अयोध्या के हैरिंग्टनगंज विकासखंड क्षेत्र में शाहगंज से रूरूखाश जाने वाले मुख्य मार्ग से पंचायत भवन होते हुए चन्दीपुर नगहरा को जाने वाला लिंक रोड बेहद बदहाल स्थिति में पहुंच गया है। इस मार्ग पर जगह-जगह छोटे-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिससे राहगीरों और ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के मौसम में इन गड्ढों में पानी भर जाने से स्थिति और भी गंभीर हो गई है, जिससे लगातार दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह मार्ग चन्दीपुर नगहरा और उसके आसपास के गांवों के लिए प्रमुख संपर्क मार्ग है, जिससे होकर प्रतिदिन छात्र-छात्राएं, किसान, मजदूर और अन्य लोग गुजरते हैं। सड़क की जर्जर हालत के कारण दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी होती है और कई लोग गड्ढों के कारण गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं। ग्रामीण रमेश कुमार, धर्मपाल, लवलेश, विजय बहादुर, शिवशंकर और तेज प्रताप ने बताया कि उन्होंने सड़क की मरम्मत के लिए संबंधित विभाग से कई बार मांग की, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि शीघ्र ही सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई तो बरसात के दौरान आवागमन और अधिक कठिन हो जाएगा। सड़क की इस जर्जर हालत को लेकर क्षेत्र के लोगों में लगातार नाराजगी बनी हुई है। ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग और जिला प्रशासन से मांग की है कि सड़क का तत्काल निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत कराई जाए, ताकि लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।
अयोध्या के हैरिंग्टनगंज विकासखंड क्षेत्र में शाहगंज से रूरूखाश जाने वाले मुख्य मार्ग से पंचायत भवन होते हुए चन्दीपुर नगहरा को जाने वाला लिंक रोड बेहद बदहाल स्थिति में पहुंच गया है। इस मार्ग पर जगह-जगह छोटे-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिससे राहगीरों और ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के मौसम में इन गड्ढों में पानी भर जाने से स्थिति और भी गंभीर हो गई है, जिससे लगातार दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह मार्ग चन्दीपुर नगहरा और उसके आसपास के गांवों के लिए प्रमुख संपर्क मार्ग है, जिससे होकर प्रतिदिन छात्र-छात्राएं, किसान, मजदूर और अन्य लोग गुजरते हैं। सड़क की जर्जर हालत के कारण दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी होती है और कई लोग गड्ढों के कारण गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं। ग्रामीण रमेश कुमार, धर्मपाल, लवलेश, विजय बहादुर, शिवशंकर और तेज प्रताप ने बताया कि उन्होंने सड़क की मरम्मत के लिए संबंधित विभाग से कई बार मांग की, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि शीघ्र ही सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई तो बरसात के दौरान आवागमन और अधिक कठिन हो जाएगा। सड़क की इस जर्जर हालत को लेकर क्षेत्र के लोगों में लगातार नाराजगी बनी हुई है। ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग और जिला प्रशासन से मांग की है कि सड़क का तत्काल निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत कराई जाए, ताकि लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।
- अयोध्या के मिल्कीपुर अंतर्गत हैरिंग्टनगंज विकासखंड की ग्राम पंचायत नियामतपुर के पूरे चौधरी का पुरवा में लंबे समय से जर्जर मार्ग की समस्या आखिरकार दूर हो गई है। ग्रामीणों की लगातार शिकायतों और प्रशासनिक पहल के बाद राधेश्याम के घर से मुन्ना यादव के घर तक लगभग 50 मीटर लंबा खड़ंजा बनकर तैयार हो गया है। इस निर्माण कार्य के पूरा होने से ग्रामीणों में काफी खुशी का माहौल है। ग्रामीणों के अनुसार, सड़क निर्माण की मांग को लेकर सबसे पहले खंड विकास अधिकारी आर. एन. भारती को प्रार्थना पत्र दिया गया था। इसके बाद उपजिलाधिकारी मिल्कीपुर और अंत में जिला अधिकारी को शिकायत भेजी गई थी। लगातार किए गए प्रयासों के बाद प्रशासन ने मामले का संज्ञान लिया और निर्माण कार्य को स्वीकृति प्रदान की। स्वीकृति मिलते ही ग्राम प्रधान चंद्रशेखर यादव ने तत्काल मौके पर ईंटें गिरवाकर खड़ंजा निर्माण का कार्य शुरू कराया, जिसे अब पूरा कर लिया गया है। इस रास्ते पर बरसात के दिनों में कीचड़ और जलभराव के कारण लोगों को आने-जाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब खड़ंजा बनने से आवागमन आसान हो गया है। मार्ग बनकर तैयार होने पर ग्रामीण ओमप्रकाश तिवारी, राजबहादुर तिवारी, डब्बू तिवारी, लल्लन तिवारी, रामअवतार यादव, मुलायम यादव, शिवप्रसाद शर्मा, बाबूराम यादव और विजय यादव समेत अन्य ग्रामीणों ने खुशी जताते हुए ग्राम प्रधान और प्रशासन का आभार व्यक्त किया है। इसके साथ ही ग्रामीणों ने यह उम्मीद भी जताई है कि क्षेत्र की अन्य विकास संबंधी समस्याओं का भी जल्द ही समाधान कराया जाएगा।1
- अमेठी में दिनदहाड़े गुंडागर्दी का एक मामला सामने आया है, जहां रायबरेली रोड पर श्रीनगर रामगंज से जगदीशपुर की तरफ बाइक से जा रहे तीन लोगों में शामिल एक महिला का बैग पल्सर सवार बदमाश छीनकर फरार हो गए। पीड़ित महिला के अनुसार, छीने गए बैग में ₹5000 नगद, उनका मोबाइल फोन और कुछ अन्य सामान रखा हुआ था। घटना के बाद मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई और महिला रो रही थी, लेकिन वहां मौजूद किसी भी व्यक्ति ने न तो पुलिस को फोन किया और न ही बदमाशों का पीछा करने की कोशिश की। इसी दौरान श्री रामगंज चौराहे के आगे सत्संग से लौट रहे एक व्यक्ति ने भीड़ देखकर तुरंत मामले की जानकारी ली और पुलिस अधिकारी को फोन कर घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और पीड़ित महिला को अपने साथ लेकर कोतवाली जगदीशपुर थाने गए। उन्होंने पीड़ित महिला को ढाढस बंधाया और आश्वासन दिया कि मोबाइल लोकेशन के जरिए बहुत जल्द ही बदमाशों का पता लगा लिया जाएगा। इस मामले में जगदीशपुर थाना प्रशासन से तत्काल संज्ञान लेकर दोषियों को जल्द से जल्द पकड़ने और पीड़ित महिला को न्याय दिलाने की मांग की गई है।1
- अयोध्या के कचहरी परिसर में प्रदर्शन करते हुए फैजाबाद बार एसोसिएशन के वकीलों का गुस्सा एक बार फिर सातवें आसमान पर पहुंच गया है। वकीलों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही मुकदमा दर्ज नहीं हुआ, तो वे उग्र आंदोलन करते हुए राम जन्मभूमि थाने का घेराव करेंगे। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्र ने कहा कि एफआईआर दर्ज न होने के संबंध में एक बार फिर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से वार्ता की जाएगी। इसके बाद बार एसोसिएशन के वकील कचहरी परिसर से सीधे थाना रामजन्म भूमि पर जाकर बैठ जाएंगे।1
- अयोध्या में कॉलेज हड़पने का एक सनसनीखेज आरोप सामने आया है। इस मामले को लेकर कॉलेज के प्रबंधक ने खुद एक प्रेसवार्ता आयोजित की और सबके सामने सबूत पेश किए हैं।1
- अयोध्या के जिला पुरुष चिकित्सालय में औचक निरीक्षण के दौरान मरीजों की जान से जुड़ी जीवनरक्षक व्यवस्थाओं में गंभीर लापरवाही उजागर हुई है। चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, अयोध्या मंडल के अपर निदेशक डॉ. बृजेश कुमार सिंह चौहान ने सोमवार को अस्पताल का औचक निरीक्षण किया, जहां इमरजेंसी से लेकर वार्ड तक अव्यवस्थाओं का अंबार मिला। इस दौरान सबसे बड़ी चूक ऑक्सीजन प्लांट के बंद पाए जाने पर सामने आई। जब एडी हेल्थ इमरजेंसी वार्ड में पहुंचे, तो वहां की ऑक्सीजन पाइपलाइन में ऑक्सीजन की आपूर्ति ठप थी। इस अव्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने मौके पर मौजूद मैट्रन को जमकर फटकार लगाई। इसके तुरंत बाद सीएमएस डॉ. राजेश सिंह को बुलाकर ऑक्सीजन प्लांट चलाने वाले कर्मचारी को तलब किया गया, जिसने सफाई दी कि कंप्रेशर में पानी भरने के कारण प्लांट नहीं चल रहा है। इस तर्क पर भड़कते हुए डॉ. चौहान ने कहा कि अस्पताल की यह हालत देखकर लगता है कि कोई बड़ी घटना होने पर स्टाफ सिलेंडर लेकर इधर-उधर दौड़ता नजर आएगा। उन्होंने इस भारी लापरवाही के लिए सीएमएस को भी फटकार लगाई। निरीक्षण के दौरान इमरजेंसी वार्ड में अन्य खामियां भी मिलीं, जहां तैनात इमरजेंसी चिकित्सक डॉ. विशाल चौधरी और फार्मासिस्ट सर्वेश निर्धारित वेशभूषा में नहीं थे। एडी हेल्थ ने सीएमएस को सख्त निर्देश दिए कि इमरजेंसी वार्ड में 24 घंटे बी-टाइप ऑक्सीजन सिलेंडर, ऑक्सीजन फ्लोमीटर और एक ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर अनिवार्य रूप से बैकअप के तौर पर आरक्षित रखे जाएं। साथ ही अस्पताल में बिजली और जनरेटर की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। डॉ. बृजेश सिंह ने साफ चेतावनी दी है कि सरकारी अस्पताल में आने वाले मरीजों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं होगा और ऑक्सीजन जैसी जीवनरक्षक व्यवस्था में लापरवाही बरतने वाले दोषियों पर कार्रवाई तय है।3
- अयोध्या में आयोजित किया गया एक जन्मदिन समारोह सम्मान और संस्कार के उत्सव के रूप में मनाया गया।1
- अयोध्या के बहुचर्चित राम जन्मभूमि दान गबन मामले में जेल में बंद सभी आठों अभियुक्तों की न्यायिक हिरासत को आगामी 27 जुलाई तक के लिए बढ़ा दिया गया है। एसआईटी जांच की प्राथमिक रिपोर्ट के आधार पर दर्ज प्राथमिकी के बाद इन आठ अभियुक्तों को जेल भेजा गया था, जिनकी ज्यूडिशियल रिमांड आज पूरी हो गई थी। भ्रष्टाचार निवारण जज रजत वर्मा के आज अवकाश पर होने के कारण, इस मामले की सुनवाई प्रभारी जज प्रतिभा नारायण के ई सी एक्ट के न्यायालय में हुई, जहां न्यायिक रिमांड हेतु प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया था। अभियुक्तों के अधिवक्ता कुल शेखर सिंह ने जानकारी दी है कि जांच कर रही पुलिस ने अभियुक्त सुभाष श्रीवास्तव और राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू की सात दिनों की पुलिस कस्टडी रिमांड लेने के लिए न्यायालय में एक प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया है। पुलिस ने चोरी की कीमती वस्तुएं जैसे सोना, चांदी, जेवरात और नगद धनराशि बरामद करने के लिए यह एक हफ्ते की रिमांड मांगी है, जिसकी सुनवाई आगामी 14 जुलाई को होगी।4
- अयोध्या के मिल्कीपुर क्षेत्र अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैरिंग्टनगंज और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खड़भड़िया में लैब टेक्नीशियन के पद लंबे समय से खाली होने के कारण पैथोलॉजी जांच व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। इन दोनों सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर रोज आने वाले मरीजों को रक्त, मूत्र और अन्य जरूरी जांचों के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। समय पर जांच न होने से गंभीर रूप से बीमार मरीजों की परेशानी बढ़ गई है और उनके इलाज में भी देरी हो रही है। इस संकट का मुख्य कारण बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के लैब टेक्नीशियनों का किया गया तबादला है। हैरिंग्टनगंज स्वास्थ्य केंद्र में तैनात लैब टेक्नीशियन शैलेंद्र उपाध्याय का बीते 10 जून को स्थानांतरण हो गया था, जबकि खड़भड़िया केंद्र के लैब टेक्नीशियन अमरनाथ जायसवाल के ट्रांसफर के बाद भी किसी नए कर्मचारी की तैनाती नहीं की गई है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग को तबादले करने से पहले वहां दूसरे कर्मचारी की व्यवस्था करनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा न होने का खामियाजा सीधे तौर पर मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। इस मामले में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैरिंग्टनगंज के अधीक्षक डॉ. डी.एन. द्विवेदी ने बताया कि दोनों केंद्रों पर लैब टेक्नीशियन की नियुक्ति के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) को पत्र भेजा जा चुका है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि उच्च स्तर पर चल रही प्रक्रिया पूरी होते ही व्यवस्था सामान्य हो जाएगी। वहीं, स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग की इस लापरवाही पर कड़े सवाल उठाते हुए सीएमओ से जल्द से जल्द नए लैब टेक्नीशियन की तैनाती करने की मांग की है ताकि मरीजों को राहत मिल सके।1