ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज की 81 दिवसीय 'गविष्टि गो-रक्षार्थ-धर्मयुद्ध यात्रा' गौमाता को 'राज्यमाता' का संवैधानिक दर्जा दिलाने की मांग के साथ हरदोई जिले के शाहाबाद पहुँची। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य गौवंश को पशुओं की सूची से बाहर निकालकर उन्हें देश में 'राज्यमाता' के रूप में स्थापित करना है। शाहाबाद पहुँचने पर शंकराचार्य के काफिले का स्थानीय लोगों और गौ-भक्तों ने भव्य और ऐतिहासिक स्वागत किया, जहाँ श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा और उन्होंने पुष्पवर्षा व जयघोष के साथ अपनी भक्ति प्रकट की। क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण के बीच, जनसभा को संबोधित करते हुए शंकराचार्य ने गौमाता को सनातन धर्म का आधार बताया और कहा कि उनका सम्मान हमारा परम कर्तव्य है। उन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं को गौ-रक्षा का संकल्प भी दिलाया, यह स्पष्ट करते हुए कि जब तक गौमाता को 'राज्यमाता' का सम्मान नहीं मिलता, यह धर्मयुद्ध जारी रहेगा। शंकराचार्य ने केंद्र और राज्य सरकारों से पुरजोर मांग की कि गौमाता को तत्काल 'पशु' की श्रेणी से बाहर किया जाए और उन्हें 'राज्यमाता' घोषित कर संवैधानिक सम्मान प्रदान किया जाए, जिसकी वे अधिकारी हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि गौ-रक्षा केवल एक धार्मिक मुद्दा नहीं है, बल्कि भारतीय संस्कृति और अर्थव्यवस्था को सुरक्षित रखने का एक बड़ा अभियान है। इस पूरे कार्यक्रम के दौरान स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बल मुस्तैद रहे।
ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज की 81 दिवसीय 'गविष्टि गो-रक्षार्थ-धर्मयुद्ध यात्रा' गौमाता को 'राज्यमाता' का संवैधानिक दर्जा दिलाने की मांग के साथ हरदोई जिले के शाहाबाद पहुँची। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य गौवंश को पशुओं की सूची से बाहर निकालकर उन्हें देश में 'राज्यमाता' के रूप में स्थापित करना है। शाहाबाद पहुँचने पर शंकराचार्य के काफिले का स्थानीय लोगों और गौ-भक्तों ने भव्य और ऐतिहासिक स्वागत किया, जहाँ श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा और उन्होंने पुष्पवर्षा व जयघोष के साथ अपनी भक्ति प्रकट की। क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण के बीच, जनसभा को संबोधित करते हुए शंकराचार्य ने गौमाता को सनातन धर्म का आधार बताया और कहा कि उनका सम्मान हमारा परम कर्तव्य है। उन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं को गौ-रक्षा का संकल्प भी दिलाया, यह स्पष्ट करते हुए कि जब तक गौमाता को 'राज्यमाता' का सम्मान नहीं मिलता, यह धर्मयुद्ध जारी रहेगा। शंकराचार्य ने केंद्र और राज्य सरकारों से पुरजोर मांग की कि गौमाता को तत्काल 'पशु' की श्रेणी से बाहर किया जाए और उन्हें 'राज्यमाता' घोषित कर संवैधानिक सम्मान प्रदान किया जाए, जिसकी वे अधिकारी हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि गौ-रक्षा केवल एक धार्मिक मुद्दा नहीं है, बल्कि भारतीय संस्कृति और अर्थव्यवस्था को सुरक्षित रखने का एक बड़ा अभियान है। इस पूरे कार्यक्रम के दौरान स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बल मुस्तैद रहे।
- ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज की 81 दिवसीय 'गविष्टि गो-रक्षार्थ-धर्मयुद्ध यात्रा' गौमाता को 'राज्यमाता' का संवैधानिक दर्जा दिलाने की मांग के साथ हरदोई जिले के शाहाबाद पहुँची। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य गौवंश को पशुओं की सूची से बाहर निकालकर उन्हें देश में 'राज्यमाता' के रूप में स्थापित करना है। शाहाबाद पहुँचने पर शंकराचार्य के काफिले का स्थानीय लोगों और गौ-भक्तों ने भव्य और ऐतिहासिक स्वागत किया, जहाँ श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा और उन्होंने पुष्पवर्षा व जयघोष के साथ अपनी भक्ति प्रकट की। क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण के बीच, जनसभा को संबोधित करते हुए शंकराचार्य ने गौमाता को सनातन धर्म का आधार बताया और कहा कि उनका सम्मान हमारा परम कर्तव्य है। उन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं को गौ-रक्षा का संकल्प भी दिलाया, यह स्पष्ट करते हुए कि जब तक गौमाता को 'राज्यमाता' का सम्मान नहीं मिलता, यह धर्मयुद्ध जारी रहेगा। शंकराचार्य ने केंद्र और राज्य सरकारों से पुरजोर मांग की कि गौमाता को तत्काल 'पशु' की श्रेणी से बाहर किया जाए और उन्हें 'राज्यमाता' घोषित कर संवैधानिक सम्मान प्रदान किया जाए, जिसकी वे अधिकारी हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि गौ-रक्षा केवल एक धार्मिक मुद्दा नहीं है, बल्कि भारतीय संस्कृति और अर्थव्यवस्था को सुरक्षित रखने का एक बड़ा अभियान है। इस पूरे कार्यक्रम के दौरान स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बल मुस्तैद रहे।1
- शनिवार को शाहाबाद (हरदोई) के अल्लाहपुर चौराहे पर ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य जगद्गुरु स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का श्रद्धालुओं ने भव्य स्वागत किया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने जयघोष करते हुए उनके चरणों में पुष्पवर्षा की। शंकराचार्य ने अपने संबोधन में सरकार से गौमाता को 'राज्यमाता' घोषित करने की मांग की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि यदि सरकार इस मांग को पूरा करने में समर्थ नहीं होती है, तो आने वाले चुनाव में वे भी सरकार को वोट देने में समर्थ नहीं होंगे। उनके इस वक्तव्य का उपस्थित सभी श्रद्धालुओं ने जयघोष कर प्रबल समर्थन किया। इसके बाद शंकराचार्य अपने निर्धारित कार्यक्रम के लिए आगे रवाना हो गए। इस मौके पर पत्रकारों से उनकी कोई औपचारिक वार्ता नहीं हुई।4
- हरदोई जिले के पाली थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सहजनपुर में शुक्रवार शाम एक बुजुर्ग दंपत्ति की बिजली का करंट लगने से दर्दनाक मौत हो गई। यह हृदयविदारक घटना तब घटी जब सरस्वती (55 वर्ष) शाम करीब 7 से 8 बजे के बीच घर में पंखे का तार ठीक कर रही थीं और अचानक करंट की चपेट में आ गईं। अपनी पत्नी को तड़पता देख, उन्हें बचाने दौड़े पति राममोहन (60 वर्ष) भी बिजली के तेज करंट की चपेट में आ गए, जिससे मौके पर ही दोनों की मौत हो गई। इस दुखद हादसे के बाद पूरे गांव में गहरा मातम पसर गया है। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। अपर पुलिस अधीक्षक (सर्किल शाहाबाद), श्री आलोक राज नारायण ने बताया कि पुलिस ने तत्काल शवों को अपने कब्जे में लेकर पंचायतनामा की कानूनी कार्रवाई पूरी की। इसके बाद, दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया गया है और मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।1
- हरदोई के बेनीगंज स्थित कोथावां विकासखंड की ग्राम पंचायत झरोइया में निर्माणाधीन कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय की बाउंड्री वॉल में कथित तौर पर पीली ईंटों और घटिया सामग्री के इस्तेमाल के विरोध में किसानों ने धरना प्रदर्शन किया। किसान नेताओं ने इस निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराने और इसमें शामिल दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की। अपनी मांगों के समर्थन में, किसानों ने नायब तहसीलदार तथा लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को एक ज्ञापन सौंपा। अधिकारियों ने किसानों को आश्वासन दिया कि उनकी शिकायतों का 15 दिनों के भीतर निस्तारण कर दिया जाएगा, जिसके बाद धरना समाप्त कर दिया गया। हालांकि, किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय-सीमा में कोई कार्रवाई नहीं की गई, तो वे अपना आंदोलन फिर से शुरू करेंगे।1
- हरदोई जनपद के सवायजपुर स्थित मत्तीपुर गांव में बिजली विभाग की कथित लापरवाही के कारण एक बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। कई दिनों से 11 हजार वोल्ट (11 केवी) की हाईटेंशन विद्युत लाइन टूटकर जमीन पर पड़ी है, जिसकी शिकायत के बावजूद विभाग ने इसे ठीक करने की जहमत नहीं उठाई है। इस गंभीर अनदेखी का खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है, जहां अब तक करंट की चपेट में आने से तीन गायों की मौत हो चुकी है। मृत पशुओं के मालिक जोगेन्द्र पाल (पुत्र रामेश्वर दयाल), नरेश शुक्ला (पुत्र विशेश्वर दयाल) और सुशील शुक्ला (पुत्र विशेश्वर दयाल) ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए प्रशासन से उचित मुआवजे की मांग की है। सबसे गंभीर बात यह है कि टूटी हुई हाईटेंशन लाइन एक जूनियर स्कूल के बिल्कुल पास पड़ी है। इसी रास्ते से प्रतिदिन बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे और अन्य ग्रामीण गुजरते हैं, जिससे स्थानीय लोगों में किसी भी समय एक बड़े जानमाल के नुकसान की आशंका गहरी हो गई है। ग्रामीणों के अनुसार, इस मामले की सूचना 33/11 सवायजपुर विद्युत डिवीजन को कई बार दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। बिजली विभाग की इस निरंतर लापरवाही और उदासीनता के चलते ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है। उनकी प्रमुख मांगों में टूटी हुई लाइन को तुरंत दुरुस्त कराना, मृत पशुओं के स्वामियों को उचित मुआवजा प्रदान करना और लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करना शामिल है। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए, तो यह अनदेखी किसी बड़ी जनहानि का कारण बन सकती है।4
- पाली थाना क्षेत्र के सहजनपुर गाँव में शुक्रवार शाम करेंट लगने से एक दंपति की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। शुक्रवार की शाम लगभग 7:00 से 8:00 बजे के आसपास पुलिस को सूचना मिली कि 55 वर्षीय सरस्वती, जो एक पंखे के तार को ठीक कर रही थीं, बिजली के करेंट की चपेट में आ गईं। इसी दौरान अपनी पत्नी को बचाने आए उनके 60 वर्षीय पति राममोहन भी करेंट की चपेट में आ गए, जिससे दोनों की तत्काल मृत्यु हो गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुँची और नियमानुसार पंचायतनामा की कार्यवाही पूरी की। इसके बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेजा गया। मामले में अन्य आवश्यक कार्यवाही अभी प्रचलित है। इस दुखद घटना के संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक सर्किल शाहाबाद, आलोक राज नारायण द्वारा जानकारी दी गई है।1
- हरदोई के माधोगंज क्षेत्र के जाने-माने और मिलनसार सामाजिक कार्यकर्ता रामस्वरूप 'लेबर' (निवासी तेरवा) का एक सड़क दुर्घटना के बाद इलाज के दौरान निधन हो गया, जिससे पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। बुधवार को रामस्वरूप अपने गांव में सड़क किनारे इंटरलॉकिंग पर खड़े थे, तभी माधोगंज की ओर से तेज रफ्तार बाइक से नशे की हालत में आ रहे राजपाल पुत्र नत्थालाल निवासी सेउड़ई ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में रामस्वरूप गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल से लखनऊ के मेडिकल कॉलेज स्थित ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया, जहाँ शुक्रवार को डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका और उन्होंने अंतिम सांस ली। रामस्वरूप माधोगंज और आसपास के क्षेत्रों में सभी धार्मिक, सामाजिक और वैवाहिक आयोजनों में पूरी निष्ठा, ईमानदारी और कड़ी मेहनत से अपनी सेवाएं देते थे। उनकी सेवा भावना के कारण वे हर वर्ग के चहेते थे और अपने पीछे एक ऐसा शून्य छोड़ गए हैं जिसकी भरपाई नामुमकिन है। उनके आकस्मिक निधन पर क्षेत्र के व्यापारियों, गणमान्य नागरिकों और ग्रामीणों ने गहरा दुख व्यक्त किया है, इसे समाज के लिए एक अपूर्णीय क्षति बताया है। व्यापारियों ने विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि, "रामस्वरूप जी का जाना बेहद पीड़ादायक है। वे एक सच्चे और कर्मठ इंसान थे जो हर आयोजन को अपना समझकर मेहनत करते थे। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करे और उनके परिजनों को इस असहनीय दुख को सहने की शक्ति दे।"2
- यूपी टीईटी (UPTET) परीक्षा में एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है, जहाँ हरदोई के आर्य कन्या पाठशाला इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र पर बायोमैट्रिक सत्यापन के दौरान एक अभ्यर्थी को धोखाधड़ी करते हुए पकड़ा गया। इस घटना से परीक्षा केंद्र पर हड़कंप मच गया। आरोपी पर आधार विवरण में अपना नाम बदलने और जन्मतिथि में हेरफेर करने का गंभीर आरोप है, ताकि वह अवैध तरीके से परीक्षा में बैठ सके। यह फर्जीवाड़ा परीक्षा केंद्र पर की गई बायोमैट्रिक जांच के दौरान सामने आया, जिसने अभ्यर्थी की असलियत उजागर कर दी। मामले का खुलासा होने के बाद, केंद्र व्यवस्थापिका की तहरीर पर कोतवाली शहर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया है। पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है और आश्वस्त किया है कि जांच पूरी होने के बाद संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्यवाही की जाएगी।1