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15वें सिंधु समर कैंप का शुभारंभ हो गया है, जिसके लिए कुल 1100 बच्चों ने अपना पंजीकरण कराया है।
NEWS JAN AWAZ
15वें सिंधु समर कैंप का शुभारंभ हो गया है, जिसके लिए कुल 1100 बच्चों ने अपना पंजीकरण कराया है।
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- मंडोर में भोग्यशाली परिक्रमा का एक भव्य आयोजन किया गया।1
- अरूट जयंती के शुभ अवसर पर बार संघ द्वारा ठंडे मीठे पानी की छबील और हलवा-छोले के लंगर का आयोजन किया गया। इस दौरान बार संघ के अध्यक्ष हंसराज तनेजा ने सभी को अपनी शुभकामनाएं अर्पित कीं। इस पुण्य कार्य में बड़ी संख्या में लोगों ने उपस्थित होकर प्रसाद ग्रहण किया।1
- रायसिंहनगर से 30 मई 2026 को मिली जानकारी के अनुसार, समीपवर्ती ग्राम पंचायत 22 पीएस के गांव 24 पीएस में वर्षों पुराना एक कुआं आज 'खून के आंसू रो रहा' है। यह कुआं इतना प्राचीन है कि आज भी इसमें पानी भरा हुआ है, लेकिन वर्तमान में यह सफाई को तरस रहा है और कचरे का भंडार बन चुका है। कुएं के पास ही रामदेव मंदिर भी स्थित है। बताया गया है कि इस कुएं पर एक बड़े बरगद के पेड़ ने अपना निवास बना लिया है, जिसकी शाखाएं कुएं की जड़ों में समा चुकी हैं। पंचायती राज चुनाव के दौरान ग्रामीणों को अगले सरपंच से यह उम्मीद है कि वे इस कुएं का पुनर्निर्माण करवाकर इसे पुनः तैयार करवाएंगे। पीने के पानी के लिए पाइपलाइन की आपूर्ति उपलब्ध होने के कारण अब इस कुएं का उपयोग नहीं किया जाता, फिर भी इसके जीर्णोद्धार की आवश्यकता महसूस की जा रही है।1
- जयपुर, आमेर स्थित के.के. जिम में 30 मई 2026 को पार्षद बरखा सैनी का जन्मदिन हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। यह कार्यक्रम सीआईएसएफ रोड, हाथी गांव से आगे, गैस गोदाम के पास, नारदपुरा रोड पर स्थित जिम में आयोजित किया गया था। जन्मदिन के अवसर पर, जिम को रंगीन गुब्बारों और "HAPPY BIRTHDAY" बैनर से सजाया गया था। इस दौरान पार्षद बरखा सैनी के नाम और फोटो वाली एक आकर्षक केक काटी गई, जिस पर "PARSHAD BARKHA SAINI" लिखा हुआ था। जिम संचालक के.के. यादव जी ने पार्षद को केक खिलाकर बधाई दी और उन्हें फूल-माला पहनाकर उनका स्वागत किया। कार्यक्रम में उपस्थित समर्थकों ने तालियों और नारों के साथ पार्षद को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। जिम के सभी सदस्यों और स्थानीय लोगों ने भी पार्षद के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की। इस मौके पर पार्षद बरखा सैनी ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि क्षेत्र की सेवा करना ही उनकी प्रमुख प्राथमिकता है। इस आयोजन में बड़ी संख्या में युवा और समर्थक मौजूद रहे।4
- राजस्थान के सरदारशहर क्षेत्र में एक तेज़ काली पीली आंधी ने दिन का नज़ारा पूरी तरह बदल दिया। इस आंधी के प्रभाव से दिन के समय में ही अंधेरे जैसा माहौल छा गया, जिससे ऐसा लगा मानो दिन रात में परिवर्तित हो गया हो।1
- चूरू जिले की तारानगर तहसील के धीरवास बड़ा गांव की ढाणियों में 4 मई 2026 की रात आए तूफान से कई विद्युत पोल टूट गए थे। ग्रामीणों का आरोप है कि एक महीना बीत जाने के बाद भी विद्युत विभाग ने अभी तक इन टूटे हुए पोलों को ठीक नहीं किया है। इस बड़ी लापरवाही के कारण पिछले एक महीने से ग्रामीण इस भीषण गर्मी में बिना बिजली के अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने टूटे हुए पोलों की सूचना कई बार विद्युत विभाग के अधिकारी एईएन साहब को दी है, लेकिन अधिकारियों ने कोई ध्यान नहीं दिया। धीरवास बड़ा के कृष्ण कुमार S/O हेमराज सिहाग ने बताया कि साहवा जाने वाले स्टेट हाइवे के पास उनके खेत में लगा विद्युत पोल तूफान से टूट गया है, जिससे बिजली की सप्लाई बंद है और करंट दौड़ते हुए बिजली के तार जमीन पर पड़े हुए हैं। उन्होंने कई बार एईएन और कर्मचारियों को फोन कर अवगत कराया, फिर भी पोल नहीं बदला गया, जिससे खेत में बिजली न होने से उन्हें भारी परेशानी हो रही है। इसी तरह, गांव में रेड़ी के रास्ते पर मोहन थालोड़ की ढाणी में भी पिछले एक महीने से दो विद्युत पोल टूटे पड़े हैं। ग्रामीणों का कहना है कि शिकायत के बावजूद विभाग ने टूटे हुए पोलों को नहीं बदला है, जिससे ये टूटे पोल और लटकते ढीले तार कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं, और राहगीरों व बच्चों के लिए भारी खतरा पैदा कर रहे हैं। बिजली न होने से ढाणियों में पंखे-कूलर बंद पड़े हैं, जिससे बुजुर्गों और बच्चों का गर्मी से बुरा हाल है। इस लापरवाही से धीरवास बड़ा की ढाणियों के दर्जनों परिवार सीधे तौर पर प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों ने राजस्थान राज्य विद्युत प्रसारण निगम से अविलंब नए पोल लगाने और बिजली व्यवस्था को सुचारू करने की मांग की है, क्योंकि भीषण गर्मी के इस दौर में जिम्मेदारी की यह अनदेखी किसी बड़ी दुर्घटना को न्योता दे रही है।1
- मारवाड़ के महाकुंभ में महिला मंडल द्वारा ध्वजा पूजन का कार्यक्रम संपन्न किया गया।1
- अनूपगढ़ क्षेत्र में भीषण गर्मी के बाद एक तेज धूल भरी आंधी ने दस्तक दी, जिसके कारण स्थानीय जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया।1