वेतन न मिलने से आक्रोशित मजदूर 7 घंटे हाईटेंशन टावर पर चढ़ा, प्रशासन की पहल से सुलझा मामला वेतन न मिलने से आक्रोशित मजदूर 7 घंटे हाईटेंशन टावर पर चढ़ा, प्रशासन की पहल से सुलझा मामला जिले में हाईटेंशन टावर पर चढ़कर विरोध और आत्महत्या की धमकी देने की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। इसी कड़ी में मंगलवार को बरगवां थाना क्षेत्र के पाली टोला अंतर्गत खरखटा गांव में एक मजदूर करीब 7 घंटे तक हाईटेंशन बिजली टावर पर चढ़ा रहा, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, विजय कुमार पनिका भारत सरकार की मिनी रत्न कंपनी नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) के गोरबी ब्लॉक-बी क्षेत्र में ओबी क्लाउड टेक कंपनी के माध्यम से कार्यरत था। विजय का आरोप है कि कंपनी ने उसे बिना किसी ठोस कारण के नौकरी से हटा दिया, साथ ही मजदूरी की सैलरी और पीएफ की राशि का भुगतान भी नहीं किया गया। इसी से आक्रोशित होकर वह मंगलवार सुबह हाईटेंशन टावर पर चढ़ गया और आत्महत्या की धमकी देने लगा। टावर पर चढ़े युवक ने वहीं से एक वीडियो भी बनाया, जिसमें वह अपने गांव का नक्शा दिखाते हुए यह कहते हुए सुनाई दे रहा है कि वह “अंतिम बार अपने गांव को देख रहा है।” घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन मौके पर पहुंच गया और युवक को सुरक्षित नीचे उतारने के प्रयास शुरू किए गए। बरगवां थाना प्रभारी ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब 10 बजे घटना की सूचना मिली थी। पुलिस टीम मौके पर मौजूद रही और लगातार युवक को समझाइश दी जाती रही। साथ ही संबंधित कंपनी के अधिकारियों को भी बुलाया गया। प्रारंभिक तौर पर मामला एक ओवरबर्डन ठेका कंपनी से जुड़ा पाया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार दीपेन्द्र तिवारी और बरगवां थाना निरीक्षक की मौजूदगी में प्रशासन व कंपनी प्रतिनिधियों के बीच वार्ता हुई। लंबी बातचीत के बाद कंपनी ने विजय कुमार पनिका को चार माह का वेतन देने और पूर्व में काटी गई राशि की भरपाई करने पर सहमति जताई। इसके अलावा अन्य प्रभावित कर्मचारियों को भी सहयोग देने का आश्वासन दिया गया। प्रशासन की पहल के बाद शाम को युवक सुरक्षित रूप से टावर से नीचे उतरा, जिसके साथ ही करीब 7 घंटे चला तनावपूर्ण घटनाक्रम समाप्त हुआ। प्रशासन ने मामले को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझने की पुष्टि की है। इस घटना के बाद एनसीएल गोरबी ब्लॉक-बी क्षेत्र में कार्यरत ठेका कंपनियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों और श्रमिक संगठनों ने ठेका मजदूरों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए सख्त निगरानी और जवाबदेही तय करने की मांग की है। श्रमिक संगठनों ने इसे मजदूर हित में उठाया गया सकारात्मक कदम बताया है।
वेतन न मिलने से आक्रोशित मजदूर 7 घंटे हाईटेंशन टावर पर चढ़ा, प्रशासन की पहल से सुलझा मामला वेतन न मिलने से आक्रोशित मजदूर 7 घंटे हाईटेंशन टावर पर चढ़ा, प्रशासन की पहल से सुलझा मामला जिले में हाईटेंशन टावर पर चढ़कर विरोध और आत्महत्या की धमकी देने की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। इसी कड़ी में मंगलवार को बरगवां थाना क्षेत्र के पाली टोला अंतर्गत खरखटा गांव में एक मजदूर करीब 7 घंटे तक हाईटेंशन बिजली टावर पर चढ़ा रहा, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, विजय कुमार पनिका भारत सरकार की मिनी रत्न कंपनी नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) के गोरबी ब्लॉक-बी क्षेत्र में ओबी क्लाउड टेक कंपनी के माध्यम से कार्यरत था। विजय का आरोप है कि कंपनी ने उसे बिना किसी ठोस कारण के नौकरी से हटा दिया, साथ ही मजदूरी की सैलरी और पीएफ की राशि का भुगतान भी नहीं किया गया। इसी से आक्रोशित होकर वह मंगलवार सुबह हाईटेंशन टावर पर चढ़ गया और आत्महत्या की धमकी देने लगा। टावर पर चढ़े युवक ने वहीं से एक वीडियो भी बनाया, जिसमें वह अपने गांव का नक्शा दिखाते हुए यह कहते हुए सुनाई दे रहा है कि वह “अंतिम बार अपने गांव को देख रहा है।” घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन मौके पर पहुंच गया और युवक को सुरक्षित नीचे उतारने के प्रयास शुरू किए गए। बरगवां थाना प्रभारी ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब 10 बजे घटना की सूचना मिली थी। पुलिस टीम मौके पर मौजूद रही और लगातार युवक को समझाइश दी जाती रही। साथ ही संबंधित कंपनी के अधिकारियों को भी बुलाया गया। प्रारंभिक तौर पर मामला एक ओवरबर्डन ठेका कंपनी से जुड़ा पाया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार दीपेन्द्र तिवारी और बरगवां थाना निरीक्षक की मौजूदगी में प्रशासन व कंपनी प्रतिनिधियों के बीच वार्ता हुई। लंबी बातचीत के बाद कंपनी ने विजय कुमार पनिका को चार माह का वेतन देने और पूर्व में काटी गई राशि की भरपाई करने पर सहमति जताई। इसके अलावा अन्य प्रभावित कर्मचारियों को भी सहयोग देने का आश्वासन दिया गया। प्रशासन की पहल के बाद शाम को युवक सुरक्षित रूप से टावर से नीचे उतरा, जिसके साथ ही करीब 7 घंटे चला तनावपूर्ण घटनाक्रम समाप्त हुआ। प्रशासन ने मामले को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझने की पुष्टि की है। इस घटना के बाद एनसीएल गोरबी ब्लॉक-बी क्षेत्र में कार्यरत ठेका कंपनियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों और श्रमिक संगठनों ने ठेका मजदूरों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए सख्त निगरानी और जवाबदेही तय करने की मांग की है। श्रमिक संगठनों ने इसे मजदूर हित में उठाया गया सकारात्मक कदम बताया है।
- बेटे को नहीं मिली जमानत… हाईटेंशन टावर पर चढ़ गई महिला; 8 घंटे तक चला हाई वोल्टेज ड्रामा सिंगरौली में बेटे को जमानत नहीं मिलने से आहत एक महिला बिजली के हाईटेंशन टावर पर चढ़ गई, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया. पुलिस-प्रशासन के समझाने के करीब 8 घंटे के बाद महिला टावर से नीचे उतरी. एमपी के सिंगरौली में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक महिला बेटे को जमानत नहीं मिलने पर आज बिजली के हाईटेंशन टावर पर चढ़ गई और जमकर हमंगा किया. महिला करीब 8 घंटे तक टावर पर बैठी रही. स्थानीय लोगों के बहुत समझाने और पुलिस के आश्वासनों के बाद महिला नीचे उतरी. घटना जिले के सरई थाना क्षेत्र की है.1
- वेतन न मिलने से आक्रोशित मजदूर 7 घंटे हाईटेंशन टावर पर चढ़ा, प्रशासन की पहल से सुलझा मामला जिले में हाईटेंशन टावर पर चढ़कर विरोध और आत्महत्या की धमकी देने की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। इसी कड़ी में मंगलवार को बरगवां थाना क्षेत्र के पाली टोला अंतर्गत खरखटा गांव में एक मजदूर करीब 7 घंटे तक हाईटेंशन बिजली टावर पर चढ़ा रहा, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, विजय कुमार पनिका भारत सरकार की मिनी रत्न कंपनी नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) के गोरबी ब्लॉक-बी क्षेत्र में ओबी क्लाउड टेक कंपनी के माध्यम से कार्यरत था। विजय का आरोप है कि कंपनी ने उसे बिना किसी ठोस कारण के नौकरी से हटा दिया, साथ ही मजदूरी की सैलरी और पीएफ की राशि का भुगतान भी नहीं किया गया। इसी से आक्रोशित होकर वह मंगलवार सुबह हाईटेंशन टावर पर चढ़ गया और आत्महत्या की धमकी देने लगा। टावर पर चढ़े युवक ने वहीं से एक वीडियो भी बनाया, जिसमें वह अपने गांव का नक्शा दिखाते हुए यह कहते हुए सुनाई दे रहा है कि वह “अंतिम बार अपने गांव को देख रहा है।” घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन मौके पर पहुंच गया और युवक को सुरक्षित नीचे उतारने के प्रयास शुरू किए गए। बरगवां थाना प्रभारी ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब 10 बजे घटना की सूचना मिली थी। पुलिस टीम मौके पर मौजूद रही और लगातार युवक को समझाइश दी जाती रही। साथ ही संबंधित कंपनी के अधिकारियों को भी बुलाया गया। प्रारंभिक तौर पर मामला एक ओवरबर्डन ठेका कंपनी से जुड़ा पाया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार दीपेन्द्र तिवारी और बरगवां थाना निरीक्षक की मौजूदगी में प्रशासन व कंपनी प्रतिनिधियों के बीच वार्ता हुई। लंबी बातचीत के बाद कंपनी ने विजय कुमार पनिका को चार माह का वेतन देने और पूर्व में काटी गई राशि की भरपाई करने पर सहमति जताई। इसके अलावा अन्य प्रभावित कर्मचारियों को भी सहयोग देने का आश्वासन दिया गया। प्रशासन की पहल के बाद शाम को युवक सुरक्षित रूप से टावर से नीचे उतरा, जिसके साथ ही करीब 7 घंटे चला तनावपूर्ण घटनाक्रम समाप्त हुआ। प्रशासन ने मामले को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझने की पुष्टि की है। इस घटना के बाद एनसीएल गोरबी ब्लॉक-बी क्षेत्र में कार्यरत ठेका कंपनियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों और श्रमिक संगठनों ने ठेका मजदूरों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए सख्त निगरानी और जवाबदेही तय करने की मांग की है। श्रमिक संगठनों ने इसे मजदूर हित में उठाया गया सकारात्मक कदम बताया है।1
- मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां जंगल के भीतर एक लिपिक का शव फांसी के फंदे पर लटका मिला। घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। लेकिन इस घटना ने उस वक्त और भी सनसनी फैला दी, जब मृतक के मोबाइल फोन में उसके माँ को मोबाइल से भेजा हुआ एक SMS मिला—जिसमें लिखा था, “लोग मुझे मार डालेंगे…” यह एक वाक्य अब पूरे मामले को रहस्य और साजिश के घेरे में खड़ा कर रहा है। जंगल में झूलता मिला शव, इलाके में हड़कंप सुबह जब ग्रामीण जंगल की ओर गए, तो पेड़ से लटका शव देखकर उनके होश उड़ गए। देखते ही देखते खबर आग की तरह फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को नीचे उतरवाया। मृतक की पहचान गजेंद्र सिंह उम्र 31 वर्ष सिंगरौली जिले के चितरंगी ब्लॉक के हरफरी गाँव के सरकारी स्कूल में पदस्थ एक लिपिक के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि 23 फरवरी को मृतक गजेंद्र सिंह अपनी माँ को अपने मोबाइल से एक SMS भेजा था, जिसमे लिखा था- लोग मुझे मार डालेंगे, अगले ही दिन उसका शव जंगल मे फांसी के फंदे पर लटका मिला, पुलिस जांच में घटनास्थल का मंजर सिहरन पैदा करने वाला था—सन्नाटा, पेड़ से लटका शव और आसपास बिखरे कुछ सामान। पहली नजर में मामला आत्महत्या का लग रहा था, लेकिन मोबाइल में मिला संदेश कहानी को पलटता नजर आ रहा है। फिलहाल पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है, और मामले की जांच में जुट गई है. जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पायेगा की यह आत्महत्या है या फिर हत्या, सच्चाई जो भी हो, जंगल के उस पेड़ से झूलता शव कई अनसुलझे सवाल छोड़ गया है।1
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- Post by Ramji Kol2
- Post by Buro chief Sonbhadra Kameshwar Buro Chief1
- सोनभद्र.... - हर घर जल नल योजना में भ्रष्टाचार का आरोप, सपा का डीएम कार्यालय पर हंगामा - पैदल मार्च करते हुए पहुंचे कार्यकर्ताओं ने सरकार पर योजना के नाम पर करोड़ों रुपये के दुरुपयोग का लगाया आरोप - सपा नेताओं का दावा है कि कई गांवों में पाइपलाइन बिछने के बावजूद नहीं हो रही पानी की सप्लाई रही - प्रचार-प्रसार के लिए आये करोड़ों रुपये खर्च करने की बजाये हो गए बंदरबाट - ग्रामीणों ने शुद्ध पेयजल न मिलने से बच्चों के बीमार होने की बात कही - सपा जिला सचिव प्रमोद यादव ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। - समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं ने ‘हर घर जल नल’ योजना में कथित भ्रष्टाचार को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पर किया जोरदार प्रदर्शन। ।2
- Post by Ramji Kol1