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मऊ जिले में फायर सेफ्टी मानदंडों के अनुपालन को लेकर एक बड़ी कार्रवाई की गई है। इस दौरान, कोचिंग सेंटर, मॉल और रेस्टोरेंट जैसे प्रतिष्ठानों की गहनता से जाँच की गई। इस कार्रवाई के संबंध में एक एसडीएम ने बयान जारी किया है।
RISHI RAI
मऊ जिले में फायर सेफ्टी मानदंडों के अनुपालन को लेकर एक बड़ी कार्रवाई की गई है। इस दौरान, कोचिंग सेंटर, मॉल और रेस्टोरेंट जैसे प्रतिष्ठानों की गहनता से जाँच की गई। इस कार्रवाई के संबंध में एक एसडीएम ने बयान जारी किया है।
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- मऊ के घोसी कोतवाली अंतर्गत दादनपुर क्षेत्र के पिढवल स्थित शारदा सहायक खंड 32 की नहर के पुल से पानी में गिरकर एक आइसक्रीम विक्रेता की दुखद मौत हो गई। राहगीरों ने पानी में शव देखकर डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद मौके पर पहुँची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। मृतक की पहचान मझवारा क्षेत्र के ग्राम सभा पवनी निवासी 50 वर्षीय सतीश कन्नौजिया, पुत्र रामप्रीत कनौजिया के रूप में हुई है, जो मेहनत-मजदूरी कर और गर्मी के मौसम में आइसक्रीम बेचकर अपनी आजीविका चलाते थे। ग्रामीणों के अनुसार, गर्मी के सीजन में वे गाँव में कम रहते थे और रात को आइसक्रीम एजेंसी में ही ठहरते थे। मंगलवार सुबह लगभग 8 बजे वे अपनी एजेंसी से आइसक्रीम लेकर बेचने निकले थे। दादनपुर क्षेत्र के पिढवल स्थित शारदा सहायक नहर खंड 32 के पुल पर उन्होंने अपना आइसक्रीम रिक्शा रोककर पुल की रेलिंग पर बैठकर आराम करना शुरू किया, तभी अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया और वे नहर में जा गिरे, जिससे डूबने से उनकी मृत्यु हो गई। सूचना मिलने पर क्षेत्राधिकारी डॉ. जितेंद्र कुमार सिंह, प्रभारी निरीक्षक रविंद्र नाथ राय, फोरेंसिक टीम और पुलिस बल मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को बाहर निकालकर पंचायतनामा तैयार किया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक चार भाइयों में सबसे बड़े थे और गाँव में अपने माता-पिता के साथ रहते थे। उनकी मौत की खबर सुनते ही परिजनों में कोहराम मच गया और वे घटनास्थल पर पहुँच गए। घोसी के क्षेत्राधिकारी डॉ. जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और मौत के सही कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा।2
- आजमगढ़ में मुख्य अग्निशमन अधिकारी और प्रभारी अग्निशमन अधिकारी के नेतृत्व में कोचिंग संस्थानों तथा पुस्तकालयों का अग्नि सुरक्षा जागरूकता अभियान के अंतर्गत निरीक्षण किया गया। इस अभियान के दौरान, भवनों में उपलब्ध अग्निशमन उपकरणों, विद्युत वायरिंग, आपातकालीन निकास मार्गों, फायर सेफ्टी व्यवस्थाओं और सुरक्षा मानकों का गहराई से परीक्षण किया गया। अधिकारियों ने संस्थानों में स्थापित सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए। इस अवसर पर, संस्थान संचालकों, शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों को अग्नि दुर्घटनाओं की रोकथाम के विषय में विस्तृत जानकारी दी गई। उन्हें आग लगने की स्थिति में घबराने के बजाय संयमित रहकर कार्य करने, सुरक्षित निकासी प्रक्रिया अपनाने तथा अग्निशमन उपकरणों का प्रभावी एवं समयबद्ध उपयोग करने के संबंध में भी शिक्षित किया गया। साथ ही, विद्युत उपकरणों के सुरक्षित प्रयोग, शॉर्ट सर्किट से बचाव, निकास मार्गों को अवरोध मुक्त रखने और आपातकालीन संपर्क नंबरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। अधिकारियों ने बताया कि किसी भी आपातकालीन स्थिति में त्वरित सूचना प्रदान करने और प्रारंभिक अग्निशमन उपाय अपनाने से जान-माल की हानि को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य शैक्षणिक संस्थानों में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना और आगजनी की घटनाओं से बचाव सुनिश्चित करना है।3
- बलिया के बिल्थरारोड रेलवे चौराहा स्थित श्री मानस मंदिर में 25 और 26 जून को तृतीय वार्षिकोत्सव श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। इस दो दिवसीय आयोजन के पहले दिन, यानी 25 जून को, वैदिक पूजन, हरिकीर्तन और भव्य आरती का कार्यक्रम रखा गया है। अगले दिन, 26 जून को, पूजन, हवन और पूर्णाहुति के अनुष्ठान संपन्न होंगे, जिसके बाद सायं 7 बजे से विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। मंदिर समिति ने सभी श्रद्धालुओं से इस कार्यक्रम में सहभागिता करने और सहयोग देने की अपील की है। इस तृतीय वार्षिकोत्सव का आयोजन श्री मानस मन्दिर उत्थान सेवा ट्रस्ट, रेलवे चौराहा, बेल्थरा रोड-बलिया द्वारा किया जा रहा है।2
- देवरिया में जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने सोमवार को मेडिकल कॉलेज का औचक निरीक्षण किया, जहाँ उन्होंने निर्माणाधीन ट्रॉमा सेंटर, नर्सिंग कॉलेज और क्रिटिकल केयर यूनिट सहित विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान, जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य 30 जून तक हर हाल में पूरे कर भवनों को हैंडओवर कर दिया जाए। उन्होंने विशेष रूप से ट्रॉमा सेंटर का हस्तांतरण जल्द से जल्द पूरा करने पर जोर दिया, ताकि नए भवन में पीआईसीयू, चिल्ड्रेन वार्ड और इमरजेंसी सेवाओं का संचालन तुरंत शुरू किया जा सके। इसके साथ ही, डीएम ने नर्सिंग कॉलेज और क्रिटिकल केयर यूनिट का निर्माण भी निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान, जिलाधिकारी ने मेडिकल कॉलेज के बाहर सड़क पर हुए अतिक्रमण को गंभीरता से लेते हुए, नगर पालिका परिषद को इसे हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि आसपास की दुकानों के लिए वैकल्पिक स्थान चिन्हित कर उन्हें वेंडर एरिया में स्थापित किया जाए। इस अवसर पर मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. रजनी पटेल और सीएमएस डॉ. एच.के. मिश्रा सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।1
- देवरिया में जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी के ताबड़तोड़ एक्शन और औचक निरीक्षण से मेडिकल कॉलेज प्रशासन के पसीने छूट गए हैं। जिलाधिकारी ने मेडिकल कॉलेज की निर्माणाधीन परियोजनाओं का औचक निरीक्षण किया और ट्रॉमा सेंटर, नर्सिंग कॉलेज तथा क्रिटिकल केयर यूनिट के निर्माण कार्यों को 30 जून तक हर हाल में पूरा करने के कड़े निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान, डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि ट्रॉमा सेंटर का निर्माण कार्य 30 जून तक पूर्ण कर तुरंत हैंडओवर किया जाए, ताकि भवन में पीआईसीयू, चिल्ड्रेन वार्ड और इमरजेंसी सेवाओं का संचालन तत्काल शुरू किया जा सके। इसके साथ ही, नर्सिंग कॉलेज और क्रिटिकल केयर यूनिट के निर्माण कार्य को भी 30 जून तक पूरा कर कार्यदायी संस्था को हस्तांतरित करने का आदेश दिया गया। इसके अतिरिक्त, जिलाधिकारी ने मेडिकल कॉलेज के बाहर सड़क पर हुए अतिक्रमण को हटाने के लिए अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद देवरिया को निर्देशित किया। उन्होंने नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी को मेडिकल कॉलेज के निकट स्थित दुकानों के लिए वैकल्पिक भूमि चिन्हित कर उन्हें वेंडर एरिया में स्थापित करने का भी निर्देश दिया। इस औचक निरीक्षण के समय प्राचार्य मेडिकल कॉलेज डॉ. रजनी पटेल, सीएमएस डॉ. एच.के. मिश्रा, वरिष्ठ कोषाधिकारी अतुल कुमार पांडेय और कार्यदायी संस्था के सहायक अभियंता सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।2
- मंगलवार को मऊ स्थित पुलिस लाईन परेड ग्राउंड में अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार ने मंगलवार परेड की सलामी ली और उसका निरीक्षण किया। निरीक्षण के उपरांत, उन्होंने शारीरिक एवं मानसिक फिटनेस सुनिश्चित करने हेतु परेड में दौड़ भी लगवाई। इस दौरान, अपर पुलिस अधीक्षक ने यू0पी0-112 और विभिन्न थानों से आए वाहनों की गहनता से जाँच की। उन्होंने पीआरवी पर तैनात पुलिस कर्मियों से वाहनों में उपलब्ध दंगा नियंत्रण एवं सुरक्षा उपकरणों के संबंध में जानकारी ली और उनकी भी जाँच की। तत्पश्चात, उन्होंने क्वार्टर गार्द, स्टोर, परिवहन शाखा, मेस, पुलिस बैरक और पुलिस लाइन परिसर का निरीक्षण किया, जहाँ उन्होंने संबंधित अधिकारियों को साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस निरीक्षण के दौरान प्रतिसार निरीक्षक अरूण कुमार सिंह सहित भारी संख्या में पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे, जिन्होंने रिजर्व पुलिस लाईन मऊ में मंगलवार परेड में प्रतिभाग किया और दिए गए आवश्यक दिशा-निर्देशों को ग्रहण किया।4
- सोमवार को जनपद मऊ की दीवानी कचहरी में उस समय हड़कंप मच गया जब एक महिला न्याय की गुहार लगाते हुए न्यायालय परिसर स्थित पानी की टंकी पर जा चढ़ी। महिला का आरोप है कि गांव का दबंग प्रधान पति उसके परिवार का लगातार उत्पीड़न कर रहा है और प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई न होने से आहत होकर उसे यह आत्मघाती कदम उठाना पड़ा। पानी की टंकी पर चढ़ी इस महिला की पहचान ग्राम अकबरपुर (थाना रानीपुर) निवासी सपना सिंह (पत्नी राजीव कुमार सिंह) के रूप में हुई। सपना सिंह ने टंकी पर चढ़कर रोते हुए बताया कि उसने एक सप्ताह पहले ही जिलाधिकारी मऊ को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई थी। उन्होंने लिखित रूप से चेतावनी दी थी कि यदि उसकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ और स्थानीय पुलिस-प्रशासन ने उसकी सुनवाई नहीं की, तो वह पानी की टंकी पर चढ़कर आत्महत्या कर लेगी। इसके बावजूद स्थानीय प्रशासन की कथित लापरवाही के कारण यह हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। पीड़िता सपना सिंह ने गांव के ही प्रधान पति सतीश सिंह पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि सतीश सिंह बेहद दबंग किस्म का व्यक्ति है जिसने उनके पूरे परिवार का जीना मुहाल कर रखा है। हद तो तब हो गई जब उसने अपनी हनक के बल पर उनके जीविकोपार्जन के साधन (ऑटो) का ₹10,000 का भारी-भरकम चालान करवा दिया। उन्होंने यह भी बताया कि यह मामला केवल हालिया विवाद तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे जमीन कब्जाने का एक लंबा इतिहास है। पूर्व में भी पीड़िता ने मुख्यमंत्री के 'जनता दर्शन' में गुहार लगाई थी, जिसमें आरोप था कि प्रधान पति सतीश सिंह पिछले कई वर्षों से उनकी भूमिधरी जमीन पर अवैध कब्जा करने का प्रयास कर रहा है। पीड़िता के अनुसार, विगत दिनों बिजली के करंट से उनकी गाय की मौत होने पर जब वीडियो बनाया गया, तो पुलिस की मौजूदगी में ही उनका मोबाइल छीनकर पानी में फेंक दिया गया और पूरे परिवार को बेरहमी से पीटा गया। सपना सिंह ने हल्का लेखपाल शिव लाल यादव पर भी मोटी रकम लेकर विपक्षियों से सांठगांठ करने और फर्जी रिपोर्ट लगाकर मामले को दबाने का आरोप लगाया। न्यायालय परिसर में महिला के टंकी पर चढ़ने की खबर फैलते ही कोतवाली पुलिस और भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंच गया, जहाँ टंकी के नीचे भारी भीड़ जमा हो गई। लगभग एक घंटे की कड़ी मशक्कत और पुलिस अधिकारियों द्वारा 'हर संभव मदद व निष्पक्ष जांच' के ठोस आश्वासन के बाद महिला को सुरक्षित नीचे उतारा जा सका, तब जाकर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने राहत की सांस ली। पुलिस अधिकारियों ने इस संबंध में बताया कि महिला को समझाकर नीचे उतार लिया गया है और मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित विभाग को निष्पक्ष जांच व प्रधान पति के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।3