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प्रयागराज से एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ कई पेट्रोल कंपनियों, जिन्हें आमतौर पर पेट्रोल टंकी कहा जाता है, पर पिछले कई महीनों से पेट्रोल और डीजल उपलब्ध नहीं है। इस गंभीर समस्या के कारण आसपास के लोगों को ईंधन लेने के लिए या तो शहर जाना पड़ रहा है, या फिर अपने घर से लगभग 8 से 10 किलोमीटर दूर का सफर तय करना पड़ रहा है। यह स्थिति ऐसे समय में उत्पन्न हुई है जब पेट्रोल और डीजल दोनों की कीमतें 100 रुपये प्रति लीटर के पार बनी हुई हैं, जिससे आम जनता की परेशानी और भी बढ़ गई है। इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि आम जनमानस को पेट्रोल और डीजल जैसी आवश्यक वस्तु के लिए इतनी भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
JOURNALIST PANKAJ SINGH
प्रयागराज से एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ कई पेट्रोल कंपनियों, जिन्हें आमतौर पर पेट्रोल टंकी कहा जाता है, पर पिछले कई महीनों से पेट्रोल और डीजल उपलब्ध नहीं है। इस गंभीर समस्या के कारण आसपास के लोगों को ईंधन लेने के लिए या तो शहर जाना पड़ रहा है, या फिर अपने घर से लगभग 8 से 10 किलोमीटर दूर का सफर तय करना पड़ रहा है। यह स्थिति ऐसे समय में उत्पन्न हुई है जब पेट्रोल और डीजल दोनों की कीमतें 100 रुपये प्रति लीटर के पार बनी हुई हैं, जिससे आम जनता की परेशानी और भी बढ़ गई है। इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि आम जनमानस को पेट्रोल और डीजल जैसी आवश्यक वस्तु के लिए इतनी भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
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- प्रयागराज से एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ कई पेट्रोल कंपनियों, जिन्हें आमतौर पर पेट्रोल टंकी कहा जाता है, पर पिछले कई महीनों से पेट्रोल और डीजल उपलब्ध नहीं है। इस गंभीर समस्या के कारण आसपास के लोगों को ईंधन लेने के लिए या तो शहर जाना पड़ रहा है, या फिर अपने घर से लगभग 8 से 10 किलोमीटर दूर का सफर तय करना पड़ रहा है। यह स्थिति ऐसे समय में उत्पन्न हुई है जब पेट्रोल और डीजल दोनों की कीमतें 100 रुपये प्रति लीटर के पार बनी हुई हैं, जिससे आम जनता की परेशानी और भी बढ़ गई है। इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि आम जनमानस को पेट्रोल और डीजल जैसी आवश्यक वस्तु के लिए इतनी भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है।1
- Post by Raju Yadav1
- प्रयागराज के झूंसी इलाके में शास्त्री पुल के पास एक तेंदुआ दिखने से हड़कंप मच गया है। सड़क पर घूमते हुए इस तेंदुए को देखा गया है, जिसके बाद स्थानीय लोगों में दहशत और भय का माहौल फैल गया है। लोगों का अंदेशा है कि यह तेंदुआ जंगल से भटक कर शहर में आ गया होगा। इस घटना के मद्देनजर, प्रशासन ने स्थानीय निवासियों से सतर्क रहने की अपील की है।1
- दिनांक 13 जून, 2026 को कौंधियारा थाना क्षेत्रांतर्गत ग्राम सभा सोढिया में एक घटना घटित हुई। इस घटना और उसके बाद की गई पुलिस कार्यवाही के संबंध में सहायक पुलिस आयुक्त कौंधियारा अंदुष सलाम खान ने एक बाइट के माध्यम से जानकारी प्रदान की है।1
- प्रयागराज के औद्योगिक क्षेत्र थाना अंतर्गत लवायन कला गांव में बीते दिन एक 8 वर्षीय मासूम बच्ची के अपहरण के प्रयास का मामला सामने आने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। राहगीरों की सतर्कता और ग्रामीणों की सक्रियता के कारण यह कोशिश नाकाम रही और बच्ची को सकुशल बचा लिया गया, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, बच्ची अपने ननिहाल में रह रही थी और शाम को अपने घर के पास खड़े एक ट्रैक्टर पर बैठी थी। इसी दौरान लगभग 30 से 35 वर्ष का एक व्यक्ति, जिसकी पहचान 'बंटू' के रूप में हुई है, अपनी साइकिल से वहां पहुंचा। आरोप है कि उसने बच्ची को बहला-फुसलाकर अपनी साइकिल पर बैठाया और वहां से निकल गया। कुछ देर बाद जब परिजनों को बच्ची के गायब होने का पता चला तो उन्होंने तत्काल ग्रामीणों को सूचित कर तलाश शुरू की। इसी बीच, रास्ते से गुजर रहे कुछ लोगों को आरोपी की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। उन्होंने बच्ची के बारे में पूछताछ की और स्थिति को भांपते हुए आरोपी को रोकने का प्रयास किया, जिससे बच्ची को सुरक्षित बचा लिया गया। घटना की सूचना डायल 112 पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और बच्ची को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी की पूरी हरकत इलाके में लगे कई सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई थी, जिसके फुटेज के आधार पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, इस मामले में पुलिस की शुरुआती कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। परिजनों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि घटना के बाद शुरुआती स्तर पर पुलिस ने इसे अपहरण का मामला मानने के बजाय कहा था कि बच्ची भटक गई थी और उसे सुरक्षित परिजनों को सौंप दिया गया है। लेकिन बाद में सामने आए सीसीटीवी फुटेज और परिजनों की शिकायत के आधार पर ही मामला अपहरण के प्रयास का निकला। इस घटना के बाद क्षेत्र में बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है और स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि ऐसे मामलों में तत्काल और निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और मामले की विस्तृत जांच जारी है। बच्ची पूरी तरह सुरक्षित है और उसके परिजन इस मामले में कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।2
- उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के हंडिया स्थित सरायपीथा पेट्रोल पंप पर एक कर्मचारी द्वारा किसानों के साथ की गई दबंगई और बदसलूकी का मामला सामने आया है। पेट्रोल पंप कर्मी ने किसानों को धमकी दी, दादागिरी की और उनके प्रति अभद्र भाषा व गाली-गलौज का इस्तेमाल किया, जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस घटना को लेकर किसानों में भारी गुस्सा फूटा है। पीड़ित किसान भाइयों ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि वे 9 किलोमीटर दूर से आते हैं, लेकिन आज की तारीख में उन्हें सिर्फ 50 रुपये का पेट्रोल दिया जा रहा है। किसानों का आरोप है कि इतने कम पेट्रोल से उनका आने-जाने का खर्च भी नहीं निकलता और उन्हें अपनी जेब से अतिरिक्त पैसे खर्च करके घर लौटना पड़ता है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है। इस घटना के बाद आक्रोशित किसानों ने उत्तर प्रदेश पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए तुरंत सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। इसके अलावा, परेशान किसानों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस मामले में हस्तक्षेप कर पेट्रोल पंप प्रबंधन के खिलाफ जल्द से जल्द कड़ी कार्रवाई करने की गुहार लगाई है।1