बलिया जिले के रेवती थाना क्षेत्र के गायघाट निवासी कामजी गोंड़ की कथित पुलिस पिटाई के बाद हुई मौत के वायरल दावों पर पुलिस ने अपना आधिकारिक पक्ष जारी किया है। पुलिस के अनुसार, 7 जुलाई 2026 को ग्राम गायघाट में दो पक्षों के बीच विवाद हुआ था, जिसके संबंध में सूरज कुमार रजक द्वारा शिकायत दी गई थी। इसी शिकायत के आधार पर 8 जुलाई को पुलिस गांव पहुंची थी और पूछताछ के लिए कामजी गोंड़ को थाने लाई थी। पुलिस का दावा है कि पूछताछ के बाद कामजी गोंड़ को सकुशल गांव के ही मनीष यादव के सुपुर्द कर दिया गया था। अपने इस दावे के पक्ष में पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और सुपुर्दगी का फोटो-वीडियो उपलब्ध होने की बात कही है। इसके बाद, 10 जुलाई 2026 को वाराणसी के ट्रॉमा सेंटर में इलाज के दौरान कामजी गोंड़ की मृत्यु हो गई। पुलिस का कहना है कि यदि परिजनों की ओर से कोई तहरीर या शिकायत दी जाती है, तो नियमानुसार जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस द्वारा क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखी गई है।
बलिया जिले के रेवती थाना क्षेत्र के गायघाट निवासी कामजी गोंड़ की कथित पुलिस पिटाई के बाद हुई मौत के वायरल दावों पर पुलिस ने अपना आधिकारिक पक्ष जारी किया है। पुलिस के अनुसार, 7 जुलाई 2026 को ग्राम गायघाट में दो पक्षों के बीच विवाद हुआ था, जिसके संबंध में सूरज कुमार रजक द्वारा शिकायत दी गई थी। इसी शिकायत के आधार पर 8 जुलाई को पुलिस गांव पहुंची थी और पूछताछ के लिए कामजी गोंड़ को थाने लाई थी। पुलिस का दावा है कि पूछताछ के बाद कामजी गोंड़ को सकुशल गांव के ही मनीष यादव के सुपुर्द कर दिया गया था। अपने इस दावे के पक्ष में पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और सुपुर्दगी का फोटो-वीडियो उपलब्ध होने की बात कही है। इसके बाद, 10 जुलाई 2026 को वाराणसी के ट्रॉमा सेंटर में इलाज के दौरान कामजी गोंड़ की मृत्यु हो गई। पुलिस का कहना है कि यदि परिजनों की ओर से कोई तहरीर या शिकायत दी जाती है, तो नियमानुसार जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस द्वारा क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखी गई है।
- बलिया क्लिनिक की डॉ. ज़ेबा खान के कॉन्फ्रेंस अटेंड करने की जानकारी सामने आई है। शारदा नारायण हॉस्पिटल मऊ और बलिया क्लिनिक से जुड़ी डॉ. ज़ेबा खान का यह कार्यक्रम कांटा श्री रेस्टोरेंट में आयोजित किया जाएगा। इस कॉन्फ्रेंस के लिए 11/07/26 की तारीख और शाम 7:00 बजे का समय तय किया गया है।1
- बलिया जिले के रेवती थाना क्षेत्र के गायघाट निवासी कामजी गोंड़ की कथित पुलिस पिटाई के बाद हुई मौत के वायरल दावों पर पुलिस ने अपना आधिकारिक पक्ष जारी किया है। पुलिस के अनुसार, 7 जुलाई 2026 को ग्राम गायघाट में दो पक्षों के बीच विवाद हुआ था, जिसके संबंध में सूरज कुमार रजक द्वारा शिकायत दी गई थी। इसी शिकायत के आधार पर 8 जुलाई को पुलिस गांव पहुंची थी और पूछताछ के लिए कामजी गोंड़ को थाने लाई थी। पुलिस का दावा है कि पूछताछ के बाद कामजी गोंड़ को सकुशल गांव के ही मनीष यादव के सुपुर्द कर दिया गया था। अपने इस दावे के पक्ष में पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और सुपुर्दगी का फोटो-वीडियो उपलब्ध होने की बात कही है। इसके बाद, 10 जुलाई 2026 को वाराणसी के ट्रॉमा सेंटर में इलाज के दौरान कामजी गोंड़ की मृत्यु हो गई। पुलिस का कहना है कि यदि परिजनों की ओर से कोई तहरीर या शिकायत दी जाती है, तो नियमानुसार जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस द्वारा क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखी गई है।1
- सिवान जिले के रघुनाथपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम पोस्ट पंजवार में सड़क की हालत इतनी बदतर हो चुकी है कि यहाँ से एक मोटरसाइकिल तक नहीं जा पा रही है। इस रास्ते पर पैदल चलने वाले लोगों को भी आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे स्थानीय लोग बेहद त्रस्त हैं। ग्रामीणों ने इस गंभीर समस्या को जल्दी से हल करने के लिए कर्मचारियों से विनती की है कि वे भी इंसान हैं और उन्हें जनता की इस परेशानी को समझना चाहिए। लोगों ने सीधे तौर पर सीओ साहब से गुहार लगाई है कि वे एक बार खुद यहाँ आकर सड़क की वास्तविक स्थिति को देखें। ग्रामीणों का आरोप है कि इस बदहाल सड़क पर किसी भी कर्मचारी की नजर नहीं जा रही है और आम जनता बहुत परेशान है, इसलिए सरकार को भी एक बार यहाँ आकर इस समस्या को देखना चाहिए।2
- बलिया के सिकंदरपुर अंतर्गत नवानगर विकासखंड के रुद्रावार गांव में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पौधारोपण एवं पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना और अधिक से अधिक पौधे लगाकर प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उपजिलाधिकारी सुनील कुमार ने बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और घटती हरियाली को मानव जीवन के लिए गंभीर चुनौती बताते हुए हर व्यक्ति से कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी देखभाल करने का आह्वान किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि पौधे न केवल पर्यावरण को शुद्ध करते हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की नींव भी रखते हैं। इस दौरान खंड विकास अधिकारी विनोद कुमार बिंद ने ग्रामीणों से पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की अपील की ताकि क्षेत्र को हरा-भरा बनाकर प्रदूषण पर नियंत्रण पाया जा सके। वहीं, प्रधान प्रतिनिधि पवन कुमार राय ने स्पष्ट किया कि केवल पौधा लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि वृक्ष बनने तक उनकी नियमित देखरेख करना भी बेहद आवश्यक है। इस अवसर पर अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने विभिन्न प्रकार के छायादार व फलदार पौधों का रोपण किया। साथ ही, कार्यक्रम में उपस्थित क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, ग्रामवासियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण और स्वच्छता के प्रति जागरूक करते हुए सामूहिक प्रयास करने का संकल्प दिलाया गया।1
- बांकीपुर के विधायक बिना किसी डर और भय के पूरी मजबूती के साथ आपके मुद्दों को विधानसभा में उठाएंगे। इसके साथ ही उन्होंने साफ तौर पर भरोसा दिया है कि वे क्षेत्र में एक पैसे का भी भ्रष्टाचार नहीं होने देंगे।1
- बिहार के सीवान के आंदर में साधारण प्रिंटर से फोटो कॉपी कर फेक करेंसी तैयार करने और उसे छोटी दुकानों में खपाने के खेल में 5.45 लाख की फेक करेंसी जब्त की गई है। इस मामले में साधारण प्रिंटर का इस्तेमाल करके फेक करेंसी की फोटो कॉपी तैयार की जाती थी और फिर उसे चालाकी से छोटी-छोटी दुकानों में चलाकर खपा दिया जाता था।1
- बलिया क्लिनिक और शारदा नारायण हॉस्पिटल मऊ की डॉ. जेबा खान का कांटा श्री रेस्टोरेंट में कॉन्फ्रेंस अटेंड करने का कार्यक्रम है। यह कॉन्फ्रेंस 11/07/26 को शाम 7:00 बजे निर्धारित की गई है।2
- उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्राधिकरण के निर्देशों के तहत बलिया जिले की सदर तहसील स्थित राजकीय बालिका गृह निधरिया में 'स्कूल सुरक्षा' और आपदा प्रबंधन पर एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। शनिवार, 11 जुलाई 2026 को आयोजित इस विशेष कार्यक्रम का संचालन 11वीं एनडीआरएफ वाराणसी की टीम ने रेडक्रॉस सोसायटी के सहयोग से किया। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य आकस्मिक आपदाओं के समय बालिका गृह के बच्चों, शिक्षकों और कर्मचारियों को त्वरित और सुरक्षित कदम उठाने के लिए जागरूक करना था। यह प्रशिक्षण शिविर जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह और एनडीआरएफ के उपमहानिरीक्षक श्री मनोज कुमार शर्मा के मार्गदर्शन, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अनिल कुमार के दिशा-निर्देशों तथा निरीक्षक प्रवीण उपाध्याय के कुशल नेतृत्व में आयोजित किया गया। एनडीआरएफ के प्रशिक्षकों ने आधुनिक उपकरणों की मदद से भूकंप, आग लगने, बाढ़, सर्पदंश और भगदड़ जैसी आपातकालीन स्थितियों से निपटने के व्यावहारिक तरीके सिखाए। इसके अलावा, प्राथमिक उपचार, सीपीआर (CPR) देने की विधि और घायलों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने का सजीव प्रदर्शन भी किया गया, जिसमें बच्चों ने पूरी सजगता के साथ सहभागिता की और प्रशिक्षकों से सवाल-जवाब भी किए। इस अवसर पर रेडक्रॉस सोसायटी के जिला समन्वयक शैलेन्द्र पाण्डेय ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं और आपदाओं के प्रति उनकी जागरुकता पूरे समाज को सुरक्षित बनाने में मदद करेगी। बाल गृह की अधीक्षिका अमिता जैन ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि आज के समय में प्रत्येक व्यक्ति को ऐसे प्रशिक्षण की आवश्यकता है। कार्यक्रम के अंत में सभी का आभार व्यक्त किया गया। इस मौके पर अजय पाण्डेय, सोनी यादव, खुशबू तिवारी सहित नागरिक सुरक्षा कोर, रेडक्रॉस सोसायटी और बालिका गृह प्रबंधन के तमाम अधिकारी, कर्मचारी एवं छात्राएं उपस्थित रहीं।1