टीकमगढ़ के युवा वैज्ञानिक प्रखर विश्वकर्मा को रक्षा अनुसंधान और अंतरिक्ष के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रतिष्ठित 'नेशनल प्रेस्टीज अवार्ड 2026' से सम्मानित किया गया है। उन्हें कर्नाटक के हुबली में 'ग्लोबल रिसर्च फाउंडेशन USA' द्वारा आयोजित नेशनल प्रेस्टीज अवार्ड्स एंड इंटरनेशनल रिसर्च समिट में यह गौरवपूर्ण अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया गया। प्रखर को यह पुरस्कार उनकी स्वदेशी मिसाइल तकनीक 'प्रोजेक्ट रैम' के विकास के लिए मिला, जिसने देश का नाम रोशन किया है। देश में 'मिसाइल मैन ऑफ एमपी' के रूप में ख्याति प्राप्त कर चुके प्रखर, वर्तमान में भोपाल के बंसल इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी में मैकेनिकल इंजीनियरिंग के छात्र हैं। इसके साथ ही, वे उभरती हुई डिफेंस स्टार्टअप कंपनी 'एयरोएक्स स्पेस टेक्नोलॉजी' के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी भी हैं। ग्लोबल रिसर्च फाउंडेशन की जूरी ने उनके महत्वाकांक्षी 'प्रोजेक्ट रैम' के लिए उन्हें पुरस्कृत किया, जो पुनः प्रयोज्य हाइब्रिड मिसाइल प्रणालियों पर आधारित है और इसे भविष्य के रक्षा परिदृश्य में गेम-चेंजर बताया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि प्रखर भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के एक पंजीकृत 'स्पेस ट्यूटर' के रूप में भी सक्रिय हैं और नासा के सिटीजन साइंस प्रोग्राम के तहत एक क्षुद्रग्रह की खोज में भी शामिल रहे हैं। पुरस्कार ग्रहण करने के उपरांत मीडिया से संवाद करते हुए प्रखर विश्वकर्मा ने इस सम्मान को 'एयरोएक्स स्पेस टेक्नोलॉजी' की पूरी टीम के कठिन परिश्रम और उनके विजन की सफलता बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका एकमात्र उद्देश्य रक्षा और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत को पूर्णतः आत्मनिर्भर बनाना और 'मेक इन इंडिया' की अवधारणा को वैश्विक स्तर पर मजबूती देना है। उन्होंने इस पुरस्कार को अपने गृह जिले टीकमगढ़ और अपने मार्गदर्शकों के विश्वास का परिणाम भी बताया। प्रखर की इस उपलब्धि पर बंसल ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स के डायरेक्टर डॉ. दामोदर तिवारी, संस्थान के प्राध्यापकों और उनके परिवारजनों, जिनमें उनके पिता श्री रघुनंदन विश्वकर्मा और माता श्रीमती अरुण विश्वकर्मा शामिल हैं, ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई दी है। इस असाधारण सफलता से संस्थान और पूरे क्षेत्र में हर्ष की लहर दौड़ गई है।
टीकमगढ़ के युवा वैज्ञानिक प्रखर विश्वकर्मा को रक्षा अनुसंधान और अंतरिक्ष के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रतिष्ठित 'नेशनल प्रेस्टीज अवार्ड 2026' से सम्मानित किया गया है। उन्हें कर्नाटक के हुबली में 'ग्लोबल रिसर्च फाउंडेशन USA' द्वारा आयोजित नेशनल प्रेस्टीज अवार्ड्स एंड इंटरनेशनल रिसर्च समिट में यह गौरवपूर्ण अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया गया। प्रखर को यह पुरस्कार उनकी स्वदेशी मिसाइल तकनीक 'प्रोजेक्ट रैम' के विकास के लिए मिला, जिसने देश का नाम रोशन किया है। देश में 'मिसाइल मैन ऑफ एमपी' के रूप में ख्याति प्राप्त कर चुके प्रखर, वर्तमान में भोपाल के बंसल इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी में मैकेनिकल इंजीनियरिंग के छात्र हैं। इसके साथ ही, वे उभरती हुई डिफेंस स्टार्टअप कंपनी 'एयरोएक्स स्पेस टेक्नोलॉजी' के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी भी हैं। ग्लोबल रिसर्च फाउंडेशन की जूरी ने उनके महत्वाकांक्षी 'प्रोजेक्ट रैम' के लिए उन्हें पुरस्कृत किया, जो पुनः प्रयोज्य हाइब्रिड मिसाइल प्रणालियों पर आधारित है और इसे भविष्य के रक्षा परिदृश्य में गेम-चेंजर बताया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि प्रखर भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के एक पंजीकृत 'स्पेस ट्यूटर' के रूप में भी सक्रिय हैं और नासा के सिटीजन साइंस प्रोग्राम के तहत एक क्षुद्रग्रह की खोज में भी शामिल रहे हैं। पुरस्कार ग्रहण करने के उपरांत मीडिया से संवाद करते हुए प्रखर विश्वकर्मा ने इस सम्मान को 'एयरोएक्स स्पेस टेक्नोलॉजी' की पूरी टीम के कठिन परिश्रम और उनके विजन की सफलता बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका एकमात्र उद्देश्य रक्षा और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत को पूर्णतः आत्मनिर्भर बनाना और 'मेक इन इंडिया' की अवधारणा को वैश्विक स्तर पर मजबूती देना है। उन्होंने इस पुरस्कार को अपने गृह जिले टीकमगढ़ और अपने मार्गदर्शकों के विश्वास का परिणाम भी बताया। प्रखर की इस उपलब्धि पर बंसल ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स के डायरेक्टर डॉ. दामोदर तिवारी, संस्थान के प्राध्यापकों और उनके परिवारजनों, जिनमें उनके पिता श्री रघुनंदन विश्वकर्मा और माता श्रीमती अरुण विश्वकर्मा शामिल हैं, ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई दी है। इस असाधारण सफलता से संस्थान और पूरे क्षेत्र में हर्ष की लहर दौड़ गई है।
- कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भाजपा विधायक एवं कट्टर हिन्दूवादी नेता उषा ठाकुर को अपनी "मुंहबोली छोटी बहन" बताया है। दिग्विजय सिंह के इस बयान के बाद मध्य प्रदेश के सियासी हलकों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। उषा ठाकुर इंदौर-3 से भाजपा की विधायक हैं और एक कट्टर हिन्दूवादी नेता के रूप में जानी जाती हैं, वहीं दिग्विजय सिंह कांग्रेस के कद्दावर नेता हैं। यह मामला तब सामने आया जब हाल ही में एक सार्वजनिक कार्यक्रम या बातचीत के दौरान दिग्विजय सिंह ने उषा ठाकुर के लिए "मुंहबोली छोटी बहन" शब्द का इस्तेमाल किया। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, दोनों नेताओं के बीच लंबे समय से पारिवारिक स्तर पर संबंध रहे हैं, जिसे दिग्विजय सिंह ने सार्वजनिक तौर पर स्वीकार किया है। दोनों की विचारधाराएं भले ही अलग हों, लेकिन दिग्विजय सिंह द्वारा उन्हें बहन बताए जाने को राजनीतिक सौहार्द के रूप में देखा जा रहा है। मध्य प्रदेश की सियासत में अक्सर तल्ख बयानबाजी के बीच, वरिष्ठ नेताओं का यह पारिवारिक जुड़ाव अब चर्चा का एक महत्वपूर्ण विषय बन गया है।1
- टीकमगढ़ में 31 मई 2026 को कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला जल एवं स्वच्छता मिशन (DWSM) की बैठक संपन्न हुई। इस दौरान जिले में संचालित विभिन्न जल प्रदाय योजनाओं की समीक्षा की गई, जिसमें मध्य प्रदेश जल निगम मर्यादित, टीकमगढ़ के अंतर्गत बानसुजारा ग्रामीण समूह जल प्रदाय योजना की प्रगति पर विशेष ध्यान दिया गया। अधिकारियों ने बैठक में बताया कि बानसुजारा योजना की वर्तमान भौतिक प्रगति लगभग 80 प्रतिशत है और इसका लक्ष्य सितंबर 2026 तक जल प्रदाय प्रारंभ करना है। योजना के तहत प्रस्तावित 61 ओवरहेड टैंक (OHT) में से 40 का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, जबकि शेष का निर्माण तेजी से जारी है। साथ ही, जल शोधन संयंत्र (WTP) का लगभग 90 प्रतिशत निर्माण कार्य पूर्ण हो गया है, और इंटेक वेल का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है, जिसे सितंबर तक पूरा करने का लक्ष्य है। कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने शेष कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना शासन की प्राथमिकता है। इसके लिए सभी संबंधित विभागों और कार्यदायी एजेंसियों को आपस में समन्वय स्थापित करते हुए कार्यों में तेजी लाने को कहा गया, ताकि निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप समय पर जल प्रदाय शुरू किया जा सके। बैठक में जल निगम और संबंधित विभागों के अधिकारियों ने योजना की प्रगति, आगामी कार्ययोजना और सामने आ रही चुनौतियों के संबंध में जानकारी प्रस्तुत की। कलेक्टर ने परियोजना को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के लिए नियमित मॉनिटरिंग और सतत समीक्षा के भी निर्देश दिए।1
- अंतर्राष्ट्रीय तम्बाकू निषेध दिवस के अवसर पर 31 मई को जतारा की सबजेल में सुबह 7 बजे 'ऋषियुग्म' के दिव्य संरक्षण में एक संगोष्ठी आयोजित की गई। इस कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि सहायक जेल अधीक्षक राजकिशोर गुर्जर और कार्यक्रम संयोजक बृजकिशोर तिवारी आचार्य ने दीप प्रज्वलन और भारत माता पूजन के साथ किया। पूजन के उपरांत किशोरकुमार नामदेव और दीनदयाल साहू ने 'प्रज्ञागीत मनुज देवता बने' प्रस्तुत किया, जिसके बाद संतोषकुमार साहू ने सामूहिक जप एवं ध्यान साधना कराई। साधना के पश्चात, बृजकिशोर तिवारी आचार्य ने सभी बंदीजनों को व्यसनों की लत, जैसे बीड़ी, सिगरेट, तम्बाकू और मदिरा से व्यक्ति, परिवार और समाज को होने वाली हानियों के बारे में संबोधित किया, और उनके त्याग पर जोर दिया। सहायक जेल अधीक्षक राजकिशोर गुर्जर ने जेल को अनुशासन, चिंतन और सुधार का केंद्र बताते हुए बंदीजनों से 'बदला नहीं, स्वयं बदलने की भावना' अपनाने का आग्रह किया। कार्यक्रम के अंत में एक टोली द्वारा नशा निवारण गीत प्रस्तुत किया गया, जिसके पश्चात सभी को व्यसन मुक्ति का संकल्प दिलाया गया। इस आयोजन में जेल स्टाफ, बंदीगण और कर्मचारी गण उपस्थित रहे।1
- जतारा स्थित पत्रिका कार्यालय में हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र के अनेक पत्रकारों ने हिस्सा लिया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य हिंदी पत्रकारिता के महत्व, दायित्वों और वर्तमान चुनौतियों पर गहन विचार-विमर्श करना था। कार्यक्रम का संचालन करते हुए पत्रकार आदम कादरी ने सभी पत्रकारों से सकारात्मक सोच के साथ कार्य करने, एक-दूसरे को नीचा दिखाने के बजाय निष्पक्षता और अपने विशिष्ट अंदाज में पत्रकारिता करने का आह्वान किया। इस अवसर पर, पूर्व जिला उपाध्यक्ष मुकेश तिवारी ने पत्रकारिता को समाज की सशक्त आवाज बताते हुए पत्रकारों को ईमानदारी और निष्ठा के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने पर विशेष जोर दिया। बालकिशन प्रजापति ने पत्रकारिता के मूल गुणों और उसकी सामाजिक जिम्मेदारियों पर विस्तृत प्रकाश डाला, जबकि दशरथ विश्वकर्मा ने पत्रकारों की भूमिका को लोकतंत्र का एक अति महत्वपूर्ण स्तंभ बताया। लाली झा ने जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता से उठाने तथा समाज के प्रति पत्रकारों की जवाबदेही पर अपने महत्वपूर्ण विचार साझा किए। वहीं, आलोक भार्गव ने हिंदी पत्रकारिता दिवस के इतिहास और उसके महत्व की विस्तृत जानकारी दी, जबकि बॉबी दुबे ने पत्रकारिता के आदर्शों, नैतिक मूल्यों और जनसेवा की भावना को बनाए रखने का सशक्त संदेश दिया। कार्यक्रम के अंत में, जतारा के सभी पत्रकारों ने एकजुट होकर जनहितकारी पत्रकारिता करने का संकल्प लिया।3
- मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले की खरगापुर तहसील के मातौल खास में एक डीजे में आग लगने की घटना सामने आई है। बताया गया है कि यह आग किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा लगाई गई।1
- एक दिल दहला देने वाली घटना में, एक प्रेमी देवर ने एकतरफा प्यार में पागल होकर अपने डेढ़ साल के मासूम भतीजे की हत्या कर दी। इस अमानवीय कृत्य को सदी की सबसे क्रूरतम घटनाओं में से एक बताया जा रहा है। यह खौफनाक वारदात तब हुई जब आरोपी 'नारंगी खटमल' को उसकी शादी का प्रस्ताव ठुकरा दिया गया। गुस्से में वह जल्लाद बन गया और मासूम बच्चे को बेरहमी से पटक-पटक कर मार डाला। इस हैवान को इंसान नहीं बल्कि दैत्य राक्षस 'Ghost नारंगी खटमल' बताते हुए, जनता की मांग है कि उसे जीने का कोई अधिकार नहीं है और उसे ठीक वैसी ही दर्दनाक सजा मिलनी चाहिए जैसी उसने उस मासूम सी जान के साथ की है।1
- मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को टीकमगढ़ जिले का प्रसिद्ध लंगड़ा आम इतना पसंद आया कि उन्होंने इसे दोबारा मंगवाया। यह आम टीकमगढ़ के बनारसी बाग के करीब 100 साल पुराने पेड़ों से प्राप्त होता है और अपने खास स्वाद तथा मिठास के लिए जाना जाता है। टीकमगढ़ का बनारसी बाग लगभग एक सदी पुराना है, जहाँ के लंगड़ा आम के पेड़ अपने प्राकृतिक स्वाद और सुगंध के लिए मशहूर हैं। सूत्रों के अनुसार, सीएम डॉ. मोहन यादव ने इस आम को चखने के बाद दोबारा मंगवाने की इच्छा जताई। लंगड़ा आम टीकमगढ़ की एक प्रमुख पहचान है, जिसकी मांग प्रदेश के साथ-साथ बाहर भी रहती है। बनारसी बाग के आम विशेष रूप से बुंदेलखंड में काफी प्रसिद्ध हैं, और यह बाग टीकमगढ़ रियासत काल से ही आम उत्पादन के लिए विख्यात रहा है। इसकी मिठास और खुशबू इसे अन्य आमों से अलग बनाती है। मुख्यमंत्री द्वारा टीकमगढ़ के आम की प्रशंसा और इसे दोबारा मंगवाए जाने की खबर से स्थानीय आम उत्पादकों तथा बागवानों में खुशी का माहौल है। इस घटना से टीकमगढ़ के लंगड़ा आम को एक नई पहचान मिलने की उम्मीद जगी है।1
- छतरपुर जिले के सिविल लाइन थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बूढ़ा में खेत में गाय के घुसने को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। गांव निवासी 55 वर्षीय काशी प्रसाद कुशवाहा के साथ तीन युवकों ने लाठी-डंडों से मारपीट की, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।1