सोमवार को जनपद मऊ की दीवानी कचहरी में उस समय हड़कंप मच गया जब एक महिला न्याय की गुहार लगाते हुए न्यायालय परिसर स्थित पानी की टंकी पर जा चढ़ी। महिला का आरोप है कि गांव का दबंग प्रधान पति उसके परिवार का लगातार उत्पीड़न कर रहा है और प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई न होने से आहत होकर उसे यह आत्मघाती कदम उठाना पड़ा। पानी की टंकी पर चढ़ी इस महिला की पहचान ग्राम अकबरपुर (थाना रानीपुर) निवासी सपना सिंह (पत्नी राजीव कुमार सिंह) के रूप में हुई। सपना सिंह ने टंकी पर चढ़कर रोते हुए बताया कि उसने एक सप्ताह पहले ही जिलाधिकारी मऊ को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई थी। उन्होंने लिखित रूप से चेतावनी दी थी कि यदि उसकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ और स्थानीय पुलिस-प्रशासन ने उसकी सुनवाई नहीं की, तो वह पानी की टंकी पर चढ़कर आत्महत्या कर लेगी। इसके बावजूद स्थानीय प्रशासन की कथित लापरवाही के कारण यह हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। पीड़िता सपना सिंह ने गांव के ही प्रधान पति सतीश सिंह पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि सतीश सिंह बेहद दबंग किस्म का व्यक्ति है जिसने उनके पूरे परिवार का जीना मुहाल कर रखा है। हद तो तब हो गई जब उसने अपनी हनक के बल पर उनके जीविकोपार्जन के साधन (ऑटो) का ₹10,000 का भारी-भरकम चालान करवा दिया। उन्होंने यह भी बताया कि यह मामला केवल हालिया विवाद तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे जमीन कब्जाने का एक लंबा इतिहास है। पूर्व में भी पीड़िता ने मुख्यमंत्री के 'जनता दर्शन' में गुहार लगाई थी, जिसमें आरोप था कि प्रधान पति सतीश सिंह पिछले कई वर्षों से उनकी भूमिधरी जमीन पर अवैध कब्जा करने का प्रयास कर रहा है। पीड़िता के अनुसार, विगत दिनों बिजली के करंट से उनकी गाय की मौत होने पर जब वीडियो बनाया गया, तो पुलिस की मौजूदगी में ही उनका मोबाइल छीनकर पानी में फेंक दिया गया और पूरे परिवार को बेरहमी से पीटा गया। सपना सिंह ने हल्का लेखपाल शिव लाल यादव पर भी मोटी रकम लेकर विपक्षियों से सांठगांठ करने और फर्जी रिपोर्ट लगाकर मामले को दबाने का आरोप लगाया। न्यायालय परिसर में महिला के टंकी पर चढ़ने की खबर फैलते ही कोतवाली पुलिस और भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंच गया, जहाँ टंकी के नीचे भारी भीड़ जमा हो गई। लगभग एक घंटे की कड़ी मशक्कत और पुलिस अधिकारियों द्वारा 'हर संभव मदद व निष्पक्ष जांच' के ठोस आश्वासन के बाद महिला को सुरक्षित नीचे उतारा जा सका, तब जाकर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने राहत की सांस ली। पुलिस अधिकारियों ने इस संबंध में बताया कि महिला को समझाकर नीचे उतार लिया गया है और मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित विभाग को निष्पक्ष जांच व प्रधान पति के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
सोमवार को जनपद मऊ की दीवानी कचहरी में उस समय हड़कंप मच गया जब एक महिला न्याय की गुहार लगाते हुए न्यायालय परिसर स्थित पानी की टंकी पर जा चढ़ी। महिला का आरोप है कि गांव का दबंग प्रधान पति उसके परिवार का लगातार उत्पीड़न कर रहा है और प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई न होने से आहत होकर उसे यह आत्मघाती कदम उठाना पड़ा। पानी की टंकी पर चढ़ी इस महिला की पहचान ग्राम अकबरपुर (थाना रानीपुर) निवासी सपना सिंह (पत्नी राजीव कुमार सिंह) के रूप में हुई। सपना सिंह ने टंकी पर चढ़कर रोते हुए बताया कि उसने एक सप्ताह पहले ही जिलाधिकारी मऊ को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई थी। उन्होंने लिखित रूप से चेतावनी दी थी कि यदि उसकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ और स्थानीय पुलिस-प्रशासन ने उसकी सुनवाई नहीं की, तो वह पानी की टंकी पर चढ़कर आत्महत्या कर लेगी। इसके बावजूद स्थानीय प्रशासन की कथित लापरवाही
के कारण यह हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। पीड़िता सपना सिंह ने गांव के ही प्रधान पति सतीश सिंह पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि सतीश सिंह बेहद दबंग किस्म का व्यक्ति है जिसने उनके पूरे परिवार का जीना मुहाल कर रखा है। हद तो तब हो गई जब उसने अपनी हनक के बल पर उनके जीविकोपार्जन के साधन (ऑटो) का ₹10,000 का भारी-भरकम चालान करवा दिया। उन्होंने यह भी बताया कि यह मामला केवल हालिया विवाद तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे जमीन कब्जाने का एक लंबा इतिहास है। पूर्व में भी पीड़िता ने मुख्यमंत्री के 'जनता दर्शन' में गुहार लगाई थी, जिसमें आरोप था कि प्रधान पति सतीश सिंह पिछले कई वर्षों से उनकी भूमिधरी जमीन पर अवैध कब्जा करने का प्रयास कर रहा है। पीड़िता के अनुसार, विगत दिनों बिजली के करंट से उनकी गाय की मौत होने पर जब वीडियो बनाया गया, तो पुलिस की मौजूदगी में ही उनका मोबाइल
छीनकर पानी में फेंक दिया गया और पूरे परिवार को बेरहमी से पीटा गया। सपना सिंह ने हल्का लेखपाल शिव लाल यादव पर भी मोटी रकम लेकर विपक्षियों से सांठगांठ करने और फर्जी रिपोर्ट लगाकर मामले को दबाने का आरोप लगाया। न्यायालय परिसर में महिला के टंकी पर चढ़ने की खबर फैलते ही कोतवाली पुलिस और भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंच गया, जहाँ टंकी के नीचे भारी भीड़ जमा हो गई। लगभग एक घंटे की कड़ी मशक्कत और पुलिस अधिकारियों द्वारा 'हर संभव मदद व निष्पक्ष जांच' के ठोस आश्वासन के बाद महिला को सुरक्षित नीचे उतारा जा सका, तब जाकर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने राहत की सांस ली। पुलिस अधिकारियों ने इस संबंध में बताया कि महिला को समझाकर नीचे उतार लिया गया है और मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित विभाग को निष्पक्ष जांच व प्रधान पति के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
- शनिवार को रेवतीपुर में चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एस.के. सरोज के औचक निरीक्षण के दौरान टीकाकरण सत्र स्थलों पर गंभीर लापरवाही सामने आई। निरीक्षण में कई केंद्रों पर साफ-सफाई की स्थिति बेहद खराब मिली और महत्वपूर्ण रिकॉर्ड भी अद्यतन नहीं पाए गए। इसके अतिरिक्त, कुछ स्थानों पर टीकाकरण सत्र स्थल बिना किसी पूर्व सूचना के बदल दिए गए थे, वहीं कुछ केंद्र पूरी तरह से बंद मिले। डॉ. सरोज ने डेटा फीडिंग और स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन में भी गंभीर खामियां पाईं। इस व्यापक लापरवाही के मद्देनजर, दो सीएचओ और चार एएनएम सहित कुल छह स्वास्थ्यकर्मियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सरोज ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और यदि स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं होता है, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- बलिया में एक सड़क दुर्घटना में एसडीएम बैरिया धर्मेंद्र कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। उनकी सरकारी गाड़ी और एक पिकअप वाहन के बीच आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई। इस हादसे में एसडीएम के साथ-साथ उनके वाहन के ड्राइवर और एक सुरक्षाकर्मी को भी चोटें आई हैं। यह दुर्घटना उस समय हुई जब एसडीएम बलिया से बैरिया तहसील जा रहे थे। पुलिस की मदद से सभी घायल व्यक्तियों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहाँ उनका इलाज किया जा रहा है। जिला अस्पताल के डॉक्टर करण सिंह चौहान ने इस संबंध में एक बाइट भी दी है।1
- मोहर्रम पर्व के अवसर पर जिला संगठन मंत्री देवेश गुप्ता ने अपने मुस्लिम व्यापारी भाइयों को हार्दिक बधाई दी है।2
- देवरिया के जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने मंगलवार को मेडिकल कॉलेज परिसर का औचक निरीक्षण कर निर्माणाधीन ट्रॉमा सेंटर, नर्सिंग कॉलेज और क्रिटिकल केयर यूनिट सहित विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान, उन्होंने कार्यदायी संस्था को स्पष्ट निर्देश दिए कि ट्रॉमा सेंटर का निर्माण कार्य 30 जून तक हर हाल में पूरा कर भवन का हैंडओवर सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारी ने जोर दिया कि ट्रॉमा सेंटर का भवन उपलब्ध होने के बाद वहां से पीआईसीयू, चिल्ड्रेन वार्ड और इमरजेंसी सेवाओं का संचालन शुरू किया जा सकेगा, जिससे मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी। उन्होंने नर्सिंग कॉलेज और क्रिटिकल केयर यूनिट के निर्माण कार्य को भी 30 जून तक पूरा कर हस्तांतरित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान, जिलाधिकारी ने मेडिकल कॉलेज के बाहर सड़क पर हुए अतिक्रमण को हटाने के लिए नगर पालिका परिषद देवरिया के अधिशासी अधिकारी को तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। इसके अतिरिक्त, मेडिकल कॉलेज के आसपास चल रही दुकानों के लिए वैकल्पिक भूमि चिन्हित कर उन्हें एक व्यवस्थित वेंडर एरिया में स्थापित करने के निर्देश भी जारी किए गए। इस औचक निरीक्षण के समय मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. रजनी पटेल, सीएमएस डॉ. एच.के. मिश्रा, वरिष्ठ कोषाधिकारी अतुल कुमार पांडेय, और कार्यदायी संस्था के सहायक अभियंता सहित कई अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।1
- जन सुराज ने घोषणा की है कि भरत तिवारी के परिजनों को न्याय दिलवाने तक उनकी लड़ाई निरंतर जारी रहेगी। यह संघर्ष तब तक चलेगा जब तक परिवार को न्याय नहीं मिल जाता।1
- बिल्थरारोड के उभांव थाना क्षेत्र स्थित नगर पंचायत के वार्ड नंबर 6 में रह रही एक महिला ने अपने जीजा सोनू फरसाटारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला ने पुलिस अधीक्षक से मिलकर एक शिकायती पत्र देते हुए न्याय की गुहार लगाई है, जिसमें उसने बताया कि सोनू फरसाटारी उसे लगभग 12 साल की उम्र से यौन शोषण का शिकार बना रहा है और उसके साथ मारपीट भी करता है। महिला का कहना है कि वह सोनू फरसाटारी की साली है और उसकी शादी पहले कहीं और हुई थी। सोनू ने उसे ब्लैकमेल किया और शादी का झांसा देकर एक सप्ताह के भीतर उसका तलाक करवा दिया। महिला ने आरोप लगाया कि एक बार सोनू ने कोल्ड ड्रिंक में नशा मिलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। तब से वे बिल्थरारोड नगर पंचायत के वार्ड नंबर 6 में एक मकान में पति-पत्नी की तरह रहने लगे। सोनू ने महिला से कहा कि यह मकान उसका है, जबकि महिला का दावा है कि यह मकान सोनू का नहीं है। महिला ने बताया कि सोनू ने आज तक उससे शादी नहीं की और उसका कोई बच्चा नहीं है। उसके अनुसार, सोनू उसे आए दिन मारता-पीटता है और एक बार तो उसका पैर भी तोड़ दिया था, जिसे उसकी बहन ने बचाया। महिला का आरोप है कि सोनू ने उसे कभी पत्नी का दर्जा तक नहीं दिया और उसका 8 बार गर्भपात कराया। उसकी बड़ी बहन के बच्चे बड़े हो चुके हैं और वे दूसरे मकान में रहते हैं। महिला ने शिकायत की है कि उभांव थाने में शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की जाती। उसने यह भी बताया कि सोनू उसे जान से मारने की धमकी देता है। इन धमकियों के चलते वह सीओ रसड़ा से भी मिली थी और अब पुलिस अधीक्षक से मिलकर न्याय की मांग की है। गौरतलब है कि सोनू फरसाटारी पर सप्ताह भर पहले ही धोखाधड़ी, धमकी और मारपीट जैसी विभिन्न धाराओं के तहत प्रशासन द्वारा मिनी गुंडा एक्ट की कार्रवाई की जा चुकी है।2
- पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि जितेंद्र गुप्ता उर्फ़ जीतू ने मोहर्रम पर्व के अवसर पर सभी को शुभकामनाएँ और बधाई दी है।2
- उत्तर प्रदेश के कुशीनगर से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक डॉक्टर ने मरीज के परिजनों के साथ हुई झड़प के दौरान पिस्टल तान दी। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।1