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ममता बनर्जी की इस हरकत को बंगाल कभी माफ नहीं कर सकता.. ममता बनर्जी की इस हरकत को बंगाल कभी माफ नहीं कर सकता... जब उत्तरी बंगाल भारी बारिश और भूस्खलन से जूझ रहा था, तब ममता बनर्जी जश्न मना रही थीं। देखिए...
धर्मेंद्र जाटव अम्बाह विधानसभा
ममता बनर्जी की इस हरकत को बंगाल कभी माफ नहीं कर सकता.. ममता बनर्जी की इस हरकत को बंगाल कभी माफ नहीं कर सकता... जब उत्तरी बंगाल भारी बारिश और भूस्खलन से जूझ रहा था, तब ममता बनर्जी जश्न मना रही थीं। देखिए...
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- Post by Zassu1
- #kushwah1
- अंबाह। थरा उप सरपंच पति और समाजसेवी व भाजपा के थरा मंडल के मंत्री राम सिंह कुशवाहा इन दोनों हरियाणा की दौरे पर हैं वह हरियाणा से हिमाचल प्रदेश कुल्लू मनाली पर जाएंगे इसी दौरान वीडियो जारी किया उन्होंने कहा है हरियाणा में भी कृषि कार्य जोरों शोरों चल रहा है1
- अम्बाह मे पुरानी रंजिश के चलते युवक के साथ हुऐ विवाद मे उसके भाई के हाथ मे लगी गौली जिला अस्पताल मुरैना मे किया गया भर्ती1
- Post by Banti shrivas1
- Post by Malkhan parmar1
- 𝐖𝐞𝐬𝐭 𝐁𝐞𝐧𝐠𝐚𝐥'𝐬 𝐲𝐨𝐮𝐭𝐡 𝐚𝐫𝐞 𝐝𝐨𝐧𝐞 𝐰𝐢𝐭𝐡 𝐓𝐌𝐂'𝐬 𝐞𝐧𝐝𝐥𝐞𝐬𝐬 𝐬𝐜𝐚𝐦𝐬 𝐚𝐧𝐝 𝐣𝐮𝐧𝐠𝐥𝐞 𝐫𝐚𝐣! A young rapper, Manchu Dada's fiery Bengali rap is dropping truth bombs on Mamata Banerjee's corrupt misrule, from massive loot to total collapse of governance. This is the boiling anger of a generation betrayed by TMC's goonda politics and empty promises. Bengal deserves better, not more Sandeshkhail, but real jobs, safety and dignity. ▶️ Watch this powerful rap now and feel the pulse of change. The end of TMC's tyranny is near. 𝐒𝐩𝐫𝐞𝐚𝐝 𝐢𝐭, 𝐬𝐡𝐚𝐫𝐞 𝐢𝐭 𝐚𝐧𝐝 𝐯𝐨𝐭𝐞 𝐟𝐨𝐫 𝐚 𝐍𝐞𝐰 𝐁𝐞𝐧𝐠𝐚𝐥 𝐢𝐧 𝟐𝟎𝟐𝟔!1
- Post by Zassu1
- 11 अप्रैल को महात्मा ज्योतिबा फुले जी की जयंती के अवसर पर मुरैना में कुशवाहा समाज द्वारा एक भव्य चल समारोह (शोभायात्रा) का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में समाज के लोगों ने बड़ी संख्या में एकत्रित होकर अपनी एकता और श्रद्धा का प्रदर्शन किया। यहाँ इस आयोजन की मुख्य झलकियाँ दी गई हैं: 🌸 आयोजन की प्रमुख विशेषताएँ भव्य शोभायात्रा: चल समारोह शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरा, जिसमें महात्मा ज्योतिबा फुले और माता सावित्रीबाई फुले की प्रतिमाओं को सुसज्जित वाहन पर विराजमान किया गया था। कुशवाहा समाज की सहभागिता: इस कार्यक्रम में मुरैना शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों से भी कुशवाहा समाज के पुरुष, महिलाएँ और युवा भारी संख्या में शामिल हुए। सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ: समारोह के दौरान बैंड-बाजे, ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक गीतों के साथ समाज के युवाओं में भारी उत्साह देखा गया। पुष्प वर्षा: जगह-जगह शहरवासियों और विभिन्न संगठनों द्वारा चल समारोह का स्वागत पुष्प वर्षा और जलपान के साथ किया गया। 💡 ज्योतिबा फुले जी का संदेश वक्ताओं ने इस अवसर पर महात्मा फुले के विचारों पर प्रकाश डालते हुए समाज को निम्नलिखित बातों के लिए प्रेरित किया: शिक्षा पर जोर: "विद्या बिना मति गई"—शिक्षा के महत्व को समझना। सामाजिक एकता: समाज के उत्थान के लिए संगठित रहना। महिला सशक्तिकरण: सावित्रीबाई फुले के पदचिन्हों पर चलते हुए बेटियों को शिक्षित करना। नोट: महात्मा ज्योतिबा फुले जी की जयंती (11 अप्रैल) को कुशवाहा, शाक्य, सैनी और मौर्य समाज द्वारा सामाजिक समरसता और गौरव दिवस के रूप में बड़े पैमाने पर मनाया जाता है। यह आयोजन न केवल एक उत्सव था, बल्कि समाज की सांस्कृतिक पहचान और संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूकता का प्रतीक भी रहा।1