट गया और चेहरा खून से लथपथ हो गया। उसी खून से भगतिनी के द्वारा मृत शरीर पर खून से पुताई करते हुए पूजा किया गया एवं खून को अंजूली में भगतिनी के द्वारा ले जाकर अपने मनसा मंदिर के पूजा स्थल पर छिड़का गया। गिरफ्तार अभियुक्तः- 1. भीम राम (उम्र करीब 45 वर्ष) पिता स्व० छेदी भुईयाँ 2. रेशमी देवी (उम्र करीब 35 वर्ष) पति बिनोद कुमार सिंह 3. शान्ति देवी उर्फ भगतिनी (उम्र करीब 55 वर्ष) पति स्व० ईश्वर ठाकुर तीनों सा० कुसुम्बा, थाना बिष्णुगढ़, जिला हजारीबाग। छापामारी दलः- 1. श्री नागागोजे शुभम भौजाबे (भा0पु0 से0) 2. श्री बैद्यनाथ प्रसाद, अनुमण्डल पुलिस पदाधिकारी, विष्णुगढ़ 3. श्री अनुभव भारद्वाज, परि० पुलिस उपाधीक्षक, हजारीबाग 4. श्री प्रशांत कुमार, परि० पुलिस उपाधीक्षक, हजारीबाग 5. श्री सपन कुमार महथा, पु०नि० सह थाना प्रभारी, विष्णुगढ़ 6. विन्ध्यवासिनी कुमारी सिन्हा, थाना प्रभारी, महिला थाना सदर, हजारीबाग। 7. मो0 इकबाल हुसैन, थाना प्रभारी, दारू थाना 8. इन्द्रजीत कुमार, थाना प्रभारी, टाटीझरिया। 9. दशरथ महतो, पु०अ०नि० विष्णुगढ़ थाना। 10. दीपक कुमार सिंह, थाना प्रभारी, बड़कागाँव 11. मुकेश कुमार सिंह, पु०अ०नि० सदर थाना, हजारीबाग। 12. कुणाल किशोर, पु०अ०नि० तकनिकी शाखा। 13. तकनिकी शाखा के पदाधिकारी एवं कर्मी।
    4
    हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र अतंर्गत ग्राम कुसुम्भा में दिनांक 24/25.03.26 को मंगला जुलूस की रात्रि एक नाबालिक बच्ची का निर्मम हत्या की घटना कारित की गई थी जिसमें गठित एस.आई.टी. टीम / पुलिस बल के द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्या में शामिल सभी अपराधकर्मियों को गिरफ्तार किया गया।
*दिनांक 25.03.2026 को समय सुबह 08.30 बजे विष्णुगढ़ थाना को सूचना प्राप्त हुई कि कुसुम्बा ग्राम के मिडिल स्कूल के पीछे मैदान में बांस झाड़ी के पास एक बच्ची का शव पड़ा हुआ है जो बिते रात दिनाक 24.03.2026 को मंगला जुलूस से गायब थी।
*इस संबंध में वादिनी रेशमी देवी (उम्र करीब 35 वर्ष) पति बिनोद सिंह, सा० कुसुम्बा, थाना विष्णुगढ़, जिला हजारीबाग के लिखित आवेदन के आधार पर धनेश्वर पासवान एवं अन्य अज्ञात के विरुद्ध इनकी नाबालिग बेटी (उम्र 13 वर्ष) की बलात्कर कर हत्या करने के संबंध में काण्ड दर्ज कराया गया जो विष्णुगढ़ थाना काण्ड सं0-42/26 विनाक 25.03.26 धारा- 103 (1)/65(2) बी०एन०एस०एवं 4/6 पोक्सो एक्ट है।
काण्ड की गंभीरता को देखते हुए काण्ड के त्वरित उदभेदन एवं काण्ड में संलिप्त अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक, झारखण्ड, रांची एवं पुलिस अधीक्षक, हजारीबाग द्वारा दिनांक 26.03.2026 को श्री नागरगोजे शुभम भाउसाहेब (भा०पु० से०) के नेतृत्व में S.I.T टीम का गठन किया गया।
* गठित S.I.T. टीम द्वारा काण्ड के अनुसंधान के क्रम में तकनिकी साक्ष्य एवं आसूचना संकलन कर काण्ड में संदेह के आधार पर भीम राम, मृतिका के परिजनों तथा कुसुम्बा गाँव की शान्ति देवी उर्फ भगतिनी (उम्र करीब 55 वर्ष) पति स्व० ईश्वर ठाकुर से काण्ड के अनुसंधान में अब-तक आये तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूछताछ करने पर शान्ति देवी उर्फ भगतिनी द्वारा बताया गया कि मृतिका की माँ पिछले एक वर्ष से अपने बेटा सुधीर कुमार सिंह के शारीरिक एवं मानसिक परेशानी को लेकर कई बार इनके पास आते रहती थी तथा अन्य व्यक्तिगत समस्याओं जैसे की भूमि विवाद के लिए भी भगतिनी के पास जाती थी।
* पूर्व में भगतिनी द्वारा इनके घर की तंत्र मंत्र से बांधा भी गया था। भगतिनी द्वारा मृतिका की माँ को बताया गया था कि बेटा की शारिरीक एवं मानसिक परेशानी को हमेशा के लिए दूर करने के लिए किसी कुंवारी लड़की की बली देनी होगी तथा ये भी बताया कि तुम्हारी छोटी बेटी पर माता सवार रहती है, इसका बली देना अच्छा होगा तो इस पर मृतिका की माँ तैयार हो गयी। मृतिका की माँ पिछले तीन महीनों से कई बार भगतिनी के पास आयी थी लेकिन भगतिनी इसके लिए इस बार रामनवमी पर्व के अष्टमी के दिन अपनी कुँवारी लड़की को पूजा के लिए साथ लाने के लिए बोली थी।
* भगतिनी द्वारा बताया गया की मंगला जुलूस (अष्टमी) के दिन दिनांक 24.03.2026 को संध्या करीब 07.00 बजे मृतिका की माँ रेशमी देवी अपने तीनों बच्चों को लेकर मंगला जुलूस में शामिल हुई थी और करीब 7-8 बजे अपनी छोटी बेटी (मृतिका) को साथ लेकर पूजा कराने के लिए भगतिनी के घर आयी थी लेकिन भगतिनी के द्वारा बताया गया कि मुझपर रात्रि 09.00 बजे के बाद अच्छा नक्षत्र में देवास आयेगा तो उसी समय एक अन्य पुरुष के साथ छोटी बेटी को लाने की बात बोली थी चूंकि बलि देने के समय धर-पकड़ करने करने लिए आदमी की जरूरत होती है।
इसके बाद भगतिनी द्वारा बताये गये तय समय करीब 09.30 बजे मृतिका की माँ गाँव के भीम राम के साथ मृतिका को लेकर भगतिनी के घर आयी और पूजा के लिए 251/- रू0 देना था लेकिन मृतिका कि माँ भगतिनी को मात्र 20/- रू० दी थी। उसके बाद भगतिनी के घर में स्थित मनसा मंदिर में विधिवत तंत्र मंत्र से बच्ची को बैठकार पूजा प्रारम्भ की तथा बच्ची को सिंदूर का टीका एवं काजल वैगरह लगाया गया तथा प्रसाद के रूप मे ईलायची दाना खिलाया गया।
* तत्पश्चात भगतिनी के द्वारा अपने भूत बांधने का स्थान बांसवाड़ी में भीम राम एवं रेशमी देवी मृतिका को साथ लेकर गयी जहाँ पर मृतिका को बैठाया गया एवं उसे जमीन पर सोने के लिए बोला गया। कर्म कांड प्रारम्भ करने से पहले भीम राम और रेशमी देवी के द्वारा पूर्व से लाये एक बोरा का सफेद रंग का अंदर का प्लास्टिक को नीचे जमीन पर बिछा दिया गया और उसी पर मृतिका को सुला दिया गया।। भगतिनी के हाथ में बांस का कॉलिंग स्टीक था जिसे भगतिनी के द्वारा मृतिका के शरीर पर लेटी अवस्था में चारों तरफ घुमाया गया और बोला गया कि मुझपर देवास आ गया है हमको इस कुँवारी लड़की का खून चाहिए। इसी पर भीम राम द्वारा बच्ची का गला घोट दिया गया और छटपटाने पर मृतिका की माँ द्वारा उसका दोनो पैर को पकड़ लिया गया। जब उन्हे लगा की बच्ची का मृत्यु हो गयी है तब भगतिनी के द्वारा कॉलिंग स्टीक उसके शरीर पर चारों तरफ घुमाया गया और भगतिनी के इशारे पर उसकी माँ के द्वारा पैंट के कमर से नीचे जांघ तक घिसका दिया गया तथा भगतिनी के द्वारा मंत्र पढ़ते हुए कॉलिंग स्टीक को उसके गुप्तांग में जबरदस्ती प्रवेश करा दिया गया। साथ ही भगतिनी के बोलने पर भीम राम के द्वारा पूजा के लिए खून हेतु अपने साथ लाये पत्थर से सिर पर मारने लगा जिससे सिर फट गया और चेहरा खून से लथपथ हो गया। उसी खून से भगतिनी के द्वारा मृत शरीर पर खून से पुताई करते हुए पूजा किया गया एवं खून को अंजूली में भगतिनी के द्वारा ले जाकर अपने मनसा मंदिर के पूजा स्थल पर छिड़का गया।
गिरफ्तार अभियुक्तः-
1. भीम राम (उम्र करीब 45 वर्ष) पिता स्व० छेदी भुईयाँ
2. रेशमी देवी (उम्र करीब 35 वर्ष) पति बिनोद कुमार सिंह
3. शान्ति देवी उर्फ भगतिनी (उम्र करीब 55 वर्ष) पति स्व० ईश्वर ठाकुर
तीनों सा० कुसुम्बा, थाना बिष्णुगढ़, जिला हजारीबाग।
छापामारी दलः-
1. श्री नागागोजे शुभम भौजाबे (भा0पु0 से0)
2. श्री बैद्यनाथ प्रसाद, अनुमण्डल पुलिस पदाधिकारी, विष्णुगढ़
3. श्री अनुभव भारद्वाज, परि० पुलिस उपाधीक्षक, हजारीबाग
4. श्री प्रशांत कुमार, परि० पुलिस उपाधीक्षक, हजारीबाग
5. श्री सपन कुमार महथा, पु०नि० सह थाना प्रभारी, विष्णुगढ़
6. विन्ध्यवासिनी कुमारी सिन्हा, थाना प्रभारी, महिला थाना सदर, हजारीबाग।
7. मो0 इकबाल हुसैन, थाना प्रभारी, दारू थाना
8. इन्द्रजीत कुमार, थाना प्रभारी, टाटीझरिया।
9. दशरथ महतो, पु०अ०नि० विष्णुगढ़ थाना।
10. दीपक कुमार सिंह, थाना प्रभारी, बड़कागाँव
11. मुकेश कुमार सिंह, पु०अ०नि० सदर थाना, हजारीबाग।
12. कुणाल किशोर, पु०अ०नि० तकनिकी शाखा।
13. तकनिकी शाखा के पदाधिकारी एवं कर्मी।
    user_Vande Bharat Live TV News
    Vande Bharat Live TV News
    पत्रकार Hazaribag, Hazaribagh•
    19 hrs ago
  • घटनास्थल पर पहुंचे पूर्व मंत्री योगेंद्र साव एवं पूर्व विधायक अंबा प्रसाद, कंपनी प्रबंधन पर कठोर कार्रवाई की मांग हजारीबाग | केरेडारी कोल माइंस से ट्रांसपोर्टिंग कर रही नकाश कंपनी की 16 चक्का हाईवा गाड़ी ने एक व्यक्ति को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान सुनील सोनी (पिता–मोती सोनी), निवासी चट्टी बरियातू के रूप में हुई है। विदित हो कि एक माह के भीतर ही पति एवं पत्नी दोनों की मौत हो गई। मृतक व्यक्ति के पत्नी विगत दिनों ओदरणा घाटी में हुई थी जबकि पति की मौत ट्रांसपोर्टिंग वाहन की चपेट में आने से हो गई। 26 मार्च को ही पत्नी का श्राद्ध कर्म पूर्ण किया था और बुधवार को ट्रांसपोर्टिंग वाहन की चपेट में आने से उसकी दुखद मौत हो गई। घटना की सूचना पाकर पूर्व मंत्री योगेंद्र साव घटनास्थल पहुंचे तत्पश्चात पूर्व विधायक अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की राष्ट्रीय सचिव अंबा प्रसाद भी घटनास्थल पर पहुंची। घटनास्थल से ही अंबा प्रसाद ने कहा हजारीबाग उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह से बात की एवं वस्तु स्थिति से अवगत कराया, उपायुक्त ने पूर्व विधायक को आस्वस्त किया कि कंपनी एवं ट्रांसपोर्टिंग वाहन पर लीगल कारवाई सुनिश्चित की जाएगी। अंबा प्रसाद ने कहा कि मृतक के बच्चों के सर से पिता का साया उठ गया है उनका लालन-पालन कैसे होगा पढ़ाई आगे जारी कैसे रहेगी इस पर प्रशासन को तत्काल आवश्यक कदम उठाना चाहिए। देर शाम कंपनी प्रबंधन के साथ वार्ता के बाद 7 लाख रुपए मुआवजा देने की सहमति बनी जिसमें से 3 लाख मृतक के आश्रित को तुरंत प्रदान किया गया। परिजनों को तत्काल एक नौकरी एवं मृतक के बेटे को 18 वर्ष होने के बाद नौकरी दिए जाने पर भी सहमति बनी।‌वहीं केरेडारी अंचल से भी एक लाख सरकारी सहायता प्रदान करने पर सहमति बनी है। ज्ञात हो कि एनटीपीसी केरेडारी कोल माइंस से पिछले तीन वर्षों से ट्रांसपोर्टिंग कार्य जारी है, लेकिन अब तक वैकल्पिक मार्ग नहीं बनाया गया है, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी और खतरे का सामना करना पड़ रहा है।स्थानीय लोगों का आरोप है कि ट्रांसपोर्टिंग कर रही नकाश कंपनी द्वारा नियम-कानूनों की अनदेखी की जा रही है, जिससे इस तरह की घटनाएं घटी हैं। घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है।
    1
    घटनास्थल पर पहुंचे पूर्व मंत्री योगेंद्र साव एवं पूर्व विधायक अंबा प्रसाद, कंपनी प्रबंधन पर कठोर कार्रवाई की मांग
हजारीबाग | केरेडारी कोल माइंस से ट्रांसपोर्टिंग कर रही नकाश कंपनी की 16 चक्का हाईवा गाड़ी ने एक व्यक्ति को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान सुनील सोनी (पिता–मोती सोनी), निवासी चट्टी बरियातू के रूप में हुई है। विदित हो कि एक माह के भीतर ही पति एवं पत्नी दोनों की मौत हो गई। मृतक व्यक्ति के पत्नी विगत दिनों ओदरणा घाटी में  हुई थी जबकि पति की मौत ट्रांसपोर्टिंग वाहन की चपेट में आने से हो गई। 26 मार्च को ही पत्नी का श्राद्ध कर्म पूर्ण किया था और बुधवार को ट्रांसपोर्टिंग वाहन की चपेट में आने से उसकी दुखद मौत हो गई।
घटना की सूचना पाकर पूर्व मंत्री योगेंद्र साव घटनास्थल पहुंचे तत्पश्चात पूर्व विधायक अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की राष्ट्रीय सचिव अंबा प्रसाद भी घटनास्थल पर पहुंची।
घटनास्थल से ही अंबा प्रसाद ने कहा हजारीबाग उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह से बात की एवं वस्तु स्थिति से अवगत कराया, उपायुक्त ने पूर्व विधायक को आस्वस्त किया कि कंपनी एवं ट्रांसपोर्टिंग वाहन पर लीगल कारवाई सुनिश्चित की जाएगी। अंबा प्रसाद ने कहा कि मृतक के बच्चों के सर से पिता का साया उठ गया है उनका लालन-पालन कैसे होगा पढ़ाई आगे जारी कैसे रहेगी इस पर प्रशासन को तत्काल आवश्यक कदम उठाना चाहिए। देर शाम कंपनी प्रबंधन के साथ वार्ता के बाद 7 लाख रुपए मुआवजा देने की सहमति बनी जिसमें से 3 लाख मृतक के आश्रित को तुरंत प्रदान किया गया। परिजनों को तत्काल एक नौकरी एवं मृतक के बेटे को 18 वर्ष होने के बाद नौकरी दिए जाने पर भी सहमति बनी।‌वहीं केरेडारी अंचल से भी एक लाख सरकारी सहायता प्रदान करने पर सहमति बनी है।
ज्ञात हो कि एनटीपीसी केरेडारी कोल माइंस से पिछले तीन वर्षों से ट्रांसपोर्टिंग कार्य जारी है, लेकिन अब तक वैकल्पिक मार्ग नहीं बनाया गया है, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी और खतरे का सामना करना पड़ रहा है।स्थानीय लोगों का आरोप है कि ट्रांसपोर्टिंग कर रही नकाश कंपनी द्वारा नियम-कानूनों की अनदेखी की जा रही है, जिससे इस तरह की घटनाएं घटी हैं। घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है।
    user_Kashif Adib
    Kashif Adib
    Local News Reporter हजारीबाग, हजारीबाग, झारखंड•
    3 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.