जाली मुद्रा मामले में 22 वर्षों से फरार इनामी वारंटी बीएसएफ आरक्षक को थाना डबरा सिटी पुलिस ने किया गिरफ्तार डबरा (ग्वालियर) मध्य प्रदेश जाली मुद्रा मामले में 22 वर्षों से फरार इनामी वारंटी बीएसएफ आरक्षक को थाना डबरा सिटी पुलिस ने किया गिरफ्तार जाली मुद्रा के मामले में 22 वर्ष से फरार 05 हजार रूपये के इनामी वारंटी को पुलिस ने डबरा रेलवे स्टेशन से किया गिरफ्तार आज दिनांक 19.08.2026 को थाना डबरा सिटी पुलिस को जरिये मुखबिर सूचना प्राप्त हुई कि थाना डबरा सिटी के अपराध क्रमांक 355/2004 धारा 489(ए),489(बी) भादवि में फरार 05 हजार का इनामी एवं थाना डबरा शहर में माननीय उच्च न्यायालय खण्डपीठ ग्वालियर के सीआरए क्रमांक 230/2005 में स्थाई वारंटी अरविंद जाट रेलवे स्टेशन डबरा पर है। उक्त सूचना से वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया, जिस पर अति. पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) जयराज कुबेर द्वारा मुखबिर सूचना की तस्दीक कर इनामी वारंटी के खिलाफ कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशानुसार एसडीओपी डबरा सौरभ कुमार के कुशल मार्गदर्शन में थाना प्रभारी डबरा सिटी उप निरीक्षक संजय शर्मा के द्वारा पुलिस की टीम को मुखबिर सूचना की तस्दीक कर कार्यवाही हेतु डबरा रेलवे स्टेशन भेजा गया। पुलिस द्वारा डबरा रेलवे स्टेशन से मुखबिर के बताये हुलिया के एक संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ लिया गया, जिसने पूछताछ में अपना नाम अरविन्द पिता स्व. बहादुर सिहं जाट निवासी ग्राम चुरली थाना पिछोर जिला ग्वालियर का होना बताया। उक्त आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह पूर्व में बीएसएफ टेकनपुर में 78 बटालियन की एफ कंपनी में आरक्षक था वर्ष 2004 में ही छुट्टी के दौरान जाली मुद्रा मेरे पास पकड़ी गई थी तब वह लगभग एक वर्ष के लिये जेल गया था और फिर बचने के लिये अपने घर से भाग गया था और ग्राम डींग तहसली बल्लभगढ जिला फरीदाबाद में निवास कर रहा था। उसी दौरान उसनेे शादी की थी उसकी एक बेटा भी है तब से उसने अपने परिवार के सभी लोगो से संबंध खत्म कर दिये थे तथा कभी पेशी पर नही आया था। थाना डबरा सिटी पुलिस द्वारा आरोपी को विधिवत गिरफ्तार किया गया। उक्त आरोपी की गिरफ्तारी पर वर्ष 2013 में पुलिस अधीक्षक ग्वालियर द्वारा 05 हजार रूपये का इनाम घोषित किया गया था तथा आरोपी के खिलाफ माननीय न्यायालय द्वारा एक स्थाई वारंट भी जारी किया गया था।
जाली मुद्रा मामले में 22 वर्षों से फरार इनामी वारंटी बीएसएफ आरक्षक को थाना डबरा सिटी पुलिस ने किया गिरफ्तार डबरा (ग्वालियर) मध्य प्रदेश जाली मुद्रा मामले में 22 वर्षों से फरार इनामी वारंटी बीएसएफ आरक्षक को थाना डबरा सिटी पुलिस ने किया गिरफ्तार जाली मुद्रा के मामले में 22 वर्ष से फरार 05 हजार रूपये के इनामी वारंटी को पुलिस ने डबरा रेलवे स्टेशन से किया गिरफ्तार आज दिनांक 19.08.2026 को थाना डबरा सिटी पुलिस को जरिये मुखबिर सूचना प्राप्त हुई कि थाना डबरा सिटी के अपराध क्रमांक 355/2004 धारा 489(ए),489(बी) भादवि में फरार 05 हजार का इनामी एवं थाना डबरा शहर में माननीय उच्च न्यायालय खण्डपीठ ग्वालियर के सीआरए क्रमांक 230/2005 में स्थाई वारंटी अरविंद जाट रेलवे स्टेशन डबरा पर है। उक्त सूचना से
वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया, जिस पर अति. पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) जयराज कुबेर द्वारा मुखबिर सूचना की तस्दीक कर इनामी वारंटी के खिलाफ कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशानुसार एसडीओपी डबरा सौरभ कुमार के कुशल मार्गदर्शन में थाना प्रभारी डबरा सिटी उप निरीक्षक संजय शर्मा के द्वारा पुलिस की टीम को मुखबिर सूचना की तस्दीक कर कार्यवाही हेतु डबरा रेलवे स्टेशन भेजा गया। पुलिस द्वारा डबरा रेलवे स्टेशन से मुखबिर के बताये हुलिया के एक संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ लिया गया, जिसने पूछताछ में अपना नाम अरविन्द पिता स्व. बहादुर सिहं जाट निवासी ग्राम चुरली थाना पिछोर जिला ग्वालियर का होना बताया। उक्त आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह पूर्व में बीएसएफ टेकनपुर में 78 बटालियन की एफ कंपनी में आरक्षक था
वर्ष 2004 में ही छुट्टी के दौरान जाली मुद्रा मेरे पास पकड़ी गई थी तब वह लगभग एक वर्ष के लिये जेल गया था और फिर बचने के लिये अपने घर से भाग गया था और ग्राम डींग तहसली बल्लभगढ जिला फरीदाबाद में निवास कर रहा था। उसी दौरान उसनेे शादी की थी उसकी एक बेटा भी है तब से उसने अपने परिवार के सभी लोगो से संबंध खत्म कर दिये थे तथा कभी पेशी पर नही आया था। थाना डबरा सिटी पुलिस द्वारा आरोपी को विधिवत गिरफ्तार किया गया। उक्त आरोपी की गिरफ्तारी पर वर्ष 2013 में पुलिस अधीक्षक ग्वालियर द्वारा 05 हजार रूपये का इनाम घोषित किया गया था तथा आरोपी के खिलाफ माननीय न्यायालय द्वारा एक स्थाई वारंट भी जारी किया गया था।
- चीनोर से शीतला माता ग्वालियर को जोड़ने वाला रोड पर झाड़ियां बहुत सारी हैं कभी अनहोनी हो सकती है pwd विभाग इस पर कोई ध्यान नहीं है घर बैठे आराम की टांका पाने वाले प विभाग के अधिकारी को कोई ध्यान नहीं है चीनो र से और से ग्वालियर शीतला माता अमरोल को जोड़ने वाला रोड2
- बोहरान मोहल्ले में खुले कुएं में गिरकर बछड़े की मौत, बाउंड्रीवॉल नहीं होने पर लोगों में नाराजगी भांडेर नगर के बोहरान मोहल्ले में खुले कुएं में गिरने से एक बछड़े की मौत हो गई। कुएं के आसपास बाउंड्रीवॉल नहीं होने के कारण हादसा होने की बात सामने आई है। घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी है। बताया गया कि मोहल्ले के कई परिवार इसी कुएं के पानी का उपयोग करते हैं। ऐसे में बछड़े के कुएं में गिरने से पानी की स्वच्छता को लेकर भी लोगों की चिंता बढ़ गई है। घटना की सूचना मिलने पर गुरुवार शाम 04 बजे नगर परिषद के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और काफी प्रयास के बाद बछड़े को कुएं से बाहर निकाला। स्थानीय लोगों ने बताया कि खुले कुएं के आसपास सुरक्षा के इंतजाम नहीं हैं, जिससे भविष्य में भी हादसे की आशंका बनी हुई है। लोगों ने नगर परिषद से कुएं के चारों ओर जल्द बाउंड्रीवॉल बनवाने और पानी की सफाई कराने की मांग की है।1
- नगर पालिका की वसूली पर सवाल: बाजार में हाथ ठेले वालों से पैसा वसूलने का आरोप, रिकॉर्ड और जमा राशि का हिसाब गायब! दतिया नगर पालिका की बाजार वसूली व्यवस्था को लेकर अब गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि बाजार की सड़कों पर खड़े हाथ ठेले वालों से नगर पालिका के कर्मचारी पैसे की वसूली कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि इस वसूली का नगर पालिका के रिकॉर्ड में कोई स्पष्ट हिसाब मौजूद नहीं है। सवाल यह है कि वसूली गई राशि किस मद में जमा हो रही है और आखिर यह पैसा नगर पालिका के किस खाते में जा रहा है? खास बात यह है कि बाजार बैठकी की वसूली सालों पहले बंद हो चुकी है, फिर भी अगर वसूली की जा रही है तो इसके पीछे आदेश किसका है और इसकी वैधता क्या है? वसूली करने वाले कर्मचारी कभी कलेक्टर के निर्देश, कभी नगर पालिका अध्यक्ष और कभी सीएमओ के आदेश का हवाला देते हैं। ऐसे में बड़ा सवाल है—वास्तविक आदेश किसका है, वसूली किस नियम के तहत हो रही है और वसूली की पूरी राशि आखिर जमा कहां हो रही है? अब जरूरत है कि नगर पालिका इस पूरे मामले में रिकॉर्ड सार्वजनिक कर स्थिति स्पष्ट करे और यदि कोई अनियमितता है तो उसकी निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की जाए।1
- दतिया नगर पालिका की वसूली पर बड़ा सवाल: आखिर ठेले वालों से लिया जा रहा पैसा जा कहां रहा है? दतिया नगर पालिका की वसूली पर बड़ा सवाल: आखिर ठेले वालों से लिया जा रहा पैसा जा कहां रहा है? दतिया ब्रेकिंग। दतिया शहर के बाजारों में सड़क किनारे हाथ ठेला लगाकर रोजी-रोटी कमाने वाले छोटे व्यापारियों से नगर पालिका के नाम पर कथित रूप से वसूली किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि वसूली करने वाले कर्मचारी ठेले वालों से राशि ले रहे हैं, लेकिन इस राशि का नगर पालिका के रिकॉर्ड में क्या हिसाब है, यह स्पष्ट नहीं है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर बाजार बैठकी की वसूली बंद हो चुकी है, तो आखिर किस नियम या आदेश के तहत यह राशि वसूली जा रही है? वसूली को लेकर अलग-अलग बातें सामने आने से मामला और भी गंभीर हो गया है। कभी कर्मचारी द्वारा कलेक्टर साहब के निर्देश, कभी नगर पालिका अध्यक्ष के निर्देश, तो कभी सीएमओ के आदेश का हवाला दिए जाने की बात कही जा रही है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर इस वसूली का वास्तविक आदेश किस अधिकारी ने जारी किया है? आखिर पैसा जमा कहां हो रहा है? यदि नगर पालिका के नाम पर ठेले वालों से राशि ली जा रही है तो प्रत्येक वसूली की रसीद, वसूली रजिस्टर, संबंधित मद और नगर पालिका के खाते में जमा राशि का रिकॉर्ड सार्वजनिक होना चाहिए। सवाल यह भी है कि प्रतिदिन कितने ठेले वालों से कितनी राशि वसूली जा रही है और महीने में कुल कितनी रकम नगर पालिका के खाते में जमा हो रही है? मध्यप्रदेश सरकार द्वारा बाजार बैठकी/तहबाजारी शुल्क की वसूली को लेकर पहले ही निर्देश जारी किए जा चुके हैं। ऐसे में दतिया में वर्तमान में हो रही कथित वसूली की वैधानिक स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है। अब सवाल नगर पालिका प्रशासन से— वसूली किस आदेश के तहत हो रही है? आदेश किस अधिकारी ने जारी किया? वसूली किस मद में की जा रही है? क्या प्रत्येक ठेले वाले को अधिकृत रसीद दी जा रही है? अब तक कुल कितनी राशि वसूली गई? कितनी राशि नगर पालिका के खाते में जमा हुई? यदि वसूली वैध है तो उसका रिकॉर्ड सार्वजनिक क्यों नहीं किया जा रहा? और यदि वसूली का कोई वैध आदेश नहीं है, तो जिम्मेदार कौन है? आखिरकार सवाल यही है— नगर पालिका के नाम पर वसूली हो रही है तो पैसा नगर पालिका के खाते में जा रहा है या कहीं और? इस पूरे मामले में नगर पालिका प्रशासन से स्पष्ट जवाब और दस्तावेज सामने आना जरूरी है।1
- ब्रेकिंग न्यूज़: दतिया में डीपार पुलिस का बड़ा खुलासा, 7 लाख रुपए का मसरूका और चोरी गई कार के साथ दो शातिर चोर गिरफ्तार ब्रेकिंग न्यूज़: दतिया में डीपार पुलिस का बड़ा खुलासा, 7 लाख रुपए का मसरूका और चोरी गई कार के साथ दो शातिर चोर गिरफ्तार दतिया: जिला दतिया की डीपार थाना पुलिस ने चोरी की एक बड़ी वारदात का पर्दाफाश करते हुए दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी किए गए सोने के जेवरात और घटना में प्रयुक्त एक इयोन कार सहित कुल करीब 7 लाख रुपए का मसरूका बरामद किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनजीत सिंह चावला और एसडीओपी सेवढ़ा अजय चानना के कुशल निर्देशन व मार्गदर्शन में की गई है। यह था पूरा मामला घटना 27-28 जून 2026 की दरमियानी रात की है। फरियादी पंकज गुर्जर (निवासी ग्राम रुहेरा) ने थाना डीपार में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि अज्ञात चोर उनके घर के कमरे से सोने के जेवरात और नगदी चुरा ले गए हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर लगातार तकनीकी सहायता और मुखबिर तंत्र के जरिए आरोपियों की तलाश शुरू की। 20 अगस्त 2026 को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने जरा घाटी के पास एक ग्रे कलर की इयोन कार को रोका। पूछताछ के दौरान कार सवार संदिग्धों ने रुहेरा गांव में चोरी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। आरोपी इन जेवरात को बेचने के लिए सेवढ़ा की ओर जा रहे थे। गिरफ्तार आरोपी और उनका आपराधिक इतिहास पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है: प्रदीप परिहार - निवासी खेड़ा, थाना बिजौली, जिला ग्वालियर। जितेन्द्र कुशवाह उर्फ जीतू उर्फ केंचुआ - निवासी ग्राम थाना हस्तनापुर, जिला ग्वालियर। विशेष नोट: गिरफ्तार आरोपी जितेन्द्र कुशवाह शातिर किस्म का अपराधी है, जिसके खिलाफ ग्वालियर और अन्य जिलों में चोरी के आधा दर्जन से अधिक गंभीर अपराध दर्ज हैं। बरामद सामग्री (मसरूका) इयोन कार: कीमत लगभग 4.50 लाख रुपए (घटना में प्रयुक्त) सोने के जेवरात: दो सोने की अंगूठियां और दो सोने की चूड़ियां कुल कीमत: अन्य बरामद सामग्री सहित लगभग 7 लाख रुपए का मसरूका। अन्य आरोपियों की तलाश जारी गिरफ्तार आरोपियों को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। इस प्रकरण में शामिल अन्य फरार आरोपी सुनील कुशवाह, शिवम परिहार (निवासीगण खेड़ा, थाना बिजौली, ग्वालियर) और नबल किशोर रुहेरा (निवासी रुहेरा, थाना डीपार, दतिया) की तलाश तेजी से जारी है। साथ ही, शेष चोरी गए मसरूका की बरामदगी के प्रयास भी किए जा रहे हैं। पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका इस सफल पर्दाफाश और गिरफ्तारी में थाना प्रभारी उनि यादवेंद्र सिंह गुर्जर के नेतृत्व में प्र.आर. मंशाराम कुशवाह, आर. ईशुराज सोलंकी, आर. शैलेन्द्र सिंह, आर. शैलेन्द्र गिरि, आर. आकाश यादव, आर. चालक देवेन्द्र सिंह गुर्जर, आर. प्रमोद गोयल, आर. राहुल पक्षवार, आर. अनुपेन्द्र सिंह (सायबर), आर. वीरेन्द्र और आर. शुभम यादव की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही।1
- पंजाब के लुधियाना में जोरदार बारिश देखने को मिली इंद्रदेव भारी प्रसन्न हुए आज किसानों के चेहरे खिल गए पंजाब के लुधियाना में आज जोरदार बारिश देखने को मिली तारीख 3 घंटा बारिश हुई इंद्रदेव प्रसन्न हुए1
- सरसई पुलिस ने चेक बाउंस मामले में एक साल से फरार सजायाफ्ता वारंटी को झांसी से गिरफ्तार किया, भेजा जेल फरार वारंटियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत सरसई पुलिस ने एक साल से फरार सजायाफ्ता वारंटी को उत्तर प्रदेश के झांसी से गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक मयूर खण्डेलवाल के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मंजीत सिंह चावला और एसडीओपी भांडेर पूनमचंद्र यादव के मार्गदर्शन में कार्रवाई की गई। पुलिस के अनुसार थाना सरसई में प्रकरण क्रमांक 05/23, धारा 138 एनआई एक्ट के तहत आरोपी संतोष पुत्र राधेश्याम पटेल उम्र 32 वर्ष निवासी ग्राम बेदा के खिलाफ मामला दर्ज था। परिवादी प्रवेंद्र पाराशर निवासी भंडार ने 6 अक्टूबर 2022 को 4 लाख 1 हजार 50 रुपए के चेक बाउंस को लेकर न्यायालय भांडेर में परिवाद दायर किया था। राशि जमा नहीं करने पर न्यायालय ने 11 अगस्त 2025 को आरोपी को एक वर्ष के कारावास की सजा सुनाई थी। इसके बाद से वह फरार था। पुलिस ने उसे नारायण बाग चौराहा झांसी से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से जेल भेज दिया गया।1
- दतिया जिले के गोराघाट थाना क्षेत्र के बड़ोंन कला तिराहे पर लोहे के गाटरों से भरा ट्राला पलटा, टला बड़ा हादसा दतिया जिले के गोराघाट थाना क्षेत्र के बड़ोंन कला तिराहे पर लोहे के गाटरों से भरा ट्राला पलटा, टला बड़ा हादसा1
- परिवार का दावा- दहशत में आया हार्ट अटैक, विशाखापट्टनम का मामला विशाखापट्टनम के वन टाउन इलाके से एक बेहद दुखद और हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहाँ 6 साल के मासूम बच्चे की हार्ट अटैक (हृदयघात) से मौत हो गई। इस घटना को लेकर मृत बच्चे के परिवार का दावा है कि टीचर के डर और दहशत के कारण बच्चे को दिल का दौरा पड़ा। यह दुखद घटना आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम स्थित 'लिटिल गार्डन स्कूल' में हुई। पूरी घटना का विवरण निम्नलिखित है: घटना का मुख्य कारण होमवर्क पूरा न करना: यूकेजी (UKG/LKG) में पढ़ने वाले 6 वर्षीय छात्र प्रणय तेजा ने अपना होमवर्क या क्लासवर्क पूरा नहीं किया था। Dainik Bhaskar +1 टीचर की डांट और मारपीट: होमवर्क न करने पर क्लास टीचर ने उसे बुरी तरह डांटा। सोशल मीडिया पर सामने आए स्कूल के CCTV फुटेज के अनुसार, टीचर बच्चे के कपड़े/यूनिफॉर्म को खींचकर उसे शर्मिंदा करती दिखी और इसी दौरान उसने मासूम को एक जोरदार थप्पड़ जड़ दिया। क्लास में ही गिर जाना: थप्पड़ लगने के तुरंत बाद बच्चा बुरी तरह डर गया, रोने लगा और देखते ही देखते बेहोश होकर सीधे टीचर के ऊपर ही गिर पड़ा। ब्रेकिंग न्यूज़ संवाददाता आशीष मिश्रा दैनिक समाचार पत्र1